सास को चुदवाते हुए देखा

हैल्लो दोस्तों, में आशु, एक बार फिर से आप सभी लोगों के लिए अपनी दूसरी कहानी लेकर आया हूँ जिसमें मेरी सासूजी ने अपनी चुदाई बड़े मज़े लेकर करवाई और चुदाई में उन्होंने पूरा पूरा साथ दिया वो बहुत खुश थी, लेकिन दोस्तों इस बार मैंने अपनी चुदक्कड़ सास की चुदाई के मज़े नहीं लिए और इस बार उसकी चुदाई उसी की बहन के लड़के ने की और उसको चोदकर बहुत मज़े लिए. में आज अपनी सास की उस सच्ची करतूत को आज आप सभी को बताने जा रहा हूँ.

दोस्तों आप सभी को मेरी सास ज्योति के बारे में तो याद होगा ही कि वो चुदाई की कितनी प्यासी है और उसको हमेशा लंड की याद सताती है वो इतनी उम्र होने के बाद भी हर एक कुंवारी चूत को अपने सामने फेल कर दे. उसका गोरा सेक्सी बदन हर किसी को अपना दीवाना बना दे, उसके बूब्स, गांड और कामुक चूत को देखकर किसी का भी लंड अपना पानी छोड़ दे वो अपने शरीर की बहुत देखरेख करती और बहुत सुंदर भी है आप जब भी उसको चुदाई के लिए कहोगे वो तुरंत बिना देर किए तैयार हो जाएगी, क्योंकि मेरे ससुरजी ने कभी भी उसको अच्छी तरह से चोदकर संतुष्ट नहीं किया था वो हमेशा प्यासी रही और इसलिए में भी मेरे ससुर जी की मौत के बाद उसका चुदाई का इशारा पाकर दो बार चोद चुका था.

दोस्तों मैंने उसकी बहुत मज़े लेकर चुदाई की और उसकी चूत को शांत किया, पहली बार चुदाई पसंद आने पर मैंने उसको दोबारा भी चोदा इसलिए उसने मेरा पूरा साथ दिया, लेकिन मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि वो क्या कभी ऐसा भी कर सकती है या वो अपनी चूत को शांत करवाने के लिए इतनी हद तक नीचे भी गिर सकती है.

दोस्तों मेरे ससुर जी की मौत के चार महीने बाद अचानक से मुझे एक दिन अपनी कंपनी के काम से बाहर जाना पड़ा और कुछ दिन बाद मेरा काम खत्म हो जाने के बाद जब में वापस अपने घर आया तो मैंने देखा कि मेरे घर पर उस समय ताला लगा हुआ था, क्योंकि मेरी बीवी मेरी माँ के पास दिल्ली चली गयी थी, वैसे तो मुझे भी दिल्ली जाना था, लेकिन में अपनी सास को अपनी पत्नी के पीछे से अकेले में चोदने के मूड में था, इसलिए में वहीं पर रुका रहा और में मन ही मन अपनी सास की होने वाली चुदाई की बात को सोचकर बहुत खुश था और इसलिए मैंने उसी दिन दोपहर को दो बजे अपने ससुराल जाने का प्रोग्राम बना लिया और में बहुत खुश होता हुआ अपने ससुराल पहुँच गया.

दोस्तों मेरे पास उस घर की एक और चाबी थी जिसकी मदद से में पहले भी अपने ससुराल में जाकर अपनी सास को चोद चुका था और वो चाबी मुझे मेरी सास ने ही दी थी और उन्होंने मुझसे कहा था कि जब भी तुम्हारा मन करे तुम मेरी चुदाई करने यहाँ पर आ सकते हो.

