तुम कुछ करो ना

Hindi sex stories, antarvasna मेरे चाचा दुबई में रहते हैं और वह वहीं पर नौकरी करते हैं काफी समय बाद चाचा घर आए थे हम लोग चंडीगढ़ में ही रहते हैं चाचा कई समय बाद घर लौटे थे तो सब लोग बहुत खुश थे। हम लोगों का परिवार अभी एक साथ रहता है मेरे पापा और चाचा के बीच में बहुत ज्यादा प्रेम है वह दोनों एक दूसरे को बहुत मानते हैं। जब चाचा घर आए तो चाचा कहने लगे कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं मैंने चाचा से कहा चाचा मुझे फिर अपने ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ेगी तो वह कहने लगे क्या तुम मेरे लिए अपने ऑफिस से छुट्टी भी नहीं ले सकते। मैंने चाचा से कहा ठीक है मैं ऑफिस से छुट्टी ले लेता हूं मैंने कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और हम लोगों ने शिमला जाने का प्लान बना लिया था। काफी समय बाद हमारा पूरा परिवार एक साथ कहीं घूमने जा रहा था मुझे याद है हम लोग करीब 5 साल पहले एक साथ घूमने गए थे और उस वक्त शायद चाचा के कहने पर ही हम लोग घूमने के लिए गए थे।

पापा ने भी अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और मेरी बड़ी बहन ने भी अपने स्कूल से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ली थी मेरे चाचा का परिवार और हमारा परिवार सब साथ में ही थे। हम लोग कार से शिमला जाने वाले थे और हम लोग जब शिमला के लिए निकले तो रास्ते में सब लोग बहुत इंजॉय कर रहे थे हम लोगों ने रास्ते में खाना भी खाया क्योंकि काफी तेज भूख भी लग रही थी। जब हम लोग शिमला की वादियों में पहुंचे तो मौसम काफी सुहावना था चंडीगढ़ में तो बहुत गर्मी हो रही थी लेकिन शिमला में काफी अच्छा मौसम था। चाचा कहने लगे यहां का मौसम बहुत अच्छा है मैंने चाचा से कहा हां चाचा यहां तो बहुत अच्छा मौसम है हम लोगों ने होटल में चार कमरे बुक कर लिए थे और हम लोग जिस होटल में रुके थे वहां का स्टाफ बहुत ही अच्छा था वह सब बड़े ही शालीनता से बात कर रहे थे। हम लोग करीब तीन-चार दिन तक शिमला में रहे और वहां पर हम लोगों ने एक साथ काफी अच्छा समय बिताया सब लोग बहुत खुश थे और जब हम वापिस चंडीगढ़ लौट आए तो मुझे शिमला का टूर बड़ा ही अच्छा लगा।

उसी दौरान मेरी एक लड़की से दोस्ती हुई थी वह मुझे शिमला में ही मिली थी और मैंने उसका नंबर ले लिया था उसका नाम पायल है हम लोग जिस होटल में रुके थे उसी होटल में वह जॉब करती थी। मैंने पायल का नंबर ले लिया था और मैंने जब पायल को फोन किया तो पायल से मेरी फोन पर काफी देर तक बात हुई वह मुझसे बड़े अच्छे से बात कर रही थी। मुझे नहीं मालूम था कि पायल और मेरे बीच में इतनी नजदीकियां हो जाएंगे हम दोनों की बात करते हुए एक दूसरे से नजदीकियां बढ़ती चली गई और हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे। मैंने पायल से कहा तुम कभी घूमने के लिए चंडीगढ़ आ जाओ वह कहने लगी मैं चंडीगढ़ नहीं आ सकती मैंने उससे कारण पूछा तो वह कहने लगी मैं अपने काम में बिजी रहती हूं। मैं चंडीगढ़ आकर भला क्या करूंगी तुम ही कुछ दिनों के लिए शिमला आ जाओ परन्तु ना तो मैं शिमला जा पाया और ना ही पायल चंडीगढ़ आ पाई लेकिन हम दोनों की रोज बात हुआ करती थी। मैं जब भी पायल से बात करता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता उससे बात करना मुझे अच्छा लगने लगा था। एक दिन मुझे पायल से मिलने का मौका मिल गया पायल अपनी सहेली के साथ चंडीगढ़ आई हुई थी और वह कुछ दिनों तक चंडीगढ़ में रुकने वाली थी। पायल की सहेली की बहन की शादी चंडीगढ़ में ही थी और वह लोग एक हफ्ते तक चंडीगढ़ में ही रुकने वाले थे मैं बहुत खुश था मेरी खुशी का कारण सिर्फ यही था कि मैं पायल से मिलने वाला था। मैंने सोचा नहीं था कि इतने समय बाद पायल से मेरी मुलाकात होगी मैं काफी समय बाद पायल को मिला और जब मैं पायल को मिला तो मैंने उसे गले लगा लिया वह मुझे कहने लगी तुम यह क्या कर रहे हो मेरे साथ मेरे दोस्त भी है। मैंने उसे कहा अब इसमें शर्माना कैसा क्या तुमने अपनी सहेलियो को मेरे बारे में नहीं बताया पायल कहने लगी मैंने उन्हें बताया है लेकिन माहौल भी तो ठीक नहीं है। उसने मुझे अपनी सहेली सुमन से मिलवाया सुमन से मिलकर मुझे अच्छा लगा सुमन कहने लगी मेरी बहन की शादी चंडीगढ़ में है।

