उस एक अनोखी रात की बात

Antarvasna, sex stories in hindi: कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाने के तुरंत बाद कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट में मेरा सेलेक्शन हुआ और मैं मुंबई की कंपनी में जॉब करने लगा। मैं मुंबई आ चुका था मैं छोटे शहर का रहने वाला एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता हूं। जब मैं मुंबई आया तो मुंबई मे मैं जिस कंपनी में जॉब करता था उस कंपनी में मेरे काफी अच्छे दोस्त बने इसलिए मेरे तौर-तरीके भी बदलने लगे थे। मैं पहले शराब नहीं पीता था लेकिन अब मुंबई में आने के बाद मैं शराब भी पीने लगा था। एक बार मेरे पिताजी मेरे पास मुंबई आए हुए थे उन्हें जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने मुझे कहा कि बेटा यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मैंने पापा से कहा हां पापा मैं जानता हूं कि यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है लेकिन ऑफिस में कभी-कबार पार्टी में यह सब हो जाता है।

पापा ने मुझे कहा देखो राकेश बेटा तुम अपने काम पर ध्यान दो मैंने पापा से कहा हां पापा। मेरे पापा ने बहुत मुसीबतों से मुझे पढ़ाया था ऑफिस में जॉब करने के दौरान एक दिन मेरे ऑफिस में काम करने वाले मेरे दोस्त जिसका नाम हार्दिक है उसने मुझे अपनी फ्रेंड से मिलवाया। जब उसने मुझे अपनी फ्रेंड से मिलवाया तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगा पहली बार ही मैं काव्या से मिला था, जब काव्या से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे नहीं पता था कि काव्या के पिताजी एक बिजनेसमैन है। काव्या से पहली मुलाकात में ही हम दोनों शायद एक दूसरे को पसंद करने लगे थे लेकिन काव्या और मेरे बीच में बहुत सारी समस्या थी, काव्या एक अमीर घराने की लड़की है और मैं एक मध्यम वर्ग के परिवार का लड़का। मुझे शायद यह बात पता थी कि काव्या के पिताजी कभी भी मेरे और उसके रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगे काव्या भी यह बात भलीभांति जानती थी लेकिन उसके बावजूद भी हम दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे थे। पहली बार हम दोनों मेरे दोस्त के माध्यम से ही मिले थे लेकिन उसके बाद जब हम लोग कॉफी शॉप में मिले तो उस दिन काव्या से मेरी बात हुई।

काव्या से पहली बार ही मेरी इतनी खुलकर बात हो रही थी काव्या ने मुझे बताया कि उसने मुंबई से ही अपनी पढ़ाई की है और वह चाहती है कि वह अपना बिजनेस शुरू करें। मैंने काव्या को कहा तो तुम अपना खुद का बिजनेस शुरू क्यों नहीं कर लेती काव्या ने कहा कि मुझे थोड़ा समय चाहिए अभी मैंने फिलहाल इस बारे में सोचा नहीं है क्योंकि मेरे कॉलेज की पढ़ाई अभी कुछ समय पहले ही खत्म हुई है। जब कॉफी शॉप में हम लोग मिले तो हम दोनों की बातें काफी हुई और उसके बाद हम दोनों की मुलाकातों का दौर बढ़ने लगा। हम दोनों एक दूसरे को जब भी मिलते तो मुझे बहुत अच्छा लगता और काव्या को भी यह बात बहुत पसंद थी कि मैं उससे मुलाकात करता हूं उसे भी बहुत खुशी होती है। कुछ समय के लिए मैं अपने ऑफिस में बिजी हो गया था इसलिए मैं काव्या को मिल नहीं पाया लेकिन जब काव्या ने मुझे फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि राकेश तुम मेरा फोन क्यों नहीं उठा रहे हो। मैंने काव्या से कहा मैं ऑफिस में बिजी था इसलिए तुमसे आजकल बात नहीं कर पा रहा हूं काव्या ने मुझे कहा कि मुझे तुमसे आज ही मिलना है। मैंने काव्या को कहा आज तो यह संभव नहीं हो सकता लेकिन कुछ दिनों बाद मैं तुमसे मिलता हूं। जब कुछ दिनों के बाद मैं काव्या से मिला तो काव्या से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा काव्या बहुत ही खुश थी। वह मुझे कहने लगी इतने दिनों से तुम से मेरी मुलाकात नहीं हुई है तो मुझे बहुत ही अजीब सा महसूस हो रहा था इसलिए मैं तुमसे मिलना चाहती थी। मैंने काव्या को कहा मिलने का मन तो मेरा भी बहुत था लेकिन मैं अपने ऑफिस के काम के चलते तुमसे मिल नहीं पाया। काव्या मुझे कहने लगी कि राकेश मुझे लगता है कि शायद मैं तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रह पाऊंगी। मैंने काव्या को कहा शायद मेरे साथ भी ऐसा ही है मैं भी अपने आप को इतने दिन से बहुत अकेला महसूस कर रहा था मुझे लग रहा था कि तुम से मेरी मुलाकात नहीं हुई है इसी वजह से तो यह सब हुआ है। काव्या चाहती थी कि हम लोग उस दिन कहीं साथ में समय बिताएं इसलिए हम दोनों ने मूवी देखने का फैसला किया और हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए। हम दोनों जब मूवी देखने के लिए गए तो उस दौरान काव्या के भैया ने हम लोगों को देख लिया और वह इस बात से बहुत गुस्सा हुए।

