सेक्स की गर्मी से शांत हुआ वातावरण

Antarvasna, sex stories in hindi: मेरी और आशा की शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं हम दोनों का शादीशुदा जीवन अच्छे से चल रहा है लेकिन मेरा ट्रांसफर पुणे हो जाने के बाद आशा चाहती थी कि वह भी मेरे साथ पुणे में ही रहे लेकिन पापा और मम्मी चाहते थे कि वह उनके साथ मुंबई में रहे इसलिए वह मेरे साथ पुणे नहीं आ पाई। आशा और मैं एक दूसरे से जब पहली बार मिले थे तो हम दोनों ने एक दूसरे को देखते ही पसंद कर लिया था। मुझे आशा का साथ बहुत ही अच्छा लगने लगा और हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। अब हम दोनों की शादी हो चुकी है और मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। मुंबई में मेरी फैमिली काफी वर्षों से रह रही है मुंबई में हमारा एक फ्लैट है जो कि पापा और चाचा ने मिलकर लिया था लेकिन चाचा जी की नियत कुछ ठीक नहीं थी वह उसे बेचना चाहते थे लेकिन पापा चाहते थे कि वह फ्लैट हम ना बेचे इस बात को लेकर पापा और चाचा के बीच कई बार अनबन भी हो चुकी है। पापा और चाचा ने ही वह फ्लैट मिल कर लिया था इसलिए उन दोनों का हक उस पर बराबर का था।

अब यह बात कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी थी इसलिए एक दिन पापा ने मुझे घर आने के लिए कहा तो मैं भी घर चला गया। हम दोनों परिवार उस दिन साथ में बैठकर इस बारे में बात कर रहे थे मैंने पापा को समझाया और कहा कि वह फ्लैट चाचा जी को बेचने दीजिए। पापा ने भी मेरी बात मान ली और वह फ्लैट हम लोगों ने बेच दिया, अब हम लोग फ्लैट बेच चुके थे और जब हम लोगों ने वह फ्लैट बेचा तो उसके बाद चाचा जी ने पापा को फ्लैट बेचने के बाद पैसे दिए। पापा चाहते थे कि हम अब नया घर खरीद ले क्योंकि जिस घर में हम लोग रह रहे थे वह काफी पुराना भी हो चुका था हम लोगों को वहां रहते हुए काफी वर्ष हो चुके थे इसलिए पापा ने वह घर बेचने का फैसला किया। मैंने अपने दोस्त से कह कर अपने फ्लैट को बिकवा दिया था उसके बाद हमारा फ्लैट भी बिक चुका था और हम लोगों ने नई सोसाइटी में घर ले लिया। मैं कुछ दिनों के लिए घर गया हुआ था जब मैं घर पर था तो पापा और मम्मी से मैंने कहा कि आप कुछ दिनों के लिए मेरे साथ पुणे आ जाइए। पापा और मम्मी भी मेरी बात मान गए और वह लोग कुछ दिनों के लिए मेरे साथ पुणे आ गए अब आशा भी पुणे आ चुकी थी और हम लोग काफी खुश थे। वह लोग मेरे पास दो महीने तक रहे और उसके बाद वह लोग मुंबई लौट गए काफी समय से हम लोग कहीं घूमने के लिए भी नहीं जा पाए थे तो मैंने इस बारे में आशा से बात की आशा ने मुझे कहा कि क्यों ना हम लोग जयपुर जाए।

जयपुर में आशा के मामा जी रहते है और वहां पर आशा के कजिन की शादी थी इसलिए हम लोगो ने जयपुर जाने का प्लान बना लिया। मैंने इस बारे में पापा और मम्मी से भी बात की तो उन्होंने कहा कि हां हम लोग जयपुर चलेंगे और हम लोग अब जयपुर जाने की तैयारी कर चुके थे। मैंने ट्रेन की टिकट करवा दी और कुछ दिनों के लिए मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी भी ले ली थी मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली तो उसके बाद मैं अपने घर मुंबई के गया। मैं अपने घर  मुंबई चला गया मैं काफी ज्यादा खुश था कि मैं अब मुंबई जा चुका हूँ और उसके कुछ दिनों बाद हम लोग जयपुर चले गए। जब हम लोग जयपुर गए तो वहां पर हम लोगों ने काफी अच्छा टाइम स्पेंड किया और हम लोगों ने जयपुर में शादी भी अटेंड की, शादी हो जाने के बाद हम लोग वापस मुंबई लौट आए थे और कुछ दिनों तक मैं घर पर ही था। एक दिन मैंने आशा को कहा कि मैं रोहित को मिलने के लिए जा रहा हूं रोहित हमारी कॉलोनी में ही रहता है रोहित मेरा दोस्त है और उसने कुछ समय पहले ही हमारी कॉलोनी में एक नया फ्लैट खरीदा था। जब मैं रोहित को मिलने के लिए गया तो रोहित उस दिन घर पर ही था रोहित ने मुझे कहा कि कमल तुमने बहुत ही अच्छा किया जो आज तुम मुझसे मिलने के लिए आ गए क्योंकि मैं भी सोच ही रहा था कि मैं तुमसे मिलने के लिए आऊं।

