पति के जाते ही मैं घुस गया घर में

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मेरा नाम पंकज है और मेरा एक छोटा सा कारोबार है। मैं उसी कारोबार के सिलसिले में ज्यादातर इधर उधर ही रहता हूं और अपने घर पर कम ही रहना होता है। मैं अपने काम की व्यवस्था के चलते हैं ज्यादातर घर से बाहर ही रहता हूं। क्योंकि मुझे अपने बिजनेस को बहुत ऊपर तक ले कर जाना था। इसलिए मैं उसमें बहुत ज्यादा मेहनत करता हूं। ताकि मेरा बिजनेस एक दिन शहर का सबसे बड़ा बिजनेस हो और मेरा नाम हो। इस वजह से मैं काफी मेहनत करता हूं। मेरे पिता जी ने भी मेरे साथ बहुत मेहनत की है। इसलिए मैं उन्हें अपना फ्रेंड मानता हूं और अपने काम को पूरे लगन से करता हूं। एक बार मैं अपने घर पर काफी दिनों तक था। तो हमारे पड़ोस में कुछ लोग रहने के लिए आए। उन्हें मैंने ही बताया था कि यहां पर घर खाली है तो आप वहां पर ले लीजिए।

जब मैंने उनसे पूछा था कि आपके घर पर कौन-कौन है तो उन्होंने मुझे बताया कि मैं मेरी वाइफ है। हमारी अभी नई नई शादी हुई है। उन्होंने मुझसे पूछा कि यहां पर किसी प्रकार की कोई समस्या तो नहीं है? मैंने उनको बताया बिल्कुल निश्चिंत रहें। आपको यहां पर कुछ भी समस्या नहीं होगी। कभी अगर आप घर से बाहर भी रहेंगे तो यहां पर सब बहुत ही मदद करने वाले हैं। मैंने उनसे पूछा कि आप क्या करते हैं?  तो वह कहने लगे कि मैं रेलवे में हूं और मैं ज्यादातर बाहर ही रहता हूं इस वजह से मेरी ड्यूटी की टाइमिंग का कुछ पता नहीं होता। इसलिए मैंने आपसे यह बात पूछी कि यहां पर सेफ्टी का कोई प्रॉब्लम तो नहीं है। मैंने भी उन्हें बताया कि मेरा भी एक छोटा सा बिजनेस है। इसलिए मुझे भी कई बार बाहर जाना होता है। तो वह मुझे कहने लगे ठीक है आप मुझे काफी सज्जन लगे। अब आपसे दोबारा मुलाकात होती रहेगी। यह कहते हुए बहुत चले गए। जब वह कुछ दिनों बाद वहां आए तो उन्होंने अपना सामान शिफ्ट करवा दिया था।

उनके साथ में उनकी पत्नी भी थी। जो काफी सुंदर और साधारण सी लग रही थी बहुत ही सिंपल थी। अब उन्हें हमारे बगल में रहते हुए काफी समय हो चुका था।एक दिन वह अपनी कार से आ रही थी। तो उनकी कार का एक छोटा सा एक्सीडेंट हो गया। मैंने वह देख लिया। जब मैंने देखा तो वह भाई साहब की बीवी थी जो हमारे बगल में रहने के लिए आए हुए थे। मैं तुरन्त ही वहां गया। मैंने उनसे पूछा आपको ज्यादा चोट तो नहीं आई? उन्होंने बोला ज्यादा तो नहीं आई है लेकिन मुझे थोड़ा तकलीफ हो रही है तब मैं उन्हें तुरंत ही हॉस्पिटल ले गया। जब मैं हॉस्पिटल ले गया तो मैंने उनसे पूछा क्या मैं भाई साहब को फोन कर दूँ? उन्होंने बोला नहीं उन्हें मत बताओ। नहीं तो उन्हें चिंता हो जाएगी और ऑफिस से घर आ जाएंगे। तो मैंने उन्हें बताना सही नहीं समझा। अब डॉक्टरों ने कुछ दवाइयां दी और थोड़ी सी पट्टी कर दी। उसके बाद हम लोग घर वापस आ गए। घर वापस आते हुए मैंने उनका नाम पूछा तो उनका नाम पायल था। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा और कहने लगे कि आपने मेरी काफी मदद की। इसके लिए मैं आपको दिल से शुक्रिया कहना चाहती हूं। मैंने उन्हें कहा इसमें कोई धन्यवाद कहने वाली बात है! यह तो हमारा फर्ज था इसलिए मैंने आपकी मदद की और अब हमारी बातें भी होने लगी थी।

