सतबड़ी के साथ यादगार लम्हे

sex stories in hindi हैल्लो दोस्तों, में शोवन कोलकाता का रहने वाला हूँ, लेकिन में पिछले कुछ सालों से अमेरिका रहकर अपनी नौकरी कर रहा हूँ। दोस्तों आप सभी की तरह मुझे भी सेक्सी कहानियों को पढ़ने का शौक अभी कुछ सालों से लगा और उसके बाद मैंने हर एक कहानी के बड़े मस्त मज़े लिए। दोस्तों आज में आप सभी को अपने जीवन की उस घटना को बताने यहाँ आया हूँ जिसमे मैंने अपनी कुछ दिनों की छुट्टियों में अपने देश आकर एक मस्त हॉट सेक्सी औरत के साथ उसकी चुदाई के मज़े लिए और वैसे तो मुझे बहुत पहले से सेक्स करना बड़ा अच्छा लगता है और इसलिए मैंने अब तक हमारे देश और दूसरे देश की भी चूत को अपने लंड से चोदकर संतुष्ट किया था, लेकिन जो बात हमारे देश में है वो दूसरे देशो में कहाँ? और अब में आप सभी को ज्यादा देर बोर ना करते हुए अपनी उस घटना को पूरी तरह विस्तार से सुनाना शुरू करता हूँ और बताता हूँ कि मैंने उस शादीशुदा औरत के साथ क्या और कैसे किया? दोस्तों वैसे मैंने अपना नाम शुरू में ही बता दिया है, लेकिन फिर भी में दोबारा बता देता हूँ मेरा नाम शोवन है, में 26 साल का हूँ और अमेरिका में एक बैंक में नौकरी करता हूँ।
अब में बहुत समय बाद छुट्टियों में अपने घर आया था और मेरे साथ जो कुछ भी हुआ वो मैंने कभी नहीं सोचा था और ना ही कभी मैंने इसकी कल्पना भी की थी। फिर में अपने घर पहुंचने के बाद अपनी मम्मी और पापा से मिला और उनके साथ कुछ वक़्त बिताने के बाद अपने कुछ दोस्तों से फोन पर बात करना शुरू किया। फिर उसी शाम को मेरे पास एक फोन आया और मुझे वापस अपने देश में आ जाने की मुबारकबाद मिली और कहा कि अबे अपने दोस्तों को भूल गया क्या गांडू चल दारू पीते है। फिर मैंने भी तुरंत हाँ कर दिया, क्योंकि वो मेरा इस देश में बहुत ही करीब दोस्त है और उसका नाम कौशिक है, वो जब में भारत में रहता था तब मेरे साथ ही पढ़ाई करता था इसलिए अब में उसकी वो बात नहीं टाल सकता था। अब हम दोनों ने विचार बनाया और कहा कि चलो हम बार में चलते है वहीं चलकर हम मज़े लेते हुए बातें भी करेंगे। फिर उसने भी मेरे मुहं से यह बात सुनकर तुरंत हाँ कर दिया और फिर हम दोनों चल पड़े और रास्ते में कौशिक का एक दोस्त भी हमें मिल गया। फिर उसने मुझसे अपने उस दोस्त का परिचय भी करवाया और मैंने भी उसको अपने साथ ले लिया, हम सभी एक कार में थे।

