मानसून में चूत चुदाई

Antarvasna, hindi sex stories मुंबई में काफी तेज बारिश हो रही थी और उस वक्त मानसून का सीजन था मैं सुबह के वक्त ऑटो से अपने ऑफिस के लिए चली गई थी और उस दिन ना जाने इतनी तेज क्यों बारिश हो रही थी बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। जब शाम को मैं ऑफिस से फ्री हुई तो मैंने देखा बारिश काफी तेज हो रही थी और कोई भी ऑटो नहीं आ रहा था और ना ही कोई बस थी मैं बस स्टॉप पर खड़ी हो गई लेकिन उसी वक्त हमारे ऑफिस का एक लड़का अपनी कार से बाहर निकला उसे कुछ ही दिन हुए थे ऑफिस को जॉइन किये हुए। उसने मुझे कहा मैडम क्या मैं आपको घर छोड़ दूं मैंने उसे कहा बारिश काफी तेज हो रही है तो तुम मुझे मेरे घर छोड़ सकते हो वह कहने लगा हां मैडम क्यों नहीं उसका नाम आकाश है। आकाश ने मुझे मेरे घर तक छोड़ दिया रास्ते में हम लोगों ने ज्यादा बात नहीं की क्योंकि वह मेरा जूनियर है इसलिए वह थोड़ा घबराया हुआ था और मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं कर रहा था उसे ऑफिस में ज्वाइन करे हुए मुश्किल से 15 दिन ही हुए थे।

उसने जब मुझे मेरे घर छोड़ा तो मैंने उसे कहा थैंक यू सो मच तुमने आज मेरी बहुत मदद की मैंने उसे कहा तुम घर पर आ जाओ वह कहने लगा नहीं मैडम मैं चलता हूं अभी मुझे घर जाना है हमारे कुछ गेस्ट घर पर आने वाले हैं। वह वहां से अपने घर के लिए निकल पड़ा मैं अपने घर पहुंच चुकी थी मैं थोड़ा बहुत भीग चुकी थी तो मेरे पापा ने मुझे कहा बेटा तुम जल्दी से तुम चेंज कर लो। मैं अपने रूम में गई और अपने कपड़े चेंज कर के बाहर हॉल में आ गई मेरी मम्मी ने मेरे लिए गरमा गरम कॉफी बनाई मैंने वह कॉफी पी और मैं अपने पापा मम्मी से बात करने लगी मैंने मम्मी से कहा क्या भैया अभी तक नहीं आए हैं। मम्मी कहने लगी नहीं वह तो अभी घर नहीं आया है उसका फोन आया था कि उसे आने में थोड़ा देर हो जाएगी, मेरे भैया सरकारी नौकरी करते हैं। जब मम्मी ने मुझसे कहा कि उसे आने में देर हो जाएगी तो मैंने मम्मी से कहा मेरे लिए कुछ नाश्ता बना दो तो मेरी मम्मी ने मुझे कहा ठीक है बेटा मैं तुम्हारे लिए कुछ हल्का फुल्का खाने के लिए बना देती हूं मेरी मम्मी ने मेरे लिए डोसा बना दिया और उसके बाद मैं अपने रूम में चली गई।

