सेक्स करके बदन खिल ऊठा

Antarvasna, hindi sex kahani: मैं भैया के साथ उसके घर पर गया हुआ था और वहां पर हम दोनों करीब आधे घंटे तक रुके फिर हम दोनों घर लौट आए। भैया ने मुझे कहा कि सुरेश तुमने अपने फ्यूचर के बारे में कुछ सोचा भी है या नहीं मैंने भैया से कहा कि हां भैया मैं जॉब करना चाहता हूं। मुझे काफी समय से जॉब नहीं मिल पाई थी मेरे कॉलेज की पढ़ाई को पूरे हुए करीब दो वर्ष हो चुके थे और अभी तक मैं घर पर ही था लेकिन भैया ने मुझे समझाया और मुझे भी एहसास हुआ कि भैया शायद ठीक कह रहे हैं। मैंने भी उसके बाद जॉब करने का फैसला कर लिया था। काफी इंटरव्यू देने के बाद आखिरकार मेरा सिलेक्शन एक कंपनी में हो ही गया। जिस कंपनी में मेरा सिलेक्शन हुआ वहां पर मैं अपनी पूरी मेहनत के साथ काम करने लगा और मैं बहुत ज्यादा खुश भी था लेकिन कहीं ना कहीं मेरी खुशी को किसी की नजर लग गई और मेरी जॉब छूट गई। 

मेरी जॉब छूट जाने के बाद घर पर सब लोग बहुत ही ज्यादा परेशान थे और भैया तो सबसे ज्यादा परेशान थे भैया मुझे कहने लगे कि सुरेश आखिर तुमने अपनी जिंदगी में कुछ सोचा भी है या नहीं। मुझे अपने आप पर पूरा भरोसा था मैंने दोबारा से जॉब करना शुरू कर दिया था मैं जिस कंपनी में जॉब कर रहा था वहां पर भैया की मदद से ही मुझे जॉब मिली थी और मैं अपनी जॉब पर पूरी तरीके से ध्यान दे रहा था। सब कुछ ठीक चलने लगा था और मैं बहुत ही ज्यादा खुश भी हो गया था कि मेरी जिंदगी में सब कुछ सामान्य होने लगा है लेकिन तभी मेरी जिंदगी में सुरभि ने कदम रखा। सुरभि के मेरी जिंदगी में कदम रखने से मेरी जिंदगी में जैसे भूचाल पैदा हो गया हो क्योंकि सुरभि शादीशुदा थी और उसका डिवोर्स हो चुका था लेकिन हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे थे। 

मुझे यह भी डर था कि मैं सुरभि से प्यार तो करने लगा हूं लेकिन अगर सुरभि के डिवोर्स की बात भैया और पापा मम्मी को पता चली तो वह लोग शायद कभी भी सुरभि और मेरी शादी करने के लिए तैयार नहीं होंगे। इस वजह से मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गया था और मैंने सुरभि को इस बारे में बताया तो सुरभि मुझे कहने लगी की सुरेश सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम चिंता ना करो। सुरभि को अपने ऊपर पूरा भरोसा था की वह सब कुछ ठीक कर देगी। सुरभि और मैं साथ में जब भी होते तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता लेकिन मुझे इस बात का एहसास भी होने लगा था कि सुरभि और मैं एक दूसरे से अब काफी ज्यादा प्यार करने लगे हैं। मैं बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर सकता था कि सुरभि मेरी जिंदगी से कहीं दूर चली जाए इसलिए मैं बहुत ही ज्यादा परेशान होने लगा और सुरभि भी बहुत ज्यादा परेशान होने लगी। हम दोनों एक दूसरे के साथ में बहुत ही ज्यादा खुश हैं और हम दोनों की जिंदगी भी अच्छे से चल रही है यही वजह है कि सुरभि और मैं एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। 

मुझे कभी भी यदि सुरभि की जरूरत होती है तो वह हमेशा ही मेरे साथ में खड़ी रहती है।  एक दिन सुरभि को भैया ने मेरे साथ में देख लिया और जब सुरभि को भैया ने मेरे साथ देखा तो उन्होंने इस बारे में मुझसे घर पर बात की मैंने भी उनसे झूठ बोलना उचित नही समझा और मैंने उन्हें सब कुछ सच बता दिया। मैं उनको सब कुछ सच बता चुका था कि मैं सुरभि से प्यार करता हूं लेकिन मैंने उन्हें अभी तक सुरभि की शादी के बारे में कुछ भी नहीं बताया था परंतु मुझे हमेशा ही यह डर सताने लगा था कि यदि मैंने उन्हें सुरभि के बारे में बताया तो क्या होगा? इसलिए मैं सोचने लगा कि मैं उन्हें इस बारे में बताऊं या नहीं। एक दिन मैंने हिम्मत करते हुए उन्हें सुरभि के बारे में बता ही दिया, मुझे लगा था कि शायद भैया मुझे डांट देंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ भैया ने मुझे सपोर्ट करने की बात कही। 

मैं बहुत ज्यादा खुश था कि भैया ने मेरे सपोर्ट करने की बात कही है और अब उन्होंने मेरे और सुरभि की शादी करवाने की बात कह दी थी। हालांकि भैया की अभी तक शादी नहीं हुई थी लेकिन भैया चाहते थे कि मैं और सुरभि एक दूसरे से शादी कर ले। जब भैया सुरभि से पहली बार मिले तो उन्हें सुरभि से मिलकर बहुत अच्छा लगा। अब सब कुछ अच्छे से चलने लगा था और सुरभि को भी मेरे परिवार वालों ने एक्सेप्ट कर लिया था।

