सुरभि की उत्तेजित कर दिया

Antarvasna, desi kahani: भैया की शादी नजदीक आने वाली थी और घर में भी शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थी सब लोग शादी की तैयारियां कर रहे थे। जब भैया की शादी हो गई तो भैया कुछ दिनों तक घर पर ही रहे और फिर वह विदेश चले गए। मैं पापा के बिजनेस में उनके साथ हाथ बटा रहा था। भैया ने नौकरी करने का फैसला कर लिया था और वह नौकरी करने के लिए विदेश चले गए। भैया अमेरिका में ही रहते हैं और वह कुछ समय बाद भाभी को भी अपने साथ लेकर चले गए घर पर अब सिर्फ मैं और पापा मम्मी ही रह गए थे। मुझे ही पापा मम्मी की देखभाल करनी पड़ रही थी पापा की तबीयत भी खराब रहने लगी थी इसलिए वह अक्सर बीमार रहने लगे थे और मुझे इस बात से बहुत ही ज्यादा डर लगने लगा था। एक बार पापा की तबीयत काफी ज्यादा खराब हो गई थी तो पापा ने मुझे कहा कि बेटा मुझे तुम हॉस्पिटल लेकर चलो। उस दिन मैं पापा को अस्पताल लेकर गया तो डॉक्टरों ने उनका चेकअप किया और डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें कुछ दिनों के लिए हॉस्पिटल में ही एडमिट करना पड़ेगा।

पापा कुछ दिनों के लिए हॉस्पिटल में एडमिट थे। पापा की तबीयत काफी ज्यादा खराब थी उनकी तबीयत को सुधरने में काफी समय लग गया इसलिए मैं इस बीच काम पर भी ध्यान नहीं दे पा रहा था लेकिन अब धीरे धीरे सब ठीक होने लगा था। भैया को जब इस बारे में मालूम पड़ा तो भैया भी कुछ दिनों पहले घर आए थे। मैं नहीं चाहता था कि भैया को यह बात पता चले और वह बेवजह ही परेशान हो इसलिए मैंने उन्हें कुछ भी नहीं बताया था लेकिन अब भैया को इस बारे में सब कुछ मालूम चल चुका था। भैया ने मुझे कहा कि गौतम तुम्हें मुझे बताना चाहिए था। मैंने भैया से कहा कि हां भैया मैं आपको बताना चाहता था लेकिन आप तो जानते ही हैं कि घर में कितनी प्रॉब्लम चल रही थी और मुझे लगा कि मैं आपको टेंशन दूंगा तो यह ठीक नहीं होगा। भैया कुछ दिन तक घर पर रहे फिर वह भी वापस अपने काम पर चले गए थे। पापा की तबीयत अब पहले से ज्यादा ठीक थी और मैं ही उनकी देखभाल कर रहा था। मैं पापा के काम को पूरी तरीके से संभालने लगा था। मेरी पढ़ाई अभी दो वर्ष पहले ही पूरी हुई थी और उसके बाद मैं पापा के काम में हाथ बंटाने लगा मैं काम को अच्छे से संभालने लगा था सब कुछ अच्छे से चल रहा था।

पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं भी शादी कर लूं लेकिन मैं इस पक्ष में बिल्कुल भी नहीं था परंतु उन्होंने जब मुझे पहली बार सुरभि से मिलवाया तो मुझे अच्छा लगा। पापा सुरभि को पहले से ही जानते थे क्योंकि वह उनके दोस्त की बेटी है इसलिए मैं जब सुरभि से पहली बार मिला तो मुझे भी अच्छा लगा। मैं सुरभि से बातें करने लगा था मुझे सुरभि से बातें करना अच्छा लगता और सुरभि को भी मुझसे बातें करना बहुत ही अच्छा लगता। समय के साथ साथ हम दोनों एक दूसरे के नजदीक आने लगे थे और अब हम दोनों में प्यार भी होने लगा था। हम दोनों से किसी को भी कोई एतराज नहीं था इसलिए सब लोग चाहते थे कि हम दोनों सगाई कर ले मैंने भी सुरभि से जब इस बारे में कहा तो सुरभि भी मेरी बात मान गई और वह मुझसे सगाई करने के लिए तैयार हो चुकी थी। समय के साथ सब कुछ ठीक होता जा रहा था और अब सुरभि और मेरी भी सगाई हो चुकी थी। हम दोनों की सगाई हो जाने के बाद हम दोनों का मिलना और भी ज्यादा होने लगा था और जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिला करते तो हम दोनों को ही बड़ा अच्छा लगता। मुझे तो बहुत ही अच्छा लगता था जब मैं सुरभि से मुलाकात किया करता था।

हम दोनों का प्यार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा था हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझने लगे थे और यही वजह थी कि हम दोनों एक दूसरे से बहुत ही ज्यादा प्यार करने लगे। सब लोग चाहते थे कि अब हम दोनों शादी कर ले लेकिन मुझे थोड़ा समय चाहिए था। मैंने सुरभि को कहा कि क्या तुम शादी करने के लिए तैयार हो तो सुरभि कहने लगी कि मुझे भी थोड़ा समय चाहिए। सुरभि को भी थोड़ा और समय चाहिए था इसलिए हम दोनों ने अपने घरवालों से थोड़ा और समय मांगा जिससे कि हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझ पाये। हम दोनों एक दूसरे को काफी अच्छे से समझते थे मैं सुरभि के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हूं और सुरभि भी मेरे साथ बहुत ज्यादा खुश है। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में है उससे हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता है और सब कुछ हमारी जिंदगी में बहुत ही अच्छे से चल रहा है।

