नशे मे गांड मरवाकर मजा आया

Antarvasna, hindi sex kahani गर्मी इतनी ज्यादा हो रही थी कि मैं गर्मी से बहुत ज्यादा परेशान थी अपने ऑफिस से शाम को घर लौटते वक्त मैं थक जाया करती और राजेश भी अपने ऑफिस से लौटते तो मुझे कहते कि गर्मी बहुत ज्यादा हो रही है। हम दोनों ने लव मैरिज की थी और हम दोनों की शादी को अभी 4 वर्ष हुए हैं हम दोनों की जिंदगी अच्छी चल रही थी लेकिन मेरे मन में कई बातें ऐसी थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई थी। मेरे कई बड़े सपने थे जो कि मैं सोचती थी लेकिन अभी तक मेरे सपने पूरे नहीं हो पाए थे और मैं अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी मेहनत से लगी हुई थी राजेश और मैं इस वजह से शायद एक दूसरे को समय भी नहीं दे पाते थे लेकिन जब भी राजेश मुझे कहते की रचना क्या हम लोगों को एक दूसरे को समय देना चाहिए तो मैं उस वक्त राजेश से कहती कि राजेश पहले हमें अपने जीवन में कुछ कर लेना चाहिए। हालांकि राजेश और मैं एक अच्छी नौकरी कर रहे थे परंतु उसके बावजूद भी मुझे लगता है कि हमें और मेहनत करनी चाहिए ताकि हम और पैसे कमा पाएं।

मैं शायद राजेश को समय नहीं दे पा रही थी और ना ही मैं अपनी जिंदगी को अच्छे से जी पा रही थी दिन रात सिर्फ मैं पैसे के पीछे भाग रही थी और उससे ज्यादा शायद मैं कुछ सोचती भी नहीं थी। राजेश से जब मैं बात करती तो राजेश से मैं कभी भी प्यार की बातें नहीं किया करती हम लोग आपस में एक दूसरे से शायद दिल से जुड़े नहीं थे। हम लोग एक दूसरे से अब काफी अलग थे और मुझे लग रहा था कि शायद यह सब बिल्कुल ठीक नहीं चल रहा मैंने राजेश से अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश की लेकिन तब तक शायद बहुत देर हो चुकी थी राजेश ने मुझसे कभी भी यह बात कही नहीं लेकिन राजेश किसी और महिला के साथ ही प्रेम प्रसंग में थे। यह बात मुझे उस वक्त पता चली जब राजेश के दोस्त ने मुझे इस बारे में बताया। मैं अंदर से पूरी तरीके से टूट चुकी थी जब मैंने इस बात को लेकर गंभीरता से सोचा तो मुझे लगा कि इसमें कहीं ना कहीं मेरी गलती है और मैंने राजेश से इस बारे में बात करने के बारे में फैसला किया। मैंने राजेश से इस बारे में पूछा तो राजेश ने मुझे कहा देखो रचना तुम्हारे सपने बहुत बड़े हैं और मुझे नहीं लगता कि यह सब इतनी जल्दी पूरे होने वाले हैं।

