मेरी सगी बहन निहारिका-2

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इतना कह कर वो सामन रख कर चला गया.
निहारिका फिर जोर जोर से हंसने लगी और मैं भी वैसे ही खुल के हंसने लगा.
निहारिका कह रही थी- क्या बेवकूफ मैनेजर है.. उसको लग रहा है कि हम लोग हनीमून मनाने आए हैं, पागल कहीं का..
हम दोनों मिलकर खूब हंसने लगे.
उसके बाद व्हिस्की की ओर देखा, वो काफी अच्छे ब्रांड की थी, पहले भी कई मौके पर हम दोनों ने पी है.
निहारिका बोली- अच्छा है, चल निकाल.. आज पी ही लेते हैं.

मैं भी झट से राजी हो गया. फिर वो पैग बनाने लगी और हम दोनों दारू पीने लगे.
कुछ ही देर में मुझे काफी नशा हो गया था और निहारिका को भी नशा चढ़ गया था. अब वो और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी. वो बार बार वो अंगड़ाई ले रही थी, मैं भी उसके मम्मों को बार बार देख रहा था. जब वो अंगड़ाई लेती थी उसकी दोनों चूचियाँ और भी बाहर की तरफ हुई जा रही थीं. सच में उस समय का नजारा बड़ा ही हॉट था. उसकी आँखें और भी सेक्सी हो गई थीं और वो बहकी बहकी बात कर रही थी.

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वो कहने लगी- भाई याद आया वो लड़की.. वो कह रही थी.. धीरे धीरे डालो भैया, उफ्फ्फ… क्या नजारा था यारा, क्या मस्त लग रही थी वो सेक्स करते हुए.
मैं बस निहारिका के मादक जिस्म को शराब के नशे के साथ जज्ब किए जा रहा था.
निहारिका कह रही थी- साले मैनेजर को भी क्या सूझा.. इसे हम लोग पति पत्नी लगे हैं.. ओह्ह्ह भैया इस होटल वाले ने तुम्हें तो मेरा सैयां बना दिया है.
वो बार बार अंगड़ाई ले रही थी, मेरा लंड खड़ा हुआ जा रहा था.
फिर निहारिका बोली- भैया आज मैं बहुत खुश हूँ आज मेरी जॉब लग गई है, आज तो पार्टी बनती है, मांग तू.. आज जो भी मांगेगा आज मैं मना नहीं करूंगी.
मैंने कहा- सच में दोगी?
वो मम्मे तान कर बोली- मांग कर तो देख.. आज मैं किसी भी चीज के लिए मना नहीं करूँगी.. चल मांग जो मांगना है.
मैंने उसके उठे हुए मम्मों को वासना की नजरों से देखते हुए कहा- आज मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ.

तो निहारिका भी अपने दूध मसलते हुए बोली- मैं तो कब से चाह रही थी.. आज जो मैनेजर बोला तो वो भी कर लेते हैं.
अगले ही पल वो मेरे गले से लग गई, उसकी दोनों चुचियां मेरी छाती से चिपक रही थीं और फिर मुझे किस करने लगी.
उसने उठा कर सारी लाइटें बंद कर दीं और दोनों मोमबत्ती जला कर नाईटी को उतार दिया. मोमबत्ती की हल्की हल्की रोशनी में मेरी बहन काफी सेक्सी लग रही थी. आह क्या शरीर था यार.. बहुत हॉट लग रही थी. उसकी बड़ी बड़ी ठोस चुचियां, पतली कमर, गोल गोल चूतड़, खुले बिखरे बाल..
वो मटकती हुई आई और मेरे होंठ को चूसने लगी. मैं नाईटी के ऊपर से ही हौले हौले से उसकी चूचियाँ दबाने लगा. वो बहुत ही कामुक हो गई थी, वो बोली- भाई, ऐसे कपड़ों के ऊपर से क्या मजा आयेगा, मेरी नाइटी उतार कर मेरी चुची को सहलाओ, मसलो, चूसो!

मैंने उसकी नाइटी उतार दी. उसने ब्रा नहीं पहनी थी पर पैंटी पहनी हुई थी. अपनी बहन का कामुक नंगा जिस्म देख कर मेरा लौड़ा बेकाबू होने लगा. मैं अपने दोनों हाथों में उसकी एक एक चुची पकड़ कर सहलाने लगा, मसलने लगा.
जब मैंने जोर से बहन की चुची मसली तो वो कहने लगी- भाई धीरे से मसलो… दर्द होता है मुझे.
फिर मेरी बहन में मेरा सर अपनी छाती पर झुका दिया तो मैं समझ गया कि वो अपनी चुची मुझसे चुसवाना चाहती है. मैंने उसका निप्पल आने मुंह में लिया और चूसने लगा. मेरी बहन के मुख से सिसकारियां निकलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… चूस भाई…
फिर उसने मेरे निक्कर में हाथ घुसा दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी. कुछ देर बाद उसने मुझे मेरी निक्कर उतारने को कहा, मैं भी लंड को आजाद करना चाह रहा था तो मैंने झट से अपनी निक्कर उतार दी.