फिर कुछ देर चलने के बाद हम सभी बार में जा पहुंचे और उसके बाद हम लोगों ने बहुत जमकर शराब के मज़े लिए और हमने बहुत हँसी मज़ाक भी किए। तभी बातों बातों में कौशिक ने मुझे कहा कि क्या बे मादरचोद तूने वहां पर रहकर बहुत अय्याशी की होगी, अब हमें भी उसके बारे में तो कुछ बता दे। फिर मैंने कहा क्या यार तुम लोग भी ना कुछ भी कहने लगते हो, हाँ वैसे यह बात तो सच है कि मैंने वहां पर रहकर बहुत अय्याशी कि और बहुत सारी लड़कियों को जमकर चोदा, लेकिन उसमे वो मज़ा नहीं जो हमारे में है। फिर मेरे मुहं से यह बात सुनकर अचानक ही कौशिक का फ्रेंड पिंकू बीच में बोल पड़ा, हाँ मेरे भाई यह तो तूने बिल्कुल सही बात कही है। अब मैंने उनको कहा कि मादरचोदो में इतनी दूर से आया हूँ तुम लोग क्या मेरी खातिरदारी नहीं करोगे? तभी कौशिक ने कहा कि अरे यार यह भी कोई पूछने की बात है और हम सभी लोग इसी तरह बातें कर रहे थे। फिर उसी समय रिंकू के मोबाइल पर किसी ने फोन किया और वो उससे बातें करने लगा और हम दोनों भी अपनी बातें कर रहे थे कि उसी समय रिंकू ने अपने फोन वाले दोस्त को कहा कि लो तुम मेरे एक दोस्त से बात करो, वो अभी दो दिन पहले ही अमेरिका से वापस आया है और यह बात कहकर मुझे उसने अपना फोन थमा दिया।
अब में पहले थोड़ा सा नर्वस हुआ, फिर मैंने उससे इशारे से पूछा कि यह कौन है? तो उसने कहा कि (रिंकू) तेरा जुगाड़ है। फिर मैंने फोन को अपने हाथ में लेते ही धीरे से कहा हैल्लो आप कौन हो? अब वहाँ से आवाज़ आई में आपकी दोस्त हूँ। अब मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है में मानता हूँ कि आप मेरी दोस्त है, लेकिन आपका नाम क्या है प्लीज़ मुझे वो भी तो बता दो। फिर उसने हंसते कहा कि शदब्दी, दोस्तों मैंने उस समय बहुत पी ली थी, लेकिन फिर भी में होश में था। दोस्तों में क्या बताऊं उसकी क्या मस्त सुरीली आवाज़ थी, उसको सुनकर ही मेरी सारी दारू मेरे सर से नीचे उतर गयी। अब उसने मुझे पूछा कि आप क्या करते है? और उसने मुझसे बहुत देर तक बहुत सारी बातें की में कुछ जवाब दिए बिना ही उसकी बातें सुन रहा था, क्योंकि में ना जाने कहाँ खो गया था और कब मेरे दोस्तों ने मुझसे फोन छीन लिया, मुझे पता ही नहीं चला। फिर जब मुझे कौशिक ने बुलाया, तब में अपने होश में आया और फिर उसने मुझसे कहा क्यों भाई साहब निकल गई ना हवा? मैंने उसको कहा हाँ यार क्या मस्त आवाज़ है, सच मानो मेरे तो लंड की उस समय वॉट लगी हुई थी। तभी रिंकू मेरे पास आया और वो मुझसे कहने लगा क्यों भाई साहब यह माल सही है ना क्या आपको इसका नंबर चाहिए?

