ओ भँवरे चोदने दो दीवानों को

desi chudai ki kahani, sex stories in hindi

मेरा नाम आकाश है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। एक दिन मैं अपनी बाइक से अपने दोस्तों के साथ घूमकर घर जा रहा था। तब तक अचानक मेरी टक्कर एक स्कूटी के साथ हो गई। मैं घबरा गया मैं सोचने लगा कि उसके ज्यादा चोट तो नहीं लगी। इतने में हमारे चारों ओर बहुत भीड़ इकट्ठा हो गई। फिर लोगों ने उसे उठाया और कुछ लोगों ने मुझे उठाया। उसकी स्कूटी पूरी डैमेज हो चुकी थी। मैं अपनी बाइक पर उसे लेकर पहले अपने घर आया और फिर थोड़ी बहुत चोट मुझे भी आ रखी थी। तब मैंने उसे भी दवाई लगाई और खुद को भी और उसको उसके घर छोड़ने के लिए गया। मैंने उससे उसका नाम पूछा उसका नाम अर्चना था। फिर मैंने उसे उसके घर छोड़ा और वहां से वापस आ गया। कुछ दिनों बाद वह मुझे फिर मिली। मैंने उस दिन भी उससे कहा कि मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं लेकिन उसने मना किया और वह वहां से जा ही रही थी। तब तक मैंने उसे कहा कि मेरे साथ कॉफी पीने चलोगी। उसके बाद वह मेरे साथ कॉफी पीने आ गई। हम दोनों कॉफी पीते पीते थोड़ी बहुत बातें कर रहे थे। इतने में उसे फोन आया और वह तुरंत ही वहां से चली गई। मैं उसे देखता रह गया।

अगले दिन मैं ऑफिस के लिए तैयार हुआ और ऑफिस के लिए निकला। जब मैं ऑफिस पहुंचा तो मैंने वहां उस लड़की को देखा। मैंने उससे पूछा कि तुम यहां कैसे तो उसने कहा कि मैं यहां काम से आयी थी। मैं सोचने लग गया कि उसे हमारे ऑफिस में क्या काम रहा होगा। मैं अपने काम पर लग गया। एक दिन हमारे बॉस के घर में उनकी बर्थडे पार्टी थी तो उन्होंने पूरे स्टाफ को अपने घर पर बुलाया था। तब हम सब अपने सर के घर पर पार्टी पर गए थे। हमने अपने सर को बधाईयां दी और उनको गिफ्ट दिए। तब तक मैंने उसी लड़की को देखा। वह सर से बातें कर रही थी। थोड़ी देर बाद वह लड़की अंदर जा रही थी और मैं दौड़ता हुआ उसके पास गया। मैंने उससे पूछा कि तुम्हें भी पार्टी में इनवाइट किया है। तो उसने कहा की पार्टी हमारे घर पर ही हो रही है। मैं उसकी बात समझ नहीं पाया और उसे देखने लग गया। मैंने उसे कहा तुम्हारे घर पर? तो उसने कहा की हां हमारे घर पर उसने कहा यह पार्टी मेरे पति के बर्थडे की है। मैंने यह सुना और मेरे होश ही उड़ गए।

मैं एकदम से हैरान हो गया फिर मैंने उससे कहा कि तुम्हारी शादी हो चुकी है। तो उसने कहा हां मेरी एक बेटी भी है। उसने मुझे अपनी बेटी से मिलाया। उसकी बेटी बड़ी क्यूट थी। मैंने उससे कहा कि तो तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया कि तुम्हारी शादी हो चुकी है। उसने मुझसे कहा कि मैं तुम्हें क्यों बताती कि मेरी शादी हो चुकी है। मैंने कहा अगर मुझे पता होता कि तुम्हारी शादी हो चुकी है तो मैं तुम्हारे पीछे पीछे यूँ न आता। उसके बाद वह वहां से चली गई। थोड़ी देर बाद बर्थडे का केक कटने लगा। उन दोनों ने एक दूसरे को केक खिलाया और अर्चना ने मुझे भी केक खिलाया। उसने मुझसे चुपके से कहा कि तुम इतना हैरान क्यों हो मेरी शादी की बात सुनकर, तुम्हारे तो होश ही उड़ गए इतना कहकर वह हंसने लगी। मुझे उसकी मुस्कुराहट बहुत ही प्यारी लगी। मुझे तो वह पूरी की पूरी ही पसंद थी लेकिन उसकी शादी हो चुकी थी वह भी हमारे बॉस के साथ। मैं सोच रहा था कि तभी वह उस दिन हमारे ऑफिस में आई थी। यह बात मैं बाद में समझा। वह अक्सर हमारे ऑफिस में अपने पति को लंच देने आती रहती थी। वह थोड़ी देर मेरे साथ भी बैठ कर बातें करती थी। मुझे बहुत अच्छा लगता था। उसके साथ बैठकर बातें करना लेकिन मैं यह भी सोचता अगर सर ने मुझे इनके साथ देख लिया तो कहीं वह मुझे नौकरी से ना निकाल दे। इसलिए मैं चुपके से उससे मिलता था। मुझे एक तरफ से नौकरी के जाने का डर भी रहता था।

दूसरी तरफ मुझे यह भी डर था कि अगर मैं अर्चना से बात नहीं करूंगा तो मेरी बात आगे कैसे बढ़ेगी। मैं यही सोचता रहता था मुझे सिर्फ अर्चना से बात ही करनी है। वह बहुत ही ज्यादा सुंदर हो सेक्सी थी। उसका पूरा बदन ऐसा था मानो जैसे परफेक्ट फिगर हो। मुझे वह बहुत ही ज्यादा पसंद थी।