मैं रोहित को मिलने के लिए गया तो रोहित ने मुझे बताया कि कुछ दिनों के लिए वह दुबई जा रहा है। मैंने रोहित को कहा कि तुम दुबई से वापस कब लौटोगे तो वह कहने लगा कि मैं दुबई से जल्द ही वापस आ जाऊंगा। रोहित का अपना बिजनेस है जो कि उसके पापा देखा करते थे लेकिन अब रोहित खुद ही सारे बिजनेस को संभाल रहा है। रोहित के घर पर मैं थोड़ी देर रुका और उसके बाद मैं अपने घर लौट आया आशा मुझे कहने लगी कि क्या आप रोहित भाई साहब को मिलने गए थे तो मैंने आशा से कहा हां। रात भी काफी हो चुकी थी तो हम लोग डिनर करने लगे, डिनर करने के बाद हम लोग बैठे हुए थे आशा मुझसे बात कर रही थी तो वह मुझे कहने लगी कि कमल मैं सोच रही हूं कि कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी से मिल आती हूं काफी दिन हो गए हैं उनसे मैं मिली भी नहीं हूं। मैंने आशा को कहा कि कल हम लोग पापा मम्मी से मिल आएंगे आशा ने कहा ठीक है कल हम लोग पापा और मम्मी को मिलने जाएंगे। आशा और मैं दूसरे से बात कर रहे थे तो आशा का मन उस दिन मेरे साथ सेक्स करने का होने लगा। आशा ने मुझे कहा मुझे आपके साथ सेक्स करना है।

मैंने आशा के होंठों को चूमना शुरू किया मैं जब आशा के गुलाबी होंठों का रसपान कर रहा था तो वह तड़पने लगी। मैंने आशा को चूमते हुए बिस्तर पर लेटा दिया जब मैं आशा के होठों को चूम रहा था तो मुझे अच्छा लग रहा था और आशा को भी मज़ा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा है अब आशा के अंदर की गर्मी को मैंने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था। मैंने आशा के स्तनों को दबाना शुरू कर दिया मैं जब आशा के स्तनों को दबा रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था और आशा को भी काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था। जब आशा और मैं दूसरे की गर्मी को महसूस कर रहे थे तो हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे। आशा ने मेरे लंड को पजामे से बाहर निकालते हुए उसे हिलाना शुरू किया। आशा अपने कोमल हाथों से मेरे कडक लंड को हिला रही थी। जब आशा ऐसा कर रही थी तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था और मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। मैंने आशा को कहा मुझे काफी अच्छा लग रहा है आशा ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया और वह उसे बड़े ही अच्छे से सकिंग करने लगी। जब आशा ऐसा कर रही थी तो मुझे अच्छा लग रहा था और आशा को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था।

आशा मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है मैंने अब आशा की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ाकर रख दिया था। वह मुझे कहने लगी आप मेरी चूत के अंदर लंड को घुसा दीजिए। मैंने आशा की पैंटी को नीचे उतारकर जब आशा की चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे कहने लगी अब मुझे इतना मत तड़पाओ जानू मैं बहुत ही ज्यादा तड़प रही हूं। मैंने भी आशा की चूत के अंदर बाहर अपनी उंगली को किया। जब उसकी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी तो मैंने अपने लंड को आशा की चूत पर सटाते हुए कहा आज तुम्हारी चूत कुछ ज्यादा ही गर्म महसूस हो रही है। वह कहने लगी आप मेरी चूत की गर्मी को शांत कर दीजिए। मैंने आशा की योनि के अंदर अपने मोटे लंड को घुसा दिया, जैसे ही मेरा लंड आशा की योनि के अंदर घुसा तो वह जोर से चिल्ला कर बोली बहुत दर्द हो रहा है। मुझे भी अच्छा लग रहा था जब मैं और आशा एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ खूब सेक्स के मजे लिए। मैं आशा को बड़ी तेजी से चोद रहा था आशा की गर्मी बढ़ रही थी और वह कहने लगी मुझे और भी तेजी से चोदते रहो। मैंने आशा के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया जब मैंने ऐसा किया तो आशा की सिसकारियां और भी ज्यादा बढ़ने लगी।

वह मेरी गर्मी को बढ़ाए जा रही थी मैं जब आशा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करता तो उसे बहुत ही ज्यादा मजा आता और वह कहती मुझे आप ऐसे ही चोदते जाइए मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैंने भी आशा को जमकर चोदा जब मैंने उसे धक्के मारने शुरू किए तो वह खुश हो गई और कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है जब आप मुझे चोद रहे हैं। आशा की सिसकारियां बढ रही थी और मेरे अंडकोष से मेरा माल भी बाहर की तरफ आने के लिए बेताब था। मैंने आशा की चूत मे अपने माल को गिराया तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा। मैंने आशा को कहा मेरे अंदर की गर्मी अब बढ चुकी है और मैं काफी ज्यादा खुश हूं। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा लिया और जमकर एक दूसरे के साथ हमने सेक्स किया। मेरा माला आशा की चूत में जा चुका था और आशा की गर्मी को मैं शांत कर चुका था। आशा को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा जब मैंने और आशा ने एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा लिया। आशा और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स कर के बहुत ज्यादा खुश रहते। अब मैं वापस पुणे लौट आया था लेकिन आशा कि मुझे बड़ी याद आती और मैं उसे बहुत मिस किया करता।