अब जब भी पायल भाभी मुझे देखती तो हमेशा मुझे देख कर मुस्कुरा देती थी। जिससे मुझे भी उन्हें देखकर बहुत ही खुशी मिलती और एक दिन मैंने उनसे पूछा क्या आप की तबीयत अब ठीक है। वह कहने लगी अब तो बहुत आराम है थोड़ा बहुत हाथ में दर्द रहता है लेकिन कुछ समय बाद वह भी ठीक हो जाएगा। मैंने कहा यह तो बहुत अच्छी बात है आप की तबीयत अब ठीक होती जा रही है। उन्होंने मुझे कहा कि कभी आप घर पर आओ तो आपके लिए मैं अच्छा सा कुछ बना कर रखूंगी। मैंने उन्हें कहा नहीं यह सब कुछ करने की जरूरत नहीं है आप की तबीयत वैसे ही ठीक नहीं है आप एक काम कीजिए। जब आपके पास समय हो तो मैं आपको एक बढ़िया सी जगह पर लेकर चलता हूं। तो वह मुझे कहने लगी कि ठीक है जब आपके पास टाइम हो तो आप मुझे बता दीजिएगा मैं तो वैसे भी घर पर ही रहती हूं। मैंने उन्हें कहा आपके पास किस समय टाइम है जब हम लोग घूमने चल सके। उन्होंने कहा आप एक काम किजिए परसों के दिन में हम लोग चलते हैं। अब वो मान गई। मैं उन्हें पहले तो मूवी दिखाने ले गया मूवी के दौरान ही मैंने उनके स्तनों और गांड को दबा दिया था। जिससे कि वह भी मेरे इरादे भाप चुकी थी और उन्हें भी लगने लगा था कि आज मैं उनकी चूत मार कर ही रहूंगा। वह मेरी तरफ आकर्षित होने लगी थी। उसके बाद मैं उन्हें एक बहुत ही बेहतरीन रेस्टोरेंट में ले गया जो शहर का मशहूर रेस्टोरेंट है वहां पर बहुत बढ़िया चीजें मिलती हैं। हम लोगों ने उस दिन बहुत इंजॉय किया।

हम लोग जब अपने घर आए तो मैंने उनसे पूछा भाई साहब कहां हैं। वो कहने लगी वह तो आज जॉब पर हैं अब कल सुबह ही उनका आना होगा। उन्होंने मुझे अपने घर आने के लिए कहा वह कहने लगी कुछ देर वहा बैठेंगे फिर आप अपने घर पर वापस चले जाइएगा। मैं अब उनके घर पर चला गया मैंने उनके घर पर देखा तो उन्होने काफी अच्छे से सजावट कर रखी थी। मैंने उन्हें कहा आपने घर तो बहुत अच्छे से सजा रखा है। वह कहने लगी मुझे बहुत शौक है इसलिए मैं यह सब करती रहती हूं। वह मुझे कहने लगी मैं कपड़े चेंज कर लेती हूं। जैसे ही वह दूसरे रूम में कपड़े चेंज करने गई तो मैं भी उनके पीछे छुपके से देखने लगा। जब मैं देख रहा था तो अचानक से मेरा पैर फिसल गया और दरवाजा खुल गया। जैसे ही दरवाजा खुला तो वो एकदम नग्नावस्था में थी। मैंने अपने हाथ से अपने लंड को पकड़ा हुआ था और वह यह सब देखकर काफी हैरान रह गई।

मैं उनके पास उठकर गया और उनके स्तनों को अपने हाथ से दबाने लगा। जैसे ही मैंने उनके स्तनों को हाथ लगाया तो वह काफी मुलायम और अच्छे थे। मैं ऐसे ही उनके स्तनों को अब अपने हाथ से दबाने लगा मैंने अपने मुंह में उनके निप्पल को ले लिया बहुत देर तक मै ऐसे ही उनका दूध पिता रहा और अपने मुंह से चूसता रहा। मेरा भी पानी गिरने लगा था उन्होंने उसे अपने हाथ में जैसे ही पकड़ा तो मेरे अंदर से एक करंट सा लग गया। अब वह मरे लंड को बड़ी तेजी से हिलाने लगी वह तुरंत ही अपने मुंह में लेने लगी। जैसे ही उन्होंने अपने मुंह में लिया तो उन्होंने अपने गले के अंदर तक मेरे लंड को समा लिया और उसे अच्छे से चूसने लगी। वह बहुत देर तक ऐसे ही करती गई मैंने भी उनके नरम होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू किया और ऐसे ही काफी देर तक उनके होठों को मैं अपने होठों में लेकर चूस जा रहा था। मैंने उन्हें अपने हाथों से उठाते हुए उनके बिस्तर पर लेटा दिया और उनके दोनों पैरों को खोलते हुए उनकी चूत को चाटने शुरू किया।

जब मैं उनकी चूत को चाटता तो उससे पानी निकलता और उनकी पूरी चूत गीली हो गई। मैंने अच्छे से चाटा और उसके तुरंत बाद मैंने अपने लंड को उनकी योनि में लगाकर अंदर घुसा दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को डाला तो वह सिसकियां लेने लगी और मादक आवाज निकालने लगी। जो कि मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने लगी और मैं उनके स्तनों को दबाने लगा और उन्हें बड़ी तेजी से चोदने लगा। अब मैंने अपनी स्पीड बहुत ज्यादा बढ़ा ली मैं उन्हें इतनी तेज तेज झटके मारने लगा कि उनका पूरा शरीर हिलता और वह मुझसे लिपट कर ऐसे ही लेटी रही। मैं भी बड़ी तेजी से झटके मार रहा था और अब मैंने उनके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया। मुझे यह प्रतीत हो गया था कि मेरा वीर्य पतन होने वाला है इसलिए मैंने बड़ी तेजी से झटके मारने शुरू किए। मेरे आनंद जब चरम सीमा पर था तो मेरी एक बूंद गिरी और उसके बाद तो पूरा का पूरा वीर्य उनकी चूत में जा गिरा। जिससे कि मेरे शरीर की सारी ताकत खत्म हो गई मैंने अब अपने लंड को बाहर निकाला। उन्होंने थोड़ी देर तक तो अपने मुंह में लेकर सकिंग किया अब उनका भी मन भर गया था तो हम दोनों ऐसे ही बैठ कर बातें करने लगे।  काफी देर तक हमने बातें की उसके बाद मैं अपने घर चला गया। लेकिन पायल भाभी की चूत मारने में मुझे जो आनंद मिला वह आज तक किसी किसी मारने में मुझे मजा नहीं आया।