मैंने सुमन से कहा क्या तुम चंडीगढ़ में रहती हो तो वह कहने लगी हां मैं चंडीगढ़ की रहने वाली हूं लेकिन शिमला में मेरे नाना-नानी रहते हैं तो मैं शिमला में ही जॉब करती हूं और उनके साथ ही वहां रहती हूं। मैंने सुमन से कहा चलो यह तो अच्छी बात है कम से कम तुम्हारे बहाने मेरी मुलाकात पायल से तो हो पाई नहीं तो पायल चंडीगढ़ आने के लिए ही तैयार नहीं थी। मैं कितने समय से पायल को यहां बुला रहा हूं लेकिन पायल मुझसे मिलने के लिए आई ही नहीं परन्तु अब मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। पायल कहने लगी कि अभी तो हम लोग सुमन के घर पर जा रहे हैं लेकिन मैं जब फ्री हो जाऊंगी तो मैं तुम्हें फोन करूंगी मैंने पायल से कहा ठीक है तुम जब फ्री हो जाओ तो मुझे फोन करना। पायल और सुमन वहां से चले गए मैं भी अपने घर चला गया था अगले दिन पायल का मुझे फोन आया तो मैंने उसे कहा मैं तो अभी ऑफिस में हूं मुझे आने में थोड़ा देर हो जाएगी। वह कहने लगी चलो कोई बात नहीं तुम अपने ऑफिस का काम कर लो और जब तुम फ्री हो तो मुझे फोन करना। मैंने पायल से कहा ठीक है मैं जब फ्री हो जाऊंगा तो मैं तुम्हें फोन करूंगा, जैसे ही मैं अपने ऑफिस से फ्री हुआ तो मैंने तुरंत ही पायल को फोन कर दिया। मैंने जब पायल को फोन किया तो पायल कहने लगी क्या तुम फ्री हो चुके हो।

