वह मखमली चूत जिसने मुझे दीवाना कर दिया

Antarvasna, desi kahani: कॉलेज का पहला दिन था और मैं अपनी सीट में बैठा हुआ था तभी सामने से मैंने देखा कि एक लड़की आ रही है जो कि सांवली सी थी और उसके कजरारी आंखें देख कर मैं उसकी तरफ ही देखने लगा लेकिन मुझे क्या पता था कि वह मेरे बगल में ही आकर बैठ जाएगी मैं उसे देखकर काफी शरमाने लगा। उस वक्त तो हम लोगों ने बात नहीं की लेकिन जब हम दोनों ने एक दूसरे की तरह देखा तो मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए उसे कहा मेरा नाम सुभान है, वह मेरी तरफ देख कर बोली मेरा नाम पायल है और उसने मुझसे हाथ मिलाया। उस दिन हम लोगों की ज्यादा तो नहीं पर थोड़ी बहुत ही बात हो पाई मेरा कॉलेज का पहला दिन काफी अच्छा था। रात के वक्त मैं जब अपने छत में टहल रहा था तो उस दिन चांद भी काफी अच्छा लग रहा था मैं चांद की तरफ ही देखे जा रहा था।

काफी देर तक तो मैंने चांद की तरफ देखा और फिर उसके बाद मैं जैसे पायल के ख्यालों में ही डूब गया। रात के वक्त मेरी आंखों से नींद गायब थी मुझे नींद ही नहीं आ रही थी मुझे नहीं पता था कि आखिर मुझे हो क्या गया है लेकिन मैंने जबसे पायल को देखा था तभी से शायद मैंने पायल को पसंद कर लिया था। अगले दिन मै अपने कॉलेज गया तो कॉलेज में मैं दोबारा से पायल को मिला उस दिन भी पायल मेरे साथ ही बैठी हुई थी हम दोनों ने थोड़ी बहुत बातें की फिर उस दिन मैं जब घर लौटा तो मैंने अपने दोस्तों से मिलने के बारे में सोचा, मेरे दोस्त शाम के वक्त हमेशा पार्क में मुझे मिला करते थे। हम लोग वहां पर मिले तो मेरे दोस्त ने मुझसे कहा सोहन तुम कैसे हो मैंने उसे बताया मैं तो ठीक हूं लेकिन जब मैंने उसे पूरी बात बताई तो उसने मुझे कहा कि लगता है तुम्हें प्यार हो गया है। मुझे मेरे दोस्त की बात सुनकर अच्छा लगा अगले दिन मैंने भी एक लव लेटर लिख डाला और मैं चाहता था कि उसे मैं पायल को दे दूं। हालांकि मेरे हाथ पैर फूले हुए थे और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं वह लव लेटर पायल को कैसे दूंगा लेकिन फिर भी मैंने हिम्मत करते हुए वह लव लेटर पायल को दे दिया।

जैसे ही मैंने उसे वह लव लेटर दिया तो मेरी उससे नजर मिलाने की बिल्कुल भी हिम्मत ना हो सकी और मैं वहां से बाहर की तरफ चला आया। मुझे नहीं पता था कि अब आगे होने क्या वाला है क्योंकि मैंने पहली बार किसी लड़की को लव लेटर दिया था और यह मेरा पहला ही अनुभव था जब मैं किसी लड़की को लव लेटर दे रहा था। मेरी आंखों के सामने तो बिल्कुल अंधेरा सा नजर आ रहा था मैं सिर्फ पायल के बारे में ही सोच रहा था। मैं लाइब्रेरी की तरफ था तो मुझे मेरे फोन पर अननोन नंबर से कॉल आने लगी मुझे नहीं मालूम था कि यह फोन नंबर किसका है लेकिन फिर भी मैंने फोन उठा लिया। जैसे ही मैंने फोन उठाया तो सामने से पायल ने मुझे अपनी मधुर आवाज में कहा हेलो सोहन तुम कहां हो तो मैंने उससे कहा कि मैं तो लाइब्रेरी के पास खड़ा हूं। मैं पायल की आवाज तो पहचान चुका था लेकिन मुझे नहीं पता था कि अब क्या होने वाला है मेरे दिल की धड़कन भी तेजी से बढ़ रही थी और मेरे पास कोई जवाब भी नहीं था। मेरे दिल की धड़कने बहुत तेज होने लगी और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था की मैं पायल से क्या बात करूंगा। पायल सामने से मुझे आती हुई दिखाई दी मैंने पायल की तरफ देखा और अपनी नजरों को झुका लिया मैं काफी ज्यादा घबराया हुआ था। पायल बिल्कुल मेरे सामने आकर खड़ी हुई और कहने लगी कि सोहन तुमने मुझे लव लेटर देने कि हिम्मत कैसे की। मैं एकदम से घबरा गया और मैंने पायल की तरफ देखा जब मैंने फाइल की आंखों में देखा तो उसकी आंखों में एक शरारत सी भरी हुई थी और उसने मुझे प्यारी सी स्माइल देते हुए गले लगा लिया। मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आया मुझे ऐसा लगा जैसे कि मैं कोई सपना देख रहा हूं और जब हम दोनों एक दूसरे के गले मिले तो मैं सब कुछ भूल कर सिर्फ पायल के बारे में ही सोच रहा था और मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि पायल ने मेरे दिल की बात सुन ली और अब हम दोनों एक दूसरे के हो चुके थे। यह मेरा पहला ही प्यार था पायल मुझसे बड़ी खुश थी और उस दिन के बाद तो हम दोनों एक दूसरे से हमेशा ही मिलते रहते।

