पेलते रहो मुझे देर तक

Kamukta, antarvasna मैं अपने मोबाइल में गाने सुन रही थी तभी मेरी मम्मी ने मुझे आवाज दी मैंने अपने कान से हेडफोन निकाला और अपनी मम्मी से कहा मम्मी क्या आप मुझे  कुछ कह रही थी। मम्मी कहने लगी हां बेटा तुम क्या दुकान से दूध ले आओगी क्योंकि घर में दूध खत्म हो चुका था इसलिए मेरी मम्मी ने मुझे कहा तो मैंने मम्मी से कहा ठीक है मम्मी मैं दूध ले आती हूं। मेरी मम्मी ने मुझे पैसे दिए और मैं दूध लेने के लिए चली गई जब मैं घर से बाहर गई तो उस वक्त शाम का वक्त था तभी मैंने देखा सामने एक हैंडसम सा लड़का था उसका रंग गोरा था और उसकी हाइट 6 फुट की थी। मैं तो उसे देखती रह गई लेकिन मैं उसे जानती नहीं थी और ना ही मैंने उससे पहले कभी उसे देखा था।

 मैं जब वहां से दुकान में गई तो मैंने दूध लिया और मैं घर वापस आ गई लेकिन उस लड़के का चेहरा मेरे सामने बार-बार आ रहा था। मेरे दिमाग से बिल्कुल भी उसका चेहरा नहीं निकल रहा था लेकिन मैं उसके बारे में कुछ भी नहीं जानती थी। एक दिन मैं अपनी फैमिली के साथ मॉल में शॉपिंग करने के लिए गई हुई थी उस दिन भी मुझे वही लड़का दिखाई दिया। मैंने जब उस लड़के को देखा तो मैं उससे बात करना चाहती थी लेकिन मैं उससे बात ना कर सकी। एक दिन मैं अपने छत पर टहल रही थी मैं गाने सुन रही थी तभी मैंने उसी लड़के को अपनी बगल वाली छत पर देखा और मैं उसे बड़े ध्यान से देखती रही वह मुझे भी देखने लगा। मुझे इतना तो मालूम चल चुका था कि वह हमारे पड़ोस में ही रहता है जिनके घर पर वह लड़का रहता था उनके घर पर मेरी मम्मी का आना जाना रहता था। एक बार मैं भी उन आंटी के घर पर चली गई मैं जब आंटी के पास गई तो मैंने आंटी से पूछा कि आपके घर पर कोई लड़का रहता है क्या? वह कहने लगी हां हमने कुछ समय पहले ही घर में पीजी खोला है और उसी में हो सकता है कि तुमने उस लड़के को देखा हो। मैं समझ गई की वह लड़का वही रहता है मुझे उसका नाम भी मालूम चल चुका था उसका नाम सुमित है।

