वह यादगार चुदाई का पल

Antarvasna, desi kahani: मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी से बिल्कुल भी खुश नहीं था मेरी और पायल की शादी आज से दो वर्ष पहले हुई थी लेकिन हम दोनों की शादी हो जाने के बाद हम दोनों के बीच बिल्कुल भी बनती थी। मेरे और पायल के बीच में विचारों को लेकर काफी ज्यादा मन मुटाव होते थे पायल मेंरी बात कभी मानती ही नहीं थी। पायल चाहती थी कि वह जॉब करने के लिए विदेश चली जाए लेकिन मैंने उसे मना किया और कहा कि नहीं पायल तुम यही जॉब करो लेकिन पायल मेरी बात मानती ही नहीं थी और वह जॉब करने के लिए अमेरिका चली गई। वह जॉब करने के लिए अमेरिका चली गई थी और मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था मैंने पायल को समझाया और उसे कहा कि तुम वापस दिल्ली लौट आओ लेकिन पायल मेरी बात मानने को तैयार ही नहीं थी। वह मेरी किसी भी बात को कभी मानती ही नहीं थी फिर मैं भी सोचने लगा की पायल और मैं एक दूसरे से काफी अलग है।

शादी से पहले हालांकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं था शादी के कुछ समय तक तो सब कुछ ठीक चलता रहा लेकिन उसके बाद पायल मुझे कहने लगी कि मेरे कुछ सपने हैं जिन्हें कि मैं पूरा करना चाहती हूं। मैंने पायल को समझाया और उसे समझाने के बाद मैंने कहा कि देखो पायल यह सब ठीक नहीं है लेकिन पायल मेरी बात नहीं मानी। मैंने उसे कहा कि तुम मेरे पापा मम्मी की देखभाल करो पायल चाहती थी कि मैं जॉब करूं। मैंने उसे कहा कि अगर तुम चाहती हो कि तुम जॉब करो तो मुझे उससे कोई परेशानी नहीं है। पायल ने जॉब करना शुरू कर दिया था लेकिन उसी बीच उसके ऑफिस के माध्यम से उसे अमेरिका भेजा जाना था तो उसने मुझसे इस बारे में पूछा लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था। वह मेरी बात बिल्कुल भी नहीं मानी और कहने लगी कि मैं अमेरिका जॉब करने के लिए जाना चाहती हूं, पायल ने मेरी एक ना सुनी और वह अमेरिका जॉब करने के लिए चली गई।

मैंने भी अब पायल से अलग होने का पूरा मन बना लिया था और मैंने पायल से कहा कि पायल अगर तुम मेरी बात नहीं मान सकती तो मैं तुम्हारे साथ इस रिलेशन में बिल्कुल भी नहीं रह सकता। पायल मुझे कहने लगी कि राजीव तुम एक बार सोच लो मैंने उसे कहा कि मैंने इस बारे में सोच लिया है और मैंने तो पूरा मन बना लिया है। मैंने उसे डिवोर्स के लिए कह दिया था लेकिन पायल को शायद इस बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ता था पायल और मैं अब एक दूसरे से अलग होना चाहते थे। हम दोनों एक दूसरे से अलग हो गए थे और उसके बाद मेरी जिंदगी काफी बदल सी गई थी मैं ज्यादा किसी से बात नहीं करता था और मेरे मम्मी पापा इस बात से काफी परेशान रहने लगे थे। मैं चाहता था कि मैं ऐसी किसी लड़की के साथ रहूं जो कि मेरा साथ हमेशा के लिए दे, मैं ऐसी लड़की की तलाश में था और मेरी तलाश जल्द ही खत्म हो गई। एक दिन मैं अपने मामा के लड़के गौतम की शादी में गया हुआ था मैं गौतम की शादी में गया था वहां पर जब मैं पहली बार सुमोना को मिला तो मुझे काफी अच्छा लगा। सुमोना दिखने में तो बहुत अच्छी थी और जितनी वह दिखने में सुंदर थी उससे ज्यादा वह दिल की अच्छी थी। मैं और सुमोना एक दूसरे के साथ डेट करने लगे थे हालांकि हम दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती ही थी लेकिन मैं अब दोस्त से कुछ ज्यादा आगे बढ़ चुका था। मैंने सुमोना से कहा कि मैं तुम्हारे साथ शादी करना चाहता हूं तो उसने मुझे कहा कि राजीव लेकिन मेरे घर वाले तुमसे मेरी शादी नहीं करवाएंगे और तुम तो जानते हो कि मेरे घर वाले इस शादी के लिए कभी मानेंगे नहीं। मैंने सुमोना से कहा कि लेकिन तुम क्या चाहती हो तो सुमोना ने मुझसे कहा कि मैं तुम्हे पसंद करती हूँ और तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। मैंने सुमोना को कहा अगर तुम मुझसे प्यार करती हो तो मुझसे शादी करने में तुम्हें क्या हर्ज है सुमोना कहने लगी कि मुझे तुमसे शादी करने में कोई भी परेशानी नहीं है लेकिन तुम्हें तो यह बात अच्छे से पता है कि मेरे परिवार वाले कभी भी इस बात के लिए नही मानेंगे। मैंने सुमोना से कहा लेकिन एक बार तो तुम अपने पापा और मम्मी से बात करो। हम दोनों की शादी की बात के लिए शायद वह कभी तैयार नही हो पाएंगे और यही सोच कर हम दोनों एक दूसरे से अलग होने लगे थे। मेरी सुमोना से काफी कम मुलाकात हुआ करती थी और मैं उससे बहुत कम मिला करता था लेकिन काफी लंबे अरसे बाद जब मैं सुमोना को मॉल में मिला तो मैंने सुमोना से बात की और उसे कहा कि चलो सुमोना आज हम लोग कहीं साथ में बैठते हैं।

