तन बदन मे आग सुलगा दी

Antarvasna, hindi sex story: मेरी जॉब अभी कुछ दिन पहले ही लगी थी मुझे मेरे ऑफिस में करीब 15 दिन ही हुए थे इन 15 दिनों में मेरे ऑफिस में मेरी मुलाकात माधुरी के साथ हुई, माधुरी से मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी। मधुरी शादीशुदा है उसकी शादी अभी कुछ महीने पहले ही हुई थी लेकिन वह अपने शादीशुदा जीवन से बिल्कुल भी खुश नहीं थी। उसके पति और उसके बीच किसी भी बात को लेकर बनती नहीं थी इसलिए उन दोनों के बीच अक्सर झगड़े हो जाया करते थे। एक दिन माधुरी मेरे साथ बैठी हुई थी और हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे मैंने माधुरी से कहा कि क्या तुम अपने पति के साथ बिल्कुल भी खुश नहीं हो। उसने मुझे जवाब दिया अब मैं तुम्हें क्या बताऊं मेरे पति और मेरे बीच बिल्कुल भी बनती नहीं है मेरे पापा चाहते थे कि मैं उनके दोस्त के बेटे से शादी करूं, मैंने उनकी बात मान ली और उनके दोस्त के बेटे से शादी तो कर ली लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि हम दोनों के बीच बिल्कुल भी बनेगी नहीं। मैंने माधुरी से पूछा आखिर तुम्हारे और तुम्हारे पति के बीच किस बात को लेकर झगड़े होते हैं।

माधुरी मुझे कहने लगी कि मेरे पति कभी भी मेरी कोई बात नहीं मानते उन्हें शराब की भी बहुत गंदी लत है और कुछ दिनों पहले ही मैंने उन्हें एक लड़की के साथ भी देख लिया था इस बात से मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं और मैं इतनी ज्यादा परेशान हो गई हूं कि अब मैं अपने पति के साथ बिल्कुल भी नहीं रह सकती लेकिन मुझे भी डर सताता है कि अगर मैंने अपने पति को छोड़ने के बारे में सोचा तो मैं उसके बाद कहां जाऊंगी क्योंकि अगर पापा और मम्मी को इस बारे में पता चला तो वह लोग बहुत दुखी हो जाएंगे और मैं नहीं चाहती कि पापा और मम्मी दुखी हो उनके फैसले को मैं कभी भी गलत साबित नहीं करना चाहती हूं इसलिए मैं अपने पति के साथ रह रही हूं। मैंने माधुरी से कहा लेकिन तुम ऐसे कब तक रहोगी तुम तो एक बहुत अच्छी और मेहनती लड़की हो आखिर ऐसा कब तक चलता रहेगा। माधुरी मुझे कहने लगी कि मैंने अब यह समय पर छोड़ दिया है देखते हैं कि आगे क्या होता है अभी तो मैं एडजेस्ट कर ही रही हूं। मैंने माधुरी को कहा कि माधुरी तुम ने शादी की है तुम आखिर कब तक ऐसे रहोगी लेकिन माधुरी के पास भी मेरी इस बात का कोई जवाब नहीं था।

मुझे क्या मालूम था कि माधुरी की जिंदगी में आखिर कुछ दिनों बाद ही भूचाल आ जाएगा। उसके पति उसे घर से निकाल देंगे जब माधुरी के पति ने उसे घर से निकाल दिया तो मैं यह बात सुनकर बड़ा ही शॉक्ड हो गया था। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि उसके पति उसे घर से निकाल देंगे आखिर ऐसा हुआ कैसे इस बात से मैं काफी परेशान था। मैंने जब इस बारे में माधुरी से पूछा तो माधुरी ने मुझे कहा कुछ दिनों पहले मेरे पति और मेरी बीच झगड़े हुए जिससे कि वह इतने ज्यादा गुस्से में हो गए कि उन्होंने मुझे घर से निकलने के लिए कहा। मैं अपने पापा मम्मी के पास तो नहीं जा सकती थी इसलिए मैं अपनी फ्रेंड के पास चली गई और उसके पास में रह रही हूं। मैंने माधुरी से कहा तुम्हारे पापा मम्मी को कुछ दिनों में पता चल ही जाएगा तो तुम उन्हें सच क्यों नहीं बता देती आखिर ऐसे घुट-घुट कर कब तक जीती रहोगी। माधुरी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। माधुरी के पास कोई भी जवाब नहीं था थोड़े ही समय बाद उसके पापा और मम्मी को इस बारे में पता चल गया था जिससे कि माधुरी के पति और उसके बीच अब शायद कुछ भी ठीक नहीं हो सकता था क्योंकि माधुरी के पापा ने अब फैसला कर लिया था कि माधुरी और उसके पति का डिवोर्स हो जाना चाहिए और उन दोनों का डिवोर्स हो चुका था। बहुत जल्दी उन दोनों का डिवोर्स हो गया। माधुरी इस बात के लिए अपने आपको ही दोषी महसूस करने लगी थी। मैंने माधुरी को कई बार समझाया इसमें तुम्हारी कोई भी गलती नहीं है तुमने कुछ भी गलत नहीं किया। माधुरी मुझे कहने लगी लेकिन यह सब मेरी वजह से ही हुआ है अगर मैं उस दिन अपने पति के साथ झगड़ा नहीं करती तो शायद बात आगे नहीं बढ़ती लेकिन अब हम दोनों का डिवोर्स हो चुका है अब पापा और मम्मी इस बात से बहुत ज्यादा परेशान है। मैंने माधुरी को कहा तुम अपने आप पर भरोसा रखो सब कुछ ठीक हो जाएगा। तुम इस बारे में मत सोचो।