 आंटी मुझसे पूछने लगी प्रियंका बेटा तुम सुमित के बारे में बड़ा पूछ रही हो मैंने आंटी से कहा नहीं आंटी ऐसा कुछ नहीं है बस मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी क्योंकि मैंने देखा आपके घर पर कुछ लड़के रह रहे हैं तो मुझे लगा कि शायद वह आपका कोई रिश्तेदार हो। मुझे सुमित के बारे में पता तो चल चुका था लेकिन मेरा उससे बात करना अभी भी नहीं हो पाया था। एक दिन मैं अपना मोबाइल रिचार्ज करने के लिए दुकान पर गई तो सुमित भी मुझे वहां पर दिखाई दिया मैं उसे देख कर मुस्कुराने लगी। उस वक्त ना जाने मेरे अंदर इतनी हिम्मत कहां से आ गयी की मैंने सुमित से बात कर ली जब मैंने सुमित से बात की तो सुमित मुझे कहने लगा आप जब भी मुझे देखते हैं तो आप मुस्कुराने लग जाती हैं। मैंने उसे कहा आप दिखते ही इतने अच्छे हैं तो आपको देखकर मैं मुस्कुराने लग जाती हूँ सुमित मुस्कुराने लगा। उस दिन के बाद हम दोनों की बातें होने लगी जब भी सुमित मुझे देखता तो वह मुझसे जरूर बात किया करता था। मैंने एक दिन सुमित को फोन किया तो वह मुझसे फोन पर बात करने लगा हम दोनों की बातें काफी देर तक हुई। धीरे धीरे हम दोनों के बीच में दोस्ती होने लगी जब भी सुमित मुझे मिलता तो मुझे बहुत खुशी होती और सुमित मुझसे मिलकर बहुत खुश था। हम दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलने लगी थी लेकिन हमारे प्यार के बीच में एक समस्या यह थी कि सुमित अपने काम में कुछ ज्यादा ही बिजी रहता था इसलिए वह मुझे ज्यादा समय नहीं दे पाता था। मैंने सुमित से कई बार कहा कि सुमित मुझे तुमसे समय चाहिए सुमित ने मुझे अपने घर के बारे में बताया तो मुझे भी लगा की सुमित को अपने काम पर ही ध्यान देना चाहिए। सुमित के घर की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी और उसने जब मुझे बताया कि उसने कितनी मेहनत से अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है वह खुद ही पार्ट टाइम नौकरी करता था और उसके बाद वह कॉलेज की फीस भरा करता था।

 उसके ऊपर उसकी बहन की शादियों की भी जिम्मेदारी थी और इसी वजह से शायद सुमित अपना काम में कुछ ज्यादा ही बिजी रहने लगा था। थोड़े ही समय बाद सुमित ने अपनी खुद की कंपनी खोल ली लेकिन सुमित मुझे बिल्कुल भी समय नहीं दे पा रहा था। हम दोनों की बात सिर्फ फोन पर ही होती थी मुझे इस बात का बहुत बुरा लगता था लेकिन फिर भी हम दोनों का रिलेशन चल ही रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे से मिलना कम कर दिया था उस वक्त सुमित को मेरी कमी भी खलने लगी थी और एक दिन सुमित ने मुझे कहा मुझे तुमसे मिलना है। सुमित मुझसे मिला और उसने मुझे कहा देखो प्रियंका मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूं और मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो लेकिन मैं अपने काम में इतना ज्यादा उलझा हुआ हूं कि मैं तुम्हें बिल्कुल भी समय नहीं दे पा रहा हूं। मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही थी तो सोचा तुमसे मिल लूँ मैंने सुमित से कहा तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो और शायद मैं जिस दिन तुमसे फोन पर बात नहीं करती तो उस दिन मुझे बहुत बुरा लगता है। अब मुझे भी लगने लगा है कि हम दोनों एक दूसरे से दूर ही रहे तो ठीक होगा लेकिन सुमित नहीं चाहता था कि हम दोनों एक दूसरे से अलग रहे। सुमित को मेरे प्यार का एहसास था कि मैं उससे कितना प्यार करती हूं मैंने सुमित से कहा सुमित मैं तुम्हारा साथ हमेशा दूंगी और कभी भी तुम्हारे साथ नहीं छोडूंगी।