एक दिन जब वह हमारे ऑफिस मेरे बॉस को खाना देने के लिए आई तो मैंने उसे रोक लिया। अर्चना को कहा कि मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है क्या तुम कुछ देर मेरे साथ बैठ सकती हो। उसने कहा ठीक है तुम बताओ तो सही ऐसी क्या जरूरी बात है जो तुम्हें अभी करनी है। मैंने उसे कहा कोई ऐसी डरने वाली बात नहीं है। मुझे सिर्फ तुम्हारे साथ बात करनी है और इस से ज्यादा कुछ भी नहीं है। मैंने उसे बताया कि मैं तुम्हें पसंद करने लगा हूं। वह भी मुझसे कहने लगी कि मुझे भी तुम बहुत पसंद हो जैसे ही उसने यह बात कही तो मैं बहुत खुश हो गया। उसकी तरफ देखने लगा अब मुझे उसकी आंखों में हवस दिखाई दे रही थी। मैंने उसकी आंखों को पढ़ लिया था। मैं उसके सारे इरादे भाप चुका था कि उसको मेरा लंड चाहिए। मैंने उससे पूछ ही लिया क्या तुम मुझे अपने साथ सेक्स करने दोगी। वह कहने लगी कि यह कैसी बात है। मैंने उससे दोबारा वही बात पूछी तो उसने मुझे जवाब दिया हां ठीक है लेकिन यहां पर कहां करेंगे। मैंने उसे बताया कि अभी सर थोड़ी देर में मीटिंग से कहीं बाहर जाने वाले हैं। हम उनके ऑफिस में सेक्स करते हैं उसने कहा ठीक है। तब तक मैं अपना एक काम निपटाकर आ जाती हूं और थोड़ी देर में ऑफिस आ जाती हूं। वह अपने काम पर चली गई और करीबन आधे घंटे बाद वापस आई। तब तक बाँस ऑफिस से जा चुके थे और मैं उसे अपने बॉस के केबिन में ले गया।

मैंने अर्चना को टेबल पर लेटा दिया और मैं उसके ऊपर से लेट गया। मैं उससे किस कर रहा था और वह भी मेरे होठों को बहुत ही अच्छे से अपने मुंह में लेती और उन्हें चूसने लग जाती। मुझे यह सब ऐसा लग रहा था जैसे मेरे लिए कोई सपना पूरा होने जैसी बात थी लेकिन वह सब सच था। वह मेरे बॉस की बीवी ही थी। मैंने बहुत देर तक उसके होंठों को ऐसे ही चूसता रहा और अब मैं उसके स्तनों को दबाने लग गया था। मुझे उसके स्तन बहुत प्यारे लग रहे थे और मैं उन्हें अच्छे से दबाए जा रहा था। मैंने जैसे ही उसकी टी शर्ट को उतारा तो उसके स्तन बहुत बड़े थे। अब मैं उन्हें अपने हाथों से दबाने लगा और उन्हें अपने मुंह में ले लेता। मैंने उसकी ब्रा को थोड़ा सा ऊपर कर दिया था वैसे ही उसके स्तनों का रसपान कर रहा था। मुझे काफी अच्छा लग रहा था जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था।

कुछ देर तक मैंने ऐसे ही किया और मैंने उसके पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। वह मचलने लगी और मुझे कहते तुम काफी अच्छे से मेरे बदन को चाट रहे हो। मैंने उसके जींस को जैसे ही नीचे किया तो उसकी मोटी मोटी जांघे मेरे सामने थी और यह देखकर तो मुझे और भी अच्छा लगने लगा। मैंने जैसे ही उसकी जांघों पर हाथ लगाया तो वह बहुत ही मुलायम और बहुत अच्छी थी।

मैं उसकी जांघों को अपने हाथों से दबा  रहा था और वह भी अपनी मादक आवाज निकालती जा रही थी। जिससे मेरे शरीर में उत्तेजना पैदा हो जाती और मेरा लंड हिलोरे मारने लग जाता मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू किया तो उसका पानी निकलने लगा उसकी योनि पूरी गीली हो चुकी थी और मैंने अपने लंड को उसकी योनि में डाल दिया। जैसे ही मैंने उसकी योनि में अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह बहुत तेज सांसे लेने लग जाती और मैं काफी तेजी से झटके मारने लग जाता। जिससे उसका पूरा शरीर हिल रहा था और यह देख कर मुझे काफी अच्छा लग रहा था। मैं अपने बॉस की बीवी को अपने लंड के नीचे चोद रहा हूं क्योंकि हमारे बॉस ने हमारी कई बार ऐसे ही गांड मारी थी। मैंने अर्चना को काफी देर तक ऐसे ही चोदता रहा और अब मेरा मन भरने वाला था और मेरी पिचकारी निकलने वाली थी। मैंने ऐसी ही बड़ी तेजी से अपने वीर्य को अर्चना की योनि में ही गिरा दिया। जिससे कि उससे बहुत गर्म महसूस हुआ और मैंने  अपने लंड को बाहर निकालते हुए अपने रुमाल से उसकी योनि को साफ किया। अब वह बहुत खुश हो गई थी और हम दोनों अपने बॉस के ऑफिस से चले गए। वह अपने घर निकल गई और मैं ऑफिस में ही काम करता रहा।