स्तनों की गर्मी ने पागल बना दिया

Antarvasna, hindi sex stories: मेरी नौकरी लगे हुए अभी कुछ दिन ही हुए थे और मुझे अपने ऑफिस के काम से जयपुर जाना था। मैं उस दिन बस से ही ट्रेवल कर रहा था और मेरे सामने वाली सीट में एक लड़की बैठी हुई थी जो कि जयपुर जा रही थी। काफी समय तक तो मेरी उससे बात करने की कोई हिम्मत हो नहीं पाई लेकिन फिर मैंने उससे बात करनी शुरू की। मैंने जब उससे बात की तो उसने मुझे अपना नाम बताया उसका नाम प्रतिभा है और प्रतिभा से बात करके मुझे अच्छा लगा। मुझे मालूम ही नहीं पड़ा कि कब मैं जयपुर पहुंच गया जयपुर इससे पहले भी मैं एक दो बार गया था लेकिन मैं जयपुर कभी घूम नहीं पाया था। मैंने प्रतिभा को कहा कि क्या तुम मुझे जयपुर घुमा सकती हो तो प्रतिभा ने कहा हां क्यों नहीं और उसने मुझे जयपुर घुमाने का फैसला कर लिया था। मैं जयपुर में एक होटल में रुका हुआ था इतने कम समय में ही प्रतिभा और मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि प्रतिभा और मैं एक दूसरे को काफी अच्छे से समझने लगे है। इतने कम समय में ही हम दोनों की दोस्ती इतनी गहरी हो जाना बहुत ही अच्छा था।

मैंने अपना ऑफिस का काम खत्म किया और उसके बाद मैंने प्रतिभा को फोन किया प्रतिभा का नंबर भी मैं ले चुका था। मैंने उसे फोन किया तो वह मुझे मिलने के लिए आई और हम दोनों ने उस दिन साथ में अच्छा समय बिताया। प्रतिभा ने मुझे जयपुर घूमाया तो उस दिन मैं काफी थक चुका था मैंने प्रतिभा को कहा कि चलो आज हम लोग साथ में ही डिनर करते हैं। प्रतिभा ने मुझे कहा कि नहीं राकेश आज मुझे घर जाना है कल हम लोग डिनर कर लेंगे। मैंने प्रतिभा को कहा ठीक है और उसके बाद प्रतिभा चली गई। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रतिभा से मेरी इतनी अच्छी बातचीत हो जाएगी और अगले दिन हम लोगों ने साथ में डिनर किया फिर मैं वापस दिल्ली लौट आया था। उसके बाद हमारा मिलना नही हो पाया लेकिन जब हम फोन पर एक दूसरे से बातें करते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता। मैं प्रतिभा को पसन्द करने लगा था तो मैंने प्रतिभा को अब अपने दिल की बात कहने के बारे में सोच लिया था क्योंकि प्रतिभा जैसी लड़की की कल्पना मैं हमेशा से ही किया करता था। एक दिन मैंने प्रतिभा को फोन किया और उसे कहा कि मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं प्रतिभा को लगा की शायद यह बात मैंने उसे मजाक में कही इसलिए प्रतिभा ने भी मुझे हां कर दिया और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे। मुझे इस बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था कि प्रतिभा की सगाई हो चुकी है जब उसने मुझे अपनी सगाई के बारे में बताया तो मैंने प्रतिभा को कहा कि मैंने तुमसे अपने दिल की बात कही थी तो प्रतिभा कहने लगी कि मुझे लगा कि तुम मेरे साथ मजाक कर रहे हो क्योंकि हम दोनों के बीच में मजाक अक्सर होता ही रहता था।

प्रतिभा ने मुझे कभी भी अपनी सगाई के बारे में नहीं बताया था परंतु अब प्रतिभा को भी लगने लगा था की कहीं ना कहीं उसकी वजह से यह गलती हो गई है इसलिए वह अपनी गलती को सुधारना चाहती थी। मैंने प्रतिभा को समझाने की कोशिश की कि मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करने लगा हूँ तो प्रतिभा भी यह बात अच्छे से जानती थी कि मैं उसे बहुत ज्यादा प्यार करने लगा हूं इसलिए उसने अपनी सगाई तोड़ने का फैसला कर लिया था। प्रतिभा ने जल्द ही अपनी सगाई तोड़ दी उसके बाद भी हम दोनों एक दूसरे से बातें करते रहे। जब भी मैं प्रतिभा से बातें करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और उसे भी बड़ा अच्छा लगता जब हम दोनों एक दूसरे से बातें किया करते। समय के साथ साथ अब हम दोनों का रिश्ता और भी ज्यादा गहरा होता चला गया और प्रतिभा और मैं एक दूसरे को प्यार करने लगे थे। हालांकि हम लोगों की मुलाकात हो नहीं पाई थी और मैं चाहता था कि मैं प्रतिभा से मिलूं। एक दिन मैंने उसे कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं तो वह मुझे कहने लगी कि ठीक है राकेश मैं भी तुमसे मिलने के लिए तैयार हूं। प्रतिभा मुझसे मिलने के लिए दिल्ली आ गई जब वह दिल्ली आई तो कुछ समय तक वह दिल्ली में ही रुकी। मैंने और प्रतिभा ने साथ में बहुत ही अच्छा समय बिताया और मुझे बहुत अच्छा लगा जिस तरीके से मैंने और प्रतिभा ने साथ में समय बिताया।

हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे और मुझे इस बात की खुशी थी कि मैं और प्रतिभा साथ में काफी अच्छा समय बिता पा रहे हैं उसके बाद प्रतिभा जयपुर चली गयी। जब वह जयपुर चली गई तो उसके बाद मेरी और उसकी मुलाकात तो हो नहीं पाई थी लेकिन हम दोनों फोन पर एक दूसरे से बातें किया करते और मुझे बहुत अच्छा लगता जब भी मैं प्रतिभा से फोन पर बातें किया करता हूं। समय के साथ साथ हम दोनों का रिश्ता और भी ज्यादा गहरा होता चला गया और प्रतिभा चाहती थी कि मैं और वह शादी के बंधन में बंध जाएं। मैंने भी अपनी फैमिली से प्रतिभा के बारे में बात कर ली थी उन लोगों को भी प्रतिभा और मेरे रिश्ते से कोई एतराज नहीं था इसलिए वह लोग मेरी और प्रतिभा की सगाई करने के लिए मान चुके थे। प्रतिभा ने भी अपनी फैमिली को मना लिया था और हम दोनों की सगाई हो चुकी थी। हम दोनों की सगाई हो जाने के बाद हम दोनों ही बहुत ज्यादा खुश थे। प्रतिभा और मेरी सगाई हो जाने के बाद हम दोनों शादी करने के लिए तैयार हो चुके थे। अब हम दोनो शादी करना चाहते थे और जब हमारी शादी हो गई तो उसके बाद प्रतिभा और मेरी पहली रात थी। हम दोनो एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे। मैंने प्रतिभा के हाथ को पकडा और उसके घूंघट को उठाया। मैंने प्रतिमा के चेहरे को देखा तो मैं अपने आपको रोक ना सका। मैंने प्रतिभा के होंठों को चूमना शुरू किया। मैंने उसे गरम करने की कोशिश की वह बहुत ज्यादा गर्म होने लगी और मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा। वह तड़पने लगी थी मैं उसके स्तनों को दबाने लगा था और मैंने उसके ब्लाउज को खोलते हुए उसकी ब्रा को भी उतार दिया। मैंने उसके निप्पलो को चूसना शुरू किया।

मैं जब प्रतिभा के निप्पलो को चूस रहा था तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा था। उसके निप्पलो को चूसने में मुझे बहुत मजा आने लगा था और वह भी पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी। हम दोनों ही इतने ज्यादा उत्तेजित होने लगे थे हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था वह मुझे कहने लगी मुझसे रहा नहीं जा रहा है। प्रतिभा मेरी गर्मी को बढ़ाने के लिए उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया था। वह मेरे लंड को चूसने लगी थी। मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से वह मेरे लंड को चूस रही थी। उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल कर दिया था मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी। हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे मैंने प्रतिभा की चूत को चाटना शुरू किया। उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था और उसकी योनि से निकलता हुआ पानी बढ चुका था। वह मुझसे कहने लगी मेरी योनि से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगा है। मैं अपने आपको रोक नहीं पा रही थी। मैं जब उसकी चूत को चाट रहा था तो मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा था। प्रतिभा को भी बहुत मजा आने लगा था हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे। मैंने प्रतिभा की चूत मे मेरा मोटा लंड घुसाया तो उसकी योनि के अंदर तक मेरा लंड जा चुका था। वह जोर से चिल्लाकर मुझे कहने लगी मुझे आज मजा आ गया। मैंने प्रतिभा को कहा मुझे भी मजा आ रहा है। मैं उसकी योनि से खून निकलने लगा था प्रतिभा की चूत से खून निकलने लगा था मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था जब हम दोनो सेक्स का मजा ले रहे थे।

मैं जिस तरह से प्रतिभा को धक्का मार रहा था उससे वह बहुत ही ज्यादा गर्म हो रही थी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे उसने अपने पैरों को खोल लिया था जिस से मेरा मोटा लंड आसानी से उसकी चूत मे जा रहा था। मेरा मोटा लंड प्रतिभा की योनि में आसानी से जा रहा था और मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। जिस तरीके से मैं और प्रतिभा एक दूसरे का साथ दे रहे थे हम दोनों ने एक दूसरे का साथ बड़े अच्छे से दिया। मैंने अपने माल को प्रतिभा की चूत में गिरा दिया था। मेरा माल उसकी योनि मे जा चुका था। उसने मेरी गर्मी को दोबारा से बढ़ा दिया था। वह मेरे लंड को तब तक चूसती रही जब तक उसने मेरे लंड को खड़ा नहीं कर दिया। मेरा लंड तन कर खड़ा हो चुका था मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था और उसे भी मजा आने लगा था। मैं और प्रतिभा एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते थे। मैंने उसकी चूत में लंड घुसा घुसा दिया। मेरा मोटा लंड उसकी योनि के अंदर घर जा चुका था और मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मैं उसे चोद रहा था। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था और वह जोर से सिसकारियां ले रही थी। वह जिस तरीके से सिसकारियां ले रही थी उसे बहुत ही अच्छा लगता। वह मुझे कहने लगी तुम मेरा साथ ऐसे ही देते रहो। मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था। हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म हो चुका था मेरा माल प्रतिभा की चूत मे जा चुका था। प्रतिभा बहुत ज्यादा खुश थी जिस प्रकार से हम लोगों ने अपनी सुहागरात की पहली रात को रंगीन बनाया था।