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फिर मैंने झट से अपना फोन निकाला और उसको कहा कि नेकी और पूछ पूछ जल्दी से दे यार और फिर उसने मुझे उस लड़की का फोन नंबर दे दिया। दोस्तों फिर कुछ देर बाद हम सभी पार्टी के बाद उस बार से बाहर निकल गये और मैंने वापस अपने घर जाने के लिए अपने ड्राइवर को फोन किया और वो तुरंत ही मेरे सामने हाज़िर हो गया। फिर में जाते समय मन ही मन में सोचने लगा कि इस लड़की से कैसे अपनी बात को आगे बढ़ाया जाए? में अभी यह सब सोच ही रहा था कि अचानक ही फोन बज उठा और फिर मैंने देखा कि यह कॉल उसी लड़की का था और में तो बिल्कुल पागल हो गया था और अब में सोच में पड़ गया कि इसको इतनी रात में मुझसे क्या बात करनी हो सकती है? फिर मैंने फोन उठाया और अब थोड़ा सा अंजान बनकर कहा हैल्लो उसने कहा कि शोवन क्या घर जा रहे हो? मैंने कहा कि हाँ। दोस्तों में बहुत अच्छी तरह से समझ गया कि यह लड़की चालू है और में उसके साथ बातें करता हूँ उसकी पूरी जानकारी हासिल करने लगा था, यही कि उसका नाम शदब्दी मुखर्जी है और वो एक 30 साल की तलाकशुदा औरत है और उसको एक 18 साल का लड़का भी है। दोस्तों उसके मुहं से यह सब सुनकर मेरे तो होश ही उड़ गये, में अब मन ही मन में सोचने लगा कि इसकी आवाज़ इतनी अच्छी है और यह एक शादीशुदा औरत है।
दोस्तों यह बात मुझे बिल्कुल भी हज़म नहीं हो रही थी। अब मैंने उसको कहा क्या तुम मुझसे मजाक कर रही हो? तब उसने हंसते हुए कहा कि भला में आपसे मज़ाक क्यों करने लगी? में आपको साफ साफ बता दूँ कि में कोई भी नये रिश्ते को शुरू होने से पहले ही अपनी सारी सच्चाई बता देती हूँ और अब मुझे ऐसा लगता है कि आप मुझे पसंद नहीं कर रहे है क्योंकि में आपसे उम्र में कुछ बड़ी हूँ ना इसलिए। फिर मैंने उसको झट से जवाब देकर कहा कि मेडम शायद आप भूल रही है कि में अमेरिका से हूँ और दोस्ती में कोई छोटा बड़ा नहीं होता, में तो बस इस बात से ज्यादा हैरान हूँ कि आपकी उम्र 30 साल है और आपकी आवाज़ बिल्कुल एक सोलह साल की लड़की की तरह है। दोस्तों जैसे ही मैंने उसको ऐसा कहा वो तो बीच में ही बोल पड़ी धत आप बहुत शरारती है और यही सभी बातें होते होते मेरी नज़र घड़ी की तरफ चली गयी और मैंने देखा कि उस समय 3:30 हो गये थे और तब मुझे अहसास हुआ कि में उसके साथ बड़ी देर से बातें कर रहा हूँ और अब मुझे सोना चाहिए और तभी मेरे मोबाइल की बेटरी भी कम हो गयी थी इसलिए अब मेरा फोन भी बंद होने वाला था। अब मैंने उस लड़की को अगले दिन शांम को करीब 6 बजे उस एक रेस्टोरेंट में मिलने को कहा और वो तुरंत मान गयी।

