पति में आप जैसा दम कहाँ

Antarvasna, hindi sex kahani: मैं चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचा तो उस दिन मौसम बहुत ज्यादा खराब था कोहरे की वजह से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था मैं जब एयरपोर्ट पहुंचा तो वहां पर कई फ्लाइट कैंसिल थी मैंने सोचा कि मुझे आज भी चंडीगढ़ में ही रुकना पड़ेगा मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था। मैं अपने काम के सिलसिले में चंडीगढ़ आया था लेकिन अब मुझे चंडीगढ़ में ही  रुकना था मैं एयरपोर्ट से बाहर निकला और एक टैक्सी लेते हुए वहां से मैं होटल में चला गया। जिस होटल में मैं रुका था उसी होटल में मैं चला गया और मैंने अपना सामान रिसेप्शन पर बैठे हुए रिसेप्शनिस्ट से कहकर रखवा दिया था। मेरी पत्नी का फोन मुझे आया तो वह मुझे कहने लगी कि क्या आप आज नहीं आ रहे हैं मैंने उसे कहा तुम्हें कैसे पता चला तो वह मुझे कहने लगी कि मैंने अभी टीवी ऑन की थी तो समाचार में बता रहे थे कि कोहरे की वजह से कई फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं।

मैंने अपनी पत्नी से कहा हां मेरा आज तो आ पाना मुश्किल होगा कल देखता हूं क्या पता कल थोड़ा मौसम सही हो जाए वह मुझे कहने लगी कि छोटू की तबीयत बहुत खराब है। मैंने अपनी पत्नी से कहा क्या तुमने उसे डॉक्टर को नहीं दिखाया तो वह कहने लगी कि मैंने उसे डॉक्टर को तो दिखाया था लेकिन अभी तक ज्यादा कोई फर्क मुझे नजर नहीं आ रहा। मैंने अपनी पत्नी से कहा कि चलो कोई बात नहीं मैं कल आ जाऊंगा वह कहने लगी कि हां आप आ जाइए आपको चंडीगढ़ गए हुए काफी समय भी तो हो चुका है मैंने उसे कहा ठीक है मैं अभी फोन रखता हूं। मैंने फोन रखा और कुछ देर मैं बिस्तर पर ही लेटा रहा क्योंकि कमरे में सिर्फ मैं अकेला था इसलिए कुछ पुरानी यादें मेरे दिमाग में ताजा होने लगी। वैसे तो मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता है लेकिन अब जब मुझे समय मिल गया था तो मैं कुछ पुरानी बातें अपने दिमाग में ही सोचने लगा और मैं अपने पुराने दोस्तों के नंबर टटोलने लगा तभी मेरे पुराने मित्र जिनका नाम कुलदीप है मैंने उन्हें फोन कर दिया। जब मैंने कुलदीप को फोन किया तो सामने से एक महिला की आवाज आई मैंने उन्हें कहा कि क्या यह कुलदीप का नंबर है तो वह मुझे कहने लगे कि हां यह उन्हीं का नंबर है लेकिन आप कौन बोल रहे हैं।

