मुझे एक रात का पति बनाया

Antarvasna, hindi sex stories: मुझे मेरी पत्नी कहती है कि सुरेश क्या आप बच्चों को मां के यहां से ले आएंगे मैंने पायल से कहा मैं बच्चों को ले आऊंगा। मेरी पत्नी पायल और मेरी लव मैरिज हुई थी हम दोनों आस पड़ोस में ही रहते थे पायल का घर भी हमारे घर के पास ही है। पायल ने जब मुझे कहा तो मैंने पायल से कहा ठीक है मैं बच्चों को ले आऊंगा। हमारी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं 10 वर्षों में ज्यादा कुछ तो हमारे जीवन में बदला नहीं बस हमारे बच्चे बड़े होते चले गए और समय का पता नहीं चला कि कब समय इतनी तेजी से निकल गया। मुझे तो लगता है जैसे कल ही की बात है जब मेरी मुलाकात पायल से हुई थी पायल का परिवार हमारे पड़ोस में रहने के लिए आया तो मुझे नहीं मालूम था कि पायल से कभी मेरी बन भी पाएगी क्योंकि पायल के पिताजी तो बहुत ही सख्त मिजाज और बड़े ही अनुशासन में रहने वाले व्यक्ति है।

मुझे पायल के पिताजी को देखकर हमेशा ही डर लगता रहता था मैं सोचता था कि यदि मैंने पायल से बात की तो पायल के पिताजी को कहीं यह बात मालूम पड़ी तो वह मुझे कुछ कह ना दे इसलिए मैं पायल से बात ही नहीं कर पाया। काफी समय तक मैं उससे बात नहीं कर पाया लेकिन जब हमारे परिवारों के बीच में मेल मिलाप बढ़ने लगा तो पायल का भी हमारे घर पर आना शुरू हो गया। जब पायल हमारे घर पर आती तो मैं उसे अक्सर देखा करता था धीरे-धीरे अब यह सिलसिला बढ़ता चला गया और पायल से मैं फोन पर बात करने लगा था। पहले तो पायल और मैं बात करते हुए शरमाते थे लेकिन बाद में हम लोगों की शर्म हया सब दूर हो गई और हम लोग खुलकर एक दूसरे से बातें करने लगे। मुझे भी पायल से बात करना अच्छा लगता था और पायल को भी मुझसे बात करना बहुत अच्छा लगता था। हम दोनों को मूवी देखने का बड़ा शौक था हम दोनों मूवी देखने के लिए अक्सर साथ में चले जाया करते थे तो मुझे भी बहुत अच्छा लगता।

