मेरी सगी बहन निहारिका-1

indian sex stories, hindi porn kahani मेरा नाम अश्विनी है, मैं 23 साल का हूँ. अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली हिंदी सेक्स कहानी है.
मेरी सगी बहन का नाम निहारिका है. वो 25 साल की है, हम दोनों भाई बहन आपस में पूरे खुले हुए हैं.
निहारिका जॉब के लिए कोशिश कर रही थी, उसने दिल्ली में एक जॉब के लिए एप्लीकेशन भेजी थी. निहारिका का जॉब इंटरव्यू दिल्ली में शनिवार को था, तो हम लोग दिल्ली शनिवार को ही पहुंच गए थे.
इस वक्त सुबह के करीब 7 बज रहे थे. हम दोनों भाई बहन ने एक होटल का कमरा लेने का तय किया ताकि निहारिका अपने को ठीक ठाक करके सज संवर के इंटरव्यू के लिए जा सके. और हम एक अच्छे से होटल में पहुंचे.

होटल के रिसेप्शन पर एक सुन्दर सा लड़का, जो ब्लैक सूट में था, उसने गुड मॉर्निंग कहा और रजिस्टर में नाम लिखने लगा.
हमने आई डी प्रूफ दिया, जब सारी फॉरमिलिटी हो गईं, तो वो लड़का मुस्कुराया और उसने कहा- सर आपकी वाइफ बहुत सुन्दर हैं, एन्जॉय कीजिये.. आपको किसी चीज की जरूरत होगी तो प्लीज आप हमें फोन कर दीजिये, आपका वीकेंड हैप्पी हो.
हम ने थैंक्स कहा और जैसे वहाँ से घूमे अपने कमरे जाने के लिए हम दोनों को हंसी आ गई. हंसते हंसते हम दोनों अपने कमरे तक पहुंचे और निहारिका तो और जोर जोर से हंसने लगी, वो कहने लगी- उसने मुझे आपकी वाइफ बोला मुझे.. मुझे बहुत हंसी आ रही है.
इस तरह से हम दोनों एक दूसरे को देख कर हंसने लगे. फिर हम दोनों फ्रेश हुए, ब्रेकफास्ट किया और वह से वसंत कुंज के लिए निकल पड़े. वहीं एक ऑफिस में ग्यारह बजे निहारिका का इंटरव्यू होना था. सब कुछ अच्छा हुआ, निहारिका सिलेक्ट हो गई, हम दोनों काफी खुश थे.

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वहाँ से करीब तीन बजे निकले और फिर दिल्ली घूमने लगे. पहले इंडिया गेट गए, फिर हम लोग कई सारे मॉल में गए, घूमे, शाम को कनॉट प्लेस गए, खूब मजे किए.
मैंने वहाँ पर एक कपल को देखा. उस में लड़का पार्क में बेंच पर ही गोद में लड़की को बैठा कर चुदाई कर रहा था. वो भी हम दोनों ने तब देखा, जब “आअह आआह आआअह..” की आवाज आ रही थी. कमाल की बात ये थी कि वो लड़की कह रही थी कि आह.. भैया धीरे धीरे चोदो.. दर्द हो रहा है.. और जल्दी चोद लो.. चलो घर.. मम्मी पापा इंतज़ार कर रहे होंगे.
हम दोनों एक दूसरे का मुँह देखने लगे और मैं बोला- दोनों भाई बहन हैं.. बताओ.. दिल्ली जगह ही ऐसी है. चलो, सबका अपना अपना ज़िंदगी जीने का तरीका है.
सच बताऊँ दोस्तो, उसके बाद मेरा निहारिका को देखने का तरीका ही चेंज हो गया था. मैं अब उसके तने हुए मम्मों को निहार रहा था, जब वो चल रही थी तो उसके मटकते चूतड़ों को देख रहा था. वो तब से और भी ज्यादा हॉट लगने लगी थी, पर मैं ये भी ध्यान रख रहा था कि कहीं उसको मेरी ये नजर का पता ना चल जाए. वो आखिर है तो मेरी बहन ही.

फिर हम दोनों धीरे धीरे नार्मल होते गए. रास्ते में चलते चलते एक बार तो उसका एक चूचा मेरी कोहनी से लग गया, उसने कुछ भी नहीं कहा और वो मुस्कुरा दी. मुझे बहुत ही अच्छा लगा, क्या रुई की तरह उसका गोल गोल चूचा मुझे मस्त अहसास दिला गया था.
शाम को खाना कहते हुए करीब हम लोग आठ बजे होटल पहुंचे, कमरे में गए और फ्रेश हो कर टी वी देखने लगे.
तभी निहारिका बाथरूम से निकली, मैं उसको देखकर हैरान हो गया. वो पिंक कलर की नाईटी में थी, उसके बाल खुले थे. वो बड़ी ही हॉट लग रही थी. उसने अन्दर ब्रा भी नहीं पहनी थी और उसकी नाईटी चूंकि सिल्की कपड़े की थी तो उसके मम्मों का पूरा आकार उसके निप्पल समेत दिख रहा था. वो जब चल रही थी और कंघी कर रही थी तो उसके चूचे हिल रहे थे. यहाँ तक कि जब वो चल रही थी, तब मेरी बहन के चूतड़ गजब की छटा बिखेर रहे थे.

सच पूछो दोस्तो तो मेरा लंड तो खड़ा होने लगा था अपनी सेक्सी बहन को देख कर! मैंने फटाफट उठते लंड पर कम्बल रख लिया ताकि उस को पता ना चले कि मेरा हीरो सलामी ठोक रहा है.
तभी बेल बजी, दरवाजा सिर्फ सटाया हुआ था.
मैंने कहा- कम इन..
वो होटल का वेटर था, वो एक बोतल व्हिस्की, दो गुलाब के फूल, दो कैंडल देते हुए बोला- सर ये सारे चीजें मैनेजर सर ने भेजी हैं और कहा है कि सर के लिए गिफ्ट है, उनके हनीमून पर.