सब लोग इस बात से बड़े खुश थे और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था कि अब सुरभि और मैं एक दूसरे के साथ में समय बिता सकते हैं और हम दोनों अब शादी करने के लिए भी तैयार हो चुके थे। हम दोनों की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चलने लगा था और अब हम दोनों की शादी का समय भी नजदीक आ चुका था। हम दोनों की शादी हो जाने के बाद मैं सुरभि के साथ अपनी जिंदगी अच्छे से बिताने लगा। हम दोनों के बीच का प्यार देखकर पापा और मम्मी भी बहुत ज्यादा खुश थे और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता है जब भी मैं सुरभि के साथ होता हूं। सुरभि और मैं शादी के बाद भी बिल्कुल बदले नहीं है हम दोनों वैसे ही हैं जैसे कि पहले थे हम दोनों को एक दूसरे से बहुत प्यार है।

 जब भी सुरभि को मेरी जरूरत होती तो वह हमेशा ही मुझे कह देती है और मुझे भी जब उसके साथ की जरूरत होती तो मैं उसे हमेशा ही कह देता हूं सुरभि और मेरे बीच सब कुछ अच्छे से चलने लगा है। हम दोनो एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं जब भी सुरभि और मैं एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों को अच्छा लगता और सुरभि को मुझसे बहुत ही ज्यादा उम्मीदें रहती हैं। वह मेरी हर एक जरूरतो को हमेशा पूरा कर दिया करती है। मेरे लिए सुरभि बहुत ही महत्वपूर्ण है और हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। सुरभि और मैंने कुछ दिनों के लिए घूमने का फैसला किया है हम दोनों साथ में घूमने के लिए चले गए। हम दोनों कुछ दिनों के लिए मनाली के टूर पर गए थे और जब हम लोग मनाली गए थे वहां पर मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था।

मैं सुरभि का साथ पाकर बहुत ही ज्यादा खुश था। हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे। मैंने सुरभि के होठों को उस दिन चूम लिया था वह गर्म होने लगी वह जिस तरीके से गर्म होने लगी थी उससे मुझे बड़ा मजा आने लगा था और सुरभि को बहुत ज्यादा मजा आने लगा था।

वह बिल्कुल भी अपने आपको रोक ना सकी और मेरे लंड को दबाने लगी लेकिन अब मैं समझ चुका था वह बिल्कुल भी रह नहीं पाएगी और वह मेरा साथ अच्छे से देने लगी थी। उसने मेरे लंड को मेरे पजामे से बाहर निकालते हुए अपने हाथों में लेकर उसे अच्छे से हिलाया और उसे सकिंग करने लगी। जब वह ऐसा करने लगी तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और मेरा लंड पूरी तरीके से तन कर खड़ा हो चुका था। मेरा लंड इतना ज्यादा कड़क हो चुका था वह सुरभि की चूत में जाने के लिए तैयार था। मैंने उसे सुरभि की चूत पर सटाते हुए सुरभि की योनि में अंदर डाल दिया। सुरभि की योनि में लंड जाते ही वह बहुत जोर से चिल्ला कर बोली मेरी चूत में दर्द होने लगा है। मैंने उसको कहा मुझे मजा आ रहा है वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। उसने मुझे कहा तुम मुझे ऐसे ही धक्के मारते जाओ। मैंने सुरभि को बड़ी तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। 

अब मैं उसे जिस तेज गति से धक्के मार रहा था उससे उसकी सिसकारियां बढ रही थी वह मुझे कहती तुम मुझे बस ऐसे ही चोदते जाओ। मैंने उसे काफी देर तक ऐसे ही धक्के मारे लेकिन जब मुझे एहसास होने लगा मैं ज्यादा देर तक अब रह नहीं पाऊंगा तो मैंने सुरभि की चूतड़ों को अपनी तरफ कर लिया और उसे घोड़ी बना दिया। मैंने उसे घोड़ी बना दिया था मैं उसे चोदने लगा लेकिन मेरा माल जल्द ही गिर गया।

मेरा वीर्य पतन हो चुका था मैंने अपने माल को साफ करते हुए उसकी चूत को दोबारा से सहलाना शुरू कर दिया मै उसे गर्म करने लगा। मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा उसकी योनि दोबारा से गर्म होने लगी थी और मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया था। मेरा लंड सुरभि की चूत में जा चुका था और मुझे बड़ा मजा आने लगा था जिस तरीके से मैं उसकी चूत के मजे ले रहा था वह जोर से सिसकारियां ले रही थी और मैं उसकी चूत में अपने लंड को डाले जा रहा था। मै बड़ी तेजी से उसकी चूतडो पर प्रहार कर रहा था मुझे उसे तेजी से चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था और वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। वह मुझे कहने लगी मुझे तुम ऐसे ही चोदते जाओ।

 मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी चूत मारने में बड़ा मजा आ रहा है वह कहने लगी तुम्हारे साथ सेक्स कर के अक्सर मजा आ जाता है और तुम्हारा लंड बहुत ही ज्यादा मोटा है। मैंने सुरभि से कहा मेरा माल बाहर की तरफ को गिरने वाला है सुरभि ने अपनी चूतडो को मेरे लंड से मिलाना शुरू कर दिया और मेरे अंडकोषो से मेरा माल बाहर की तरफ निकलने की तैयारी में था। मैं ज्यादा देर तक उसकी गर्मी को झेल नहीं पाया यह बात मुझे अच्छे से मालूम थी। मैंने अपने वीर्य की पिचकारी सुरभि की चूत मे गिरा दी थी वह खुश भी हो गई थी। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और वह मेरे लंड को तब तक चूसती रही जब तक उसने मेरे लंड से पानी बाहर नहीं निकाल दिया मुझे मजा आ चुका था जब उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था। हम दोनों का मनाली का टूर बड़ा ही अच्छा रहा हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे हमने मनाली में जमकर एंजॉय किया।