दोस्तों यह सारी बातें मैंने अपने उन दोनों दोस्तों को नहीं बताई थी और फिर अगले दिन में 6 बजे उसी रेस्टोरेंट में मिलने पहुंच गया। दोस्तों में बातों ही बातों में उससे यह पूछना ही भूल गया कि में उसको वहां पर पहचानूंगा कैसे? अब मैंने उसी समय उसको एक बार फोन किया और उसको पूछा कि तुम आज क्या पहनकर आ रही हो? तुम बताओगी तब जाकर में तुम्हे पहचान सकता हूँ। फिर उसने उसी समय जवाब देकर कहा कि में आज नीले रंग की साड़ी पहनकर आ रही हूँ और उस पर उसी रंग का बिना बाहं का ब्लाउज और अब बाय क्योंकि में यहाँ पर पहुंच भी चुकी हूँ यह कहकर उसने फोन कट कर दिया। फिर जैसे ही में पीछे मुड़ा उसके बाद तो में बस देखता ही रह गया, क्योंकि मेरे ठीक सामने वो अब आकर खड़ी हो चुकी थी उसकी लम्बाई करीब 5.6 और उसका वो बदन एकदम गोरा और वो दिखने में बड़ी पतली उसके बूब्स का आकार 36-24-32 था और वो अब मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी। अब में उसके पास खड़ा हो गया और मैंने उसकी तरफ अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर उससे मिलाने के लिए इशारा करके कहा, क्योंकि उस समय उसकी नजरे लगातार मुझे ही घूर रही थी।
अब उसने मुझसे हंसकर कहा कि पहली मुलाक़ात में इस तरह से हाथ मिलाकर नहीं गले मिलकर स्वागत करना चाहिए और फिर में आगे बढ़कर उसके गले लग गया। दोस्तों वाह क्या मस्त अहसास था मज़ा आ गया। मुझे उसके बदन की वो भीनी भीनी खुशबू एकदम पागल कर रही थी और करीब 10 से 12 सेकिंड तक हम दोनों वैसे ही रहे। फिर उसी समय उसने हंसते हुए कहा क्या यहीं सब कुछ कर देने का इरादा है क्या? फिर मैंने झट से उसको उसी समय अपनी बाहों से अलग किया और फिर मैंने देखा कि आसपास के सभी लोग हम दोनों को देखकर हंस रहे थे और वो शरमाने लगी। फिर हम दोनों वहीं अंदर एक साथ बैठ गये और हमने कुछ कहने का ऑर्डर किया, उसके बाद हम दोनों ने बातें करना शुरू कर दिया। दोस्तों में उसके बिल्कुल पास बैठा हुआ था और मैंने बातों ही बातों में उसके बूब्स पर हल्के से अपने एक हाथ को फेरकर छू लिया, जिसकी वजह से वो शरम की वजह से एकदम लाल हो गयी। फिर हम लोगों ने खाना खाया और फिर वहाँ से फ्री होकर हम दोनों उठकर बाहर आ गए और अपने अपने घर जाने लगे और हमने एक दूसरे से बाय कहकर अपने घर आ गए। दोस्तों उसके बाद से हम दोनों अब हर दिन फोन पर कई कई घंटे बातें करने लगे थे, उसको या जब भी मुझे समय मिलता कोई भी किसी को भी फोन कर देता, हमें ऐसा करने में बहुत खुशी मिलती थी।

फिर एक दिन अचानक ही उसने मुझे फोन करके अपने घर पर शाम के समय 7.30 बजे खाने के लिए बुलाया। अब में उसके मुहं से यह बात सुनकर खुश हो गया और उसी समय उसने मुझे अपने घर का पता भी बता दिया और फिर में उसी पते के हिसाब से उसके घर जा पहुंचा। फिर मेरे जाकर दरवाजे पर घंटी बजाते ही तुरंत ही उसने हंसते हुए आकर दरवाजा खोल दिया और उसने मेरा अपने घर पर बहुत अच्छी तरह से स्वागत किया और उसने मुझे सोफे पर बैठने के लिए कहा। अब में उसके कहते ही सोफे पर जाकर बैठ गया और वो भी उसी समय मेरे पास आकर मुझसे एकदम चिपककर बैठ गयी। दोस्तों उस समय उसने एक सफेद रंग का जालीदार गाउन पहना हुआ था, जिसकी वजह से मुझे उसकी ब्रा पेंटी साफ साफ नजर आ रही थी। दोस्तों यह सब इतना भड़काऊ था कि अब देखकर ही मेरे लंड को खड़ा होना जरूरी हो गया था। अब उस द्रश्य को देखकर मेरी जींस के ऊपर एक हल्का सा टेंट बन चुका था क्योंकि में उस एक ढीली जींस पहने हुए था और उसी वजह से वो मेरे तनकर खड़े लंड को बड़े प्यार देख रही थी। फिर मैंने उसको कहा कि तुम इस पहनावे में बहुत ही भड़काऊ सेक्सी लग रही हो, उसने कहा कि तुम भी कुछ कम नहीं हो और वो मुझसे यह बात कहते हुए ही रसोई में चली गयी और वो कुछ देर बाद हम दोनों के लिए कॉफी बनाकर ले आई।
