स्तनो का दूध लाजवाब

Antarvasna, hindi sex kahani कुछ समय पहले मेरे पास रमन आता है रमन मुझे कहता है यार माधुरी काफी दिनों से मुझे कह रही है कि कहीं घूमने का प्लान बनाऊँ इसलिए मैंने सोचा कि तुम्हें भी इस बारे में पूछ लूं और हम लोग साथ में ही चले। मैंने रमन से कहा रमन ठीक है हम लोग घूमने का प्लान बना लेते हैं लेकिन मुझे उसके लिए थोड़ा समय चाहिए होगा क्योंकि आजकल मेरे ऑफिस में कुछ ज्यादा काम है बस कुछ दिनों बाद मैं फ्री हो जाऊंगा तो हम लोग घूमने का प्लान बना सकते हैं। रमन कहने लगा ठीक है तुम घूमने का प्लान बनाओ और हम लोग घूमने चलते हैं। मैंने रमन से कहा मैं तुम्हें अपनी नई कार दिखाता हूं रमन मुझे कहने लगा तुमने यह कार कब ली मैंने उससे कहा बस कुछ दिन ही हुए हैं।

रमन कार देखकर शॉक्ड हो गया क्योंकि उसने भी सोचा नहीं था कि मैं नई कार खरीद लूंगा रमन को जब मैंने कार दिखाइ तो रमन कहने लगा तुमने नई कार क्यों ली। मैंने रमन से कहा यार पुरानी कार बहुत ज्यादा खर्चा मांग रही थी और उस कार से मैं परेशान भी हो चुका था इसलिए मैंने सोचा कि नई गाड़ी ले लूं। रमन ने मुझे बधाई दी और कहा यह तो तुमने बहुत ही अच्छा किया रमन ज्यादा देर तक मेरे घर पर नहीं रुका और वह चला गया शोभिता भी अपनी सहेली के घर गई हुई थी जैसे ही शोभिता आई तो वह मुझे कहने लगी क्या रमन भैया यहां आए हुए थे। मैंने उसे कहा हा रमन यहां आया हुआ था लेकिन तुम्हें कैसे पता चला वह कहने लगी जब मैं आ रही थी तो मुझे रमन भाई क्या दिखे थे। मैंने शोभिता को बताया हां रमन यहां आया हुआ था और वह मुझसे कह रहा था कि कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं क्योंकि माधुरी उसे काफी दिनों से कह रही है। शोभिता मुझे कहने लगी ठीक है हम लोग कहीं का प्लान बना लेते हैं मैंने शोभिता को कहा हां मैंने रमन को तो कह दिया है कि हम लोग चल रहे हैं लेकिन मुझे आज कल ऑफिस में काम है इसलिए मुझे कुछ दिन का टाइम चाहिए होगा उसके बाद मैं फ्री हो जाऊंगा तो हम लोग चल पड़ेंगे। शोभिता मेरे साथ ही बैठी हुई थी तो उसने मुझे बताया कि उसके सहेली के पति की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी इसलिए वह वहां पर गई हुई थी।

