सेक्स का मजा जमकर लूटा करते

Antarvasna, desi kahani: मैं एक अजीब सी दुविधा में फंसा हुआ था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसी स्थिति में मुझे करना क्या चाहिए, एक तरफ मेरी बहन का परिवार टूटने की कगार पर था और दूसरी तरफ मेरी बहन की ननद जिससे कि मैं प्यार करता था और वह भी मुझसे प्यार करती थी। हम दोनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हमारे रिश्ते का क्या होगा महिमा और मेरे बीच प्यार काफी परवान चढ़ चुका था मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि हम दोनों को ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। मेरी बहन और उसके पति के बीच डिवोर्स हो जाने के बाद मेरी बहन घर आ गई और हमारे सारे रिश्ते उनसे टूट चुके थे। मैं काफी ज्यादा परेशान था और महिमा भी बहुत परेशान थी महिमा और मैं एक दूसरे से फोन पर तो बातें करते थे लेकिन हम दोनों के पास हमारे रिलेशन के लिए कोई जवाब नहीं था ना तो मेरे पास किसी बात को लेकर जवाब था और ना ही महिमा के पास।

एक दिन मैं महिमा से मिला, जब मैं महिमा से मिला तो महिमा मुझे कहने लगी कि आकाश अब तुम ही बताओ ऐसी स्थिति में हमें क्या करना चाहिए। महिमा यह बात अच्छे से जानती थी कि महिमा के परिवार वाले कभी भी उसकी शादी मुझसे नहीं करवाने वाले और मुझे भी यह बात अच्छे से मालूम थी। मैंने महिमा को कहा क्यों ना हम लोग कहीं भाग चलें तो महिमा इस बात के लिए राजी नहीं थी वह मुझे कहने लगी देखो आकाश अगर तुम मेरे घर आकर मेरा रिश्ता मांगते हो तो मैं तुम्हारे साथ शादी करने के लिए तैयार हूं लेकिन मैं तुम्हारे साथ भाग नहीं सकती। महिमा ने तो साफ कह दिया था कि वह मेरे साथ कहीं भी भाग के नहीं जाने वाली मेरी तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था इस वजह से मैं अपने काम पर भी ध्यान नहीं दे पा रहा था।

जिस ऑफिस में मैं काम करता था वहां से भी मुझे नौकरी छोड़नी पड़ी क्योंकि मेरा मन जॉब में बिल्कुल भी नहीं लग रहा था और इस वजह से मैं काफी ज्यादा परेशान भी था। मैं और महिमा एक दूसरे से सिर्फ मिल ही पाते थे और एक दूसरे से फोन पर बात कर पाते थे लेकिन मुझे यह बात तो पता चल चुकी थी कि महिमा के परिवार और हमारे परिवार के बीच में अब कभी भी रिश्ता हो नहीं सकता। मेरी बहन और महिमा के भाई के बीच डिवोर्स हो चुका था इसलिए हमारे परिवार के बीच दूरियां भी ज्यादा बढ़ चुकी थी और यह दूरियां इतनी बढ़ चुकी थी कि हम दोनों का काफी दिनों से एक दूसरे से मिलना भी नही हो पाया। महिमा के परिवार वालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी मेरे लिए तो यह किसी सदमे से कम नहीं था मैं बहुत ज्यादा दुखी हो गया था मैंने महिमा को कहा कि मैं तुम्हारे लिए कुछ कर नहीं पाया। महिमा और मेरे बीच बिल्कुल भी बातें नहीं हो पाती थी और हम दोनों अब एक दूसरे से अलग हो चुके थे। मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं अब अपनी नई जिंदगी शुरू करूं इसलिए मैं अपने दोस्त के साथ बेंगलुरु चला गया। बेंगलुरु जाने के बाद काफी समय तक तो मुझे कहीं जॉब नहीं मिल पाई लेकिन जब मुझे जॉब मिली तो मैं अपनी जॉब में पूरी तरीके से ध्यान देने लगा। मैं महिमा और अपनी पिछली जिंदगी को भूलकर आगे बढ़ चुका था मैं चाहता था कि मैं अपने काम पर ध्यान दूँ और मैं अपने काम पर अच्छे से ध्यान दे रहा था। मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था कि अब मेरी जिंदगी अच्छे से चलने लगी है लेकिन शायद मेरी जिंदगी में दोबारा से वही मुसीबतों का दौर शुरू होने वाला था और मुझे नहीं मालूम था कि महिमा मेरी जिंदगी में वापस लौट आएगी। महिमा की महिमा के पति के साथ बिल्कुल भी नहीं बनी और उसने अपने पति से अलग रहने का फैसला कर लिया। महिमा का एक दिन मुझे फोन आया तो मैंने महिमा से बात की वह मुझे कहने लगी कि आकाश मैंने अब अपने पति का साथ छोड़ दिया है। मैंने महिमा से कहा कि लेकिन तुमने ऐसा क्यों किया तो महिमा ने मुझे कहा कि हम दोनों के बीच बिल्कुल भी नहीं बन पा रही थी इसलिए मैंने अब अलग रहने का फैसला किया है मैंने महिमा से कहा यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