फिर जैसे ही वो कॉफी को लाकर मेरे सामने उस टेबल पर रखने लगी तभी अचानक से उसका एक पैर फिसल गया और वो दोनों कप कॉफी के साथ ही मेरी गोद में आ गिरी और वो पूरी कॉफी मेरे कपड़ों पर आ गिरी। दोस्तों मुझे उस कॉफी के मेरे ऊपर गिरने का कोई अहसास और दुख नहीं था, क्योंकि वो अब मेरी गोद में आ चुकी थी और फिर में उसके गोरे मखमली जिस्म के मज़े ले रहा था। उसकी छाती मेरे मुहं के एकदम पास थी और मेरी तेज चलती हुई गरम गरम सांसे उसके बूब्स को छू रही थी और में लगातार तेज गति से ऊपर नीचे होते हुए उसके बूब्स को घूरकर देख रहा था। फिर मुझे कुछ देर बाद अहसास हुआ कि मेरे बदन पर कुछ गिर गया है और मुझे उसकी वजह से अब जलन भी होने लगी थी और में अब खड़ा हो गया और वो भी मेरी गोद से उठते हुए मुझसे माफ करने के लिए बार बार कह रही थी और वो मुझसे कहने लगी कि आप मुझे माफ कर दो, प्लीज यह सब मेरी गलती से हुआ है। अब मैंने उसको कहा कि कोई बात नहीं इसमे आपकी कोई भी गलती नहीं, यह एक हादसा था।
अब आप मुझे यह बताए कि बाथरूम कहाँ है? अब उसने जवाब देकर कहा कि आप पहले थोड़ा सा सीधे चले जाए और उसके बाद फिर आप सीधे हाथ की तरफ घूम जाए, वहीं पर आपको सामने बाथरूम मिल जाएगा। दोस्तों अब में उसकी बताई हुई उस दिशा में ठीक जगह पर पहुंच गया और अब में अपने कपड़ो से कॉफी के लगे हुए उन दाग को धोने की कोशिश करने लगा था, लेकिन वो दाग बड़ा ही गहरा था और वो मेरे पूरे कपड़ो पर फ़ैल गया था। फिर इतने में शदब्दी भी आ गयी और उसने देखा की दरवाज़ा खुला हुआ था तो वो अंदर बिना किसी आवाज के आ गई और अब वो मुझसे कहने लगी, शोवन प्लीज आप इसको उतार दीजिए में इसको अपनी वॉशिंग मशीन में धोकर साफ कर देती हूँ। अब मैंने भी हंसते हुए उसको कहा कि तुम्हारा यह विचार इतना बुरा भी नहीं है और मैंने तुरंत ही अपनी शर्ट को उतार दिए और फिर अपनी जींस को भी उतारकर उसको दे दिया। अब में एक टावल लपेटकर उसी कमरे में चला गया और उसने मेरे कपड़े लेकर अपनी वॉशिंग मशीन में उनको डाला और उसके साथ पानी, डिटरजेंट पावडर डालकर जैसे ही वो मशीन को चालू करके उन कपड़ो को धोने लगी और उसी समय उसको पता चला कि उसकी वॉशिंग मशीन खराब हो गई है।
फिर वो उसी समय अपना उदास चेहरा लेकर मेरे पास आ गई और वो मुझसे कहने लगी कि शोवन प्लीज तुम मुझे माफ करना, लेकिन मुझे अभी अभी पता चला कि मेरी वॉशिंग मशीन खराब हो चुकी है इसलिए अब तुम्हारे कपड़े सूखने में थोड़ा ज्यादा समय लगेगा। अब तक बहुत समय हो चुका था और उसने मुझसे कहकर हमारे लिए टेबल पर खाना लगाना शुरू कर दिया और फिर वो मुझसे कहने लगी चलो हम अब पहले खाना खा लेते है फिर उसके बाद देखते है कि आगे क्या करना है? मैंने भी हाँ कर दिया और वो मेरे लिए प्लेट में