मेरी दोस्त और मेरा दोस्त

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मेरा नाम आकाश है। मैं 26 साल का युवक हूं। मुझे गिटार का बहुत शौक है लेकिन यह शौक मेरा कभी पूरा हो नहीं पाया। मैं पहले अपने पढ़ाई में लगा रहा। उसके बाद मैं अपनी जॉब के सिलसिले में बिजी हो गया लेकिन अब मैंने थोड़ा अपने जॉब से टाइम निकालते हुए सोच ही लिया कि थोड़ा-बहुत अपना शौक पूरा कर लूंगा और गिटार सीख लूंगा। अब मैं सर्च करने लगा कि हमारे यहां पर कौन गिटार की क्लासेस देता है। तभी मुझे पता चला कि हमारे घर के पास में ही कोई व्यक्ति हैं जो गिटार सिखाते हैं। मैं अब उनके घर पर चला गया। उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा। हम लोग बैठ कर काफी देर तक बातें करते गए। उसके बाद उन्होंने मुझे पूछा क्या तुम्हें प्रोफेशनली सीखना है या फिर तुम ऐसे ही शौकिया तौर पर सीख रहे हो। मैंने उन्हें बताया कि मुझे स्कूल टाइम से ही गिटार सीखने का बहुत शौक था लेकिन मेरा शौक सिर्फ शौक ही बनकर रह गया। मैं कभी भी गिटार सीख नहीं पाया। पहले अपने पढ़ाई के चलते। उसके बाद अब अपने जॉब के चलते, लेकिन अब मैंने जॉब से थोड़ा बहुत समय निकालने की कोशिश की है। जिससे मैं गिटार सीख सकूं। वह कहने लगे, बहुत अच्छी बात है, अगर तुमने अपना मन बना लिया है तो मैं तुम्हें गिटार सिखा दूंगा। मैंने उनसे फीस पूछी उन्होंने मुझे फीस बताइए और मैंने उनके पास कुछ पैसे एडवांस में जमा करवा दिए। उन्होंने मुझे कहा कि तुम किस समय आ सकते हो? मैंने उन्हें बोला कि मैं ऑफिस के बाद ही आपके पास आ पाऊंगा। मैं डेली शाम को ऑफिस के बाद उनके घर पर चला जाता हूं। वह काफी अच्छी तरीके से मुझे गिटार सिखाया करते थे। उनका नाम रवि था।

एक दिन एक सुंदर सी लड़की मुझे उनके घर पर दिखी। उन्होंने मेरा परिचय जब उस लड़की से करवाया तो वह मुझे कहने लगे कि यह मेरी छोटी बहन है। मैंने उनसे कहा कि मैंने तो इन्हें पहले कभी भी आपके घर पर  देखा ही नही। वह मुझे कहने लगे कि हां यह पढ़ाई के सिलसिले में बाहर थी। अभी कुछ दिनों पहले ही लौटी है। वह  कहने लगे  कि मेरी बहन भी बहुत अच्छा गिटार बजाती है। मैं यह सुन कर बहुत खुश हो गया। उनकी बहन का नाम सोनी था। वह मुझे अब काफी कुछ सिखा चुके थे। और बहुत खुश भी थे, कि तुमने बहुत जल्दी से गिटार सीख लिया है। मैंने कहा कि हां क्यों नहीं। यह तो मेरा शौक था। थोड़ा बहुत मुझे पहले भी आता था। इस वजह से मैं काफी जल्दी सीख पाया हूं। अब जब कभी वह घर पर नहीं होते तो सोनी मुझे गिटार सिखाया करती थी। वह भी बहुत अच्छा गिटार बजा लेती थी। ऐसे ही हम दोनों में भी अब काफी बातें होने लगी। मैं उस से बहुत ज्यादा प्रभावित था। एक दिन मैंने उसे कहा कि हमारे ऑफिस में किसी ने एक प्रोग्राम ऑर्गेनाइज करवाया है। तो वह कहने लगी मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगी मैंने इसके बारे में रवि से भी बात की, लेकिन उन्होंने आने से मना कर दिया और कहने लगे कि तुम एक काम करो सोनी को भी अपने साथ ले जाना। मैंने उन्हें कहा ठीक है आप देख लीजिए। यदि आप चलना चाहते हैं तो आप चल सकते हैं।

