पैसे दे दो और गांड ले लो

Hindi sex stories, antarvasna गगन और मेरी दोस्ती कई साल पुरानी है हम दोनों एक दूसरे से कॉलेज के दौरान मिले थे और उसके बाद हमारी दोस्ती अब तक चली आ रही है। हम दोनों ने अभी तक शादी नहीं की है हम दोनों को करीब एक दूसरे को जानते हुए 8 वर्ष हो चुके हैं हम दोनों एक साथ बिजनेस भी करते हैं और हम दोनों बिजनेस पार्टनर भी हैं। हमारे जीवन में सब कुछ बड़े अच्छे तरीके से चल रहा था गगन और मैं अपने बिजनेस पर पूरी तरीके से ध्यान देते हैं और हम लोग अपने काम के प्रति बहुत ईमानदार है लेकिन ना जाने कहां से गगन की जिंदगी में आशा आ गई। गगन ने मुझे आशा से काफी समय बाद मिलवाया गगन ने मुझे अपने रिलेशन के बारे में कुछ नहीं बताया था गगन मुझसे हर एक बात शेयर किया करता था लेकिन उस वक्त उसने मुझसे अपने रिलेशन के बारे में कुछ भी बात नहीं कही।

मुझे लगा कि शायद उसने मुझसे यह बात छुपाकर गलत किया लेकिन उसके बाद मैं इस बात को भूल गया और  गगन और मैं हमेशा से हर एक बात को एक दूसरे से शेयर किया करते थे। इस बात को मुझसे गगन ने काफी समय तक छुपा कर रखा लेकिन जब गगन ने मुझे आशा से मिलवाया तो मुझे आशा की नीयत कुछ ठीक नहीं लगी। हम दोनों के पास एक अच्छा बिजनेस जिससे कि हम लोगों ने काफी पैसा भी कमाया था और हम दोनों अपनी अच्छी जिंदगी जी रहे थे। मुझे लगा कि गगन शायद आशा को अच्छे से जानता होगा या उसके बारे में सब कुछ मालूम होगा लेकिन जब गगन ने मुझे बताया कि उसकी आशा से एक पार्टी के दौरान मुलाकात हुई और उन दोनों ने एक दूसरे को पसंद कर लिया तो मुझे इस बात पर बड़ा ही अजीब सा महसूस हुआ। मुझे लगा कि इतनी जल्दी गगन और आशा के बीच में कैसे प्यार हो सकता है वह भी पहली मुलाकात में, मैं नहीं चाहता था कि गगन किसी भी मुसीबत में पड़े। गगन आशा के पीछे पूरी तरीके से पागल हो चुका था इसीलिए उसने मुझे कहा कि वह आशा से शादी करने के बारे में सोच रहा है। मैंने गगन से कहा इसमें इतनी जल्दी करने की क्या आवश्यकता है तुम्हें थोड़ा और समय आशा के साथ बिताना चाहिए उसके बाद ही तुम्हें ऐसा कोई फैसला लेना चाहिए।

शादी कोई बच्चों को खेल तो है नहीं कि आज शादी कर ली और कल को तोड़ दी तुम्हें थोड़ा समय आशा के साथ बिताना चाहिए और उसके बारे में जानना चाहिए उसके बाद ही तुम्हें शादी के बारे में कोई फैसला करना चाहिए। गगन तो जैसे मेरी बात सुनने को तैयार ही नहीं था गगन के नेचर में भी बदलाव आने लगा वह अब पहले की तरह काम पर ध्यान ही नहीं दिया करता था। वह आशा से फोन पर बात किया करता और ज्यादातर समय उसके साथ ही बिताया करता मैं इस बात से बहुत ज्यादा चिंतित था क्योंकि गगन सिर्फ मेरा दोस्त ही नही बल्कि मेरा बिजनेस पाटनर भी है और इस वजह से हमारे बिजनेस पर भी फर्क पड़ने लगा था। मैं नहीं चाहता था कि हमारे बिजनेस पर इसका कोई गलत प्रभाव पड़े मैंने सोच लिया कि अब मैं आशा के बारे में सब कुछ पता लगवा कर रहूंगा क्योंकि ना तो आशा के बारे में गगन को कुछ मालूम था और ना ही मुझे आशा के बारे में कुछ मालूम था। गगन ने मुझसे आशा को सिर्फ तीन या चार बार मिलवाया था लेकिन मैंने आशा के बारे में पूरी तरीके से जानकारी लेने की सोच ली थी। एक दिन मैं आशा का पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंच गया मैंने आशा का घर देख लिया था और उसके बाद मैंने आशा के बारे में आस-पड़ोस में जानकारी लेने की कोशिश की लेकिन मुझे कुछ जानकारी नहीं मिली। आशा के आस-पड़ोस में सब लोग कह रहे थे कि हम लोग कुछ समय पहले ही यहां आए हैं हम लोगों ने यह घर कुछ समय पहले ही खरीदा है, मुझे सिर्फ इतनी जानकारी मिल पाई थी कि आशा के पिताजी स्कूल में कलर थे। मैं इस बात से संतोष नहीं था मैं चाहता था कि मुझे आशा के बारे में और भी जानकारी मिले मैं हर रोज उसके घर के आसपास चला जाया करता था और वहां आस-पड़ोस में मैं उसके बारे में पता लगाने की कोशिश करता।