मैंने उस वक्त अपनी जॉब शुरू ही की थी लेकिन पायल के साथ मेरी मुलाकात से मेरी सारी टेंशन जैसे दूर हो गई थी मेरे रास्ते खुद ब खुद खुलते जा रहे थे। काफी समय तक तो मैं अपनी पढ़ाई के बाद घर पर ही बैठा था लेकिन जब पायल से मेरी बात होने लगी तो उसके बाद जैसे सब कुछ ठीक होने लगा था मेरी नौकरी भी लग चुकी थी और मैं भी अपने काम में पूरा ध्यान देने लगा था। एक दिन पायल मुझे कहने लगी कि मुझे तुमसे कुछ कहना था तो मैंने पायल से कहा हां पायल कहो ना पायल मुझे कहने लगी कि क्यों ना तुम अपने घर में मेरे बारे में बात कर लो। मैंने पायल से कहा हां क्यों नहीं मैं तुम्हारे बारे में जरूर बात कर लूंगा लेकिन क्या तुम मुझे कुछ महीनों का समय दे सकती हो। पायल कहने लगी हां ठीक है मैं तुम्हें कुछ महीनों का समय देती हूं लेकिन तुम्हें मेरे और अपने बारे में घर में सब को बताना पड़ेगा। मैंने पायल से कहा हां बाबा मैं सबको घर में बता दूंगा तुम बिल्कुल फिकर ना करो और मैंने कुछ दिनों बाद अपने घर में पायल के बारे में बताया तो सब लोगों ने यह रिश्ता मान लिया। हमारी शादी में किसी भी प्रकार की कोई अड़चन नहीं आई और हमारी शादी को आज 10 वर्ष हो चुके हैं लेकिन हमारे जीवन में आज ज्यादा कुछ बदला नहीं है। मैं अपने बच्चों को लेने के लिए गया तो मेरी सासू मां मुझे कहने लगे कि दामाद जी क्या पायल नहीं आई मैंने उन्हें कहा पायल तो घर पर ही है उसने मुझे ही भेज दिया और कहा कि तुम जाकर बच्चों को ले आओ। मेरी सासू मां कहने लगी कि बेटा यदि तुम पायल को ले आते तो कितना अच्छा रहता मैंने जवाब देते हुए कहा कि मां जी कल ही तो पायल आपके पास आई थी और लगभग हर हफ्ते तो हम लोग आ ही जाते हैं कौन से इतना दूर है कि आने के लिए हमें सोचना पड़ता है। वह मुझे कहने लगे हां कह तो तुम ठीक रहे हो लेकिन मैं सोच रही थी कि यदि तुम पायल को ले आते तो अच्छा रहता मैंने उन्हें कहा कि हां सोच तो मैं भी रहा था कि मैं पायल को ले आता लेकिन पायल घर में कुछ काम कर रही थी इसलिए मैं उसे लेकर नहीं आ पाया। वह कहने लगे चलो कोई नहीं मैंने उन्हें कहा मैं भी चलता हूं वह कहने लगे कि तुम खाना खा कर जाना मैंने उन्हें कहा नहीं पायल ने भी घर में खाना बना दिया होगा तो मैं अभी चलता हूं।

मैं अपने घर लौट आया था और अपने साथ अपने बच्चों को भी ले आया बच्चे बहुत ही ज्यादा शरारती हो चुके हैं क्योंकि उन्हें नाना नानी का पूरा प्यार मिलता है और मेरे मम्मी पापा भी उन्हें बहुत प्यार करते हैं। कुछ दिनों के लिए मम्मी पापा घर पर नहीं थे वह मेरी दीदी के घर पर गए हुए थे इसलिए बच्चों ने घर में अपनी शैतानियो से मुझे और पायल को परेशान कर दिया था। मैं और पायल बहुत ज्यादा परेशान हो चुके थे लेकिन हम लोग बच्चों के साथ फिर भी अच्छे से बात किया करते है। मैं उन्हें कभी डांटता तक नहीं था और ना ही पायल उन्हें कभी कुछ कहती थी हम लोग चाहते थे कि बच्चों को हम लोग कभी भी नाराज ना करे। पायल मुझे कहने लगी कि क्यों ना तुम बच्चों को घुमाने के लिए पार्क में ले जाओ। मैंने पायल से कहा ठीक है बाबा मैं ही बच्चों को घुमा ले आता हूं, पायल कहने लगी मेरी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए मैं थोड़ा आराम कर लेती हूं। पायल अब आराम करने लगी और मैं बच्चों को अपने साथ पार्क में लेकर चला गया। हमारी कॉलोनी के अंदर ही एक बड़ा सा पार्क है वहां पर शाम के वक्त काफी भीड़ रहती है।

