उसके गुलाबी होठों को चूमना

Antarvasna, kamukta: मेरा परिवार अब पुणे में शिफ्ट हो चुका था और मैं पुणे में ही नौकरी करने लगा था। जब हम लोग दिल्ली में रहा करते थे तो दिल्ली में मेरी मुलाकात कोमल से हुई थी वह हमारे पड़ोस में ही रहती थी लेकिन जब उससे मेरी बात होने लगी तो उसके बाद पापा ने रिटायरमेंट के बाद फैसला किया कि हम लोग पुणे में ही शिफ्ट हो जाएंगे और हम लोग उसके बाद पुणे में ही शिफ्ट हो गए। मैं कोमल को अपने दिल की बात अभी तक बोला नहीं पाया हूं मेरे दिल में आज भी कोमल की यादें ताजा है। हम लोगों की ज्यादा बात तो नहीं हो पाई लेकिन मैं जब भी कोमल के बारे में सोचता हूं तो मुझे हमेशा ही अच्छा लगता है। कोमल को मैं हमेशा ही याद किया करता हूं लेकिन अब मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था और अपनी जिंदगी को मैं अच्छी तरीके से जीना चाहता था। मैं जिस कंपनी में जॉब करता हूं उस कंपनी में मेरी जॉब अच्छे से चल रही है और मैं अपनी नौकरी से बहुत खुश भी हूं क्योंकि मेरी तनख्वाह भी अच्छी है और मेरी फैमिली भी मेरे साथ रहती है।

पापा के रिटायर हो जाने के बाद पापा भी अधिकतर समय घर पर ही रहते या फिर वह पड़ोस में अपने दोस्तों के साथ चले जाएं करते। एक दिन मैं ऑफिस से घर लौट रहा था उस दिन पापा हमारी कॉलोनी के पास हीं बैठे हुए थे मैंने उन्हें कहा कि क्या आप घर नहीं चल रहे हैं तो पापा ने कहा कि सुमित बेटा तुम चलो मैं थोड़ी देर बाद आता हूं। पापा अकेले ही पार्क में बैठे हुए थे और मैं घर चला आया था मैं घर पहुंचा ही था कि मां ने मुझे कहा कि सुमित बेटा क्या तुमने पापा को देखा था तो मैंने मां से कहा हां मां पापा तो पार्क में बैठे हुए हैं। मां मुझे कहने लगी कि बेटा आज तुम्हारे पापा काफी परेशान नजर आ रहे हैं मैंने मां से पूछा कि मां लेकिन परेशानी की क्या बात है क्या पापा ने आपसे शेयर नहीं किया। मां ने मुझे कहा कि नहीं बेटा उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं बताया। मुझे भी लगने लगा था कि कोई ना कोई ऐसी बात है जो पापा हमें बताना नहीं चाहते हैं वह बहुत ज्यादा परेशान होने लगे थे। पापा करीब एक घंटे बाद जब घर वापस आए तो वह अपने रूम में चले गए और उन्होंने किसी से भी कुछ बात नहीं की। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर पापा इतना परेशान क्यों हैं और आखिर इसके पीछे की वजह क्या है लेकिन पापा किसी को बताना नहीं चाहते थे।

रात के वक्त जब हम लोग डिनर कर रहे थे तो मैंने पापा से इस बारे में बात करनी चाही लेकिन पापा ने बात को टाल दिया और उसके बाद उन्होंने मुझसे इस बारे में कुछ भी बात नहीं की। मैं समझ नहीं पा रहा था कि आखिर बात क्या है जो पापा इतना ज्यादा परेशान होने लगे हैं और उन्हें परेशान देखकर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था। मैं कुछ भी समझ नहीं पा रहा था मैं चाहता था कि मैं इस बारे में पापा से बात करूं। मैंने जब उनसे इस बारे में बात की तो उन्होंने मुझे इस बारे में बता ही दिया। मेरी बहन के ससुराल पक्ष के लोग उन्हें बहुत ज्यादा परेशान कर रहे थे। मेरी बहन की शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं और उन्हें मेरी बहन के ससुराल वाले काफी परेशान कर रहे थे इस वजह से पापा बहुत ज्यादा परेशान थे। वह इस बारे में किसी को बताना नहीं चाहते थे लेकिन मैंने पापा से इस बारे में पूछ ही लिया। मैं चाहता था कि मैं दीदी से इस बारे में बात करूं। मैंने जब दीदी से इस बारे में बात की तो दीदी ने मुझे सारी बात बता दी। जीजाजी और दीदी के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था दीदी और उनकी सास के बीच में झगड़े चल रहे थे जिसके बाद जीजा जी को यह बात पता चली तो उन्होंने दीदी को इस बात को लेकर डांटना शुरू कर दिया और उसके बाद से उन लोगों के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था।