अब तक सिर्फ मेरे हाथ इतनी ही जानकारी लगी थी की आशा के पिताजी स्कूल में क्लर्क है और वह तीन बहने हैं मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे इस स्थिति में क्या करना चाहिए। एक दिन मेरे हाथ इतनी सारी जानकारी लगी कि मैं अब आशा के बारे में सब कुछ जान चुका था मैं एक दिन अपनी कार में ही बैठा हुआ था शायद मुझे आशा के घर के बाहर एक पान वाला देख रहा था और वह मुझे काफी देर से देख रहा था लेकिन मेरी नजर उस पर गयी ही नहीं। उसने मुझे आवाज देते हुए अपने पास बुलाया और कहा भैया मैं आजकल आपको हमेशा यहां पर देखता हूं क्या आप किसी से मिलने आते हैं। मैंने उसे कहा नहीं तो लेकिन वह मेरी आंखों को पढ़ चुका था और कहने लगा भैया आप जरूर किसी काम से आते हैं आप मुझे बताइए आप किस काम से यहां आते हैं तो क्या पता मैं आपकी मदद कर दूँ। मैंने उसे आशा की तस्वीर दिखाई तो वह कहने लगा इसका नाम तो आशा है यह सुनकर मेरे अंदर थोड़ी सी उम्मीद जाग गयी मैंने उसे कहा क्या तुम इसे जानते हो। वह कहने लगा मैं इसके बारे में अच्छे से जानता हूं यह लड़की मुझे कुछ ठीक नहीं लगी मैं हमेशा देखता हूं की इसके साथ कोई ना कोई नया व्यक्ति नजर आता है और इसके पिताजी स्कूल में एक क्लर्क थे लेकिन इसके शौक बहुत ही बड़े हैं और मुझे जरूर दाल में कुछ काला लगता है।

