ऑफिस में अपनी चूत का उद्घाटन करवाया

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मैं एक गरीब परिवार की लड़की हूं और मेरा नाम मीनाक्षी है। मैं मुंबई की रहने वाली हूं लेकिन हमारे घर की स्थिति बहुत ही खराब हो गई। क्योंकि जब से मेरे पिताजी की तबीयत खराब हुई उसके बाद से उनके इलाज में उनके ऊपर बहुत कर्जा हो गया और वह कर्जा चुकाते चूकते वह बहुत ज्यादा टेंशन में आ गए और उनकी तबीयत और भी खराब रहने लगी। इसके चलते हमारी घर की स्थिति बहुत ज्यादा दयनीय हो गई और हमें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि अब हम कैसे अपनी स्थिति को सुधारें लेकिन फिर भी मेरी कुछ इच्छाएं होती थी। जिसे मैं अपने मन में ही दबा लेती थी। क्योकि वह इच्छाएं कभी भी पूरी नहीं होने वाली थी। एक दिन जब मैं मॉल  गई मैं मॉल भी अपनी जिंदगी में पहली बार गई। क्योंकि मैं सोचती थी कि मॉल में बहुत महंगे कपड़े मिलते हैं और सब कुछ वहां पर महंगा ही होता है। इस वजह से मैं कभी मॉल भी नहीं जाती। मेरे घर में ऐसा माहौल नहीं था कि हम लोग कभी मॉल जा सकें। जब मैं मॉल के अंदर गई तो मैंने वहां दुकानों के अंदर लगे कपड़ों को देखा तो मेरा भी मन उन्हें खरीदने का हुआ। परंतु मैं खरीद नहीं सकती थी। मैंने जैसे ही वहां लगे कपड़ों को छुआ तो वहां के कर्मचारियों ने मुझे वहां से भगा दिया और कहने लगे जब तुम्हारी हैसियत नहीं है तो तुम इन कपड़ों को हाथ भी मत लगाओ। मुझे अपने आप में बहुत ही बेज्जती महसूस हुई और मैं चुपचाप वहां से बाहर निकल आई।

एक लड़के ने मुझे आवाज़ दी और कहने लगा तुम्हारे साथ इन्होंने बदतमीजी की है। यह सब मुझे तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। वह मुझे मॉल के अंदर ले गया और उसने कहा कि तुम यहां से जो भी खरीदना चाहती हो वह खरीद लो। मैंने उसे मना किया और कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। मैं नहीं खरीद सकती लेकिन उसने मुझे जिद कर के कहा कि तुम्हें यहां से जो भी खरीदना है तुम खरीद सकती हो। इन लोगों ने तुम्हारी बेइज्जती की है। अब इन्हें तुमसे माफी मांगनी पड़ेगी। वह लड़का दिखने में बहुत ही अच्छा था। मुझे वह बहुत ज्यादा पसंद आया आ गया लेकिन मेरी हैसियत उसके सामने कुछ भी नहीं थी। उसने सूट बूट पहना हुआ था और सब लोग उसके पास आकर कहने लगे सर कहिए क्या लेना चाहते हैं। अब उन्होंने मुझे कपड़े दिखाएं और जब मैंने वह कपड़े लिए तो उसके बाद उस लड़के ने मुझे कहा कि तुम यह कपड़े यहीं पर पहनोगी और उसके बाद मैं ट्रायल रूम में कपड़े पहनने गयी। जब मैं कपड़े पहन कर बाहर आई तो मैं अपने आप को पहचान भी नहीं पा रही थी। क्योंकि मैंने बहुत सालों बाद कोई नये कपड़े खरीदे थे और वहां के कर्मचारियों ने मुझ से माफी भी मांग ली।

जब हम लोग बाहर आए तो वह लड़का भी मेरे साथ बाहर आया और कहने लगा की तुम्हें कहां छोड़ना है। मैंने उसे कहा मैं खुद ही चली जाऊंगी लेकिन वह जिद करने लगा और कहने लगा कि मैं तुम्हें छोड़ देता हूं। जब उसने अपनी गाड़ी निकाली थी तो वह बहुत ही महंगी कार थी। उसने मुझे अपने साथ बैठा लिया और अब वह मुझे मेरे घर तक छोड़ने आया। उसने मुझे मेरे घर पर छोडा और वह जब वापस जा रहा था तो मैंने उससे उसका नाम पूछा। उसका नाम कविलाश था और वह एक नेक इंसान है। तब वह वापिस जाने लगा। मैं रात भर उसके ख्यालों में खोई रही और वह मॉल वाली बात याद करने लगी। मैं सोचती रही कि वह कितना अच्छा इंसान है लेकिन शायद मुझे कभी उम्मीद ही नहीं थी कि वह मुझे दोबारा से मिलेगा। या मुझे मिलने आएगा।

