ऑफिस का वह बाथरूम

Antarvasna, desi kahani: मेरी शादी को 3 वर्ष हो चुके हैं और 3 वर्षों में मैं अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पाई हूं मैं घर के कामों में ही पूरी तरीके से उलझ कर रह गई हूं क्योंकि आकाश का परिवार सयुंक्त परिवार में रहता है जिस वजह से मुझे और आकाश को बहुत कम समय साथ में बिताने के लिए मिल पाता है। घर में काफी काम हो जाता है इस वजह से मुझे भी अपने लिए समय नहीं मिल पाता शादी के 3 वर्ष हो जाने के बाद मुझे लग रहा था कि मुझे कुछ करना चाहिए। शादी से पहले मैं जॉब किया करती थी लेकिन शादी के बाद मैंने जॉब छोड़ दी। आकाश उस दिन अपने काम से घर लौटे और वह काफी थके हुए नज़र आ रहे थे उनके चेहरे पर तनाव साफ नजर आ रहा था मैंने आकाश को कहा आज आप काफी परेशान नजर आ रहे हैं। आकाश ने मुझे कहा महिमा तुम्हें तो पता ही है कि मेरी परेशानी की वजह क्या है मैं अपनी जॉब से काफी ज्यादा परेशान हो चुका हूं।

वह अपनी नौकरी से काफी परेशान थे लेकिन फिलहाल नौकरी भी नहीं छोड़ सकते थे उन्होंने मुझे कहा कि महिमा कहो तुम्हें कुछ कहना था क्या। मैंने उनके लिए गरमा गरम चाय बना दी थी और जब मैं चाय बना कर लाई तो मैं उनके साथ बैठ कर बातें करने लगी वह कहने लगे महिमा तुम मुझसे कुछ कहना चाहती हो। मैंने उन्हें बताया आकाश मैं चाह रही थी कि मैं भी जॉब करूं जिससे कि आपको भी हल्का महसूस हो आकाश मुझे कहने लगे की महिमा तुम्हें पता है ना घर में इस बात के लिए कोई भी इजाजत नहीं देने वाला पिताजी को तो तुम जानती ही हो कि वह कितने पुराने ख्यालात के हैं और इस बात के लिए तो वह कभी भी इजाजत नहीं देने वाले। आकाश से मैंने कहा कि आकाश तुम एक बार पापा से बात कर के देखो ना यदि वह हां कर दें तो उसके बाद मैं तुमसे कुछ नहीं कहूंगी। आकाश को भी यह बात पता थी की पिताजी काम के लिए मना कर देंगे लेकिन फिर भी आकाश ने उनसे बात की और जब आकाश ने उनसे बात कर दी तो मैंने आकाश को पूछा पिताजी ने क्या कहा? आकाश ने मुझे कहा कि तुम्हें तो पता ही है कि वह क्या कहने वाले हैं मुझे मालूम था कि उन्होंने मुझे जॉब करने के लिए मना कर दिया है।