शादी से पहले हम लोगों ने कभी भी एक दूसरे से इस प्रकार की बातें नहीं की थी और ना ही तुम ऐसी थी अब तुम पूरी तरीके से बदल चुकी हो और मुझे लगने लगा है कि तुम अब मुझसे प्यार नहीं करती हो मुझे भी शायद यही लगा इसलिए मैं अब किसी और से ही प्यार करने लगा हूं। मुझे भी लगा शायद इसमें राजेश की कोई गलती नहीं है इसमें मेरी ही गलती थी जो राजेश मुझसे दूर हो गए लेकिन अब अपने रिश्ते को मैं शायद सुधार ही नहीं सकती थी। हम दोनों ने निर्णय किया कि हम दोनों अलग हो जाएंगे हम दोनों ने अपनी शादी कोर्ट में की थी और हम लोग बेंगलुरु में रहने लगे थे। शादी के बाद से ही मेरे अंदर पैसे कमाने का जुनून इतना सवार हुआ कि मैं राजेश के प्यार को भी भूलती चली गई और राजेश मुझसे अलग हो गए लेकिन अभी भी शायद मुझे इस बात का कोई दुख नहीं था क्योंकि मुझे लगा कि मुझे अब और मेहनत करनी चाहिए राजेश और मैं अब अलग रहने लगे थे। हालांकि राजेश मुझसे मिलने के लिए अक्सर आते थे और वह मेरा हाल चाल पूछ लेते थे हम लोग फोन पर तो एक दूसरे से बात करते ही थे राजेश के दिल में अभी भी मेरे लिए थोड़ा बहुत प्यार तो था जो वह मेरी इतनी चिंता करते थे और हमेशा ही मुझे कहते कि यदि तुम्हें कोई भी परेशानी हो तो तुम मुझे बता देना। हालांकि हम दोनों अब अलग रहने लगे थे लेकिन उसके बावजूद भी जब भी मैं परेशान होती या मुझे ऐसी कोई परेशानी होती तो मैं राजेश को बता दिया करती थी। कुछ दिनों से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और मैं घर पर ही थी मैंने इस बारे में राजेश को नहीं बताया राजेश मुझे कहने लगे कि तुमने मुझे इस बारे में क्यों नहीं बताया। हालांकि राजेश इस बात से गुस्सा थे और उन्होंने मुझे कहा कि रचना तुम्हें मुझे इस बारे में बताना चाहिए था पर मैंने राजेश को कहा मैं तुम्हें बताना तो चाहती थी लेकिन मैंने सोचा तुम बेवजह ही परेशान हो जाओगे इसलिए मैंने तुम्हें इस बारे में नहीं बताया। राजेश मुझे कहने लगे कि रचना हम दोनों अलग रहने लगे हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि मैं तुम्हारे बारे में कभी सोचता नहीं हूं मैं आज भी तुम्हारे बारे में सोचता हूं और आज भी तुम्हारी उतनी ही चिंता करता हूं।

राजेश मुझे डॉक्टर के पास ले गए और डॉक्टर ने मुझे दवाई दी राजेश कुछ दिनों के लिए मेरे पास ही रुके और उन्होंने मेरा बहुत ध्यान दिया मैं राजेश के प्यार को कभी समझ ही नहीं पाई थी लेकिन राजेश अभी भी मुझे प्यार करते हैं। अब मैं ठीक हो चुकी थी मैं अपनी पुरानी कंपनी से रिजाइन दे चुकी थी और मैंने एक नई कंपनी में इंटरव्यू दिया वहां पर मेरा सिलेक्शन हो चुका था और मैं अब वहां पर जॉब करने लगी। जॉब करने के दौरान मेरे वहां पर कई दोस्त बने और मुझे यह सब बहुत अच्छा भी लगता मैं अपने दोस्तों के साथ रात को पार्टी में एंजॉय करती और मैं शायद पूरी तरीके से बदल चुकी थी मुझे इस बदलाव का अंदाजा ही नहीं हुआ कि कब मैं इतनी ज्यादा बदल गई। राजेश एक सिंपल व्यक्ति हैं राजेश ने मुझे कहा कि मैं शायद तुम्हारे अपनी जिंदगी आगे ना चला पाऊं इसलिए मैंने भी राजेश के फैसले का स्वागत किया और राजेश और मैं अलग हो गए। इस बात से मुझे कभी भी कोई परेशानी तो हुई नहीं लेकिन मैं अपने जीवन में अकेली हो चुकी थी मेरे पास मेरे दोस्त और एक अच्छी नौकरी थी।