मैंने उस पान वाले से कहा भैया तुम बिल्कुल सही कह रहे हो ना, वह मुझे कहने लगा अरे भैया सौ टके सच कह रहा हूं यदि मैं झूठ बोलता तो इसमें मुझे क्या मिलने वाला है। मैंने उसे कहा मैं आपको कुछ और पैसे दूंगा लेकिन आप को मुझ तक आशा की सारी जानकारी पहुंचानी होगी वह मुझे कहने लगा ठीक है आपका काम हो जाएगा। मैंने उसे पांच सौ रुपये दिए और कहा मेरा काम हो जाना चाहिए आपके ऊपर ही अब मैं पूरी तरीके से भरोसा कर सकता हूं। वह कहने लगा आप बिल्कुल निश्चिंत रहिए आपको मैं पूरी जानकारी दे दूंगा। कुछ दिनों बाद मैं उससे मिलने के लिए दोबारा गया तो उसने अपने मोबाइल से कुछ फोटो खींची हुई थी वह अलग अलग लोगों के साथ थी मुझे इस बात का तो यकीन हो गया थी की आशा ने जरूर गगन के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। मेरे पास उन लोगों की तस्वीरें आ चुकी थी जिनके साथ आशा नजर आया करती थी मैं उन लोगों से मिला जिसके साथ आशा रहती थी। मैं जब उन लोगों से मिला तो मुझे मालूम पड़ा कि आशा का उन लोगों से अफेयर चल रहा है और उसने उन्हें भी झुटे प्यार में फंसा रखा है। इसी प्रकार से उसने गगन को भी अपने झूठे प्यार के जाल में फंसाया हुआ था मैं समझ चुका था कि इसमें पूरी तरीके से आशा की ही गलती है। मैंने इस बारे में गगन से बात करने की सोची लेकिन मुझे लगा कि यदि मैं गगन को इस बारे में बताऊंगा तो शायद गगन को बुरा लग जाएगा इसीलिए मैं चाहता था कि आशा ही खुद उसकी जिंदगी से दूर चली जाए। मैंने आशा से बात की और उसे कहा देखो आशा मुझे अब तुम्हारे बारे में सब कुछ मालूम चल चुका है और मैं चाहता हूं कि तुम गगन की जिंदगी से दूर चली जाओ लेकिन आशा कुछ सुनने को तैयार ही नहीं थी। वह मुझसे कहने लगी आपको शायद मेरे बारे में कुछ गलतफहमी हुई है मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हूं मैंने उसे कहा मैं तुम्हें तुम्हारी तस्वीर दिखाता हूं।

मैंने जब अन्य लोगों के साथ उसकी तस्वीरें उसे दिखाई तो वह दंग रह गई वह मुझे कहने लगी मुझे माफ कर दीजिए आज के बाद मैं कभी भी गगन के आस पास नहीं आऊंगी। आशा मुझसे कहने लगी मैं आज के बाद कभी भी गगन के आसपास नहीं देखूंगी, मैंने उसे कहा आखिरकार तुम चाहती क्या थी। जब उसने मुझे अपनी मंशा बताई तो मैं पूरी तरीके से चौंक गया। वह मुझे कहने लगी मुझे सिर्फ पैसों की भूख है और मैं पैसो के लिए किसी की भी जिंदगी बर्बाद कर सकती हूं। मैंने उसे अपने पास बुलाया और उसके बदन को मैंने सहलाना शुरू किया मैंने उसे कहा तुम किसी के साथ भी सेक्स कर सकती हो वह मुझे कहने लगी हां मुझे सिर्फ पैसों की जरूरत है। मैंने उसे पैसे दिए और उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह मे ले लो, उसने मेरी पैंट को खोलते हुए मेरे लंड को बाहर निकाला और उसे चूसने लगी। वह बड़े ही अच्छे से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी मेरे अंदर से पूरा जोश बाहर आने लगा और मैं पूरे जोश में आ गया। उसने काफी देर तक मेरे लंड को सकिंग किया जिससे कि मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गया।

मैं अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक सका मैंने उसके कपड़े उतार दिए और मैंने उसकी योनि में अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी। मैंने उसकी चूतडो को पकड़ा और बड़ी तेजी से उसे धक्के देने शुरू किए मुझे उसकी चूत मारने में बहुत मजा आ रहा था और मैं लगातार तेजी से उसे धक्के दिए जाता। काफी देर तक मैंने उसकी योनि के मजे लिए और जब मै पूरी तरीके से संतुष्ट हो गया तो वह मुझे कहने लगी क्या आपकी इच्छा भर चुकी है। मैंने उसे कहा नहीं अभी नही मुझे तुम्हारी गांड के मजे लेने हैं, वह कहने लगी नहीं ऐसा मत करो लेकिन मैंने उसकी गांड में अपने लंड को घुसा दिया। जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी गांड में घुसा तो वह चिल्ला उठी वह कहने लगी आपने तो मेरी गांड में दर्द कर दिया है। मैंने उसे कहा तुम मेरा साथ दो बस मैं उसे तेजी से धक्के मारता रहा और उसे भी बड़ा मजा आता काफी देर तक मैं उसकी टाइट गांड के मजे लिए जा रहा था। जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मुझे बहुत मजा आया और उसे भी बड़ा मजा आया, अब आशा गगन की जिंदगी से दूर जा चुकी है।