शादी से पहले ही चुद गई

Antarvasna, hindi sex kahani: मैं जिस लड़के को प्यार करती थी मैंने जब उसके बारे में घर पर बताया तो किसी को इस बात से आपत्ति नहीं थी सब लोग मेरी बात मान चुके थे मेरे माता-पिता ने हमेशा ही मुझे बचपन से बहुत प्यार से पाला है। मैं इस बात से हमेशा ही बहुत खुश रहती हूं कि मेरे पिताजी ने कभी भी मुझे किसी चीज के लिए मना नहीं किया उन्होंने मुझे पूरी आजादी दी लेकिन शायद इस बार मेरे लिए यह गलत होने वाला था। मैं जिस लड़के को प्यार करती थी मैंने जब उसे घर वालो से मिलाया तो किसी को कोई आपत्ति नहीं थी और सब लोग हम दोनों के रिश्ते को मान चुके थे लेकिन मुझे नहीं पता था कि मोहन मुझे धोखा दे देगा। मोहन ने मुझसे शादी करने से मना कर दिया और जब मुझे मोहन की असलियत के बारे में पता चला तो मैं अपने आप को ही कोसने लगी। मुझे बहुत बुरा लगा क्योंकि मोहन किसी और लड़की से ही प्यार करता था और वह मेरे साथ सिर्फ प्यार का नाटक कर रहा था मैं इस बात से बहुत दुखी हुई मैं अब किसी से भी ज्यादा बात नहीं करती।

मेरे पापा मम्मी ने मुझे बहुत समझाने की कोशिश की और अब मैंने सोचा कि मैं कहीं नौकरी कर लेती हूं और इसी दौरान मैंने इंटरव्यू दिया और मेरा सिलेक्शन भी हो गया मैं आप जॉब पर जाने लगी थी। मैं सब कुछ भूल कर अब आगे बढ़ने लगी थी और मेरे जीवन में अब सब कुछ ठीक हो गया था जैसा पहले था वैसा ही अब सब कुछ चल रहा था लेकिन इसी बीच निखिल से मेरी मुलाकात हुई। निखिल हमारे ऑफिस में जॉब करता है उसे ऑफिस में जॉब करते हुए अभी एक महीना ही हुआ था कि वह मुझसे बात करने लगा हम लोगों की बातें तो होती ही थी लेकिन निखिल मुझे पसंद करने लगा था और निखिल ने यह बात मुझे कह दी। उसने मुझे यह बात कही तो मैंने निखिल को साफ तौर पर मना कर दिया और निखिल से कहा कि देखो निखिल मुझे यह सब बिल्कुल भी पसंद नहीं है और आगे से यदि तुम कभी ऐसी बात करोगे तो मैं तुमसे कभी बात नहीं करूंगी। निखिल बहुत ही अच्छा लड़का है लेकिन मैं अपने टूटे हुए रिश्ते को अभी तक अपने दिमाग से पूरी तरीके से भुला नहीं पाई थी और कहीं ना कहीं उसका दर्द मेरे दिल में अभी तक था मैं नहीं चाहती थी कि दोबारा से मैं वैसे ही कोई गलती करूं जिससे कि मेरे जीवन पर दोबारा उसका असर पड़े।