मैंने उन्हें बताया कि मैं रितेश बोल रहा हूं यदि कुलदीप घर पर है तो आप मेरी उनसे बात करवा दीजिए वह मुझे कहने लगी कि हां मैं आपकी थोड़ी देर में उनसे बात करवाती हूं। मैंने फोन रख दिया कुछ देर बाद कुलदीप के नंबर से दोबारा कॉल आया जब उस नंबर से मुझे कॉल आया तो मैंने कुलदीप से कहा कि  मैं रितेश बोल रहा हूं। कुलदीप मुझे कहने लगा यार इतने सालों बाद तुमने मुझे कैसे याद कर लिया मैंने कुलदीप से कहा बस सोचा कि तुम्हें याद कर लूँ वह मुझे कहने लगा लेकिन तुम अभी कहां हो। मैंने उसे कहा कि मैं तो चंडीगढ़ में हूं वह मुझे कहने लगा क्या बात कर रहे हो तुम क्या चंडीगढ़ में हो, कुलदीप ऐसे चौका जैसे कि वह भी चंडीगढ़ में ही था उसने मुझे कहा कि मैं भी तो चंडीगढ़ में ही हूं। मैंने कुलदीप से कहा लेकिन तुम चंडीगढ़ में क्या कर रहे हो वह मुझे कहने लगा कि मुझे यहां दो साल हो चुके हैं और मैंने अपना बिजनेस अब यहां भी सेट कर लिया है। मैंने कुलदीप से कहा मुझे तो यहां पर एक हफ्ता हो चुका है यदि मुझे मालूम होता कि तुम यहीं पर हो तो मैं तुम्हें एक हफ्ते पहले ही फोन कर देता। कुलदीप मुझे कहने लगा तुम यह सब छोड़ो तुम यह बताओ तुम अभी कहां हो मैं तुम्हें लेने के लिए अभी आ रहा हूं। कुलदीप की उत्सुकता उसकी आवाज से ही झलक रही थी कुलदीप मुझे कहने लगा कि मैं बस थोड़ी देर बाद पहुंच रहा हूं। मैंने फोन रखा उसके 15 मिनट बाद कुलदीप भी पहुंच गया जब वह मुझे मिला तो उसने मुझे देखते ही गले लगा लिया और कहने लगा कि यार इतने वर्षों बाद मुलाकात हो रही है मैंने तो कभी उम्मीद भी नहीं की थी कि तुम से मेरी मुलाकात होगी। मैंने कुलदीप से कहा देखो कुलदीप दुनिया बड़ी छोटी है और यहां कुछ भी नामुमकिन नहीं है मैंने भी शायद सोचा नहीं था कि तुम से मेरी मुलाकात हो जाएगी लेकिन यह भी बड़ा अजीब इत्तेफाक है कि तुम भी चंडीगढ़ में ही थे और मैं भी पिछले एक हफ्ते से चंडीगढ़ में ही था।

कुलदीप मुझे कहने लगा कि चलो तुम मेरे साथ अभी मेरे घर चलो मैंने उसे कहा नहीं यार मैं तुम्हारे घर आकर क्या करूंगा लेकिन वह मुझे कहने लगा कि तुम्हें मेरे साथ तो चलना ही पड़ेगा। कुलदीप की जिद के आगे शायद मैं भी अब मना ना कर सका और मैं उसके साथ जाने के लिए तैयार हो गया मैंने कुलदीप से कहा कि चलो मैं तुम्हारे साथ चलता हूं। मैं और कुलदीप उसके घर पर चले गए जब हम लोग उसके घर पर गए तो उसने मेरा परिचय अपनी पत्नी और अपनी मम्मी से करवाया कुलदीप मुझे कहने लगा कि आज तुम यहीं पर रुकोगे। मैंने उसे कहा नहीं यार मैंने तो होटल बुक कर लिया है लेकिन कुलदीप मुझे कहने लगा मैं कुछ नहीं सुनना चाहता तुम चाहे तो वहां से सामान ले आओ लेकिन तुम आज यहीं रुकने वाले हो। अब कुलदीप की जिद के आगे मेरी कहां चलती मैंने उसे कहा ठीक है बाबा मैं आज यहीं रुक जाता हूं और मैं उस दिन कुलदीप के घर पर ही रुक गया काफी सालों बाद हम दोनों की मुलाकात हुई। हम दोनों खुश थे और कुछ पुराने चित्र हमारे सामने ताजा होने लगे थे हम दोनों ही अपनी पुरानी बातें करने लगे और मैंने कुलदीप से कहा तुमने यह बहुत अच्छा किया कि जो तुम चंडीगढ़ आ गए। कुलदीप कहने लगा हां यार चंडीगढ़ में जब से मैंने काम शुरू किया है तब से मेरा काम बहुत अच्छा चल रहा है और मैं अपने काम से खुश हूं।