काव्या के भैया ने उस वक्त तो हम दोनों को कुछ नहीं कहा लेकिन जब काव्या घर गई तो शायद उन्होंने काव्या को बहुत कुछ कहा और काव्या ने उस दिन मुझसे बात भी नहीं की। मैंने काव्या को काफी बार फोन किया लेकिन उसने मेरा फोन नहीं उठाया मैंने काव्या को जब अगले दिन फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि राकेश मुझे तुमसे मिलना है। मैंने काव्या को कहा मैं ऑफिस खत्म होते ही तुम्हें मिलता हूं और जैसे ही मैं ऑफिस से फ्री हुआ तो मैं काव्या को मिला जब मैं काव्या को मिला तो वह मुझे कहने लगी कि राकेश मेरे पापा को मेरे भैया ने सब कुछ बता दिया है और वह इस बात से बहुत गुस्सा है। मैंने काव्या को कहा काव्या तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन काव्या कहने लगी की मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं और तुम्हारे बिना मैं एक पल भी नहीं रह सकती। मैंने काव्या से कहा देखो काव्या मुझे भी मालूम है कि मैं तुम्हारे बिना एक पल नहीं रह सकता लेकिन हम लोगों को कुछ तो इस बारे में सोचना पड़ेगा। काव्या ने अपने पापा से उसके बाद बात भी की लेकिन काव्या के पिताजी इस बात को बिल्कुल भी मानने को तैयार नहीं थे वह चाहते थे कि काव्या का रिश्ता किसी बिजनेस घराने के लड़के से हो।

मैंने भी अब काव्या से यह बात करना छोड़ दिया था हम लोग चाहते थे कि हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताएं हम दोनों एक दूसरे को जब भी मिलते तो हम दोनों इस बारे में कभी बात नहीं किया करते और एक दूसरे के साथ हम लोग अच्छा समय बिताया करते। मुझे इस बात की बहुत खुशी थी कि काव्या के साथ मैं कम से कम अच्छा समय तो बिता पा रहा हूं। इसी बीच काव्या की भी सगाई हो गई काव्या की इंगेजमेंट हो चुकी थी और काव्या अब किसी और की होने वाली थी। मैं यह सब अपनी आंखों के सामने देख रहा था लेकिन मैं कुछ कर नहीं सकता था मैं बहुत ही बेबस था और काव्या भी अपने परिवार वालों के खिलाफ जाकर मुझसे शादी नहीं कर सकती थी। कहीं ना कहीं काव्या इस बात से बहुत दुखी थी लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिता रहे थे इसलिए हम दोनों एक दूसरे को खुश रखने की हमेशा कोशिश करते और हम दोनों की मुलाकात अभी भी होती थी। काव्या ने मुझे कहा राकेश मुझे तुम्हारे साथ आज समय बिताना है मैंने उसे कहा लेकिन यह सब ठीक नहीं है। काव्या कहने लगी कोई बात नहीं काव्या के दिल में ना जाने क्या चल रहा था। उस रात हम दोनों साथ में रुके और हम दोनों जब साथ में रुके थे तो काव्या मेरी बाहों में थी और वह मुझे कहने लगी कुछ समय बाद मेरी शादी हो जाएगी मुझे तुम्हारी बहुत याद आएगी। मैंने काव्य को अपनी बाहों में लिया जब काव्या को में चूमने लगा तो शायद काव्या अपने आपको रोक ना सकी और वह मुझे कहने लगी मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है। कव्या ने मेरा पूरा साथ दिया वह मेरे होठों को चूम रही थी हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आ चुके थे। मैंने काव्या को अपने आगोश में ले लिया था जब काव्या ने अपने बदन से अपने कपड़े उतारने शुरू किए तो मैंने उसके स्तनों को देखते हुए उसके स्तनों को दबाना शुरू किया और उसकी ब्रा को मैंने उतार दिया था। उसकी ब्रा को मैंने उतार कर बिस्तर पर रखा था।