मैं अपने रूम में गई तो वहां पर मुझे ध्यान आया कि मुझे अपने ऑफिस का कुछ काम करना था मैंने अपना लैपटॉप खोला और उसमें ऑफिस का काम करने लगी रात को काफी लेट से भैया घर पर आए थे हम लोग उस वक्त तक सो चुके थे और अगले दिन मैं सुबह अपने ऑफिस के लिए निकल गई। अगले दिन मौसम ठीक था हल्की-फुल्की बारिश हो रही थी और जब मैं ऑफिस पहुंची तो मुझे आकाश मिला आकाश ने मुझे कहा गुड मॉर्निंग मैडम मैंने उसे कहा गुड मॉर्निंग। उसके बाद मैं आकाश से बातचीत करने लगी आकाश के बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं जानती थी लेकिन जब एक दिन उसने मुझे लंच टाइम में अपने बारे में बताया तो मैंने उसे कहा तुम्हें तो अपने डांस में मुकाम बनाना चाहिए। आकाश को डांस करने का बड़ा शौक है और वह काफी अच्छा डांस करता है उसने मुझे अपने कई पुराने वीडियो दिखाएं जिसमें बहुत अच्छे तरीके से वह डांस कर रहा था मैंने कहा तुम तो बहुत अच्छा डांस कर लेते हो वह कहने लगा लेकिन मैडम मुझे किसी ने भी सपोर्ट नहीं किया इसलिए मुझे नौकरी करनी पड़ी। मैंने उससे कहा कोई बात नहीं तुम अपने सपनों को पूरा करो और जरूर तुम्हारे सपने पूरे होंगे तभी इत्तेफाक से हमारे ऑफिस का भी एक प्रोग्राम नजदीक आने वाला था और उसमें डांस कंपटीशन भी रखा गया था। हमारे ऑफिस से 6 टीमें थी जिसमें की कपल डांस करना था मुझे आकाश से बेहतर और कोई लगा ही नहीं और उसके बारे में शायद किसी को भी नहीं मालूम था कि वह काफी अच्छा डांस करता है। मुझे यह बात मालूम थी इसलिए मैंने आकाश के साथ ही उस डांस कंपटीशन में हिस्सा लेने की सोची लेकिन मेरे साथ समस्या यह थी कि मुझे डांस करना नहीं आता था।

मैंने जब आकाश को इस बारे में बताया तो आकाश कहने लगा मैडम आप बिल्कुल भी फिक्र ना करें मैं आपको बहुत ही अच्छे से डांस सिखा दूंगा कुछ समय बाद ही आकाश ने मुझे बड़ा अच्छा डांस सिखा दिया। हम दोनों साथ में रिहर्सल किया करते मुझे तो अपने ऊपर बिल्कुल भी यकीन नहीं था कि मैं अच्छा डांस करने लगी हूं यह सब आकाश की वजह से ही संभव हो पाया था यदि आकाश मुझे डांस नहीं सिखाता तो शायद मैं कभी भी अच्छा डांस नहीं कर पाती। जिस दिन हमारे ऑफिस का प्रोग्राम था उसी दिन सब लोग आए हुए थे और हम लोगों ने जिस होटल में अरेंजमेंट किया था वहां का हॉल काफी बड़ा था। सब लोग बारी-बारी से अपना डांस दिखा रहे थे तभी हम दोनों का नंबर आया और जब हम दोनों डांस करने के लिए स्टेज पर गए तो सब लोग तालियां बजाने लगे किसी को शायद उम्मीद नहीं थी कि आकाश और मैं इतना अच्छा डांस करेंगे। मुझे यह तो भरोसा हो चुका था कि हम लोग ही इस डांस में सबसे बेहतर चुने जाएंगे और हुआ भी ऐसा ही हम दोनों को डांस के लिए चुना गया मैं बहुत खुश थी और मैंने आकाश को धन्यवाद देते हुए कहा यह सब तुम्हारी मेहनत की वजह से ही हो पाया है। आकाश कहने लगा नहीं मैडम इसमें आपने भी तो मेहनत की है यदि मैं आपको डांस सिखाता रहता और आप सीखते ही नहीं तो, मैंने उसे कहा हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो लेकिन इसमें आकाश की ही मेहनत थी जो कि हम लोगों को सबसे बेस्ट डांस के लिए चुना गया।