जीजाजी और दीदी के बीच डिवोर्स होने तक की नौबत आ चुकी थी मैं चाहता था कि पापा इस बारे में दीदी से कुछ बात करें। जब मैंने पापा से कहा कि आप कुछ दिनों के लिए दीदी के पास चले जाइये तो पापा कहने लगे कि हां बेटा मुझे भी लग रहा है कि तुम्हारी दीदी से मुझे मिलकर आना ही पड़ेगा। पापा जब दीदी को मिलने के लिए गए तो उसके बाद सब कुछ ठीक हो चुका था पापा की सारी टेंशन भी दूर हो गई थी। मुझे इस बात की खुशी थी कि घर में सब कुछ ठीक हो चुका है। एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर लौट रहा था उस दिन मैंने अपने एक दोस्त से बात की जो कि दिल्ली में ही रहता है। हम दोनों की फोन पर काफी बात हुई उस दिन मैंने उससे कोमल का नंबर भी ले लिया। कोमल का नंबर मेरे पास आ चुका था जब मैंने कोमल को फोन किया तो मुझे पता चला कि वह भी पुणे में ही रहती है और वह पुणे में जॉब करती है मेरे लिए इससे बढ़कर खुशी की कोई बात थी ही नहीं। मैंने उस दिन कोमल से काफी देर तक बातें की और उसे कहा कि मैं तुमसे कुछ दिनों में मिलता हूं। कोमल ने मुझे कहा कि हां हम लोग कुछ दिनों बाद मुलाकात करते हैं। मैं चाहता था कि मैं कोमल से मिलूं और मैंने उससे मिलने का फैसला कर लिया था। मैं जब कोमल को मिला तो मुझे उससे मिलकर बहुत ही अच्छा लगा हम दोनों ने साथ में टाइम स्पेंड किया।

हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा टाइम स्पेंड किया उसके बाद भी मैं कोमल को मिलने लगा था तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था। मुझे बहुत अच्छा लगता जब भी हम एक दूसरे से मुलाकात किया करते हैं। एक दिन कोमल और मैं फोन पर बातें कर रहे थे। उस दिन जब हम दोनों बातें कर रहे थे मैंने कोमल को कहा मैं तुमसे मिलना चाहता हूं। कोमल को भी इस बात से कोई एतराज नहीं था उसने मुझे अपने घर पर मिलने के लिए बुला लिया। जब कोमल ने उस दिन मुझे अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया तो हम दोनों घर पर अकेले थे।

कोमल को मुझ पर पूरा भरोसा था हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठकर बातें कर रहे थे लेकिन मेरे मन में तो कोमल को लेकर कुछ और ही चल रहा था। मैं कोमल देखकर रह नहीं पा रहा था मैं उसके गुलाबी होठों को चूमना चाहता था मुझे उसके होंठों को चूमना था। जब मैंने कोमल से किस करने की बात कही वह मेरी बात मान गई। मुझे उसके होठों को किस करने मे मजा आने लगा था उसको बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसके होठों को चूम कर उसकी गर्मी को बढ़ाए जा रहा था वह गर्म होने लगी। वह बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी मैंने कभी सोचा भी नहीं था कोमल और मैं एक दूसरे को किस कर लेंगे। अब उसकी गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पाई मैंने कोमल को बिस्तर पर लेटा दिया।

मैंने उसको बिस्तर पर लेटाया तो वह मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढाने लगी थी मैं बहुत ज्यादा गर्म हो चुका था। मैंने कोमल से कहा तुम मेरे लंड को मुंह मे ले लो वह मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेने लगी मुझे  बहुत ही अच्छा लगने लगा था जिस तरीके से कोमल मेरे लंड को सकिंग कर रही थी और मेरी गर्मी को बढ़ाए जा रही थी। उसने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था मैं बहुत गर्म हो चुका था।

हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था ना तो मैं अपने आप पर काबू कर पाया ना ही वह अपने आप को रोक पाई। जब मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया मुझे मजा आने लगा था। मैं कोमल की योनि को बहुत ही अच्छे तरीके से चाट रहा था मुझे बड़ा मजा आ रहा था मै और कोमल एक दूसरे के साथ में सेक्स कर रहे थे। मेरा लंड कोमल की योनि के अंदर जा चुका था वह जोर से चिल्ला रही थी और मेरे अंदर की गर्मी को वह पूरी तरीके से बढा रही थी। उसकी सिसकारियां बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी उसकी सिसकारियां बढने लगी थी वह मुझे कहने लगी तुम मुझे और तेजी से धक्के मारते रहो।

मैं उसे बड़े ही अच्छे तरीके से धक्के मार रहा था। मै उसकी गर्मी को बढ़ाए जा रहा था वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी मैंने देखा कोमल की चूत से खून बाहर निकलने लगा था। जब मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसे तेजी से धक्के मारने शुरू किए तो मुझे मजा आने लगा था और कोमल को भी मजा आने लगा था जिस तरीके से मैं और कोमल एक दूसरे का साथ दे रहे थे।

हम दोनों खुश हो चुके थे मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। कोमल की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मैं कोमल की चूत की गर्मी को बिल्कुल झेल ना सका और उसकी चूत के अंदर मेरा माल गिर चुका था। मेरा माल कोमल की चूत में गिर गया था वह खुश हो गई। मैं कोमल के साथ काफी देर तक ऐसे ही लेटे रहा फिर मैं उसके बाद अपने घर चला आया था मुझे कोमल के साथ सेक्स करने मे मजा आ गया था। उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे जब भी मेरा मन होता तो मैं कोमल के साथ सेक्स कर लेता था। कोमल मेरे साथ सेक्स करने के लिए हमेशा ही तैयार रहती थी।