मैं बच्चों को अपने साथ पार्क में लेकर चला गया जब बच्चों को मैं पार्क में लेकर गया तो उस वक्त वहां पर काफी भीड़ थी बच्चे भी खेलने में इतना मस्त हो गए कि उन्हें मेरा ध्यान ही नहीं रहा। मैंने भी बच्चों को कुछ नहीं कहा वह अपने हमउम्र बच्चों के साथ ही खेल रहे थे तभी एक महिला वहां से गुजर रही थी मेरी नजर उन पर पड़ी मैं उन्हें देखने लगा उनका गोरा रंग और उनका बदन ऐसा था कि वह मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो चुका था और मैं मन ही मन सोचने लगा कि काश यह मुझे मिल जाती तो कितना अच्छा होता लेकिन यह सब इतना आसान भी नहीं होने वाला था पहले तो मुझे यह पता लगाना पड़ा वह रहती कहां है। मुझे जब यह मालूम पड़ा कि वह हमारी कॉलोनी में रहती है और कुछ दिनों पहले ही वह हमारी कॉलोनी में रहने के लिए आई है उनकी शादी को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था और उनका नाम संजना है। मुझे जब भी वह दिखती तो मैं उन्हें देखकर मुस्कुरा दिया करता था मैंने उस वक्त उनकी दुखती रथ पर हाथ रख दिया जब उनके पति के साथ उनका झगड़ा हुआ था। वह भी मुझसे बात करने लगी और उन्होंने मुझसे खुलकर बात की मेरे लिए यह सब अच्छा होने वाला था। मेरी संजना से बड़े ही अच्छे से बात होती थी और मुझे संजना से बात करना अच्छा लगता मैंने एक दिन संजना को फोन पर कुछ अश्लील मैसेज भेजे तो वह मेरे साथ वैसे ही बात करने लगी जैसे मैं उनसे बात किया करता था। उस दिन संजना के फिगर का नाप मैंने फोन पर ले लिया था और उसके बाद जब उन्होंने मुझे घर पर बुलाया तो उन्होंने पूरा इंतजाम कर लिया था। उनके घर पर कोई भी नहीं था वह मेरा ही इंतजार कर रही थी मेरे लिए इससे ज्यादा खुशी की बात क्या हो सकती थी कि संजना मेरा इंतजार कर रही थी। जब संजना की जांघ पर मैंने हाथ रखा तो वह मेरी तरफ देखते हुए कहने लगी आज आप मुझे चोदकर मेरी चूत का घोंसला बना दीजिएगा।

मैंने उन्हें कहा हां क्यों नहीं जरूर और जब मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे अच्छा लग रहा था और उनके स्तनों को दबाने में मुझे बड़ा आनंद आता। काफी देर तक मैं ऐसा ही करता रहा जब मैंने उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करना शुरू किया तो उनके अंदर से एक अलग ही उत्तेजना जागने लगी और उनकी योनि से तरल पदार्थ बाहर की तरफ को निकालने लगा। उन्होंने मुझसे कहा कि आप मेरी योनि में अपनी उंगली को डाल दीजिए तो मैंने अपनी उंगली को उनकी चूत के अंदर डाल दिया जैसे ही मैंने उनकी चूत के अंदर अपनी उंगली को डाला तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी। जब मैंने अपने लंड को हिलाना शुरू किया तो उन्होंने मुझे कहा कि मैं आपके लंड को हिलाती हूं संजना ने मेरे लंड को बहुत देर तक हिलाया मेरा लंड पूरी तरीके से खड़ा हो चुका था कुछ देर बाद संजना ने मुझे कहा कि मैं आपके लंड को चूसना चाहती हूं।

कुछ देर तक संजना ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर किया तो मुझे भी बहुत अच्छा लगा और उन्हें भी बहुत अच्छा लग रहा था। यह सब चलता ही जा रहा था जब उनकी चूत आग ऊगलने लगी तो मुझे उस आग को बुझाना तो था और मैंने भी अपने लंड को उनकी योनि पर लगाते हुए अंदर की तरफ को डालना शुरू किया तो मेरा लंड अंदर की तरफ को जाने लगा था। मुझे संजना को धक्का देने में मजा आता उनकी गोरी चूत जब मेरे लंड से टकराती तो मुझे और भी मजा आता काफी देर तक मैं उनकी चूत के मजे ऐसे ही लेता रहा। जब मैं उन्हें तेजी से धक्के मारता तो उनके मुंह से तेज आवाज निकल आती और मैंने उनकी चूतडो को कसकर पकड़ लिया। मैंने उनकी चूत के अंदर लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया तो उन्हें भी मजा आ रहा था और मुझे भी बड़ा मजा आता। मैंने उनकी चूत से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था मैंने काफी देर तक उनकी चूत मारी जिससे कि मुझे बहुत ही अच्छा लगा और उन्हें भी बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने जब उनके मुंह के अंदर अपने वीर्य को गिराया तो वह कहने लगी कि आपके वीर्य को अंदर लेने में मजा आया हालांकि उसके बाद हम लोगों के बीच कम ही बार सेक्स हुआ।