मुझे प्यार करते रहो

Antarvasna, hindi sex kahani: मैं कॉफी शॉप में बैठकर अपने दोस्त का इंतजार कर रहा था काफी देर हो गई थी लेकिन अभी तक वह आया नहीं था मैं अपनी घड़ी में बार-बार समय देख रहा था लेकिन अभी तक उसका कोई अता पता नही था। मैंने उसे फोन किया तो उसने मेरा फोन भी नहीं उठाया मैंने सोचा कि अब मुझे घर चले जाना चाहिए मैं जैसे ही अपनी सीट से उठ रहा था कि तभी सामने से एक लड़की आकर मुझे कहने लगी कि क्या मैं आपके साथ बैठ सकती हूं। मैं तो पहले इस बात से चौक गया कि मैं उसे जानता ही नहीं हूं मैं उसे काफी देर तक देखता रहा फिर मैंने उसे कहा कि हां बैठिये ना उसने मुझे कहा कि क्या आप यहां किसी का इंतजार कर रहे थे। मैंने उसे कहा हां मैं अपने दोस्त का यहां इंतजार कर रहा हूं, उसने मुझसे हाथ मिलाते हुए कहा मेरा नाम रवीना है मैंने भी उससे हाथ मिलाते हुए अपना नाम बताया मैंने उसे कहा मेरा नाम रितेश है। मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल दौड़ रहा था कि आखिर रवीना मुझसे क्यों बात कर रही है रवीना ने मुझे कहा कि मैं काफी देर से आपको देख रही थी आप बार-बार अपनी घड़ी की तरफ देख रहे थे तो मुझे लगा कि आप किसी का इंतजार कर रहे हैं इसलिए मैंने आपसे बात कर ली। मैंने रवीना से कहा रवीना दरअसल मैं नौकरी की तलाश में हूं और मैं अपने दोस्त का इंतजार कर रहा था क्योंकि उसने मुझे कहा था कि वह अपने बॉस से मेरी नौकरी के बारे में बात करेगा।

मैंने जब यह बात रवीना को बताई तो रवीना मुझे कहने लगी कि क्या आपका दोस्त आपको मिलने के लिए यहीं आने वाला था। मैंने उसे कहा वह तो मेरा फोन भी नहीं उठा रहा है मैं काफी देर से उसका फोन ट्राई कर रहा हूं परंतु वह मेरा फोन रिसीव ही नही कर रहा है इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे वापस चले जाना चाहिए। रवीना ने मुझसे कहा कि यदि आपको कोई दिक्कत ना हो तो मैं आपकी मदद कर सकती हूं मैंने रवीना से कहा लेकिन आप मुझे अच्छे से जानती भी नहीं है और आप मेरी मदद क्यों करेंगी। रवीना ने मुझे बताया कि उसकी दीदी जो कि एक कंपनी में अच्छे पोस्ट पर है तो मैंने रवीना को कहा ठीक है मैं तुम्हें अपना रिज्यूम दे देता हूं यदि तुम मेरी कुछ मदद कर पाई तो यह मेरे लिए अच्छा होगा। हम दोनों की पहली ही मुलाकात थी लेकिन मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि जैसे मैं रवीना को पहली बार मिल रहा हूं मुझे ऐसा लग रहा था जैसे रवीना को मैं कई सालों से जानता हूं।