मैं बहुत ज्यादा दुखी हो गई थी और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसी स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए लेकिन निखिल मुझसे अभी भी बात कर रहा था और वह मेरा अच्छा दोस्त है उसे शायद मैं भी पसंद करने लगी थी लेकिन मैं अपने दिल की बात निखिल को कह ना सकी और ना ही निखिल ने अपने दिल की बात दोबारा मुझे कहीं। मैं भी चाहती थी कि मैं निखिल के साथ अपने रिश्ते को आगे बढाऊँ लेकिन कहीं ना कहीं अभी तक मेरे पुराने रिश्ते के दर्द को मैं अभी तक भूल नही पाई थी इसीलिए शायद मैंने निखिल के रिश्ते को अभी तक स्वीकार नहीं किया था। मेरे और निखिल के बीच में एक चीज की समानता थी जब निखिल ने मुझे अपने रिश्ते के बारे में बताया कि उसकी सगाई एक लड़की से हुई थी और उसके परिवार ने उस लड़की से उसकी सगाई करवाई थी लेकिन कुछ ही समय बाद वह लड़की घर से भाग गई वह किसी और के साथ ही प्यार करती थी। जब निखिल ने मुझे यह बात बताई तो मैंने निखिल को कहा निखिल मेरे साथ भी इससे पहले ऐसा ही कुछ हो चुका है मैंने निखिल को उस दिन अपने बारे में सब कुछ बता दिया। जब मैंने निखिल को अपने बारे में बताया तो निखिल मुझे कहने लगा कि देखो ममता तुम मुझे बहुत पसंद हो और मुझे यह लगता है कि शायद हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश रहेंगे। जब मैंने निखिल को इस बारे में बताया कि मैं भी उसे चाहती हूं लेकिन मैं कुछ वक्त चाहती हूं तो निखिल मुझे कहने लगा कि ममता तुम्हें जितना समय चाहिए तुम उतना समय ले लो लेकिन मुझे पता है कि तुम बहुत ही अच्छी हो और मैं तुम्हारी बहुत इज्जत करता हूं। निखिल और मेरे बीच में अब रिश्ते की पहले तो बढ़ चुकी थी और अब आगे हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे थे। हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो थे ही लेकिन ऑफिस के बाद भी हम लोग अक्सर एक दूसरे को मिलते थे और हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ होते तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और निखिल को भी बहुत अच्छा लगता।

हम दोनों ने यह बात अपने घर पर सब को बता दी थी मैंने जब यह बात अपने परिवार में बताई तो मेरे पापा निखिल से मिलना चाहते थे और जब वह निखिल से मिले तो उन्होंने निखिल से पूरी तरीके से बात कर ली थी। उन्होंने निखिल को कहा कि इससे पहले भी ममता के साथ रिश्ते को लेकर कुछ दिक्कतें आ गई थी मैंने निखिल की तरफ देखा तो निखिल ने पापा से कहा मुझे सब कुछ मालूम है ममता ने मुझे सब कुछ बता दिया था और मुझे किसी भी बात से कोई दिक्कत नहीं है। पापा को निखिल बहुत ही पसंद आया और मम्मी ने भी रिश्ते को लेकर रजामंदी दे दी थी अब हम दोनों का रिश्ता हो चुका था और हम दोनों की सगाई जल्द ही होने वाली थी। मैंने निखिल से कहा कि निखिल जब मुझे तुम पहली बार मिले थे तभी मैंने तुम्हें पसंद कर लिया था लेकिन मुझे लगता था कि कहीं तुम मुझे धोखा ना दे दो इसलिए मैंने कभी भी तुम्हारे साथ रिश्ते को आगे बढ़ाने के बारे में नहीं सोचा था लेकिन जब तुमने अपने दिल की बात मुझे कहीं तो शायद मुझे भी लगा कि तुम मेरे लिए बिल्कुल सही हो। निखिल के मेरे जीवन में आने से मैं बहुत खुश थी और अब हम दोनों की सगाई होने वाली थी।