आकाश मुझसे जूनियर है लेकिन उसकी समझदारी काफी है और वह काफी समझदार है आकाश ने एक दिन मुझे अपने पापा से मिलाया उसके पापा ऑफिस में आए हुए थे उसके पापा से मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा। उसके पापा बहुत समझदार हैं और उनकी बातों से मुझे ऐसा लगा कि उन्होंने आकाश को एक अच्छे संस्कार दिए हैं जिससे कि आकाश के अंदर भी उसके पापा की छवि कहीं ना कहीं नजर आती है। जब हम साथ में लंच कर रहे होते थे तो हम दोनों एक दूसरे से अपनी पुरानी बातें शेयर किया करते थे मैं आकाश से अपने कॉलेज की बातें बहुत ज्यादा कहा करती थी क्योंकि कॉलेज में मेरे जितने भी दोस्त थे सब बहुत ही अच्छे थे और मैं अब सबको मिस करती हूं। मेरी अभी भी उन लोगों से मुलाकात होती है और जब भी मैं अपने दोस्तों से मिलती हूं तो मैं आकाश को जरूर इस बारे में बताती हूं हालांकि आकाश मुझसे जूनियर है लेकिन हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो चुकी थी। उसे ऑफिस में जब भी मेरी जरूरत होती तो मैं हमेशा ही उसकी मदद के लिए तैयार रहती काफी बार तो आकाश मुझे मेरे घर तक छोड़ने के लिए आ जाता था और एक दो बार मैंने उसे अपने मम्मी पापा से भी मिलवाया। वह लोग आकाश की बड़ी तारीफ किया करते थे और कहते आकाश काफी समझदार है और बहुत अच्छा लड़का है मुझे भी आकाश की अच्छाइयां बहुत अच्छी लगती थी और शायद मैं उसकी अच्छाइयों से बहुत ज्यादा प्रभावित हुई। मैं उसे हमेशा इस बारे में पूछती की तुम अपने आप को इतना शांत कैसे रख लेते हो आकाश को कभी भी किसी बात पर गुस्सा नहीं आता था और वह बहुत ही शांत स्वभाव का भी है। आकाश की अच्छाइयों से मैं बहुत प्रभावित हो चुकी थी शायद वह मुझे अच्छा लगने लगा था।

एक दिन काफी तेज बारिश हो रही थी उस दिन आकाश मुझे कहने लगा मैं आपको आपके घर छोड़ देता हूं। उस दिन में काफी भीग गई थी आकाश ने मुझे मेरे घर तक छोड़ा, मैंने जब घर में देखा तो घर में कोई भी नहीं था मैंने मम्मी को फोन किया तो मम्मी कहने लगी बेटा मैं एक घंटे बाद आऊंगी मैंने अपने पर्स से चाबी निकाली और दरवाजा खोला और आकाश को अंदर आने के लिए कहा। आकाश अंदर आ गया मैं भीग चुकी थी मैं फटाफट अपने कमरे में गई और कपड़े चेंज करने लगी, आकाश अकेला बैठा हुआ था वह कमरे की तरफ आया तो मैं अपने कपड़े बदल रही थी। उसने मेरे स्तनों और मेरी गांड को देख लिया वह मेरे हुस्न को देखकर अपने आप पर बिल्कुल भी काबू ना कर सका वह मेरी तरफ चला आया। मेरी दिल की धड़कन तेज होने लगी थी और मुझे काफी अजीब सा महसूस हो रहा था जब आकाश ने मेरे होठों को चूमना शुरू किया तो मुझे बहुत मजा आया और वह मेरे होठों का  रसपान काफी देर तक करती रही। उसने मेरे होठों को बहुत देर तक चूसा जब उसने मेरी चिकनी चूत पर अपनी जीभ को सटाकर मेरी योनि को चाटना शुरू किया तो मेरी योनि से गर्म पदार्थ बाहर की तरफ को निकलने लगा और मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई।

मेरी उत्तेजना इतनी अधिक हो गई कि मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। जैसे ही आकाश ने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मेरे मुंह से काफी तेज चीख निकलने लगी और उसी दौरान मेरी सील टूट चुकी थी मेरी योनि से खून निकलने लगा था। वह बड़ी तेजी से मुझे धक्के दे रहा था उसके अंदर का जोश बढ़ता ही जा रहा था वह मुझे काफी तेज गति से धक्का देता जिससे कि मेरे अंदर भी एक अलग ही फीलिंग पैदा हो जाती और मैं उसका पूरा साथ देती। हम दोनों ने एक साथ काफी देर तक सेक्स किया और आकाश की इच्छा पूरी हो गई तो उसने मेरी योनि के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया। हम दोनों एक साथ नंगे लेटे हुए थे लेकिन मैंने जल्दी से अपने कपड़े पहने और आकश से कहा तुम भी अपने कपड़े पहन लो नहीं तो मम्मी आ जाएगी आकाश ने अपने कपड़े पहने और कुछ देर बाद ही वह  अपने घर चला गया। मम्मी भी आ गई मुझे आकाश के साथ सेक्स करना बड़ा अच्छा लगा, उसके बाद हम दोनों जब एक दूसरे को मिलते तो एक दूसरे के साथ सेक्स करने के बारे में सोचते जरूर थे।