फिर मैंने चुपचाप घर का दरवाजा खोल दिया तभी मुझे अंदर की तरफ से कुछ आवाज़ आने लगी और में उस आवाज को सुनकर चुपचाप उसके बेडरूम के पास में पहुँच गया और फिर मैंने अंदर की तरफ झांककर देखा, लेकिन वहाँ पर कोई भी नहीं था और तब मैंने महसूस किया कि वो आवाज़ें ड्रॉयिंग रूम से आ रही थी, इसलिए में उधर की तरफ चला गया. तो तब मैंने क्या देखा कि मेरी सास ज्योति उस समय अपनी बहन के लड़के अवी की बाहों में है और वो दोनों ख़ुशी से नाच रहे है और उस समय ज्योति बहुत ही सेक्सी लग रही थी उसने काले रंग का एकदम टाइट सूट पहना हुआ था जिसमें से उसके बड़े बड़े बूब्स का आकार एकदम साफ दिखाई दे रहा था. अब मैंने देखा कि अवी अपना एक हाथ ज्योति की मटकती हुई कमर पर फिरा रहा था और वो बीच बीच में उसकी गांड को भी मसल रहा था इन सभी में ज्योति को भी बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर उसके बाद तो अवी ने अपना एक हाथ उसकी गांड पर रख दिया और धीरे धीरे मसालते हुए वो मेरी सेक्सी सास के साथ मज़े लेने लगा, वो अपने हाथों से मेरी सास के सेक्सी बदन को मसलने लगा और मेरी सास भी उसके साथ पूरा मज़ा ले रही थी वो धीरे धीरे गरम होकर सिसकियाँ ले रही थी.

कुछ देर बाद उसने मेरी सास के बूब्स को पकड़ लिए और अब वो उन्हे भी ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा दबाने लगा कि तभी ज्योति ने अपना सर उसके कंधे पर रख दिया और उसने अपनी दोनों बाहें उसी समय उसके गले में डाल दी. दोस्तों में उस समय उस कमरे के बाहर एक खिड़की के पास में खड़ा हुआ था और वो दोनों अंदर थे जहाँ से में उन्हे बहुत आराम से देख सकता था मुझे सब कुछ साफ साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन वो दोनों मुझे नहीं देख सकते थे. तभी मेरी सास ने अपना चेहरा मेरी तरफ कर लिया और अवी ने अब उसको चूमना शुरू कर दिया और वो भी अवी को चूम रही थी दोनों बहुत गरम थे और पूरे जोश में आ चुके थे. वो एक दूसरे को पागलों की तरह चूम रहे थे.

उसने सही मौका देखकर तुरंत ज्योति की कमीज़ को उतार दिया, जिसकी वजह से वो एक पतली सी अंडरशर्ट में रह गई थी, लेकिन अवी ने ज्यादा देर ना करते हुए जल्दी से ज्योति की उस अंडरशर्ट और उसके साथ साथ उसकी सलवार को भी उतार दिया जिसकी वजह से वो अब काले रंग की ब्रा और पेंटी में रह गई थी, जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी और उसके गोरे गोरे बूब्स पर वो हल्के भूरे रंग के निप्पल पूरे तन गये थे, वो दूर से दिखने में बहुत आकर्षक नजर आ रहे थे.

तभी अवी ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और वो भी अब पूरा नंगा हो गया. फिर मैंने देखा कि उसका लंड बहुत बड़ा था और वो तनकर खड़ा हुआ बहुत अच्छा लग रहा था, अवी ने ज्योति की ब्रा, पेंटी को भी उतार दिया और उसको पूरी नंगी कर दिया, जिसको देखकर ऐसा लग रहा था कि ज्योति ने अपनी चूत की साफ सफाई अवी के लिए ही की थी. अब अवी ने उसको अपनी गोद में उठा लिया और वो उसको कमरे के बीच में पड़े लकड़ी की एक टेबल पर लेटा दिया, अब मेरी सास ज्योति उससे बोली कि में कब से तड़प रही हूँ.

अब वो भी ज्योति को बुरी तरह से किस कर रहा था. फिर वो उसके एक बूब्स को चूसने लगा और दूसरे से खेलने लगा जिसकी वजह से वो बुरी तरह से उसके बूब्स को मसलने लगा और निप्पल को रगड़ रहा था. वो अब मेरी सास के बड़े बड़े बूब्स को चूम रहा था और बीच बीच में उसकी चूत में अपनी एक उंगली भी डाल रहा था, जिसकी वजह से ज्योति जोश में आकर सिसकियाँ भर रही थी अह्ह्ह्हह्ह ऊआहह उफ्फ्फ्फ़ ज्योति ने अब उसका लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और वो उसको सहलाने लगी. उस समय मेरी सास पूरी तरह नंगी थी और अवी ने उसके दोनों पैर पूरी तरह फैला दिए थे.

