पड़ोस की जुगाड़ लडकी को चोदा

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मेरा नाम शोभित है और मैं पंजाब का रहने वाला हूं लेकिन मुझे अपने पढ़ाई के सिलसिले में अपने भाई के पास आना पड़ा। मेरा भाई कोलकाता में रहता है और मेरे पिताजी ने कहा कि तुम दोनों भाई एक साथ रहो। इस बारे में उन्होंने मेरे भाई से भी बात की। मेरे भाई का नाम विजय है और वह कोलकाता में ही नौकरी करता है। वह मुझ से 2 वर्ष बड़ा है। उसने भी पिताजी को कहा कि तुम उसे मेरे पास ही भेज दो। वह यहीं पर पढ़ाई कर लेगा और उसके बाद यहां पर ही कोई नौकरी भी कर लेगा। जब मुझे यह बात पिताजी ने बताई तो मैंने उन्हें कहा कि ठीक है मैं भैया के साथ ही चला जाऊंगा और अब मैं उसके साथ ही चला गया था। जब शुरुआत में मैं कोलकाता आया तो मुझे बहुत ही अजीब सा महसूस हो रहा था। क्योंकि मैं वहां पर किसी को अधिक जानता भी नहीं था और मेरे किसी से इतना परिचय भी नहीं था कि मैं उनके साथ कहीं जा सकता। कभी मेरे भाई के पास समय होता तो वह मुझे अपने साथ घुमाने ले जाता। या फिर हम दोनों कहीं पर एक साथ चले जाते। ऐसे ही काफी समय बीता चला गया और मैं अपने कॉलेज से सीधा घर आता। अब कॉलेज में भी मेरे कुछ दोस्त बनने लगे थे। जिनके साथ मैं समय बिताने लगा।

मैं अपने दोस्तों को अपने घर पर भी बुला लेता और कभी उनके घर पर भी मैं चला जाता था। एक दिन मेरे भैया और मैं घर पर ही थे तो हम दोनों शाम को छत पर टहलने लगे। हम दोनों छत पर टहल रहे थे तो तभी सामने के घर में एक सुंदर सी लड़की दिखाई दी। वह भी थोड़ी देर बाद छत में आ गई। जब वह छत में आई तो वह भी हमें देख रही थी और हम भी उसे देख रहे थे लेकिन हम लोग ना तो उसे पहचानते थे और ना ही हमारा कोई परिचय उनसे था। क्योंकि हम लोग पड़ोसियो से ज्यादा बातें नहीं किया करते थे। मैं भी अपने कॉलेज निकल जाता था और मेरे भैया भी अपने घर से जॉब पर निकल जाया करते थे। इस वजह से हम लोगों का कॉलोनी में ज्यादा किसी से परिचय नहीं था। भैया ने कुछ दिनों बाद उस लड़की से मुझे मिलाया और कहने लगा कि यह मेरी गर्लफ्रेंड है। मैंने उन्हें कहा कि आप तो शायद हमारे पड़ोस में ही रहते हैं। वह कहने लगी हां मैं तुम्हारे पड़ोस में ही रहटी हूं। मुझे मेरे भैया ने बताया कि उसका उसका नाम पायल है। वह हमारे पड़ोस में ही रहती थी। अब वह  अक्सर हमारे घर पर मेरे भाई से मिलने आ जाया करती थी। मैंने एक दिन उसे पूछ लिया कि तुम दोनों की मुलाकात कैसे हो गई। वह कहने लगी कि जिस कंपनी में मैं मैंने इंटरव्यू के लिए अप्लाई किया था वहां पर विजय भी काम करता था। तो ऐसे ही मेरी मुलाकात विजय से हो गई। जब उसने मुझे बताया कि मैं आपके पड़ोस में रहता हूं तो हम लोगों की बातें काफी होने लगी। उसके बाद हम दोनों रिलेशन में आ गए और अब हम एक ही ऑफिस में जॉब भी करते हैं।

लेकिन मुझे उस लड़की का कुछ चाल चलन अच्छा नहीं लग रहा था। जब भी वह मुझसे मिलती तो वह मुझे भी बहुत ज्यादा घूर कर देखा करती है। लेकिन मैं यह बात अपने भाई से नहीं कह सकता था। अगर मैं उसे यह बात बता देता तो वह मुझ पर ही गुस्सा हो जाता और कहता कि तुम मेरी गर्लफ्रेंड को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हो। इसलिए मैंने उसे कुछ भी नहीं बताया। मैं अपने कॉलेज पर ही ध्यान दे रहा था। एक दिन जब मैं कॉलेज से वापस लौट रहा था। तो मैंने देखा कि पायल किसी लड़के से बात कर रही है लेकिन उसने मुझे नहीं देखा। वह लोग एक रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे। मुझे उस पर पहले से ही शक था कि वह कुछ अच्छे चाल-चलन की लड़की नहीं है अगर मैं अपने भाई को यह बात नहीं बताता तो शायद वह भी उस के चक्कर में बर्बाद हो जाता। इसलिए मैंने उसे यह बात बताना ही उचित समझा। मैंने उसे यह सब बात बता दी तो वह कहने लगा कि तुम उसके बारे में गलत सोच रहे हो। वह खुले विचारों की जरूर है लेकिन इस तरीके की लड़की नही है। मैं उसे इस तरीके की लड़की नहीं समझता और ना ही मैंने उसे कभी किसी ऐसे लड़के के साथ देखा है। वह मेरी बात का यकीन ही नही कर रहा था। क्योंकि वह मेरे भाई के साथ कुछ ज्यादा ही अच्छे से रहती थी। मेरा भाई उस पर बहुत विश्वाश करता था और उस पर खूब खर्चा भी किया करता था। मैंने उसे कई बार समझाया कि फालतू के खर्चे इस पर मत किया करो। नहीं तो तुम्हें काफी दिक्कत होगी लेकिन वह फिर भी समझने को तैयार नहीं था और कहता था कि ऐसी कोई बात नहीं है। हम दोनों एक दूसरे से बहुत ही प्रेम करते हैं लेकिन मुझे यह बात हजम नहीं हो रही थी और मैंने उसे कई बार इसके बारे में समझाने की कोशिश की पर वह समझने को तैयार ही नहीं था।