मैंने आकाश को कहा आकाश लेकिन तुम दोबारा से इस बारे में पिताजी से बात करो ना तो आकाश कहने लगे की महिमा तुम्हें तो पता ही है ना कि पिताजी कभी भी इस बात के लिए हां नहीं कहेंगे बेवजह मैं उनसे बात करूंगा और कोई भी फायदा नहीं होने वाला। इस वजह से आकाश ने पिताजी से कोई भी बात नहीं की मैं अब घर के कामों में ही व्यस्त रहती लेकिन एक दिन आकाश ने पिता जी से बात कर ली और जब उन्होंने दोबारा पिताजी से बात की तो उन्हें भी लगा कि मुझे अब जॉब कर लेनी चाहिए इसलिए उन्होंने इस बात के लिए अपनी हामी भर दी। मैं बहुत ज्यादा खुश थी और मैं अब अगले दिन से ही इंटरव्यू की तैयारी करने लगी थी आकाश ने काफी जगह मेरे लिए जॉब की बात की थी और एक जगह मेरा सिलेक्शन भी हो गया। हालांकि कंपनी ज्यादा बड़ी नहीं थी लेकिन फिर भी मैं अपना काम कर पा रही थी मुझे वहां पर डाटा ऑपरेटर की जॉब मिल चुकी थी और मैं अपनी जॉब से बहुत खुश थी। मैं सुबह काम पर चली जाया करती और शाम को घर लौटती घर लौटने के बाद मैं घर का काम किया करती सब कुछ बड़े अच्छे से चल रहा था और मैं आकाश का हाथ भी बटा पा रही थी। आकाश भी इस बात से खुश थे कि मैं उनकी मदद कर रही हूं मैं अपनी नौकरी से बहुत ज्यादा खुश थी और यह सब आकाश की वजह से ही हो पाया था। एक दिन आकाश ने मुझे कहा की महिमा आज मेरे ऑफिस में काम करने वाले मेरे एक दोस्त ने हमें घर पर इनवाइट किया है मैंने आकाश को कहा ठीक है मैं शाम के वक्त तैयार हो जाऊंगी। आकाश मुझे कहने लगे कि जब मैं ऑफिस से लौट आऊंगा उसके बाद हम लोग उनके घर चलेंगे मैंने आकाश को कहा ठीक है। मैं भी अब अपने ऑफिस के लिए तैयार होकर निकल चुकी थी और आकाश भी अपने ऑफिस जा चुके थे शाम के वक्त मैं जल्दी घर लौट आई थी इसलिए मैं आकाश का इंतजार कर रही थी। मैंने आकाश को फोन किया तो आकाश मुझे कहने लगे कि बस थोड़ी देर बाद मैं घर पहुंच रहा हूं। आकाश कुछ देर बाद घर पहुंच गए जब वह घर पहुंचे तो मैं तैयार हो चुकी थी मैं तैयार हो गई और आकाश भी तैयार हो चुके थे फिर हम लोग आकाश के दोस्त के घर के लिए निकल चुके थे।

हम लोग जब उनके घर पहुंचे तो उन्होंने काफी अच्छे से हमारा स्वागत किया और आकाश ने मेरा परिचय भी करवाया जब आकाश ने मेरा परिचय अपने दोस्त और उनकी पत्नी से करवाया तो मुझे काफी अच्छा लगा उनके दोस्त का नाम रोहन है और उनकी पत्नी का नाम लता। उन दोनों से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा और वह लोग आकाश की बड़ी तारीफ कर रहे थे आकाश उससे पहले भी रोहन के घर पर जा चुके थे। हम लोगों ने डिनर किया और उसके बाद हम लोग घर के लिए निकल चुके थे हम लोग जब घर पहुंचे तो उस वक्त रात के 11:00 बज रहे थे आकाश मुझे कहने लगे कि मुझे काफी नींद आ रही है मैं सो रहा हूं। आकाश सो चुके थे और मैं अभी भी उठी हुई थी मुझे नींद नहीं आ रही थी लेकिन मुझे भी ऑफिस जल्दी जाना था इसलिए मैं भी सोने की कोशिश करने लगी और थोड़ी ही देर बाद मुझे नींद आ चुकी थी। मैं जब अगले दिन सुबह तैयार हुई तो आकाश मुझे कहने लगे कि महिमा आज मुझे ऑफिस से आने में देर हो जाएगी मैंने उन्हें कहा ठीक है आप मुझे बता देना जब आप घर लौटेंगे, वह मुझे कहने लगे मैं तुम्हें फोन कर दूंगा जब मैं घर के लिए निकलूंगा।