 मैंने शोभिता से पूछा अब उनकी तबीयत कैसी है वह कहने लगी अब भी वैसी ही है ना जाने उन्हें अचानक से क्या हो गया और वह काफी परेशान हो गई थी तो मैंने सोचा मैं उसे मिल आती हूं। हम दोनों को बात करते हुए काफी समय हो गया और रात के करीब 9:00 बज गए थे शोभिता ने मुझे कहा मैं कुछ बना देती हूं मैंने शोभिता से कहा हां तुम कुछ बना दो उसके बाद मैं भी सो जाता हूं क्योंकि मुझे कल ऑफिस भी जल्दी जाना है। हम लोगों ने डिनर किया और उस दिन 10:30 बजे के आसपास हम लोग सो गए अगले दिन मैं सुबह जल्दी उठा और फ्रेश हुआ तो तब तक मेरे लिए शोभिता ने नाश्ता बना दिया था मैंने नाश्ता किया और उसके बाद मैं अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ा। मैं जब अपने ऑफिस के लिए निकला तो शोभिता ने मुझे टिफिन दिया और कहा आज तुम टिफिन जरुर खा लेना नहीं तो हर रोज की तरह तुम टिफिन घर वापस ले आते हो। मैंने शोभिता से कहा हां ठीक है आज मैं जरूर खा लूंगा उसके बाद मैं वहां से अपने ऑफिस निकल गया। जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो उस वक्त हमारे ऑफिस में लगभग सब लोग आ चुके थे मैं अब काम करने लगा जब मेरा काम पूरा हो गया तो मैं शाम के वक्त घर निकल गया और अब मेरा ऑफिस का काम भी लगभग पूरा हो चुका था। मैंने रमन को फोन किया और रमन से कहा की अब बताओ घूमने का प्लान कहां का बनाना है रमन कहने लगा यह तो मुझे तुम ही बताओ क्योंकि मुझे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। मैंने रमन से कहा क्यों ना हम लोग मेरे घर से ही कहीं घूमने चलें हम लोग यहां से घूमने के लिए जा सकते हैं रमन कहने लगा हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो हम लोग ऐसा प्लान बना सकते हैं। मैंने रमन से कहा ठीक है मैं तुम्हें सोच कर बताता हूं कि हम लोगों को वहां जाना चाहिए जिससे कि हम लोगों को ज्यादा दिक्कत भी ना हो और हमारा टूर भी अच्छा रहे। मैंने अगले दिन रमन को फोन किया और उसे कहा क्यों ना हम लोग गोवा का टूर बनाएं रमन कहने लगा ठीक है तुम देख लो यदि गोवा हम लोग जा सकते हैं तो हम लोग गोवा का ही टूर बना लेते हैं।

मुझे लगा की पुणे से गोवा जाना ज्यादा ठीक रहेगा इसलिए हम लोग गोवा जाने का प्लान बनाने लगे मैंने शोभिता से भी कह दिया था कि तुम सामान पैक कर देना ताकि ऐसा ना हो कि सब कुछ बहुत जल्दी में हो और कुछ सामान छूट जाए। शोभिता कहने लगी ठीक है मैं सामान पैक कर दूंगी शोभिता ने मुझसे पूछा क्या तुमने रमन को बता दिया है मैंने शोभिता से कहा हां मैंने रमन को सब कुछ बता दिया है कि हम लोग घूमने के लिए गोवा जाने वाले हैं। कुछ ही दिन में हम लोग गोवा के लिए निकल पड़े मुझे रोड ट्रिप में बड़ा मजा आता है इसलिए मैंने सोचा कि इस बार रोड ट्रिप ज्यादा बेहतर रहेगी और हम लोग रोड ट्रिप से घूमने के लिए निकल पड़े। हम चारों आपस में बात कर रहे थे रमन मुझसे अपनी पुरानी बातें शेयर कर रहा था रमन और मैं रिश्ते में भाई लगते हैं रमन मेरे दूर के रिश्तेदार का लड़का है लेकिन यह बात हमें काफी समय बाद मालूम पड़ी थी। उसके बाद रमन और मेरे बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी हम लोगों का सफर बड़ा ही अच्छा चल रहा था मुझे इस बात की खुशी थी कि मेरे साथ में शोभिता भी है और हम लोग बड़ा ही इंजॉय कर रहे हैं। जब हम लोग वहां पहुंच गए तो हम लोगों ने वहां पर एक होटल किया और वही बाहर पर मैंने अपनी गाड़ी पार्क कर दी। सब लोग आराम कर रहे थे मैंने सोचा कि क्यों ना अपनी गाड़ी को वॉश कर ले आता हूं मैं जब गाड़ी वॉश कराने के लिए गया तो मुझे वहां पर करीब एक डेढ़ घंटा लग गया।