खाना परोसने लगी थी। फिर मैंने खाना शुरू किया और कुछ देर बाद वो खाना खाते समय मुझे अपने पैरों से मेरे लंड पर छूकर महसूस करने लगी। फिर उसी समय मैंने तुरंत उसकी तरफ देखा, तभी वो मेरी तरफ देखकर बड़ी ही सेक्सी स्माइल मुझे देने लगी थी और उसी समय बाहर बहुत ज़ोर की बारिश भी शुरू हो गयी और तेज आवाज के साथ बिजली कड़कने लगा थी और तब तक हम दोनों खाना खा चुके थे। फिर अचानक से एक ज़ोर की बिजली कड़की और वो उसी समय उस तेज आवाज को सुनकर डरते हुए मेरी बाहों में आकर लिपट गयी। अब मैंने भी उसको ज़ोर से कसकर अपनी बाहों में भर लिया और वो अब मुझसे कहने लगी कि मुझे बदल गरजने की इस आवाज से बहुत डर लगता है।

अब मैंने भी शरारत करते हुए झट से जवाब दिया कि में तो चाहता हूँ कि यह बदल हमेशा ही ऐसे ही गरजता रहे और तुम मेरी बाहों ऐसे ही लिपटी रहो और उसको यह बात कहते हुए मैंने उसके नरम गुलाबी होंठो को चूम लिया और फिर उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया और अब मैंने अपनी जीभ को उसके मुहं के अंदर धीरे से अंदर डाल दिया और वो उउंम उउँह करने लगी थी। दोस्तों हम दोनों के बीच यह चूमने का काम बड़ी देर तक ऐसे ही चलता रहा। फिर करीब दस मिनट तक हम दोनों ने एक दूसरे को बड़े मज़े लेकर चूसने के मज़े लिए और फिर हम अलग हुए और अब हम दोनों एक दूसरे को बड़ी कामुक नज़र से देखने लगे थे। अब हम दोनों बड़ी खामोशी से एक दूसरे को देख रहे थे, तभी अचानक ही मैंने उस खामोशी को तोड़ दिया और फिर मैंने उसको कहा कि मुझे अब अपने घर जाना है मुझे बहुत देरी हो चुकी है। फिर मैंने अपनी घड़ी में देखा उस समय 10.30 बज रहे थे और फिर तभी मुझे याद आया कि मेरे पूरे कपड़े इस समय गीले अहि और वो सूख रहे है। अब में बहुत चिंतिति हो गया और मैंने उसको कहा कि अब क्या होगा? में अपने घर कैसे जाऊंगा? मेरे घर में मेरी मम्मी पापा इंतज़ार कर रहे है। अब उसने मुझसे कहा कि तुम उनको कुछ भी झूठ बोल दो जिसका उन्हें विश्वास हो जाए और घरवालों को बताने से उनकी चिंता भी कम हो जाएगी।
दोस्तों मुझे उसकी वो कही बात एकदम सही लगी और फिर में फोन करने ही जा रहा था कि मेरी मम्मी का मेरे पास कॉल आ गया और मैंने अपनी मम्मी से कहा कि में आज रात नहीं आ पाऊँगा क्योंकि में अपने एक दोस्त के यहाँ हूँ और में कल सुबह तक वापस आ जाऊंगा। फिर मेरी मम्मी मेरी वो बात मान गयी और में खुश हो गया। अब मैंने उसको पूछा क्या तुम इस घर में अकेली ही रहती हो? फिर उसने कहा कि नहीं मेरी मम्मी और मेरा बेटा भी मेरे साथ रहता है, लेकिन वो आज ही कुछ दिनों के लिए अपने मामाजी के घर गयी है और इसलिए आज में यहाँ पर अकेली हूँ। दोस्तों उसके साथ यह सब बातें करते हुए ही मेरे अंदर का वो शैतान जाग गया और में अपने आपको काबू नहीं कर सका। अब मैंने जोश में आकर अपनी कमर से उस टावल को उतारकर फेंक दिया और अब में उसके सामने अपनी अंडरवियर बनियान में खड़ा हुआ था। फिर वो यह सब मेरा जोश देखकर मुस्कुराने लगी और उसने मुझसे कहा क्या सिर्फ़ तुम अपने ही कपड़े उतारोगे, मेरे कपड़े फिर कौन उतारेगा? अब में उसके मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल पागल हो गया और में तुरंत उसी पल उस पर झपट गया और मैंने जोश में अपने होश गँवाकर एक ही झटके में उसके गाउन को खींचकर फाड़ दिया, जिसकी वजह से अब वो सिर्फ़ एक गुलाबी रंग की पेंटी और एक काले रंग की ब्रा में मेरे सामने खड़ी हुई थी।