जब भी हम दोनों एक दूसरे से मिला करते तो हम दोनों को बहुत खुशी होती। कॉलेज के बाद भी हम दोनों एक दूसरे से मिलने लगे थे और पायल से मैं फोन पर भी घंटों बात करने लगा था मैं सोचता कि मैं पायल से बात करता ही जाऊं और मेरा पायल का फोन रखने का मन ही नहीं होता। पायल और मैं एक दूसरे के इतने नजदीक आ चुके थे कि हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे और जिस दिन भी पायल कॉलेज नहीं आती उस दिन मुझे बड़ा ही अजीब सा महसूस हुआ करता उस दिन मुझे ऐसा लगता जैसे कि पायल के बिना मैं अधूरा हूं। वैसे मैं पायल के बिना वाकई में अधूरा था क्योंकि पायल और मैं एक दूसरे के साथ जिस प्रकार से समय बिताते उससे मुझे लगता कि पायल के बिना मेरी जिंदगी अधूरी है। मैं इस बात से बहुत खुश था कि पायल और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में है। समय बीता जा रहा था और पायल और मेरा प्यार और भी ज्यादा गहरा होता जा रहा था। मुझे पायल के साथ हमेशा ही अच्छा लगता और उसे भी बहुत अच्छा लगता। हम दोनों के रिलेशन को समय तो हो चुका था लेकिन हम दोनों के बीच कभी भी कुछ नहीं हुआ था।

यह पहली बार ही था जब मैं घर पर गया हुआ था और हम दोनों के बीच किस हुआ मुझे नहीं मालूम था हम दोनों के बीच सेक्स संबंध बन जाएगा। मैंने पायल के हाथों को पकड़ा मै उसके हाथों को सहलाने लगा जिस से उसके अंदर की गर्मी बाहर की तरफ आने लगी थी। मुझे एहसास होने लगा था कि वह मेरे लिए तड़पने लगी है। मैंने जब पायल को अपनी बाहों में लिया तो वह गरम होने लगी थी उसके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं पा रहा था मैंने उसके नरम पतले होंठों को चूमना शुरू किया। मैं जब उसके होठों को चूम रहा था तो वह तड़पने लगी थी। मैने पायल के होंठो से खून भी निकाल दिया था। मैने पायल को बिस्तर पर लेटा दिया मैं अब उसके ऊपर से लेट गया। वह कहने लगी अब ना तडपाओ मुझे मैंने पायल के कपड़ों को धीरे धीरे उतारना शुरू किया। मैने उसके बदन से कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे अब वह मेरे सामने नग्न अवस्था में थी। उसके नंगे गोरे बदन को देखकर मेरा लंड कठोर हो गया था। यह पहला बार था जब मैंने पायल को नंगा देखा था मै उसके गोरे बदन को महसूस करना चाहता था। मैंने उसके बडे स्तनों को दबाना शुरू किया मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मैं पायल के स्तनों को दबाकर उन्हें अपने मुंह में लेकर चूसना शुरु कर दिया था वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो जाती। वह मुझे कहती मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है उसके अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मेरे अंदर की आग भी कहीं ना कहीं अब पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। मैंने अपने लंड को पैंट से बाहर निकाला तो उसे मैने पायल को मुंह मे लेने के लिए कहा पहले वह मना कर रही थी। फिर उसने अपने मुंह में मेरे लंड को लेना शुरू कर दिया। वह जिस प्रकार से मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी उससे मुझे मज़ा आ रहा था वह बहुत ज्यादा खुश हो रही थी। पायल ने मुझे कहा मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेने में बहुत मजा आ रहा है तुम्हारा लंड कितना मोटा है।

अब हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे हम दोनों की उत्तेजना इस कदर बढ़ने लगी थी कि मैं पायल की चूत को चाटना चाहता था। मैने उसके पैरों को खोला मैंने देखा उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा है। मैं पायल की चूत को बड़े अच्छे से चाटने लगा था मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था मैं जब उसकी चूत को चाट रहा था। मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी मैंने अपने लंड पर थूक लगाया थूक लगाने के बाद जब मैंने पायल की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्लाई उसकी चूत से खून की पिचकारी बाहर आ गई।

मैं उत्तेजित हो चुका था मेरे अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी  मैंने उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए थे। मुझे बहुत ही मज़ा आने लगा था वह बहुत ही उत्तेजित हो गई थी। मेरे अंदर की आग अब बढ चुकी थी पायल के अंदर की आग भी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। उसकी चूत से खून बाहर आने लगा था मेरे अंदर की गर्मी को वह बढ़ाती जा रही थी। मेरे लंड और पायल की चूत की रगडन से जो गर्मी पैदा हो रही थी वह हम दोनो को गरम कर रही थी। हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे मैंने पायल से कहा मेरा लंड अब तुम्हारी चूत की गर्मी ज्यादा देर झेल नहीं पायेगा। मैं पायल को तेजी से चोदने लगा मेरे धक्के तेज होने लगे थे। मैंने अपने वीर्य की पिचकारी उसकी चूत के अंदर मारी तो वह खुश हो गई थी। पायल की चूत मारकर मे बडा खुश था। मैंने पायल को उसके बाद भी चोदा और उसको बहुत मजा आया। मैंने और पायल ने कभी सोचा भी नहीं था कि हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बना पाएंगे लेकिन हम दोनों के लिए यह बड़ा ही सुखद एहसास था।