माधुरी कहने लगी हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो मुझे इस बात को भूल जाना चाहिए। माधुरी बहुत ही मेहनती लड़की है अब उसका प्रमोशन भी हो चुका था। मैं इस बात से बहुत खुश था माधुरी और मैं हमेशा एक दूसरे से अपनी बातों को शेयर किया करते  और मुझे बहुत ही अच्छा लगता जब भी मैं माधुरी के साथ बातें किया करता था। मैं जब भी परेशान होता या फिर किसी भी परेशानी में होता तो मैं माधुरी से जरूर बात किया करता। मुझे अच्छा लगता जब भी मैं माधुरी से अपनी परेशानी साझा करता। मेरी सारी परेशानी पल भर में दूर हो जाती और मुझे बहुत ही अच्छा लगता। माधुरी मुझे अपने सबसे ज्यादा करीब पाती थी इसलिए वह मुझसे हर एक बातों को शेयर करती। एक दिन माधुरी ने मुझे फोन किया उस दिन काफी रात हो रही थी। वह मुझसे मिलना चाहती थी वह बहुत ज्यादा परेशान भी लग रही थी। मैंने माधुरी को कहा मैं तुमसे मिलने के लिए आता हूं। मैं माधुरी से मिलने के लिए गया जब मैं माधुरी को मिलने के लिए गया तो वह रो रही थी। मैंने माधुरी को कहा आखिर तुम रो क्यों रही हो? माधुरी ने मुझे बताया उसके पापा और मम्मी को उसकी वजह से काफी को सुनना पड़ रहा है। मैंने माधुरी को समझाने की कोशिश की और उसे कहा माधुरी तुम बहुत हिम्मतवाली हो तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा। आखिरी रोने से क्या होगा।

मैने माधुरी को समझाया वह बहुत रो रही थी और वह उदास थी। मैने अब माधुरी को अपनी बांहो मे ले लिया था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और माधुरी को भी अच्छा लगने लगा था क्योंकि हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आ चुके थे। मेरी छाती से माधुरी के स्तनों टकराने लगे थे। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और शायद माधुरी को भी मजा आ रहा था। हम दोनों के अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ चुकी थी। मैं और माधुरी बिल्कुल भी रह नहीं पाए क्योंकि मैं समझ चुका था कि माधुरी को भी मेरी जरूरत है इसलिए उस दिन हम दोनों ही कहीं साथ में रुकना चाहते थे। मैं माधुरी को उस दिन अपने साथ होटल में ले गया जब मै माधुरी को अपने साथ होटल में ले गया तो वहां पर हम दोनों रूके। माधुरी और मैं एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे। मैं समझ चुका था माधुरी बिल्कुल भी रह नहीं पाएगी और ना तो मैं रह पा रहा था और ना ही माधुरी। हम दोनों एक दूसरे की तडप को पूरी तरीके से बढ़ा चुके थे। हम दोनों की गर्मी अब इतनी बढ़ गई कि मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो मेरे 9 इंच मोटे लंड को माधुरी ने अपने मुंह में ले लिया और उसे वह बहुत अच्छे से चूसती रही। उसने मेरे लंड से पानी बाहर नहीं निकाल दिया मेरे लंड का पानी बाहर आ चुका था। माधुरी को बहुत ही  अच्छा लगने लगा था माधुरी को इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि वह बिल्कुल भी रह नहीं पाई। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने भी माधुरी की योनि को चाटना शुरू कर दिया मैंने जब माधुरी की चूत का रसपान करना शुरू किया तो वह तड़पने लगी।

वह अपने पैरों को खोल कर मुझे कहने लगी मुझसे रहा नहीं जाएगा अब माधुरी की चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा अधिक हो चुका था। मैंने माधुरी की योनि के अंदर अपनी उंगली को डाल कर अंदर बाहर करना शुरू किया तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी और उसकी गर्मी बहुत बढ गई थी। उसकी गर्मी अब इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि वह बिल्कुल भी रह नही पाई। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा है मैंने माधुरी से कहा रहा तो मुझसे भी नहीं जा रहा है। अब मैंने माधुरी की योनि के अंदर लंड को प्रवेश करवा दिया था। जब मेरा मोटा लंड माधुरी की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं माधुरी को बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था। मैं माधुरी की योनि के अंदर अपने लंड को किए जा रहा था और उसके अंदर की गर्मी को मैं बढ़ाए जा रहा था।

वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी वह मुझे कहने लगी मुझे मजा आ रहा है। माधुरी को बहुत ही अच्छा लग रहा था वह अपने पैरों को खोलकर मुझे कहती मुझे ऐसे ही धक्के देते जाओ। मैंने माधुरी को बहुत देर तक ऐसे ही चोदा। जब मैंने माधुरी के दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया उसके बाद तो मैंने उसे इतनी तेज गति से चोदना शुरु किया कि माधुरी का बदन पूरी तरीके से हिलने लगा था। मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाया मैने अपने माल को गिरा दिया। मेरे अंदर की गर्मी तो शांत हो चुकी थी उसके बाद माधुरी ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और वह मेरे लंड को तब तक चूसती रही जब तक मेरे लंड से पानी बाहर नहीं आ गया। माधुरी के साथ मैंने उस दिन सेक्स संबंध बनाए और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के लिए हर रोज तडपने लगे। माधुरी मेरे बिना एक पल भी नहीं रह पाती थी और ना ही मैं रह पाता था।