एक दिन मैं घर पर अकेला था और तभी पायल भी हमारे घर पर आ गई और पूछने लगे कि तुम्हारा भाई कहां पर है। मैंने उसे कहा वह ऑफिस गया है तुम्हें नहीं पता क्या तुम लोग तो साथ में ही काम करते हो। वह कहने लगी नहीं आज मैं ऑफिस नहीं गई और इस वजह से भी बात नहीं हो पाई। लेकिन वह फिर भी मेरे बगल में आकर बैठ गई और मैंने उसे कहा कि विजय घर पर नहीं है जब वह आएगा तो मैं तुम्हें बता दूंगा। वह मेरे बगल में बैठी हुई थी और मैं अपनी चादर के अंदर था। वह भी मेरे चादर के अंदर आ गई और मुझसे चिपक गई। मैंने उसे दूर होने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह अपनी गांड मेरे लंड से टच कर रही थी। अब मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मुझसे अपनी गांड टच कर रही थी। अब मैंने भी उसे कस कर पकड़ लिया और उसने भी मेरे लंड को पकड़ते हुए हिलाना शुरू किया। वह बड़ी तेजी से मेरे लंड को हिलाती जा रही थी और मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया। उसने बड़े प्यार से अपने मुंह के अंदर मेरा पूरा लंड को ले लिया। पायल ऐसे मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी जैसे मेरा छोटा सा हो लेकिन मेरा 9 इंच का था। उसके बावजूद भी उसने अपने पूरे मुंह के अंदर तक उसे समा लिया। मुझे बहुत मजा आ रहा था और वह इतने अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी जिससे मेरा लंड पूरा लाल हो गया।

मुझे बहुत ही आनंद आने लगा और मैंने उसे लेटाते हुए उसके सारे कपड़े खोल दिए। मैंने उसकी पैंटी को भी फाड दिया था और जब मैंने उसकी चूत देखी तो उसमें हल्के भूरे रंग के बाल थे। मैं उसके अंदर उंगली डालने लगा और वह चिल्लाने लगी थोड़ी देर बाद उसका पानी का रिसाव कुछ ज्यादा ही बढ़ गया तो मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाला तो वह बड़ी तेजी से चिल्लाने लगी और कहने लगे कि तुम्हारा तो बहुत ज्यादा मोटा है। इतना मोटा तो तुम्हारे भाई का भी नहीं है मैंने उसे पूछा कि तुमने मेरे भाई का लंड कब लिया। वह कहने लगी कि जिस दिन तुम घर पर नहीं थे उस दिन मैं तुम्हारे घर पर आई थी और उसने मुझे बहुत ही अच्छे से चोदा था। जब यह बात उसने मुझे कहीं तो मैंने भी उसे बहुत ही तेजी से चोदना शुरू कर दिया और वह बड़ी तेजी से चिल्लाने लगी। मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और उसके स्तनों को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने उसके स्तनों को भी काट दिया था और उन से खून निकलने लगा। मैंने उसके पूरे शरीर में नाखून मार दिए जिससे कि वह और ज्यादा उत्तेजित होने लगी और मुझे कहने लगी कि तुम तो जानवरों की तरह मुझे चोद रहे हो। मैंने उसे कहा कि मैं ऐसे ही चोदता हूं। तुम्हें अगर कभी भी मेरा लंड अपनी चूत मे लेना हो तो तुम मुझे बता दिया करो। वह कहने लगी कि तुम बहुत ही अच्छे से मुझे चोद रहे हो मुझे काफी मजा आ रहा है। मैं अब उसे और तेज धक्के मारने लगा जिससे कि उसका झड़ चुका था और मेरा वीर्य उसके योनि के अंदर ही झड़ गया। अब मैं आराम से बैठा हुआ था और वह भी मेरे लंड के ऊपर अपना सिर रखकर सो रही थी थोड़ी देर बाद वो अपने घर चली गई। जब तुम्हारे भैया आएंगे तो मुझे बता देना। जब भी मेरा मन होता तो मैं उसे घर पर बुला लेता हूं।