महिमा चाहती थी कि मैं उससे मिलूं लेकिन मैं महिमा से मिल नहीं पाया था काफी समय हो गया था जब मैं महिमा से मिला नहीं था। एक दिन जब मैं महिमा से मिला तो महिमा मुझसे मिलकर बड़ी खुश हुई और कहने लगी कि आज तुमसे कितने समय बाद मिल रही हूं। मैंने महिमा को कहा देखो महिमा मैं अपनी उस जिंदगी को भूलकर आगे बढ़ चुका हूं और मैं नहीं चाहता कि दोबारा से किसी वजह से कोई मुसीबत हो। महिमा मुझे कहने लगी कि आकाश तुम तो जानते ही हो कि पिछली बार मेरे घर वालों के कहने पर ही मैंने शादी के लिए हां कह दी थी लेकिन मैं शादी के लिए दिल से तैयार नहीं थी मैं तो तुमसे ही प्यार करती हूं और तुमसे ही शादी करना चाहती थी। मैंने महिमा को कहा महिमा क्या यह सब ठीक होगा महिमा मुझे कहने लगी कि देखो आकाश मुझे नहीं मालूम कि क्या सही है और क्या गलत है लेकिन मैं चाहती हूं कि मैं अपनी जिंदगी तुम्हारे साथ बिताऊं। मैंने महिमा से कहा यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है लेकिन महिमा ने तो पूरा मन बना लिया था और वह चाहती थी कि वह मेरे साथ ही रहे और मुझसे ही वह शादी करना चाहती थी लेकिन मुझे अभी समय चाहिए था मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से कोई और मुसीबत हो इसलिए मैंने महिमा से कहा कि महिमा मुझे थोड़ा और समय दो। महिमा ने मुझे कहा लेकिन आकाश मैं तो तुम्हारे साथ रहना चाहती हूं परंतु मैंने महिमा से कहा देखो महिमा मैं नहीं चाहता कि दोबारा से मेरी जिंदगी में कोई और मुसीबत आए इसलिए मुझे कुछ और समय चाहिए।

महिमा से मैं कुछ दिनों तक तो मिलता रहा लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आया और फिर मैं बेंगलुरु वापस लौट चुका था। महिमा पुणे में ही थी हम दोनों की फोन पर तो बातें होती रहती थी और महिमा अक्सर मुझे कहती कि हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए लेकिन मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे महिमा से शादी करनी चाहिए या नहीं। महिमा मेरे लिए तडप रही थी वह मुझसे मिलने के लिए बेताब थी। मैने महिमा को कहा मै तुम से मिलने के लिए पुणे आ रहा हूं और मैं महिमा को मिलने के लिए पुणे चला गया। मैं जब उसको मिलने के लिए पुणे गया तो मै महिमा से मिला। जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो मुझे महिमा को देखकर उस दिन ऐसा लग रहा था जैसे की महिमा मेरे साथ अपनी रात को रंगीन बनाना चाहती है क्योंकि वह मेरे लिए बहुत ही ज्यादा तड़प रही थी। मेरी तडप को महिमा ने और भी बढ़ा दिया उसने मेरे हाथ को पकड़ कर मुझे कहा मुझे तुम्हारे साथ ही रहना है। यह बात सुनकर मैं महिमा के साथ ही रुकने के लिए तैयार हो चुका था। हम दोनों साथ में रुकने के लिए तैयार थे क्योंकि महिमा अपने परिवार से अलग रहती थी इसलिए मैं उसके साथ ही रुक गया। जब मैं और महिमा एक साथ कमरे मे थे तो हम दोनो ने एक दूसरे के साथ सेक्स करने का मन बना लिया था। मैंने महिमा के होंठों को चूमना शुरू किया और उसके नरम होंठो को चूमकर मैं पूरी तरीके से उत्तेजित होता जा रहा था। मैंने महिमा से कहा मुझे बड़ा ही मजा आ रहा है। महिमा मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है हम दोनों ही एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाते जा रहे थे। मुझे साफ तौर पर पता चल चुका था की महिमा मुझसे चुदने के लिए तैयार हो चुकी है।

मैंने जब महिमा के सलवार के अंदर हाथ को डाला तो वह मचलने लगी। मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू किया मैंने जब महिमा की योनि को सहलाना शुरु किया तो वह कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ रहा है। मैं महिमा की योनि को सहला रहा था जिससे कि वह पूरी तरीके से उत्तेजित होती जा रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं पा रहा था। मैंने महिमा को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। महिमा बोली रहा तो मुझसे भी नहीं जाएगा। मैंने जब अपने मोटे लंड को बाहर निकालकर महिमा के मुंह के अंदर डालना शुरू किया तो महिमा को मजा आने लगा। वह मेरे लंड को बडे ही अच्छी तरीके से सकिंग करने लगी और महिमा मेरे लिए तडपने लगी थी। हम दोनों को ही मजा आने लगा था अब मैंने महिमा के मुंह के अंदर अपने लंड को डाल रहा था। वह मेरे लंड को ऐसे सकिंग कर रही थी जैसे कि वह मेरे लिए अब तड़प रही थी उसने मेरे लंड से पूरी तरीके से पानी को बाहर निकाल दिया था। अब हम दोनों ही बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगे थे और मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने महिमा से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा।

महिमा मुझे बोलने लगी अब तुम मेरी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दो। मैंने महिमा की चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। मैंने महिमा की चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया था और उसे मैं बड़ी ही तेजी से चोद रहा था। मै महिमा की चिकनी चूत के अंदर अपने लंड को कर रहा था। मैने महिमा के दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया था। मैं महिमा को बड़ी ही तेज गति से धक्के मारने लगा। मैं महिमा को जिस प्रकार से धक्के मार रहा था उससे मुझे मज़ा आ रहा था और महिमा को भी मजा आने लगा। महिमा भी अपनी मादक आवाज मे सिसकिया ले रही थी। वह मुझे उत्तेजित करती जा रही थी उसकी सिसकारिया बढती जा रही थी। मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुका था मैंने अपने वीर्य को उसकी योनि में गिरा कर महिमा की गर्मी को शांत किया और महिमा को मैंने कस कर पकड़ लिया। महिमा बड़ी ही खुश हो गई थी वह कहने लगी आज मुझे मजा आ गया हालांकि हम दोनों ने अभी तक शादी नहीं की है लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स का जमकर मजा लिया करते हैं।