अब वो जल्दी से उसके दोनों पैरों के बीच में बैठ गया और उसके बाद वो अपनी जीभ को उसकी चूत पर घुमाने लगा. फिर जैसे ही चूत पर जीभ का स्पर्श हुआ तो ज्योति एकदम से तड़प उठी और उसने अपने दोनों पैरों को और भी ज़्यादा फैला दिया ताकि उसका वो आशिक अच्छे से उसकी चूत को अंदर तक अपनी जीभ से चाट सके वो अब अपनी गांड को उठाकर सिसकियाँ भर रही थी, क्योंकि वो अब जल्दी से अपनी चूत को मरवाना चाहती थी, लेकिन अब वो भी पूरा मज़ा ले रही थी.

अब अवी पूरी मस्ती में भरकर उसकी चूत को चाट रहा था और बड़े मज़े ले रहा था. वो अब झड़ने के करीब थी और जैसे ही वो झड़ी तो उसने अपने पैरों को बिल्कुल शांत पटक दिया और वो उसके सर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपनी चूत के मुहं पर रगड़ने लगी. दोस्तों मुझे हालाँकि अपनी सास की उस हरकत को देखकर गुस्सा तो आना चाहिए था, लेकिन मुझे अब बड़ा मज़ा आ रहा था में अपनी सास को उसकी नरम चूत चटवाते हुए देखकर बहुत खुश था.

तभी मैंने देखा कि अवी का लंड अब पूरे तनाव में था और वो सांप की तरह फनफना रहा था और अब मुझे पता था कि इसके आगे क्या होने वाला था? अवी ने मेरी सास के दोनों पैरों को खोल दिया और उसके बाद वो नीचे झुक गया और चूत को अपनी जीभ से चखकर वो कहने लगा वाह मेरी जान तुम्हारी चूत का स्वाद बहुत अच्छा है वाह मज़ा आ गया. तभी ज्योति कहने लगी कि अवी मुझे लगता है कि मुझे भी अब तुम्हारा यह लंड चूसना चाहिए?

अवी ने कहा कि बेबी में तुम्हे यहाँ पर नहीं चोदूंगा और उसने इतना कहने के बाद अपनी तीन उँगलियों को ज्योति की गीली चूत में एक ज़ोर का झटका देकर डाल दिया जिसकी वजह से ज्योति चीख उठी और वो खुद को संभाल नहीं पाई और जैसे ही अवी की उँगलियों ने चूत को स्पर्श किया वो दोबारा झड़ गयी और वो कहने लगी हे भगवान अवी अब में पूरी तरह से गीली हो गई हूँ उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह अब तुम मुझे ज्यादा मत तड़पाओ आ जाओ जल्दी से चोद दो मुझे मेरी चूत को जमकर मार लो मुझे तुम्हारे इस लंड का जोश दिखा दो अपनी पूरी ताकत से मेरी चूत को चोदकर आज इसका भोसड़ा बना दो, प्लीज मेरी प्यास को बुझा दो.

अब अवी उसके दोनों पैरों के बीच में खड़ा हुआ था तो उसने अपने हाथ ज्योति के दोनों कूल्हों के नीचे फंसाए और मजबूत पकड़ बनाकर उसके कूल्हों को पकड़कर उसको अपनी तरफ खींच लिया और उसके बाद अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर टिका दिया और फिर उसके एक जोरदार झटके में लंड उस प्यासी खुली हुई चूत के पूरा अंदर था. लंड के चूत के अंदर जाते ही उस हल्के दर्द मज़े की वजह से मेरी सास ने अपनी दोनों आँखें बंद कर ली.

अब वो अपनी चुदाई का पूरा पूरा मज़ा लेने लगी और उधर अपनी सास को अपनी आखों के सामने चुदते हुए देखकर मेरा लंड भी तनकर खड़ा हो गया था आआहहह्ह्ह आईईईईइ ऊऊहाहहहाहाह ज्योति चिल्ला रही थी, हाँ बस ऐसे ही धक्के दो और अंदर तक डालो और ज़ोर से धक्के देकर चोदो तुम मुझे, तुम बहुत अच्छी चुदाई करते हो और मुझे तुम्हारा चोदने का तरीका अच्छा लगा, हाँ ऐसे ही चोदते रहो मुझे मेरी जान ऊऊईईईईई. अब में उनका वो खेल देख रहा था और अवी मेरी सास को जोश में आकर चोद रहा था.

