वह पहली चुदाई जिसमे मेरा लंड छिल गया

Antarvasna, hindi sex srory: कॉलेज का मेरा पहला दिन था मैं जब अपनी क्लास में गया तो उस वक्त क्लास चल रही थी मैंने अपने प्रोफेसर से अंदर आने के लिए कहा तो उन्होंने मुझे क्लास में आने के लिए कहा और फिर मैं सीट पर जाकर बैठ गया। जिस सीट में मैं बैठा था वहां मेरे बिल्कुल सामने ही एक लड़की बैठी थी उस वक्त तो मैं उसकी तरफ ज्यादा देख नहीं पाया था लेकिन क्लास खत्म होने के बाद उसने मेरी तरफ अपने हाथ को बढ़ाया और मुझे कहा मेरा नाम संजना है, मैंने उसे कहा कि मेरा नाम आदित्य है। जब मैंने संजना को अपना परिचय दिया तो संजना मुझसे बातें करने लगी संजना बहुत ही बातूनी किस्म की है लेकिन मुझे उसकी बातें सुनने में अच्छा लग रहा था।

संजना ने मुझे अपने परिवार के बारे में बताया और कहा कि उसके पापा एक डॉक्टर हैं उसने मुझसे भी मेरे परिवार के बारे में पूछा तो मैंने भी संजना को अपने फैमिली के बारे में बताया और पहले ही दिन हम लोगों के बीच काफी अच्छी दोस्ती हो गई। मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि पहले ही दिन मेरी दोस्ती संजना के साथ हो जाएगी लेकिन हम दोनों की दोस्ती अब बहुत बढ़ने लगी थी। संजना के बिना मैं अपने आप को अधूरा महसूस करता संजना जब भी कॉलेज नहीं आती तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे कुछ तो मिस है और संजना का मेरे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान था। मुझे जब भी कोई परेशानी या तकलीफ होती तो मै संजना से जरूर अपनी बातों को शेयर किया करता और उससे बातें शेयर कर के मुझे अच्छा लगता। कॉलेज का पहला वर्ष खत्म हो गया और हम दोनों की दोस्ती को एक वर्ष हो चुका था के वर्ष की दोस्ती हो जाने के बाद मुझे पता ही नहीं चला कि कब समय इतनी तेजी से निकलता चला गया और संजना और मेरी दोस्ती अब बहुत ही ज्यादा मजबूत हो चुकी थी। एक दिन मैं संजना के साथ कैंटीन में बैठा हुआ था उस दिन हम दोनों आपस में बात कर रहे थे तो संजना ने मुझे कहा कि आदित्य कल मेरा बर्थडे है।

मुझे संजना के बर्थडे के बारे में याद नहीं था जब उसने मुझे इस बारे में बताया तो मैंने संजना से कहा कि कल तुम क्या अपने बर्थडे को सेलिब्रेट करना चाहती हो तो वह मुझे कहने लगी कि नहीं मुझे कल तुम्हारे साथ समय बिताना है। मैंने भी संजना को कहा कि चलो यह तो ठीक है कि कम से कम तुम मुझे इस लायक समझती हो। संजना ने मुझे कहा आदित्य ऐसा बिल्कुल भी नहीं है मैं तो तुम्हें हमेशा ही अपना अच्छा दोस्त समझती हूं और मैं चाहती हूं कि कल हम दोनों साथ में मेरे बर्थडे को सेलिब्रेट करें। मैंने भी संजना के बर्थडे को सेलिब्रेट करने का प्लान बना लिया था और अगले दिन मैंने अपने कॉलेज के दोस्तों की मदद से ही छोटी सी पार्टी रखवाली। संजना को मैंने इस बारे में कुछ पता नहीं चलने दिया और जब शाम के वक्त हम लोग मिले तो संजना बहुत ही खुश थी संजना को मेरा सरप्राइज बहुत ही पसंद आया। उस दिन संजना मुझे कहने लगी कि आदित्य तुम मेरे सबसे ज्यादा करीब हो और तुम बहुत ही अच्छे हो, यह कर उसने मुझे गले लगा लिया। जैसे ही संजना ने मुझे गले लगाया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा, मैंने संजना को कहा कि तुम भी तो बहुत अच्छी हो और मैंने भी तो कभी सोचा नहीं था कि तुम से मेरी इतनी अच्छी दोस्ती हो जाएगी। संजना और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगे थे। इसी बीच एक दिन हमारे कॉलेज का टूर शिमला घूमने के लिए जाने वाला था सब लोग बड़े खुश थे। रात के वक्त मैं अपना सामान पैक कर रहा था तो उस वक्त संजना का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि आदित्य तुम कल सुबह जल्दी तो आ जाओगे ना मैंने उसे कहा हां क्यों नहीं। संजना को यह बात पता थी कि सुबह मैं जल्दी नहीं उठता इसलिए उसने मुझे फोन किया था। मैंने संजना को कहा कि कल सुबह तुम मुझे फोन कर देना तो संजना ने कहा कि हां मैं तुम्हें कल सुबह फोन जरूर कर दूंगी। अगले दिन सुबह संजना ने मुझे सुबह के वक्त फोन किया जब उसने मुझे सुबह फोन किया तो मैंने समय देखा तो उस वक्त सुबह के 5:00 बज रहे थे।

