मेरी नज़र काम वाली पर

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हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब मेरा नाम है जय और मैं कानपूर का रहने वाला हूँ | दोस्तों वैसे तो मैं सिंगल हूँ और यहाँ रहके अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा हूँ पर आप तो जानते ही हैं कि सिंगल होना कितना बड़ा अभिसाह्प है | दोस्तों मैं हर बार सोचता हूँ कि मुझे कोई लड़की मिल जाए जिससे मैं शादी कर लूँ क्यूंकि मैं 26 का हूँ और मुझे अब पटाने के चक्कर में नहीं पड़ना है | मैं ऐसा इसलिए भी कह रहा हूँ क्यूंकि मैं पढ़ाई के साथ कमी भी करता हूँ | दोस्तों मैं म टेक कर रहा हूँ और मुझे सरकार पैसे देती है और मैं पढाता भी हूँ कॉलेज में इसलिए मुझे वहां से भी बहुत पैसा मिलता है | पर आपको एक बात तो पता है कि आर लड़का सिंफ्गले है और घर से बाहर है तो उसे काम करने के साथ साथ खुद का देखना मुश्किल पड़ता है इसलिए कई लोग काम वाली बाई लगा लेते हैं | पर दोस्तों मुझे ऐसा नहीं लगता क्यूंकि मैं अपने काम खु निपटा लेता हूँ और मुझे किसी चीज़ की कमी नहीं है | मैं ऐसा नहीं करना करना चाहता था लेकिन अब आप खुद ही पढलो |

तो दोस्तों मैं बचपन से ही अच्छे घर में रहा हूँ और मुझे अपना काम खुद करने के लिए सब कुछ सिखाया गया है | मेरी माँ का कहना है अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो आपको जीने का कोई हक नहीं है | मैंने हमेशा अपनी माँ कि हर बात मानी है पर मुझे कभी कभी लगता था जैसे मैं  अपने साथ बेईमानी कर रहा हूँ | दोस्तों लोग बीमार पड़ते हैं और अगर कोई अकेला हो तो उसकी देखभाल कोई नहीं कर सकता | इसलिए मैंने सोचा चलो एक काम वाला लगा ही लेता हूँ | दोस्तों मैं लडको पर ज्यादा भरोसा करता हूँ क्यूंकि मेरा एक दोस्त है उसने एक काम वाली को रखा था और उसके साथ रात में गलत हो गया | उसकी काम वाली ने चाय में नशे की गोली मिलाई और उसका सब कुछ लूट के भाग गयी | उसके बाद मैंने मन में ठान लिया था कि मैं ऐसा कुछ नहीं करूँगा और अगर काम वाला लगाऊंगा भी तो बस कपडे धोने के लिए और साफ सफाई के लिए | पर साला ऐसा कोई मिल नहीं रहा था जिसे मैं काम पर लगा सकूँ |

मैंने सोचा चलो पेपर में एड निकलवा देता हूँ जिससे मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी | पर ऐसा हुआ कि मुझे कुछ सोचने समझने का मौका ही नहीं मिल पा रहा था | मैंने सोचा चलो यार कोई नहीं थोडा और देखता हूँ क्यूंकि मुझे ज़्यादातर लड़कियों के फोन आ रहे थे | एक दिन मेरा दिमाग घूमा और मैंने एक पारो नाम कि लड़की को कह दिया तुम कल से काम पर आ जाओ | जब वो आई तो मैंने देखा कि वो शादी शुदा है पर माल गजब का था वो | क्या फिगर था साली का जैसे मख्हन | फिर क्या था मैंने उससे कहा तुम साफ सफाई और कपडे धोने का काम करना बाकी मैं देख लूँगा | उसने कहा साहब आप मुझे 500 रुपये और देना मैं सब कर दूंगी | मैंने कहा नहीं पहले विश्वास होने दो मुझे | मैंने कहा जब तुम साफा साफी करके बाहर आओगी तो मैं तुमाहरी त्रलाशी लिया करूँगा रोज़ | उसे ना जाने क्या हुआ और वो मुस्कुराने लगी और कहने लगी अच्छे से लेना मेरी तलाशी | मैंने कहा ठीक है मुझे वैसे भी कोई पंगा नहीं चाहिए है | इसलिए मैंने उसे काम पर लगा दिया |

उसके बाद जब भी वो काम करके बाहर निकलती मैं उसकी तलाशी लेता और वो ना जाने क्यूँ हँसने लगी | उसके बाद मैंने सोचा चलो अच्छी है इससे सारा काम करवा लिया करूँगा | मैंने उससे कह दिया तुम सब करना | पर एक दिन कीई बात है वो काम कर रही थी और मैं कही जाने वाला था तो मैंने कहा चलो काम ख़त्म आओ मैं तुमाहरी तलाशी ले लूँ | मैंने जैसे ही उसके कंधे पर हाथ रखा और नीचे आया तो उसने मेरे हाथ पकड़े और अपने दूध पर रखे और अबाने लगी | उसने पूछा कैसा लग राग है | मैंने कहा बहुत अच्छा | उसने कहा खोल के तलाशी लोगे मेरी | मैंने कहा बिलकुल तो उसने एक एक करके अपने सारे कपडे उतार दिए | मैंने उसके गोरे बदन को देखा तो खो गया और वो मेरे कपडे भी उतारने लगी और मुझे नंगा जार दिया | उसने मेरे लंड को पकड़ा और कहा तुम मेरी लो मैं तुमाहरी लेटी हूँ | मैंने उसके दूध को पीना चालु कर दिया और उसके गूरे बदन को चाटने लगा | जैसे ही मैंने नीचे गया उसकी बालों वाली चूत को चाटने लगा तो वो आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊउम्म्म्ह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊओह्हह्ह ऊऊउम्म्म्म आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊउम्म्म्ह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊओह्हह्ह ऊऊउम्म्म्म करने लगी |

उसके बाद मैंने उसको अपना लंड चुस्वाया और उसके बाद मैंने उसकी चूत में आराम से अपना लंड घुसाया और मुझे ऐसा लगा जैसे उसे कभी चुदाई नसीब नहीं हुयी | उसकी चूत बहुत टाइट थी | वो चुदने के समय आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊउम्म्म्ह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊओह्हह्ह ऊऊउम्म्म्म आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊउम्म्म्ह ऊऊउम्म्म्म आआह्हह्हह ऊओह्हह्ह ऊऊउम्म्म्म कर रही थी | मैं उसको बड़े प्यार से चोद रहा था और कुछ देर बाद मैंने अपना सारा मुट्ठ उसके पेट पर गिरा दिया | अब तो हमारा रोज़ चुदाई कार्यक्रम होता है |