कुछ समय बाद वह मेरे घर पर आया तो मैं उसे देखकर हैरान रह गई। उसने मुझे कहा कि मैं तुम्हें अपने साथ ले जाने आया हूं और तुम मेरी कंपनी में काम करोगी। पहले तो मैंने उसे मना कर दिया। मैंने कहा कि नहीं मैं तुम्हारे साथ नहीं चल सकती लेकिन अंदर ही अंदर से मैं यह चाहती थी कि मैं उसके साथ काम करने उसके ऑफिस जाऊं। अब वह जबरदस्ती मुझे अपने साथ लेकर अपने ऑफिस ले गया और मुझे उसने काम सिखाया। फिर मैं उसके ऑफिस में ही काम करने लगी। वह मुझे बहुत ही अच्छी सैलरी देता था। जिससे मैं बहुत खुश थी और मेरे घर की आर्थिक स्थिति भी सुधरने लगी। मुझे भी कहीं ना कहीं कविलाश के लिए अंदर ही अंदर कुछ फीलिंग आने लगी थी। मैं उससे अभी कुछ कह नहीं पा रही थी क्योंकि उसके मुझ पर बहुत ही एहसान थे। मैंने सोचा कि अब मैं उससे इस बारे में बात कर ही लेता हूं।

एक दिन कविलाश अपने ऑफिस में बैठा हुआ था तो मैंने उससे बात कर ली की मुझे तुम्हारे लिए कुछ फीलिंग है। वह कहने लगा यह फिलिंग सब धोखा होता है सिर्फ मैं सेक्स पर बिलीव करता हूं। जब उसने यह बात कही तो मैंने उसके सामने अपने सारे कपड़े खोल दिए और मैं उसके सामने नंगी हो गई। जब उसने मेरे बदन को देखा तो वह कहने लगा कि तुम्हारा बदन तो बहुत ही खूबसूरत है। उसने मुझे अपने पास बुलाया और अपनी गोद में बैठा लिया जब उसने अपनी गोद में मुझे बैठाया तो वह मेरे स्तनों को दबा रहा था और अपने मुंह में लेने लगा। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे स्तनों को दबाकर अपने मुंह में लेता मुझे ऐसा लगता कि मेरा यह यौवन लौट आया है जो कितने सालों से कहीं दबा पड़ा था। वह मेरे चूचो को ऐसे ही अपने मुंह में लेता रहा उसने मेरे होठों को भी अपने होठों में लेते हुए चूमना शुरू किया वह बहुत ही अच्छे से मेरे होठों को अपने होठों में ले रहा था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह अपने होठों से मेरे होठों को चूमता। मुझे ऐसा प्रतीत होता कि वह बहुत ही अच्छे तरीके से मेरे होठों को चूस रहा है।

अब उसने मेरी चूत के अंदर उंगली डाल दी लेकिन मैंने उसे कहा कि तुम अपने लंड को मेरी चूत में डालना। उसने अपने टेबल पर मुझे लेटा दिया जैसे ही उसने अपनी टेबल पर मुझे लेटाया तो मेरे दोनों पैरों को खोलते हुए उसने मेरे अंदर अपने लंड को डाल दिया। मेरे मुंह से बड़ी तेज आवाज निकली और मेरे चूत से खून की पिचकारी उसके लंड पर जा गिरी। वह समझ गया कि मैं वर्जिन थी और मैं उससे ही अपनी चूत मरवाना चाहती थी वह बहुत खुश हुआ और ऐसे ही धक्के मारने लगा वह बड़ी तेजी से मुझे चोद रहा था। उसका शरीर पूरा  गरम हो गया था लेकिन उसे बहुत ही मजा आ रहा था और वह वह बड़ी तेजी से मुझे धक्के देता जाता। उसने मेरे दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और मैंने भी अपने पैरों को चौडा  करते हुए उसे अपनी तरफ आकर्षित करने लगी। वह बड़ी तेज तेज मुझे झटके मार रहा था उसके धक्कों से मेरा शरीर पूरा हिलने लगा और मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरे अंदर से कुछ निकल रहा है। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था मेरे अंदर से करंट निकल रहा है और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैं

ने अपने पैरों को चौडा करना शुरू कर दिया और अब कविलाश को भी मजा आ रहा था। वह भी मुझे कसकर पकड़ लेता और मैं अपने पैरों को और चौड़ा करती जाती कुछ समय बाद मेरा झड़ने वाला था तो मैंने अपने दोनों पैरों को मिलाते हुए कविलाश को अपने पैरों के बीच में जकड़ लिया। अब वह भी समझ चुका था कि मेरा झड चुका है इसलिए उसने भी बड़ी तेज गति से मुझे धक्के मारना शुरू किया और अब वह मेरे होठों को भी अपने होठों में लेने लगा। वह मेरे स्तनों को भी अपने मुंह में लेकर चूस रहा था वह बडे अच्छी तरीके से मुझे चोद रहा था और मेरा शरीर पूरा हिलने लगा। अब उसका भी वीर्य मेरी चूत मे गिरने वाला था और उसने जैसे ही मेरी योनि के अंदर अपने माल को गिराया तो मेरे शरीर की पूरी गर्मी एकदम से शांत हो गई। मुझे ऐसा लगा कि आज मेरे चूत का उद्घाटन हो चुका है। मैं बहुत खुश थी कि कविलाश ने मेरी सील तोड़ी और मुझे बहुत ही मजा आया उसके साथ सेक्स करने में और वह भी बहुत ज्यादा खुश हो रहा था कि उसने एक सील पैक लड़की की चूत मारी। उसके बाद वह मुझ पर बहुत ज्यादा मेहरबान होने लगा और उसने मुझे एक घर भी गिफ्ट में दे दिया। अब मैं उसकी रखैल बनकर रहती हूं। मेरे घर वाले भी बहुत खुश हैं।