जब मैं घर लौटा तो मेरे दिमाग में सिर्फ यही बात चल रही थी कि आखिर रवीना ने मुझसे बात क्यों की लेकिन फिलहाल तो मुझे नौकरी की तलाश थी। मैं चाहता था किसी प्रकार से मेरी नौकरी लग जाए। मैं जब घर पहुंचा तो रवीना ने मुझे फोन कर दिया रवीना ने मुझे कहा कि उसने अपनी दीदी से बात कर ली है और कल उन्होंने मुझे ऑफिस में मिलने के लिए बुलाया है। मैंने भी रवीना से कहा कि ठीक है तुम मुझे अपनी दीदी का नंबर दे देना मैं तुम्हारी दीदी को फोन कर दूंगा और उनसे मुलाकात कर लूंगा। जब मैंने रवीना को यह कहा तो रवीना ने कहा कि मैं तुम्हें अपनी दीदी का नंबर मैसेज कर देती हूं तुम दीदी से बात कर लेना। रवीना ने मुझे दीदी का नंबर मैसेज कर दिया जब रवीना ने मुझे अपनी दीदी का नंबर मैसेज किया तो मैंने उन्हें फोन कर दिया और उनसे कहा कि मुझे आपका नंबर रवीना ने दिया है। वह मुझे कहने लगे कि क्या आप हमारे ऑफिस में पहुंच चुके हैं तो मैंने उन्हें कहा हां बस मैं थोड़ी देर बाद ही पहुंच रहा हूं। करीब 10 मिनट बाद मैं ऑफिस में पहुंचा कुछ देर मैं रिसेप्शन पर बैठा रहा लेकिन वहां पर कोई भी नहीं आया। मैंने रिसेप्शन पर बैठी हुई लड़की से कहा कि मुझे मोनिका से मिलना है तो उन्होंने फोन कर के मोनिका को बुलाया उन्होंने मुझे देखते ही पहचान लिया और कहा कि आप रितेश हैं तो मैंने उन्हें कहा हां मैं ही रितेश हूं। मोनिका मुझे अपने केबिन में ले गई और वह मुझसे बात करने लगी मोनिका ने मुझसे मेरे पीछली जॉब के बारे में पूछा तो मैंने मोनिका को बताया कि मैं जिस जगह जॉब करता था वहां किसी निजी समस्या की वजह से जॉब छोड़नी पड़ी। मोनिका ने मुझसे पूछा कि यदि आप चाहें तो मुझे इस बारे में बता सकते हैं मैंने मोनिका को सब कुछ सच-सच बता दिया और कहा कि मेरी सगाई होने वाली थी और उसी बीच मेरी सगाई टूट गई मैं इस बात से बहुत तनाव में था और मुझे वहां से जॉब छोड़नी पड़ी उसके कई समय तक मैं घर पर ही रहा और अब मैं दोबारा से जॉब करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे अपने बॉस से मिलवाया और जब उनके बॉस से मेरी बात हुई तो उन्होंने मुझे जॉब पर रख लिया मैं इस बात से बहुत खुश था कि कम से कम मुझे अब नौकरी तो मिल चुकी है।

मैंने मोनिका को धन्यवाद दिया और अगले ही दिन से मैं अपना नया ऑफिस ज्वाइन करने वाला था लेकिन सबसे पहले मैं रवीना को धन्यवाद देना चाहता था इसलिए मैंने रवीना को उसी कॉफी शॉप में मिलने के लिए बुलाया जहां पर हम लोग मिले थे। रवीना वहां पर आ गई और जब रवीना वहां आई तो मैंने रवीना को कहा कि रवीना तुम्हारी वजह से ही मेरी जॉब लग पाई है। रवीना मुझे कहने लगी कि कोई बात नहीं रितेश मैंने कल तुम्हें देखते ही पहचान लिया था कि तुम बहुत ज्यादा परेशान लग रहे थे और यदि मैंने तुम्हारी मदद कर दी तो इसमें मैंने तुम पर कोई एहसान नहीं किया है तुम वह नौकरी पाने के पूरे हकदार थे दीदी ने मुझे बताया कि तुम्हारी कुछ निजी समस्या हो गई थी जिस वजह से तुम्हें नौकरी छोड़नी पड़ी थी।