अब वह समय भी नजदीक आ चुका था जब मैं और सुरभि एक ही बंधन में बनने को तैयार हो चुके थे। हम दोनों शादी के बंधन में बंधने के लिए तैयार हो चुके थे और हम दोनों की शादी भी नजदीक आने वाली थी। हम लोगो ने अपनी शादी की सारी तैयारियां खुद ही की, मैं नहीं चाहता था कि मेरी शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी रह जाए इसलिए मैंने सुरभि से कहा कि मैं नहीं चाहता कि शादी में कोई भी कमी रहे। सुरभि ने मुझे कहा कि हम अपनी शादी को बड़े ही धूमधाम से करेंगे। मैंने इस बारे में पापा से बात की तो पापा ने भी शादी में कोई कमी नहीं रखी और हम दोनों की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई।

अब हम दोनों की शादी हो चुकी थी और हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि सुरभि मेरी पत्नी बन चुकी है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही अच्छे से समय बिताने लगे थे। हम दोनों की शादी को दो महीने हो गए थे और हम दोनों का शादीशुदा जीवन बहुत ही अच्छे से चल रहा था। सुरभि के मेरे जीवन में आने से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदलने लगी थी मैं बहुत ज्यादा खुश था मेरी जिंदगी अच्छे से चल रही है। एक दिन मैं और सुरभि साथ में बैठे हुए थे। सुरभि ने मुझे कहा हम लोगों को कहीं घूम आना चाहिए।

मैंने सुरभि को कहा हम लोग कहीं घूमने चलते हैं और हम दोनों ने कुछ दिनों के लिए गोवा घूमने का प्लान बना लिया। हम दोनों कुछ दिनों के लिए गोवा चले गए मै काफी खुश था कि सुरभि के साथ में गोवा घूमने के लिए आया था। इस से श पहले भी हम लोग हनीमून पर दुबई गए थे लेकिन मैं सुरभि के साथ गोवा गया तो हम दोनों साथ में अच्छा समय बिता रहे थे। उस दिन मैंने और सुरभि ने शराब पी ली थी हम दोनों को ही नशा हो गया था। जब मैंने सुरभि के होंठों को चूमना शुरू किया सुरभि को भी अच्छा लग रहा था।

मैं और सुरभि एक दूसरे को होठों को अच्छे से चूमे जा रहे थे। अब हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी हम दोनों की गर्मी इस तरीके से बढ़ चुकी थी हम दोनो बिल्कुल भी एक दूसरे को गर्मी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। मैंने सुरभि के कपड़े उतार दिए और उसके स्तनों को महसूस करने लगा। मै सुरभि के स्तनों को चूस रहा था तो मुझे अच्छा लगने लगा था मुझे सुरभि के स्तनों को चूसने में बड़ा मजा आ रहा था और वह भी पूरी तरीके से गर्म होती जा रही थी। उसकी गर्मी अब इतनी ज्यादा बढ चुकी थी वह अपने आप पर बिल्कुल भी काबू नहीं कर पा रही थी और मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा है।

मैंने सुरभि की चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसा दिया उसकी चिकनी योनि में मेरी उंगली चली गई वह बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मुझे तो आज मजा ही आ गया। मैंने सुरभि की चूत मे लंड घुसाने का फैसला कर लिया था। सुरभि की योनि के अंदर मैंने अपने लंड को घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। मैं उसे बहुत तेजी से धक्के दिए जा रहा था वह बहुत गर्म सिसकारियां लेकर मुझे गर्म करती जा रही थी उसकी गर्म सिसकारियां मुझे बहुत ज्यादा गर्म कर रही थी और मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था।

मैं सुरभि को बड़ी तेज गति से धक्के मारे जा रहा था जिससे कि उसका मन पूरी तरीके से उत्तेजित होता जा रहा था। वह बहुत ही ज्यादा गरम हो गई थी वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है मैं बिल्कुल भी नहीं पा रही हूं। मैंने सुरभि को कहा मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है जिस तरीके से मैं और सुरभि एक दूसरे का साथ दे रहे थे मैं समझ चुका था मेरा वीर्य जल्दी ही बाहर की तरफ को आने वाला है मैंने सुरभि की चूत मे अपने वीर्य को गिराने के बाद अपने लंड को सुरभि के सामने किया तो वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी।

मुझे यह बात अच्छे से मालूम थी उसकी इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई है इसलिए वह मेरे लंड को इतने अच्छे से चूस रही थी। उसने मेरा लंड को बहुत ही अच्छे से चूसा उसने मेरी गर्मी को बढा कर रख दिया थ। मैंने सुरभि से कहा मैं तुम्हें दोबारा से चोदना चाहता हूं। सुरभि की चूतडे मेरी तरफ थी मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया था। मैं उसकी चूत में अपने लंड को डाल चुका था और बड़ी तेजी से मैं उसे धक्के मारने लगा था। मैं उसे जिस तेज गति से धक्के मार रहा था उससे उसे मजा आने लगा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था जिस तरीके से मै और सुरभि एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे।

मेरा लंड उसकी योनि की दीवार से टकराने लगा था वह मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है मैं उसे बहुत तेजी से चोदे जा रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मारता। उसकी चूतड़ों का रंग लाल होने लगा था वह मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाने लगी थी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैं उसे चोदता। वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी मेरा वीर्य उसकी चूत में गिर गया था। हम लोगों ने गोवा मे बड़ा ही इंजॉय किया हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे हम लोगों ने गोवा में जमकर मजे लिए।