 जब मैं वापस आया तो रमन मुझे कहने लगा तुम कहां चले गए थे मैंने रमन को बताया कि मैं कार वॉश करवाने के लिए चला गया था रमन मुझे कहने लगा चलो तुमने यह तो ठीक किया कि तुम कार वॉश कराने चले गए थे। उसके बाद हम लोगों ने घूमने का प्लान बनाया मैंने शोभिता और माधुरी से कहा तुम दोनों तैयार हो जाओ वह दोनों तैयार हो गई और उसके बाद हम लोग वहां से घूमने के लिए निकले। हम लोगों ने काफी एंजॉय किया और जब हम लोग वापस लौटे तो मैंने अपनी गाड़ी पार्क कर दी रमन और मैं आपस में बात कर रहे थे तभी शोभित और माधुरी कहने लगी कि हम लोग तो बहुत थक चुके हैं हमें काफी नींद आ रही है। मैंने उन दोनों से कहा तुम लोग सो जाओ हम दूसरे रूम में जाकर बैठ जाते हैं और वह सोने के रूम में लेट गई मैं और रमन दूसरे रूम में चले गए हम दोनों वहां पर बात कर रहे थे तभी शायद रमन को भी नींद आने लगी और वह सो गया। मैंने सोचा मैं माधुरी से कह देता हूं कि वह रमन के साथ सोने के लिए आ जाए। मैं जब दूसरे रूम में गया तो वहां पर शोभिता और माधुरी सो रहे थे माधुरी के बड़े स्तन देखकर में पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगा। मैं सोचने लगा कि काश में माधुरी के स्तनों को चूस पाता लेकिन माधुरी ने जब अंगड़ाई ली तो उसके स्तन हिलने लगे। मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू किया क्योंकि लाइट बंद थी इसलिए वह भी उत्तेजित होने लगी मैंने धीरे धीरे उसके कपड़ों को उतारना शुरू किया और उसके स्तनों को मैं अपने मुंह में लेने लगा।

वह अब भी सो रही थी और बहुत गहरी नींद में थी लेकिन मैंने उसके स्तनों से उसका दूध भी बाहर निकाल कर रख दिया और उसके बड़े स्तनों का काफी देर तक मैंने रसपान किया। मैंने उसके चूतड़ों को अपनी तरफ किया और अपने लंड को उसकी योनि पर सटा दिया जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सटाया तो वह मचलने लगी। उसकी योनि से गिला पदार्थ बाहर की तरफ को निकलने लगा मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो उसके मुंह से आवाज निकली लेकिन उसकी योनि में मेरा लंड जा चुका था उसे तो मजा आने लगा था और मुझे भी उसे धक्के देने में बहुत आनंद आता। मैं काफी देर तक उसकी योनि के मजे लेता रहा जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो वह मुझे अपने हाथों से छूने लगी। उसने जब मेरे लंड को पकड़ा तो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी। वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से चूस रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था काफी देर तक उसने ऐसा ही किया जब वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई तो मैंने दोबारा से उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया।

 उसकी योनि के अंदर से अब भी मेरा वीर्य बाहर की तरफ को टपक रहा था और उसकी गर्मी में और भी ज्यादा बढ़ोतरी आ चुकी थी। मैंने उसे कहा मुझे तो आज मजा ही आ गया उसे लगा कि शायद मैं रमन हूं लेकिन जब उसने मेरी आवाज सुनी तो वह मुझे कहने लगी आपने मेरी चूत मारी। मैंने उससे कहा अभी चुप हो जाओ मुझे तुम्हें चोदने में मजा आ रहा है उसे भी मजा आ चुका था इसलिए उसने अपने पैरों को चौड़ा किया। मैं बड़ी तेज गति से उसे धक्के मारे जा रहा उसे चोदना में मुझे बड़ा आनंद आया और काफी देर तक मैं उसकी योनि के मजे लेता रहा जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना बहुत बढ़ चुकी थी। मेरे लंड से गर्मी बाहर निकलने लगी कुछ ही क्षणों बाद मेरा वीर्य पतन दोबारा हो गया और मेरी इच्छा पूरी हो गई। हम लोग वहां से कुछ ही दिनों बाद वापस लौट आए, जब भी मैं माधुरी को देखता तो मेरा लंड तन कर खड़ा हो जाता।

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