संजना मुझे कहने लगी कि आदित्य तुम अभी तक उठे नहीं हो, मैंने संजना को कहा कि बस उठ रहा हूं और फिर मैं जल्दी से तैयार होने लगा। मैं जल्दी से तैयार हुआ, करीब एक घंटे बाद मैं तैयार हो चुका था एक घंटे बाद तैयार होने के बाद मैंने अपने घर के बाहर से ही ऑटो लिया और मैं वहां से रेलवे स्टेशन चला गया। जब मैं रेलवे स्टेशन पहुंचा तो वहां पर संजना मेरा इंतजार कर रही थी हम लोग दिल्ली तक ट्रेन में जाने वाले थे और उसके बाद हम लोग दिल्ली से बस में ही शिमला जाने वाले थे। संजना और मैं ट्रेन में बैठ गए और हमारी क्लास में पढ़ने वाले हमारे क्लासमेट भी सब आ चुके थे। हम लोग दिल्ली तक ट्रेन में गए और वहां से हम लोग बस से शिमला जाने वाले थे जब हम लोग शिमला पहुंचे तो शिमला की वादियों में पहुंचकर हम लोग बहुत ही खुश थे। संजना भी बहुत खुश थी संजना मेरे साथ ही बैठी हुई थी तो संजना मुझे कहने लगी कि कितना प्यारा नजारा है संजना के चेहरे की मुस्कुराहट देखकर मुझे अच्छा लग रहा था। मैंने संजना को कहा संजना मैं आज बहुत ही खुश हूं कि कम से कम तुम्हारे साथ शिमला आने का मौका तो मिला यह मौका हमें कभी वापस मिलेगा भी या नहीं।

संजना ने मुझे कहा आदित्य तुम ऐसा क्यों कह रहे हो मैंने संजना को कोई जवाब नहीं दिया और मैं चुप हो गया। हम लोग शिमला पहुंच चुके थे हम लोग होटल में ही रुके थे वहां पर हम सब लोगो ने बहुत एन्जॉय किया और शिमला पहुंचकर सब लोग बहुत खुश थे। संजना और मै शिमला मे एक दूसरे के साथ थे हम दोनो शिमाला की ठंड का मजा ले रहे थे। जब मे संजना के रूम मे गया तो वह बोली रजाई मे बैठ जाओ रूम मे सिर्फ संजना थी। संजना और मै एक दूसरे से बाते कर रहे थे मेरा हाथ बार बार संजना के हाथो मे लग रहा था। मै बहुत खुश था और संजना भी बहुत खुश थी। जब मैने संजना के स्तन को दबाया तो वह अब अपने आप को रोक ना सकी और मुझे किस कर बैठी अब तो हम दोनो ही मजे मे आ गए थे। मुझे मजा आने लगा था और संजना को भी अच्छा लग रहा था। मैने उसके होठों को चूम लिया मैंने संजना के होठों को किस कर रहा था और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। हम दोनों ने एक दूसरे को किस किया तो उसके बाद कुछ देर तक हम दोनों एक दूसरे के साथ ऐसे ही बैठे रहे फिर मैंने संजना को लेटा दिया। जब मैंने उसको बिस्तर पर लेटाया तो मैने उसके बदन की गर्मी को बढ़ाना शुरू किया वह भी अब मेरे लंड को दबाने लगी। मैंने संजना के कपडे को उतार दिया। जब मैने उसकी चूत पर अपनी उंगली को लगाया और उसकी चूत को सहलाने लगा तो वह मादक आवाज मे सिसकारियां लेने लगी। मुझसे भी अब रहा नहीं जा रहा था। संजना उत्तेजित होकर मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने संजना के गोरो स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था। मुझे संजना के स्तनों को चूस कर बहुत अच्छा लगने लगा था। मैं संजना के स्तनों को जिस तरह चूस रहा था उस से उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की गर्मी में भी बढ़ोतरी हो रही थी। मैं उत्तेजित हो गया था मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी योनि के अंदर लंड को डालना चाहता हूं।

संजना समझ चुकी थी उसे क्या करना है उसने अपने पैरों को खोला। मैंने उसकी गुलाबी चूत को देखा तो मुझसे रहा नहीं गया मै उसकी चूत को चाटने लगा मुझे उसकी चूत को चाटकर मजा आ रहा था। संजना मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा अच्छा तो मुझे भी बहुत लग रहा है। अब हम दोनों ने एक दूसरे को गरम कर दिया था। मैंने संजना से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है। संजना कहने लगी तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दो। मैंने उसकी योनि पर अपने मोटे लंड को सटाया। जब मैने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर घुसाया तो वह बड़ी जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी तुमने मेरे सील तोड़ दी है। मैंने संजना की चूत की तरफ देखा तो उसकी चूत से बहुत खून निकलने लगा था। मैंने संजना से कहा बस थोडी देर कि बात है फिर तुम्हे मजा आ जाएगा। वह कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा है।

मैं संजना की गुलाबी चूत पर बड़ी तेजी से प्रहार करने लगा था मैं उसको जिस तरह से धक्के दे रहा था उससे उसकी चूत से निकलता हुआ खून बहुत ज्यादा हो चुका था। मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी। संजना कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे हम दोनों के अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैंने उसके दोनों पैरों को खोलकर उसे तेजी से चोदना शुरू किया। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होने लगा और मुझे मजा आने लगा। मैं जब उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को तेजी से कर रहा था तो मुझे एहसास हुआ कि मेरे वीर्य की बाहर की तरफ को गिरने वाली है। जब मेरा वीर्य संजना की चूत में गया तो उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ लिया। हम दोनो एक दूसरे की बाहो मे थे संजना का चेहरा खिला था अब हम लोग वहां से वापस घर लौट आए थे लेकिन अब भी हमारे बीच सेक्स खूब होता है।