पहली बार मुझसे चूत मरवाई

Antarvasna, hindi sex story: मुझे कोलकाता में आए हुए अभी सिर्फ एक महीना ही हुआ था मेरा ट्रांसफर कुछ समय पहले ही कोलकाता हुआ। एक दिन मैं अपने ऑफिस जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था मैं बस स्टॉप पर ही खड़ा था लेकिन उस वक्त बस स्टॉप पर बहुत ही ज्यादा भीड़ थी जैसे ही बस आई तो उस भीड़ में मैं जैसे तैसे बस में चढ़ गया। जब मैं बस में चढ़ा तो बस इतनी खचाखच भरी हुई थी कि बस में हिलने की भी बिल्कुल जगह नहीं थी, किसी तरीके से कंडक्टर मेरे पास आया और मैंने उसे पैसे दिए उसने मेरी टिकट काट दी थी। उस दिन मैं जब अपने ऑफिस पहुंचा तो मैंने अपने दोस्त से कहा कि आज सुबह बस में काफी ज्यादा भीड़ थी तो उसने मुझे कहा कि तुम क्यों ना कोई मोटरसाइकिल खरीद लो। मैंने उससे कहा तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो और फिर उस बीच मैंने एक मोटरसाइकिल खरीद ली।

मैं जिस कॉलोनी में रहता था उस कॉलोनी में मेरी दोस्ती रोहित के साथ हो गई थी रोहित कोलकाता का ही रहने वाला है और वह अक्सर मुझे मिलने के लिए आ जाया करता था। रोहित और मेरे बीच काफी अच्छी दोस्ती थी इसलिए मैं भी उसके घर पर चला जाया करता था। एक दिन मैं रोहित के घर गया हुआ था उस दिन रोहित की मम्मी कहने लगी कि राजेश बेटा आज तुम हमारे घर पर ही खाना खा कर जाना। मैंने उस दिन रोहित के घर पर ही खाना खाया मैं खाना खाकर अपने घर लौट आया था और अगले दिन मुझे अपने ऑफिस जल्दी जाना था लेकिन उसी रात मुझे रोहित का फोन आया और वह कहने लगा कि राजेश क्या तुम कल मुझे मेरे ऑफिस तक छोड़ दोगे। मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें तुम्हारे ऑफिस तक छोड़ दूंगा क्योंकि रोहित की मोटरसाइकिल में कुछ खराबी आ गई थी इस वजह से उसने मुझे फोन किया था। अगले दिन मैंने रोहित को उसके ऑफिस छोड़ा और उसके बाद मैं अपने ऑफिस चला गया।

कुछ दिनों के लिए मैं अपने घर हैदराबाद जाना चाहता था इसलिए मैं अपने ऑफिस से छुट्टी लेकर कुछ दिनों के लिए हैदराबाद चला गया और जब मैं हैदराबाद गया तो उस बीच मैं अपने मामा के लड़के से मिला। मेरे मामा के लड़के का नाम आकाश है आकाश ने मुझे बताया कि उसने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू दिया था जिसमें कि उसका सिलेक्शन हो गया। वह मुझे कहने लगा कि उसका सिलेक्शन हो जाने के बाद वह कुछ दिनों के लिए कलकत्ता आना चाहता है क्योंकि कोलकाता में ही उसकी ट्रेनिंग होने वाली थी। मैंने उसे कहा कि तुम मेरे पास ही कुछ दिनों के लिए रुक जाना वह मुझे कहने लगा कि लेकिन तुम वहां कब जाओगे तो मैंने उसे कहा कि बस मैं दो दिन बाद निकल जाऊंगा। वह मुझे कहने लगा कि ठीक है मैं भी तुम्हारे साथ ही चल पड़ूंगा और हम दोनों ने प्लेन की टिकट करवा दी थी। जब हम लोगों ने प्लेन की टिकट करवाई तो उसके बाद मैं और आकाश कोलकाता आ गए आकाश की कुछ दिनों की ट्रेनिंग थी और अपनी ट्रेनिंग खत्म करने के बाद वह वापस हैदराबाद चला गया। वह हैदराबाद जा चुका था और उस बीच मुझे एक दिन रोहित मिला रोहित मुझे कहने लगा कि राजेश तुम आ गये और तुमने मुझे बताया भी नहीं। मैंने उसे कहा कि इस बीच मैं काफी ज्यादा बिजी भी हो गया था और मेरे मामा जी का लड़का भी यहां आया हुआ था। रोहित कहने लगा चलो कोई बात नहीं उसने मुझसे पूछा कि तुम्हारे घर पर सब लोग कैसे हैं तो मैंने उसे बताया कि घर में सब लोग अच्छे हैं। एक दिन मैं अपने छत पर टहल रहा था उस दिन पापा का फोन आया और वह कहने लगे कि राजेश बेटा तुम कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ मैंने उन्हें कहा पापा अभी तो मैं घर नहीं आ सकता लेकिन उन्होंने मुझे बताया कि मैं कुछ दिनों बाद रिटायर होने वाला हूं और वह चाहते थे कि वह एक पार्टी अरेंज करें तो मुझे भी कुछ दिनों के लिए घर जाना पड़ा इसलिए मैं भी कुछ दिनों के लिए घर चला गया। मैं जब घर गया तो पापा की रिटायरमेंट की पार्टी बड़े ही अच्छे से हुई उसके बाद मैं वापस कोलकाता लौट आया मैं जब कोलकाता वापस लौटा तो उसके बाद मैं अपने ऑफिस जाने लगा। एक दिन मैं अपने ऑफिस जा रहा था तो उस दिन मेरी टक्कर एक लड़की के साथ हो गई। हालांकि मेरी कुछ भी गलती नहीं थी इसलिए उसे ही मुझ से माफी मांगनी पड़ी और उसके कुछ दिनों बाद मुझे वह लड़की दोबारा से दिखी तो उस दिन उसने मुझे अपना नाम बताया और मैंने भी उसके बाद प्रतिभा से बात करनी शुरू कर दी।