जब मैंने उसके निप्पल को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो वह मुझसे लिपट कर कहने लगी राकेश मुझे अपना बना लो मैंने उसे कहा काव्या थोड़ा सब्र रखो। जब मैंने उसकी पैंटी को उतारा तो उसकी चूत को मैं चाटने लगा उसकी चूत को चाटकर मुझे मजा आ रहा था मैने बहुत देर तक उसकी चूत का रसपान किया। वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से गर्म पानी बाहर की तरफ को निकल रहा है और मुझे लगता है मैं शायद अपने आपको रोक नहीं पाऊंगी। मैंने भी अपने लंड को हिलाया और उसकी चूत पर लगाया तो काव्या की चूत पंर मेरा लंड लगा तो काव्या मुझे कहने लगी तुम धक्का देकर अंदर की तरफ लंड डाल दो मैंने भी धक्का देते हुए अपने लंड को अंदर की तरफ धक्का मारा तो काव्या की चूत के अंदर तक मेरा लंड प्रवेश हो चुका था और जैसे ही काव्या की चूत में मेरा लंड घुसा तो वह चिल्लाते हुए मुझे कहने लगी कि मेरी सील टूट चुकी है।

काव्य की सील टूट चुकी थी उसकी वर्जिनिटी को मैंने खत्म कर दिया था लेकिन अब काव्य की चूत से खून आने लगा था जब उसकी चूत से खून आ रहा था तो मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखते हुए उसकी चूत पर बड़ी तेजी से प्रहार करना शुरू किया। काव्या अपनी मादक आवाज मै सिसकिया ले रही थी और वह मुझे अपनी और आकर्षित करने की पूरी कोशिश करती। मैंने भी उसे अपनी बाहों में लेकर रखा था मैंने अपने पैरों को चौड़ा कर लिया था ताकि मेरा लंड उसकी चूत के अंदर आसानी से जा सके और जिस प्रकार से मै काव्या की चूत के मजे ले रहा था उससे वह भी बडी आनंदित हो गई थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी। उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकडते हुए कहा कि शायद मैं अब अपने आपको रोक नहीं पाऊंगी करीब 5 मिनट तक हम दोनों ने एक दूसरे के बदन को अच्छे से महसूस किया। जैसे ही काव्या कि चूत से कुछ ज्यादा ही तरल पदार्थ बाहर की तरफ आने लगा तो मैंने काव्या को कहा मेरा वीर्य भी गिर चुका है। काव्या की चूत के अंदर मै अपने वीर्य को गिरा चुका था काव्या ने जिस प्रकार से मेरा साथ दिया उससे मैं बहुत खुश था मैंने काव्या को कहा क्या आज के बाद हम लोग कभी मिल पाएंगे। उस रात हम लोग साथ में रुके लेकिन उसके बाद हम दोनों के बीच कभी कुछ नहीं हुआ और जब काव्य की शादी हो गई तो काव्या और मैं उसके बाद कभी मिले नहीं बस एक रात ही हम दोनों एक साथ बिता पाए और उस रात को मैंने और काव्या ने साथ में बड़े अच्छे से बिताया।