सुमित कहने लगा हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए, शायद उसका यह फैसला बिल्कुल ठीक था। मैंने सुमित के बारे में अपने माता पिता से बात की तो वह लोग सुमित से मिलना चाहते थे। मेरे माता पिता ने मुझे कभी भी किसी चीज के लिए नहीं रोका वह कहने लगे कि तुम सुमित से एक बार हमें मिलवा दो। जब वह लोग सुमित से मिले तो उन्हें सुमित बहुत पसंद आया वह कहने लगे कि हम लोग तुम्हारी शादी सुमित से करवाने के लिए तैयार हैं। हालांकि सुमित बिजी रहते थे लेकिन उसके बावजूद भी वह मेरे लिए थोड़ा बहुत समय निकालने लगे और हम दोनों ने अब शादी करने का फैसला कर लिया था। जल्दी ही हम दोनों की शादी होने वाली थी लेकिन सुमित चाहता था कि मैं उसके परिवार से मिलूं और इसके लिए वह मुझे अपने साथ आगरा लेकर चला गया। जब मैं आगरा सुमित के साथ गयी तो मैं उसके घर पर ही रुकी और वहां पर सुमित ने मुझे अपने मम्मी पापा से मिलवाया वह लोग बहुत अच्छे हैं। उन्होंने मुझे कहा देखो बेटा सुमित बहुत ज्यादा मेहनती लड़का है उसने जब तुम्हारे बारे में हमें बताया तो हमारे मन में यही चल रहा था कि हम तुमसे कब मिल पाएंगे लेकिन सुमित ने हमें तुम से मिलवाया तो हमें तुमसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। कुछ ही समय बाद हम लोगों ने शादी कर ली इस फैसले से मैं बहुत ज्यादा खुश थी कि मैंने सुमित के साथ शादी कर ली क्योंकि सुमित से अच्छा लड़का शायद मुझे कभी कोई मिल ही नहीं पाता। जब हम लोगों की शादी की पहली रात थी तो उस दिन हम दोनों के बीच में जमकर सेक्स हुआ वह पहली बार ही था जब हम दोनों ने एक दूसरे के साथ संभोग किया था और मेरी वर्जिनिटी भी सुमित ने खत्म की। उस रात सुमित ने जब मुझे अपनी बाहों में लिया तो मैं पूरी तरीके से मचलने लगी मेरे अंदर उत्तेजना बढती गई। मेरे अंदर इतनी ज्यादा गर्मी बढ चुकी थी कि मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी जैसे ही सुमित ने मेरे होठों को किस किया तो मैं पूरी तरीके से जोश में आने लगी।

सुमित जब मेरे स्तनों को दबाता तो मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगता उसने मेरे स्तनों को बहुत देर तक दबाया जब उसने मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मेरे अंदर और भी ज्यादा जोश बढ़ने लगा। जैसे ही सुमित ने मेरी चूत को चाटा तो मेरी चूत से गर्मी निकलने लगी मेरी चूत बहुत गीली हो चुकी थी। सुमित ने मुझे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो मैंने भी उसके लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी काफी देर तक मै उसके लंड को चूसती रही जैसे ही सुमित ने अपने लंड को मेरी योनि पर लगाया तो मैं पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी और उसने तेजी से धक्के देते हुए मेरी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया।

 सुमित का लंड जैसे ही मेरी योनि के अंदर घुसा तो मेरी योनि से खून का बहाव होने लगा मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी मुझे मजा आने लगा। मै सुमित का पूरा साथ दे रही थी और वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के दिए जा रहा था मैंने सुमित से कहा तुम मुझे ऐसे ही धक्के देते रहो। वह मुझे कहने लगा तुम्हारी योनि से बहुत ज्यादा खून निकल रहा है मैंने उससे कहा कोई बात नहीं तुम मुझे तेजी से चोदते रहो मुझे बड़ा मजा आ रहा है। जब मैं झड़ गई तो मैंने सुमित को अपने दोनों पैरों के बीच में जकड लिया वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के देने लगी कुछ ही क्षणो बाद सुमित का  वीर्य पतन हो गया जैसे ही सुमित का वीर्य पतन मेरी योनि के अंदर हुआ तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ। उस रात हम दोनों ने एक दूसरे के साथ चार बार शारीरिक संबंध बनाए मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि मुझे उस दिन बहुत ज्यादा डर लग रहा था। मुझे सुमित के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आता है और सुमित जब भी मेरे साथ सेक्स करते हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है और इसी के चलते सुमित और मेरे बीच बहुत ज्यादा प्यार भी है मै सुमित का पूरा साथ देती हूं। मैने सुमित से एक दिन कहा मुझे बच्चे चाहिए तो सुमित ने मुझे प्रेग्नेंट कर दिया।