अब रवीना को मैं सब कुछ बताना चाहता था रवीना को मैंने जब अपने और महिमा के रिलेशन के बारे में बताया तो रवीना मेरी तरफ बड़े ध्यान से देख रही थी मैंने रवीना से कहा महिमा और मैं एक दूसरे को काफी सालों से जानते थे और हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में थे फिर हम दोनों ने शादी करने का फैसला किया और हम दोनों सगाई करने वाले थे लेकिन उसी बीच महिमा ने मुझसे कहा कि वह मुझसे सगाई नहीं कर सकती और अचानक से उसने मेरा साथ छोड़ दिया उसके बाद मैं काफी समय तक घर पर ही रहा। रवीना के साथ जब मैं बात कर रहा था तो मुझे अच्छा लग रहा था क्योंकि पहली बार ही ऐसा हुआ था कि जब कोई मेरी बात इतने ध्यान से सुन रहा था मेरे लिए तो यह सब किसी सपने से कम नहीं था। रवीना से मेरी मुलाकात भी एक इत्तेफाक से हुई थी अब मेंरी नौकरी भी लग चुकी थी और अगले ही दिन से मैंने अपना ऑफिस जॉइन कर लिया ऑफिस का पहला दिन बहुत ही अच्छा रहा। रवीना से मैं जब भी मिलता तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगता और हमेशा ही हम दोनों एक दूसरे से मुलाकात करते रहते थे। रवीना से जब भी मेरी मुलाकात होती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता एक दिन रवीना और मैंने साथ में समय बिताने का फैसला किया उस दिन रवीना और मैं मूवी देख रहे थे उस दिन जब हम लोग मूवी देख रहे थे तो मूवी देखने के दौरान रवीना ने अपने सर को मेरे कंधे पर रख लिया। मैं भी रवीना को अपनी बाहों में लेने के लिए उतावला था मैंने रवीना को अपनी बाहों में ले लिया और रवीना के स्तनों के अंदर मैंने हाथ डालते हुए दबाना शुरू किया तो वह मचलने लगी मैंने रवीना के होंठों को चूमना शुरू किया और बहुत देर तक मैं उसके होठों को चूमता रहा शायद मेरे लिए यह एक अच्छा पल था। हमारे अगल बगल कोई भी बैठा हुआ नहीं था इसलिए मैंने रवीना की चूत के अंदर ही अपनी उंगली को घुसाया तो रवीना मचलने लगी रवीना अपनी चूत के अंदर मेरे लंड को लेने के लिए तैयार थी। रवीना ने बताया कि जब मैं पहली बार कॉफी शॉप में बैठा हुआ था तो रवीना ने उसी वक्त मुझे पसंद कर लिया था इसीलिए उसने मेरी इतनी मदद की। मै रवीना की चूत मारने के लिए उतावला था रवीना और मैं उसके घर पर चले गए जब हम लोग रवीना के घर गए तो उस वक्त उसके घर पर कोई भी नहीं था रवीना और मैं एक दूसरे को किस कर रहे थे।

हम दोनों जब एक दूसरे को चुम्मा चाटी करते तो मुझे बहुत आनंद आ रहा था मैं रवीना की चूत में लंड घुसाने के लिए उतावला बैठा था मैंने अपने लंड को रवीना की चूत के अंदर घुसा दिया। जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाला तो उसकी चूत से निकलता हुआ खून मुझे ज्यादा उत्तेजित कर रहा था रवीना पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी वह अपने मुंह से सिसकियां लेती और अपने दोनों पैरों को खोल रही थी। वह मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेकर बहुत खुश थी मैंने रवीना को कस कर पकड़ लिया था और उसके स्तनों को मैं दबाए जा रहा था उसके स्तनों को दबाने मे मुझे आनंद आता और वह भी बहुत ज्यादा खुश नजर आ रही थी। मैंने बहुत देर तक रवीना की चूत का आनंद लिया जब रवीना की चूत के अंदर मैंने अपने वीर्य को गिराया। उसके बाद भी हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तैयार बैठे थे। मैंने रवीना को कहा तुम मेरे लंड को दोबारा से अपने मुंह में ले लो।

रवीना ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर बहुत देर तक चूसा और मेरे लंड से पानी निकाल कर रख दिया जिस प्रकार से उसने मेरे लंड से पानी निकाला मैं भी उसकी चूत से पानी निकालना चाहता था। मैंने उसे दीवार के सहारे खड़ा किया और उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया जब मेरा लंड उसकी चूत में घुसा तो वह जोर से चिल्ला रही थी। मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था मुझे उसे चोदना में बड़ा ही आनंद आ रहा था और उसकी चूत मारकर मैं बहुत खुश था। वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जा रही थी जिस प्रकार से वह अपनी चूतड़ों को मिलाती मैं बहुत ही ज्यादा खुश था। मैंने रवीना की चूत के अंदर वीर्य गिरा दिया मैंने उसकी चूत से लंड निकाला। रवीना के मेरे जीवन में आने से मैं बहुत खुश हूं अब रवीना मेरे लिए जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। रवीना हर समय मुझसे प्यार की बातें करती ताकि वह मेरे साथ सेक्स का मजा ले सकें।