प्रतिभा और मैं एक दूसरे से बात करने लगे थे हम दोनों की दोस्ती काफी अच्छी हो गई थी प्रतिभा से जब भी मैं बात करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। वह भी मुझसे बात कर के काफी खुश हो जाती थी। प्रतिभा का भरोसा दिन ब दिन मेरे ऊपर बढ़ता ही जा रहा था इसलिए मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था एक दिन मैंने प्रतिभा को अपने घर पर बुला लिया जब प्रतिभा घर पर आई तो वह मुझे कहने लगी क्या तुम अकेले ही रहते हो? मैंने उसे कहा हां मैं तो अकेला ही रहता हूं। वह कहने लगी कि तुम कैसे मैनेज कर लेते हो मैंने उसे कहा बस अब आदत हो चुकी है मैंने प्रतिभा से कहा मैं तुम्हारे लिए कुछ बना देता हूं? वह कहने लगी नहीं राजेश रहने दो मैंने उसे कहा अभी मैं तुम्हारे लिए बाहर से कोल्डड्रिंक ले आता हूं और मैं बाहर दुकान में चला आया वहां से मैंने कोल्ड ड्रिंक ली और उसके बाद में वापस लौटा तो हम दोनों ने कोल्ड ड्रिंक पी।

मैं प्रतिभा की तरफ देख रहा था और वह मेरी तरफ देख रही थी लेकिन जब मैंने अपने हाथ को उसकी जांघ पर रखा तो वह मचलने लगी थी उसकी अंदर आग बढ़ने लगी थी और वह चाहती थी कि वह मेरे साथ संभोग करें। मैंने जब उसके होठों को चूम लिया तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी उसके होठ अब मेरे होठों से टकराते तो वह उत्तेजित हो जाती उसने अपने कपड़ों को मेरे सामने उतारना शुरू किया वह मेरे सामने पैंटी ब्रा में थी मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और जब मैंने प्रतिभा के स्तनो को देखा तो उसके स्तन बड़े ही गोरे थे मैंने उन्हें अपने हाथों में लेकर कुछ देर तक दबाया। जब मैं ऐसा कर रहा था तो प्रतिभा बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी वह कहने लगी तुम जल्दी से अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दो। मैंने उसके निप्पल को चूसना शुरू किया मैं जब ऐसा कर रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए थे मैंने जब उसकी पैंटी को उतारा तो उसकी पैंटी पूरी तरीके से गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी तरफ देखा मैंने जब उसकी तरफ देखा तो मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया मैं उसकी चूत को चाटता तो मुझे मज़ा आ रहा था मैंने उसकी चूत को बहुत ही अच्छे से चाटा वह पूरी तरीके से खुश हो चुकी थी। अब मैंने उसे कहा क्या मैं तुम्हारी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दूं? वह कहने लगी क्यों नहीं और मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी चूत पर लगाया तो मेरा लंड धीरे-धीरे उसकी योनि के अंदर तक चला गया जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर गया तो वह जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो मैंने उसे तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। जब मैं ऐसा कर रहा था तो मेरे अंदर की आग लगातार बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की आग इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी गर्मी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूं। वह कहने लगी मुझे भी बहुत ही अच्छा लग रहा है लेकिन उसकी चूत से बहुत ही ज्यादा खून निकल रहा था। मैंने उसे कहा क्या पहले तुमने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है? वह मुझे कहने लगी नहीं राजेश यह मेरा पहला ही मौका है।

मैं तो इस बात से बहुत ज्यादा खुश हो गया था मैंने उसे तेजी से चोदना शुरू कर दिया था लेकिन मेरा माल बाहर आने का नाम नहीं ले रहा था इसलिए मैं उसे डॉगी स्टाइल पोजीशन में बनाते ही चोदना लगा। मैंने ऐसा किया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब मैंने उसकी चूत के अंदर तक लंड को घुसा दिया था मैं जब ऐसा करता तो उसकी चूतडे मुझसे टकराती जब वह ऐसा करती तो मुझे बहुत ही मजा आता उसकी चूतड़ों का रंग भी अब लाल होने लगा था। मैंने उसे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है और मुझे इतना अधिक मजा आ रहा है कि मैं तुम्हें सिर्फ ऐसे ही चोदता रहू वह मुझसे अपनी चूतड़ों को बड़े अच्छे से मिलाए जा रही थी जिस कारण मेरे अंदर की गर्मी भी लगातार बढ़ती जा रही थी।

अब मैंने भी अपने वीर्य को उसकी चूतडो पर गिरा दिया और उसके बाद मैंने अपने लंड को साफ किया। मैंने प्रतिभा से कहा क्या तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लोगी तो उसने भी मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक उतार लिया था और वह बहुत देर तक मेरे लंड को सकिंग करती रही। मेरे अंदर की गर्मी को उसने दोबारा से जगा दिया था इसलिए मैं एक बार और उसकी चूत मारने के लिए बेताब था मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत मारना चाहता हूं तो वह मुस्कुराने लगी। मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश की और उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया मेरा लंड उसकी योनि के अंदर गया तो वह मेरा साथ बडे अच्छे तरीके से देने लगी थी और मुझे मजा आने लगा था। मैं उसे चोद रहा था और जब मैं उसे धक्के मारता तो मुझे बड़ा ही मजा आता और उसे भी बहुत आनंद आ रहा था काफी देर तक मैंने उसके साथ ऐसे ही संभोग किया। मैने अपने वीर्य को गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा किया।