हम लोग साथ में बैठे हुए थे जब हम लोग उस दिन साथ में बैठे थे तो मुझे सुमोना के साथ बात करना अच्छा लग रहा था और उसे भी मुझसे बात करना अच्छा लग रहा था। इतने लंबे अरसे बाद हम लोग एक दूसरे से बात कर रहे थे उससे मुझे बड़ी खुशी हो रही थी सुमोना का मन शायद बदल चुका था और वह भी मुझसे शादी करने के लिए तैयार हो चुकी थी। उस दिन सुमोना ने मुझसे कहा कि राजीव अगर तुम अपने घरवालों को मना लो तो मैं तुमसे शादी करने के लिए तैयार हूं मैंने सुमोना को कहा लेकिन अचानक से तुम्हारे अंदर यह परिवर्तन कैसे आ गया। वह मुझे कहने लगी राजीव अब तुम्हें क्या बताऊं मेरे अंदर का यह परिवर्तन सिर्फ तुम्हारी वजह से ही तो आया है क्योंकि जब से हम लोग एक दूसरे से दूरी बनाने की कोशिश करने लगे हैं तब से मुझे लगने लगा है कि मैं तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रह सकती शायद यही वजह है कि अब मैं चाहती हूं कि मैं तुमसे शादी कर लूं।

मैंने सुमोना से करीब दो घंटे तक बात की दो घंटे बाद जब हम लोग अपने घर वापस लौटे तो मैंने अपने पापा मम्मी से इस बारे में बात कर ली। हालांकि वह लोग इस बात के लिए मान नहीं रहे थे लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मैं सुमोना से प्यार करता हूं और उससे ही शादी करना चाहता हूं, मुझे लगता है कि उससे बढ़कर लड़की शायद मुझे नहीं मिल सकती। मैंने पापा और मम्मी को यह बात बताई की सुमोना बहुत ही अच्छी लड़की है और उस जैसी लड़की शायद मुझे मिल पाना मुश्किल था। सुमोना और मेरी शादी के लिए मैंने अपने परिवार को तो मना ही लिया था और वह भी मेरी बात मान चुके थे। अब सुमोना और मैं एक दूसरे से शादी करने के लिए तैयार थे। सुमोना से शादी करने के बाद वह मेरी पत्नी बन चुकी थी हम दोनों की शादी हो जाने के बाद हनीमून के लिए शिमला जाना चाहते थे सुमोना चाहती थी हम लोग शिमला घूमने जाए। सुमोना को अपने परिवार वालों को मनाने के लिए भी काफी मेहनत करनी पड़ी है वह लोग भी इतनी आसानी से नहीं माने जब हम लोगों की शादी हो गई उसके बाद सब लोग खुश थे। मैं और सुमोना शिमला मे अब पूरी तरीके से इंजॉय कर रहा थे। हम लोगों के बीच अभी तक सेक्स संबंध नहीं बना था यह पहली बार था जब सुमोन और मैं दूसरे की बाहों में थे। सुमोना मेरी बाहों में थी तो मैं उसके होठों को चूमने लगा मै उसके होठों को चूमकर उसे गर्म करने लगा था। मैंने जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह उत्तेजित होने लगी उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और वह मेरे अंदर की गर्मी को बढा रही थी मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो सुमोना कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है मैंने सुमोना के हाथों में अपने लंड को पकड़ने के लिए कहा तो उसने मेरे लंड को पकड लिया।

वह मेरे मोटे लंड को हाथ मे लेकर हिलाने लगी मुझे अब अच्छा लगने लगा था। जब वह मेरे मोटे लंड को सकिंग कर रही थी तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती तो मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा था। मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था। मैंने सुमोना के दोनों पैरों को खोलकर उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। जब उसकी योनि को मैं चाटने लगा तो वह उत्तेजित होने लगी उसकी उत्तेजना पूरी तरीके से बढ़ने लगी। वह मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाऊंगी मैंने उसे कहा तुम अपने पैरों को खोल लो। उसने अपने पैरों को खोल लिया था जब मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाकर अंदर की तरफ घुसाया तो मेरा लंड उसकी योनि के अंदर घुस गया था वह बड़ी जोर से चिल्लाई और सुमोना की सील टूट चुकी थी।

उसकी सील टूट जाने के बाद उसकी चूत से खून का बहना शुरू हो गया था मैं उसे धक्के मारता जा रहा था तो उसकी चूत से बहुत खून बहने लगा। मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा मुझे अब बहुत ज्यादा मजा आने लगा था मैं बिल्कुल रह नहीं पा रहा था। मैंने सुमोना के पैरो को अपने कंधों पर रख लिया था मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रखने के बाद उसे तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए। मुझे अब मजा आने लगा मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था तो सुमोना को खूब मजा आने लगा था। मेरे झटको से पानी निकलने लगा था वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने की कोशिश करने लगी और मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने लगी तो मुझे बड़ा मजा आने लगा। मै उसकी गर्मी को अब इस कदर बढ़ चुका था कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने सुमोना की चूत में अपने माल को गिरा दिया और उसकी योनि मे मेरा माल जाते ही वह मुझे कहने लगी आज तो मुझे मजा ही आ गया और हमारी सुहागरात सफल रही। मैंने उसे कहा आगे भी हम लोग ऐसे ही मजे लेते रहेंगे और शिमला का टूर हम लोगों के ने बड़ा ही यादगार रहा। शिमला के टूर से लौटने के बाद हम लोग अपने घर वापस लौट आए थे।