मेरा प्रमोशन भी हो चुका था और मैं अच्छी कंपनी में जॉब कर रही थी लेकिन मैं अकेली थी और शायद मेरा अकेलापन मुझे अब काटने को दौड़ रहा था। मुझे लगता कि मैं बहुत ज्यादा अकेली हो चुकी हूं और मुझे किसी के साथ की जरूरत है इसीलिए मैंने जब इस बारे में अपनी दोस्त महिमा से बात की तो महिमा ने मुझे कहा कि तुम्हें राजेश से अलग नहीं होना चाहिए था राजेश तुम्हें बहुत प्यार करता है और तुम्हे उसके प्यार को समझना चाहिए था। मैंने महिमा से कहा महिमा अब तो राजेश मेरी जिंदगी से जा चुका है और इस बारे में अब सोच कर कोई फायदा नहीं है महिमा मुझे कहने लगी कि तुम्हें किसी और की जरूरत है। मुझे भी लगने लगा था कि मुझे किसी की तो जरूरत है जो मुझे समझ सके और मेरी बातों को समझ पाए फिलहाल तो ऐसा कोई भी मेरे पास नहीं था परंतु जल्दी ही मेरी मुलाकात रोहन से हुई। जब मेरी मुलाकात रोहन से हुई तो रोहन के साथ समय बिताना मुझे अच्छा लगता और एक रोहन ही था जो मुझे समझता था मैं रोहन से हर एक बात कह दिया करती थी लेकिन मैं अब रोहन को खोना नहीं चाहती थी। मुझे रोहन के बारे में शायद ज्यादा पता नहीं था रोहन ने मुझे अपनी शादी के बारे में बताया नहीं था और जब उसने मुझे अपनी शादी के बारे में बताया तो मुझे लगा कि शायद रोहन भी अब मेरा साथ दे नहीं पाएगा। रोहन मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आया तो मैं उस वक्त शराब के नशे में थी। रोहन भी मेरे साथ आकर बैठा और वह मुझसे बात करने लगा रोहन मेरी तरफ देख रहा था और मैं उसकी तरफ देख रही थी मेरा मन रोहन के साथ सेक्स करने का होने लगा। जब मैंने रोहन के साथ सेक्स करने के बारे में सोचा तो रोहन ने अपने लंड को बाहर निकाला और मैंने उसके लंड को देखते ही अपने मुंह में ले लिया कुछ समय के लिए ही सही लेकिन मैं अपने अकेलेपन को भूलकर रोहन के लंड को अपने मुंह में अंदर बाहर कर रही थी तो मुझे बहुत मजा आ रहा था जिस प्रकार से मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेती उससे वह पूरी तरीके से खुश हो चुका था और मेरा साथ सेक्स कर के वह पूरे मजे में था।

मैंने अपने कपड़ों को उतारा और रोहन ने मेरी पैंटी ब्रा को उतारा तो वह मेरे गोरे बदन को देखकर बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाला तो मेरी चूत से पानी बाहर निकल रहा था। वह मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था और मुझे तेज गति से चोद रहा था जिस प्रकार से वह मेरी चूत के मजे लेता उस से मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रही थी उसने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा और तेजी से मेरी चूतड़ों पर प्रहार करना शुरू किया मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था। जब रोहन ने अपने वीर्य को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो मैंने उसे कहा तुम्हारा वीर्य पतन बहुत जल्दी हो गया। थोड़ी देर बाद रोहन के लंड को मैंने दोबारा चूस कर खड़ा किया तो रोहन का लंड 10 इंच लंबा हो चुका था। रोहन ने तेल की मालिश करते हुए मेरी गांड के अंदर अपनी उंगली घुसा दी तो उसकी उंगली मेरी गांड के अंदर चली गई। जैसे ही रोहन ने मेरी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैं चिल्ला उठी अब वह बड़ी तेजी से मुझे धक्के मार रहा था और मुझे बहुत आनंद आ रहा था जिस प्रकार से उसने मेरी गांड का आनंद लिया उस से मै बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गई थी।

मेरी गांड से जो गर्मी बाहर की तरफ निकल रही थी उसे ना तो मैं बर्दाश्त कर पा रही थी और ना ही रोहन गर्मी को झेल पा रहा था लेकिन उसके बावजूद भी रोहन ने मुझे बहुत तेजी से धक्के मार रहा था। जिस प्रकार से रोहन ने मेरी गांड के मजे लिए और मेरी गांड से खून निकाला उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गया रोहन भी बहुत खुश था रोहन मेरे साथ बैठा हुआ था और मुझे कहने लगा आज तुम्हारी गांड मारकर मुझे मजा आ गया। मैंने रोहन को कहा तुम्हारे साथ आज सेक्स करना मुझे अच्छा लगा। रोहन की शादीशुदा जिंदगी से मुझे अब कोई आपत्ति नहीं थी और वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए हमेशा आता। रोहन ही मेरा ध्यान रख सकता है और अब रोहन के साथ में सेक्स का मजा लेती तो रोहन मेरी सेक्स की इच्छा को पूरी तरीके से पूरा कर दिया करता और मैं बहुत ज्यादा खुश थी कि रोहन के साथ सेक्स का मजा ले पा रही हूं।