मैं उस दिन कुलदीप के घर रूकने वाला था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि कुलदीप की पत्नी कि नजरें कुछ ठीक नहीं है। वह बार-बार मुझसे चिपकने की कोशिश कर रही थी और कई बार तो वह अपनी गांड को भी मुझसे टच कर देती थी लेकिन मैंने भी सोच लिया था भाभी की गांड तो मैं मार कर ही रहूंगा। रात के वक्त कुलदीप सो चुका था मैंने भाभी से कहा था दरवाजा खुला रखना मैं रात को आऊंगा। वह कहने लगी ठीक है मैं दरवाजा खुला रखूंगी उन्होंने दरवाजा खूला रखा था। कुलदीप बहुत ज्यादा गहरी नींद में था मैंने उनसे कहा कि कुलदीप तो सो रहा है वह कहने लगी कोई बात नहीं हम लोग यहीं पर अपना काम शुरू कर लेते हैं। मैंने उन्हें कहा क्या कुलदीप आपके साथ कुछ नहीं करता? वह मुझे कहने लगी नहीं वह मेरे साथ कुछ भी नहीं करते है मैंने उन्हें कहा चलो तो आज मैं ही आपकी चूत के मजे ले लेता हूं। मैंने अब चुम्मा चाटी शुरू कर दी थी उनके होठों को मैंने चूमना शुरू कर दिया उनके बड़े होठों को चूमते हुए कब मेरा हाथ उनके स्तनों की तरफ बढ़ गया मुझे मालूम ही नहीं पड़ा। मैंने उनके स्तनों को दबाकर बेहाल कर दिया था उनको भी मजा आने लगा था। जब मैंने लंड को बाहर निकाला तो वह कहने लगी मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह के अंदर लेना है। मैंने कहा तो ले लीजिए मैंने अपने लंड को भाभी के मुंह में डाल दिया वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर अंदर बाहर करने लगी। अब मुझे तो मजा आने लगा था वह भी उत्तेजना की पूरी चरम सीमा पार कर चुकी थी। उनकी प्यास बढ़ने लगी थी और जैसे ही मैंने उनके बदन की गर्मी को महसूस करना शुरू किया तो वह कहने लगी अब आप भी थोड़ा सा मजे मुझे दीजिए। मैंने कहा क्यों नहीं मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर लगा दिया।

मैं जब उनकी चूत को चाट रहा था तो मुझे मजा आ रहा था और मैंने उनकी चूत को बहुत देर तक चाटा। जब मै उनकी चूत को चाट रहा था तो वह मुझे कहने लगी कि मुझे बड़ा मजा आ रहा है। मैंने अपने लंड को उनकी चूत के अंदर घुसा दिया था मैंने जब उनकी योनि के अंदर लंड को घुसाकर अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो उनके मुंह से चीख निकलने लगी। वह मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से चोदो अपनी पूरी ताकत लगा दो। मैंने कहा  अब मैंने अपनी स्पीड पकड़ ली है मैंने अपनी स्पीड पकड़ ली थी और उन्हें बड़ी तेज गति से चोदना शुरू कर दिया था। मै तेजी से उनको चोदने लगा मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा और जिस प्रकार से मैं अपने लंड को अंदर बाहर करता उससे उनकी गर्मी बुझने लगी थी। उनकी चूत से कुछ ज्यादा पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था वह मुझे कहने लगी आप अपने लंड को मेरी गांड में डाल दो। मैंने उनको घोडी बनाया और एक ही धक्के से मैने अपने लंड को उनकी गांड के अंदर घुसा दिया।

मेरा लंड उनकी गांड में घुसते ही वह चिल्लाने लगी और कहने लगी मेरी गांड दर्द हो रही है। मैंने कहा कोई बात नहीं है आपको अच्छा लगेगा और यह कहते ही मैंने उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए। मेरा लंड उनकी गांड से टकराने लगा वह जिस प्रकार से अपनी गांड को टकरा रही थी मैंने उनकी गांड के घोड़े खोल दिए थे। मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं अपने लंड को अंदर बाहर करता जा रहा था मैंने उन्हें कहा कि क्या मैं आपकी गांड में माल गिरा दूं। वह कहने लगी हां गिरा देना मैंने अपने माल को उनकी गांड मे गिरा दिया। उनके बड़ी गांड मारकर मुझे बहुत मजा है जिस प्रकार से मैंने उनकी गांड की मजे लिए वह यादगार है। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे मैंने उन्हें कहा भाभी जी आप तो बड़ी लाजवाब है। वह कहने लगी लेकिन मेरे पति कुलदीप तो मेरी तरफ देखते ही नहीं है इनके बस की कुछ है। मैंने उन्हें कहा कोई बात नहीं अब मैं जब चंडीगढ़ आऊंगा तो आपसे जरूर मिला करूंगा। उनके चेहरे पर एक मुस्कान थी।