हम दोनों की सगाई जल्द ही होने वाली थी और मैं चाहती थी कि अपनी सगाई मैं बड़े अच्छे से करूं इसलिए मैंने पापा से जब यह बात कही तो पापा ने कहा कि बेटा तुम्हारी सगाई में मैं कोई भी कमी नहीं होने दूंगा। पापा ने एक होटल में सगाई का सारा अरेंजमेंट करवा दिया था और हमारे सारे रिश्तेदार वहां आए हुए थे सगाई बड़े ही अच्छे से हुई सब लोग बहुत खुश थे। मैं और निखिल एक दूसरे के साथ समय बिताकर बहुत खुश थे और हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ होते तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और निखिल भी बहुत खुश रहता। निखिल इस बात से खुश था कि हम दोनों के बीच में रिश्ते की बुनियाद बहुत ही अच्छे से चल रही है और अब हम दोनों की शादी जल्दी होने वाली थी। हम दोनों की शादी बस कुछ महीनों बाद ही थी और मैं चाहती थी कि अपनी शादी को मैं कुछ खास बनाऊँ इसलिए मैंने निखिल से बात की और निखिल भी मेरी बात को मान गया। निखिल और मेरे बीच मुलाकातों का दौरा बढने लगा था हम दोनों की शादी नजदीक आने वाली थी इसी दौरान एक दिन निखिल ने मुझे घर पर बुलाया और कहने लगा कि मैंने कुछ शॉपिंग की है वह तुम्हे दिखाना चाहता हूं। मैं निखिल के साथ उसके घर पर थी जब निखिल और मै एक दूसरे से बात कर रहे थे तो निखिल ने मेरा हाथ पकड़ लिया निखिल और मैं एक दूसरे की बाहों में थे। निखिल ने अपने होठों को मेरी तरफ बढ़ाया और मेरे होंठों को चूमने लगा वह जिस प्रकार से मेरे होठों का रसपान कर रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और निखिल भी बहुत खुश था। निखिल ने मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ा दिया हम दोनों इतने ज्यादा उत्तेजित हो गए कि हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आने के लिए तैयार थे मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए। अब निखिल ने अपने हाथों से मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया वह अपने हाथों से मेरे स्तनों को दबा रहा था तो मुझे बहुत मजा आता। वह जिस प्रकार से मेरे स्तनों को दबा रहा था उससे मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी और मैंने निखिल के लंड को बाहर निकाल लिया।

मै निखिल के लंड को हिलाने लगी और मैने उसकी गर्मी को पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था अब निखिल ने मेरी चूत पर अपने लंड को सटाया और जैसे ही निखिल ने अंदर की तरफ डाला तो मेरी चूत के अंदर तक उसका लंड जाते ही मेरे मुंह से चीख निकली। वह कहने लगा कि बाहर मम्मी बैठी हुई है लेकिन मैं कहां मानने वाली थी मैं निखिल पूरे मजे मे थी निखिल मुझे अच्छा से चोद रहा था। निखिल जिस प्रकार से मेरी चूत के मजे ले रहा था उससे मुझे बहुत आनंद आ रहा था मैं अपने दोनों पैरों को खोलती तो निखिल मुझे बड़ी तेज गति से धक्के मारता। जब वह मुझे धक्के दे रहा था उससे मेरी चूत पूरी तरीके से छिल चुकी थी मेरी चूत से खून बाहर निकालने लगा था निखिल मुझे कहने लगा मुझे मजा आ रहा है और उसने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया। वह मेरे स्तनों को चूस रहा था वह जब मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था उसने मेरे निप्पल को खड़ा कर दिया था और जिस प्रकार से उसने मेरी चूत का आनंद लिया उससे मेरी चूत से निकलता हुआ खून कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगा था लेकिन निखिल की गर्मी शांत नहीं हुई थी।

निखिल मुझे कहने लगा तुम्हारे साथ सेक्स कर के मुझे मजा आ गया मैंने उसे कहा आज मुझे भी तुम्हारे साथ बड़ा मजा आ रहा है और यह कहते हुए मैंने निखिल का पूरा साथ दिया। निखिल बहुत ही ज्यादा खुश था वह मुझे कहने लगा  हम दोनों ने शादी से पहले ही एक दूसरे के बदन की गर्मी को महसूस कर लिया उससे मैं बहुत खुश हूं। निखिल के लंड को चूत मै लेकर बहुत खुश थी मेरी जवानी अब सफल हो चुकी थी और निखिल ने जिस प्रकार से मेरी चूत के मजे लिए उससे मेरी चूत से पानी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगा था मैंने अपने पैरों के बीच में निखिल को जकड़ लिया। जब मैंने अपने पैरों के बीच में निखिल को जकड़ा तो वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था और देखते ही देखते निखिल का वीर्य मेरी चूत के अंदर गिर गया उसका वीर्य जैसा ही मेरी चूत में गिरा तो मैं खुश हो गई और निखिल भी बड़ा खुश था। थोड़े ही समय बाद हम दोनों की शादी हो गई अब हम दोनों एक दूसरे के साथ हर रोज सेक्स का मजा लेते हैं निखिल के साथ मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं मैं अपना जीवन निखिल के साथ अच्छे से बीता रही हूं।