मैंने पायल से कहा हां मैं फ्री हो चुका हूं इसीलिए तो तुम्हें मैं फोन कर रहा था पायल कहने लगी ठीक है तो फिर हम लोग कहां मिले। मैंने पायल से कहा मेरे एक फ्रेंड का रेस्टोरेंट है मैं तुम्हें एड्रेस भेज देता हूं तुम वहीं पर ऑटो लेकर आ जाना पायल कहने लगी ठीक है मैं वहीं पर आती हूं मैंने पायल को उस रेस्टोरेंट की लोकेशन भेज दी। मैं भी ऑफिस से निकल पड़ा पायल मुझसे पहले ही रेस्टोरेंट में पहुंच चुकी थी जैसे ही मैं रेस्टोरेंट में पहुंचा तो पायल मुझसे कहने लगी मैं तुमसे पहले ही पहुंच गई थी। मैंने उसे कहा चलो कोई बात नहीं पायल कहने लगी क्या यह तुम्हारे फ्रेंड का रेस्टोरेंट है मैंने उसे कहा हां यह मेरे दोस्त का रेस्टोरेंट है। वह मुझे कहने लगी यह तो काफी अच्छे से डेकोरेट किया हुआ है और बहुत अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा मैं तुम्हें अपने दोस्त से मिलाता हूं। मैंने जब पायल से कहा कि मैं तुम्हें अपने दोस्त से मिलने आता हूं तो तभी मेरा दोस्त मेरे पीछे से आया और उसने मेरे कंधे पर हाथ रखा मैंने उसे कहा अरे वीरेन। वीरेन को मैंने पायल से मिलवाया वह मुझसे पूछने लगा वरुण आजकल तुम आते ही नहीं हो मैंने उसे कहा बस यार ऐसे ही तुम्हें क्या बताऊं यहां आना हो ही नहीं पाता है। वह तो पायल यहां आई हुई थी तो सोचा कि तुम्हारे रेस्टोरेंट में ही हम लोग मिल लेते हैं मैंने वीरेन को अपने और पायल के रिलेशन के बारे में बता दिया था। वीरेन कहने लगा तुम लोग बैठे मैं थोड़ा काम देख लेता हूं मैंने वीरेन से कहा ठीक है वह चला गया। मैं और पायल आपस में बात करने लगे लेकिन इतने समय बाद मुझे पायल मिली थी मैं उसके साथ अच्छे से समय बिताना चाहता था। हम लोगों ने कॉफी ऑर्डर की और साथ में बैठकर कॉफी पी लेकिन ना जाने मेरे अंदर पायल को देखकर जोश पैदा होने लगा।

मैंने पायल से कहा फोन पर तो तुम काफी रोमांटिक बातें किया करती थी लेकिन अब तो तुम बिल्कुल भीगी बिल्ली बनी हुई हो। वह मुझे कहने लगी ऐसा कुछ भी नहीं है हमें ऐसा मौका ही कहां मिला जो हम लोग साथ में समय बिता पाए। यह बात सुनकर मैंने उसे कहा तुम एक बार हां तो कहो मैं मौका बना दूंगा। वह कहने लगी ठीक है उसने जैसे ही अपनी रजामंदी दे दी तो मैंने वीरेन को सारी बात बताई वह मुझे कहने लगा तुम अंदर स्टोर रूम में चले जाओ मैं तुम्हें वहां की चाबी दे देता हूं। वीरेन ने मुझे वहां की चाबी दे दी थी मैंने जब स्टोर रूम का ताला खोला तो वहां पर एक बेड लगा हुआ था मैं और पायल वहां बैठ गए। मैंने पायल की जांघ पर हाथ रखा तो वह मचलने लगी और मेरी बाहों में आ गई, मैंने उसे अपनी गोद में बैठा लिया और उसके होंठो को चूमने लगा मुझे उसके होठों को किस करने में बहुत मजा आ रहा था। मैंने काफी देर तक उसके होठों का रसपान भी किया वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी उसने अपने बदन से सारे कपड़े उतार दिए और जब मैंने उसकी योनि पर अपनी उंगली को रगडना शुरू किया तो उसकी योनि से गिला पदार्थ बाहर की तरफ निकलने लगा उसकी योनि में हल्के भूरे रंग के बाल थे।

मैंने उसके स्तनों को जमकर चूसा और उनके मजे काफी देर तक लिए मैंने जैसे ही अपने लंड को पायल की योनि पर लगाया तो मेरा लंड उसकी योनि के अंदर नहीं जा रहा था लेकिन मैंने धक्का देते हुए पायल की योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। उसके मुंह से बहुत तेज चिख निकल पडी और उसकी सील टूट चुकी थी उसकी योनि से खून का बहाव तेजी से होने लगा। मैं पायल को बड़ी तेजी से धक्के देने लगा मैं उसे इतनी तेज गति से धक्के मारता की उसका पूरा शरीर हिल जाता मुझे भी बहुत मजा आता। ऐसा काफी देर तक मैं उसके साथ करता रहा मेरा लंड भी पूरी तरीके से छिल चुका था क्योंकि पाययल की चूत बहुत टाइट थी। जब हम दोनों के अंदर गर्मी बढ़ने लगी तो उसे ना तो मैं बर्दाश्त कर पाया और ना ही पायल उसे बर्दाश्त कर पाई मैंने अपने वीर्य को पायल के सुडौल स्तनों के ऊपर गिरा दिया। वह बहुत ज्यादा खुश थी और पायल ज्यादा दिन चंडीगढ़ में नहीं रूकी वह शिमला चली गई।

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