मेरी बहन ने अपने भाई के लंड को हाथ में ले लिया और कहने लगी- क्या लंड है भैया जैसा कि ब्लू फिल्म में होता है.. वैसा ही आपका लंड है. आज मजा आयेगा.
उसने मुझे बिस्तर पर लेटने को कहा और मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी. लेकिन दो मिनट बाद ही मैंने उसे रोक दिया क्योंकि इससे तो मेरा स्खलन हो जाता.
अब मैंने अपनी बहन को पैंटी उतारने को कहा तो वो अपने चूतड़ मेरे पास लाकर बोली- ले भाई, तू अपने आप उतार ड़े मेरी पैंटी और अपनी बहन को पूरी नंगी कर दे!
मैंने पहले पैंटी के ऊपर से ही अपनी बहन की चूत सहलाई फिर दोनों हाथों की एक एक उंगली बहन की पैंटी में फंसा कर उसे जांघों पर ले आया. मेरी नजर अपनी बहन की चूत पर अटक कर रह गई. मेरी बहन की चूत एकदम साफ़, बाल रहित थी, गोरी थी, उसके होंठ चिपके हुए थे लेकिन इनके बीच में से उसकी भगनासा बाहर को निकली हुई दिखाई दे रही थी.

मैं अपनी बहन की चूत चाटना चाहता था लेकिन वो शायद चूत में लंड लेने के लिए उतावली हो रही थी तो उसने फटाफट से अपनी पैंटी को अपनी टांगों से निकाल बाहर किया और मुझे लिटा कर मेरे ऊपर आ कर मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत के छेद को रख लिया और हल्के हल्के से लंड पर बैठ गई. मेरा पूरा लंड मेरी बहन की चूत में समा गया.
मेरा लंड बहन की चूत में ऐसे घुस गया जैसे मक्खन में चाकू, मैंने उस से पूछा- बहना, तुम पहले ही अपनी चूत की सील खुलवा चुकी हो क्या?
वो मुझे चूमते हुए बोली- हाँ मेरे भाई, मैं तो कई बार चुद चुकी हूँ. इसी लिए तो आज मेरी चूत में आग लगी है और मेरी चूत लंड की चाह में तड़फ रही थी. मैं तो कब से तुम से चुदाना चाहती थी तुमने कभी मुझे इशारा ही नहीं दिया.

मैंने लंड की ठोकर देते हुए कहा- आज भी पार्क में उस बहनचोद की चुदाई न देखता तो मैं आज भी तुमको चोदने की न सोचता.
निहारिका बोली- अब तो बन गया न तू भी बहन का लौड़ा.. अब हचक कर चोद मुझे.. आह.. बड़ी खुजली मच रही है मेरी चूत में.. आह..
ओह्ह्ह… फिर क्या बताऊँ दोस्तो, मेरी बहन उछल उछल कर चुदवाने लगी, उसके मुँह से “आअह आआह आआअह उम्म्ह… अहह… हय… याह… उफ्फ्फ..” की आवाज निकल रही थी. जब वो मेरे लंड पे झटके देती तो “फच फच..” की आवाज आती. पूरा कमरा रूमानी खुशबू से महक रहा था.. हल्की हल्की मोमबती जब रही थी. मेरी बहन की सेक्सी आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी.
मैं भी “आह ओह हाय..” करके लंड को पेले जा रहा था.
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उसके बाद निहारिका नीचे लेट गई और मैं ऊपर चला गया, फिर मैंने उसका पैर को अपने कंधे पर रख लिया और अपना लंड को जोर जोर से उसके चूत में डालने लगा.
वो चिल्लाने लगी- फ़क मी फ़क मी हार्ड, चोदो खूब चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत को, ले लो अपनी आगोश में, बना दो मुझे रंडी, चोद जो मेरी जिस्म को शांत कर दो.
फिर मैंने उसको घोड़ी बनाया और पीछे से बड़ी चौड़ी गांड को पकड़ कर फिर उसकी चूत में लंड पेलने लगा. वो काफी हॉट और वाइल्ड हो गई और जोर जोर से गांड को धक्के लगा रही थी.
फिर हम दोनों एक लम्बी “आआह..” भरी और मैंने अपने लंड का पूरा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया. हम दोनों एक दूसरे को चूमते हुए लेट गए.
फिर आधे घंटे बाद एक एक पैग व्हिस्की फिर ली. उसके बाद फिर चुदाई की, रात भर में 4 बार मैंने अपनी प्यारी बहन को रंडी बना कर चोदा.