मैं उसके बाद अपने ऑफिस के लिए तैयार होकर निकल चुकी थी और आकाश भी ऑफिस जा चुके थे मैं जब ऑफिस पहुंची तो उस दिन मेरी सहेली ऑफिस नहीं आई थी मैंने उसे फोन किया तो उसने मुझे बताया कि आज वह ऑफिस नहीं आ रही है। मैंने फोन रख दिया और मैं अपना काम करने लगी मैं अपना काम कर रही थी की तभी मुझे आकाश का फोन आया मैं सोचने लगी कि क्या कुछ जरूरी काम होगा लेकिन आकाश ने मुझे कहा मैंने ऐसे ही तुम्हे फोन कर दिया। आकाश के साथ मैंने कुछ देर बाद की फिर मैंने फोन रख दिया उसके बाद मैं ऑफिस में अपना काम कर रही थी। मैं अपने ऑफिस में काम कर रही थी कि तभी हमारे ऑफिस में काम करने वाले हमारे सीनियर मेरे पास आकर खड़े हो गए वह मुझे बडे ही गंदे इशारे करने लगे मैं बहुत ज्यादा शर्मा रही थी। मुझे यह सब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा मैंने उन्हें कहा मुझे यह सब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता लेकिन वह कहां मानने वाले थे। जब भी उन्हें मौका मिलता तो वह मेरे साथ कोई ना कोई ऐसी हरकत कर देते जिस से कि मुझे भी अच्छा लगता लेकिन मैं उन्हें बोल नहीं पाती थी। एक दिन मैंने भी रमेश जी के साथ सेक्स करने के बारे में सोच लिया था उनके साथ मे सेक्स करने के लिए तैयार हो चुकी थी। हम दोनों ही अपने ऑफिस के बाथरूम में चले गए वहां पर जब हम लोग अंदर गए तो उन्होंने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला जब उन्होंने अपने लंड को बाहर निकाला तो मै देखकर डर गई। मैंने उन्हें कहा आपका लंड बहुत ही ज्यादा मोटा है वह कहने लगे इसे तुम अपने मुंह के अंदर ले लो क्या तुम अपने पति का मोटा लंड अपने मुंह के अंदर नहीं लेती। मैंने उन्हें कहा मैं अभी आपके लंड को अपने मुंह मे ले लेती हूं। मैंने उनके लंड को मुंह मे लिया मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जिस प्रकार से मैं उनके लंड को अपने मुंह के अंदर ले रही थी। काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया जिसके बाद मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी और मेरे अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैं अब अपने आपको बिल्कुल रोक नहीं पा रही थी। मैंने भी अपने कपड़े उतारे और उनसे कहा आप मेरे स्तनों को चूस लिजिए।

उन्होंने मेरे स्तनों का रसपान बहुत देर तक किया मेरे स्तनों से उन्होंने खून भी निकाल दिया। अब उन्होंने मेरी योनि के अंदर अपनी उंगली को घुसाया तो मेरी योनि के अंदर उनकी उंगली आसानी से चली गई। वह मुझे कहने लगे महिमा जी आपकी चूत तो बड़ी ही टाइट है मैंने कहा अब आप अपने मोटे लंड को अंदर डाल दीजिए। उन्होंने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाल दिया उन्होंने जब अपने मोटे लंड को अंदर घुसाया तो मैं बड़ी जोर से चिल्लाई। उन्होंने मुझे घोड़ी बना कर रखा हुआ था जिस से की उनका लंड मेरी चूत के पूरे अंदर तक चला गया था वह मुझे जिस प्रकार से धक्के मार रही थी उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। उन्होंने मुझे काफी देर तक धक्के मारे जिसके बाद मेरे अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी मैं भी उनसे अपनी चूतड़ों को टकराने लगी। मैं जब उनसे अपनी चूतड़ों को टकरा रही थी तो मै पूरी तरीके से गर्म हो जाती। वह मुझे कहते कि ऐसे ही तुम अपनी चूतडो को मुझसे मिलाती रहो मैंने काफी देर तक उनके साथ ऐसे ही मजे किए।

जब उनकी इच्छा पूरी हो गई तो मैने उनके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया मै उसे बहुत ही अच्छे से मैं चूसने लगी। मैं जिस प्रकार से उनके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी उससे मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। मैं उनके मोटे लंड को मुंह के अंदर बाहर करती रही जिससे कि उनके अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ गई कि वह मुझे कहने लगे मुझे लग रहा है कि मेरा वीर्य कुछ देर बाद बाहर आ जाएगा। उन्होंने अपने वीर्य को मेरे मुंह मे गिरा दिया मैंने उनके वीर्य को अपने अंदर ही निगल लिया उसके बाद हम दोनों बाथरूम से बाहर आ गए। मैं जब बाहर आई तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था हम दोनों ने उसके बाद ना जाने कितने ही बार एक दूसरे का साथ सेक्स संबध स्थापित किए। मै अपने पति के साथ भी सेक्स के मज़े लेती हू और ऑफिस में रमेश जी मुझे पूरी तरीके से संतुष्ट कर देते हैं। मुझे ऑफिस ऑफिस जाकर रमेश जी के साथ सेक्स करना बहुत पसंद है हम लोग बाथरूम में ही अक्सर सेक्स के मजे लेते हैं।