करीब 15 मिनट के बाद उसने अपने लंड से वीर्य की बारिश ज्योति की चूत में कर दी और फिर कुछ देर बाद वो अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकालकर करीब दो मिनट तक वहीं पड़ा रहा. फिर वो बोला कि में तेरी अब दोबारा चुदाई करूंगा मेरी प्यासी कुतिया लंड की भूखी क्यों तुझे भी यही सब चाहिए था ना?

ज्योति सिसकियाँ भरकर बोली ओह्ह्ह्ह हाँ प्लीज़ जल्दी से चोदो मुझे और वो मज़ा दो तुम बहुत अच्छे हो, अब उसने ज्योति को अपने दोनों हाथों और घुटनों पर खड़ा कर दिया जिसकी वजह से मेरी सास ज्योति अब उसके सामने अपनी चूत को फैलाकर एक चुदक्कड़ कुतिया बन गई थी और वैसे भी उसको इस तरह से अपनी चुदाई करवाना बड़ा पसंद था, इसलिए वो मन ही मन बहुत खुश थी. दोस्तों अब मेरा लंड अपनी सास को चुदते हुए देखकर पूरी तरह से तनकर खड़ा हो चुका था और मेरी सास की बहन का लड़का उसको चोद रहा था और में उनकी चुदाई को देख रहा था. अब उसने सासूजी के पीछे आकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और जब पूरा लंड फिसलता हुआ अंदर जा पहुंचा तो उसके बाद वो धीरे धीरे धक्के देकर उसको चोदने लगा.

अवी के मुहं से भी अब हल्की सी आवाज आ रही थी और उसका पूरा लंड मेरी सास की चूत में था. वो उसको अब गालियाँ देने लगा, ज्योति को यह सब बहुत पसंद था और मुझे शुरू से ही पता था कि वो बहुत बड़ी रंडी है साली कुतिया वो एक नंबर की छिनाल थी. अब अवी उससे पूछने लगा क्यों मेरी रंडी कैसा लगा मेरा लंड? मज़ा आया क्या तुझे मेरी चुदाई में कुतिया साली? वो भी कहने लगी बहनचोद चोद मुझे साले बहुत मज़ा आ रहा है हाँ ज़ोर लगाकर चोद अपनी प्यासी ज्योति को, जल्द ही वो दोनों एक के बाद एक झड़ गये और उसके बाद अवी ने उसको अपने गले से लगा लिया, लेकिन कुछ देर बाद ज्योति ने उसका लंड दोबारा पकड़ लिया और इस बार उसने अवी का लंड अपने मुहं में डाल लिया. वो लंड को चूसते हुए कहने लगी तुम इसको मेरे मुहं में झाड़ दो में तुम्हारे लंड का माल पीना चाहती हूँ और वो उसका लंड चूसने लगी.

अब अवी भी उसके मुहं में अपने लंड को धक्के देकर चोदने लगा और थोड़ी देर के बाद उसने अपना लंड मेरी सास के मुहं में झाड़ दिया और मेरी सास का मुहं उसके वीर्य से भर गया जिसको वो तुरंत नीचे गटक गई. मुझे उसके चेहरे से उसकी संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी. वो लंड को अपने एक हाथ में पकड़कर लगातार अंदर बाहर करके उसको चूस रही थी जैसे वो लंड ना होकर कोई लोलीपोप था जिसको चूसने में उसको बड़ा मज़ा आ रहा था.

वो बिल्कुल एक अनुभवी रंडी की तरह लंड के मज़े ले रही थी और चूसते समय उसके चेहरे की बनावट और वो सिसकियों की आवाजे भी एकदम छिनालों जैसी ही थी उसने लंड को चाट चाटकर एकदम चमका दिया था. दोस्तों यह था मेरी सासु माँ की चुदाई का वो सच जिसको में पिछले कुछ समय से आप तक पहुँचाने की बात सोच रहा था.