दोस्तों दिखने में वो काम देवी की तरह लग रही थी इसलिए में कुछ देर पहले उसकी सुंदरता को जी भरकर उसी हालत में देखता और फिर में उसके पास गया और मैंने धीरे से उसके बालो को उसके उस क्लिप से आज़ाद किया। दोस्तों मैंने देखा कि वाह उसके क्या मस्त सिल्की बाल थे में चकित हो गया क्योंकि उसके वो बाल उसकी गोरी बड़ी आकार की नरम गांड को चूम रहे थे। अब मैंने उसको कहा कि तुम्हारे बाल तो बड़े ही सुंदर है और यह कहकर मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया, में उसके होंठो को चूमने प्यार करने लगा था और यह काम करते हुए में धीरे धीरे अपने एक हाथ को नीचे लाने लगा था। अब मैंने उसके एक बूब्स को ज़ोर से दबा दिया सहलाने लगा था, जिसकी वजह से वो अब धीरे धीरे गरम होने लगी थी और वो मुझे अब पागलों की तरह किस कर रही थी। दोस्तों उस समय हम दोनों ही पूरे जोश में थे और अब में उसके बड़े ही मुलायम बूब्स के साथ खेल रहा था। ऐसा करने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। फिर उसी समय मैंने सही मौका देखकर धीरे से अपने एक हाथ को पीछे ले जाकर उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और उसने भी इस काम को करने में मेरी पूरी मदद करके अपने बूब्स को उस ब्रा से आजाद करवाया।

फिर उसकी ब्रा के खुलते ही मेरे सामने अब वो द्रश्य था, जिसको देखकर मेरी आखें एकदम चकित रह गई, वाह क्या मस्त बूब्स थे उसके, बिल्कुल टाइट एकदम गोलमटोल और उन दोनों बूब्स के ऊपर उठी हुई गुलाबी रंग की निप्पल मुझे पागल किए जा रही थी। दोस्तों उस गोरे कामुक बदन को देखकर बिल्कुल भी नहीं लगता था कि वो एक शादीशुदा औरत है और देखकर ऐसा लगता था कि वो अपने इस जिस्म को बहुत ध्यान से सम्भाल के रखी है। अब वो भी मुझे पागलों की तरह चूमे जा रही थी और में भी उसका वो जोश पागलपन देखकर रह नहीं पा रहा था। फिर मैंने उसको कहा कि मुझे तुम्हारे निप्पल को अपने मुहं में भरकर इनका दूध पीना है। दोस्तों बस मेरा इतना ही कहना था कि उसने मुझे मेरे सर के पीछे अपने हाथ को लगाकर पकड़ते हुआ अपनी गरम मुलायम छाती से लगाकर कहा हाँ यह ले मेरा बच्चा, अब आज से यह सब तेरे लिए है। फिर क्या था में भी पागलों होकर किसी छोटे बच्चे की तरह उसके एक निप्पल को अपने मुहं में भरकर चूसते लगा और दूसरे बूब्स की निप्पल को अपने एक हाथ में लेकर दबाते हुए उसका रस निचोड़ने लगा था और वो दर्द, जोश, मज़े, मस्ती की वजह से मेरे सर को अपनी छाती से दबाए सिसकियाँ लेने लगी थी और में खुश होकर उसके बूब्स को चूसता ही रहा और वो भी मेरे साथ मज़े लेती रही। फिर उसके बाद मैंने उसे चोदा और उसने और मैंने बहुत मजे किये ।।
धन्यवाद