काफी अच्छा प्रोग्राम ऑर्गेनाइज करवाया है। वह कहने लगे कि मुझे कुछ काम है। इसलिए मेरा आना संभव नहीं हो पाएगा। तुम सोनी को ही अपने साथ ले जाना। अब हम दोनों प्रोग्राम के लिए चले गए। मैं सोनी को अपनी कार से ही ले गया। हमने उस प्रोग्राम को काफी एंजॉय किया। वह मुझे कहने लगी कि यह प्रोग्राम तो काफी अच्छा था। मैंने सोचा था कि ऐसे ही छोटा-मोटा सा प्रोग्राम ऑर्गेनाइज करवाया होगा। मैंने उसे कहा कि जितने भी हमारे ऑफिस की ब्रांच हैं, पूरे देश में वहां से लोग आए हैं। इस वजह से हमारी यहां पर काफी भीड़ है। हम दोनो ने काफी एंजॉय किया और अब हम घर की तरफ लौटने लगे। जब हम घर आ रहे थे तो हम लोग आपस मे बातें करने लगे। तभी रास्ते में हमारी कार भी खराब हो गई। तो जैसे ही मैं नीचे उतरा तो मैंने देखा कि मेरे गाड़ी का टायर पंचर हो चुका है और काफी रात भी हो गई है। मैंने उसे कहा कि मैं अपनी गाड़ी का टायर चेंज कर देता हूं। क्या तुम थोड़ी देर इंतजार कर सकती हो? वह मुझे कहने लगी ठीक है मैं इंतजार कर लेती हूं तुम गाड़ी का टायर ठीक कर लो। मैंने अपनी कार का टायर चेंज कर दिया। थोड़ी देर बाद सोनी ने पूछा  की क्या कार का टायर चेंज हो चुका है?  मैंने उसे बताया हां कार का टायर मैंने चेंज करवा दिया है। अब हम आराम से घर जा सकते हैं।

लेकिन जब मैंने देखा तो सोनी ने अपनी टी-शर्ट को उतार रखा है और वह अपने कान में हेडफोन लगाकर गाने में झूम रही है। जैसे ही उसने मुझे देखा तो उसने तुरंत ही बहुत   जल्दी टी-शर्ट पहनने की कोशिश की लेकिन वह पहनना ना सकी। मैंने तुरंत ही उसके स्तनों को अपना हाथो से दबा दिया। वह मेरी तरफ घूर कर देखने लगी। मैंने उसे कहा कि तुम यह क्या कर रही हो वह कहने लगी ऐसी ही में गाने में डांस कर रही थी। मैंने भी अपने लंड को तुरंत अपनी पैंट से बाहर निकाल दिया। जैसे ही उसने मेरा लंड देखा तो वह कहने लगी तुम्हारा तो बहुत ही मोटा है। मैंने उसे कहा तुम इसे मुंह में ले कर देखो तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा। उसने मेरी कार के दरवाजे को खोला और ऐसे ही उसे अपने मुह मे लेने लगी। वह मेरे लंड को बड़े प्यार से चूसती जाती जिससे कि मुझे बहुत ही अच्छा लगता। मैंने उसके बालों को पकड़ते हुए उसके गले तक अपने लंड को डाल दिया। ऐसे ही काफी देर तक करने के बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और वो कहने लगी तुमने तो मेरे गले के अंदर ही डाल दिया। मैंने उसे कहा क्या तुम्हें अच्छा नहीं लगा उसने कहा मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मैंने भी उसकी जींस को उतारते हुए उसकी पैंटी में अपने हाथ से रगडने लगा जैसे ही मैं ऐसा करता तो उसकी पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी। मने मैने उसके होठों को अपने होठों में लेकर किस करना शुरू किया।

उसके बाद मैंने उसके स्तनों को भी अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। ऐसे ही मैं उसके स्तनों को चूसता जाता अब उसकी योनि से और ज्यादा पानी गिर रहा था। वह काफी ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी। उसका शरीर पूरा गरम हो गया था अब मैंने अपनी सीट पर उसे लेटा दिया और अपने दरवाजे को खोल दिया। मैं तो ऐसे ही उस चोदने लगा जैसे ही मेरा लंड उसके अंदर गया था तो उसकी सील टूट चुकी थी और वह चिल्लाने लगी। मैं बड़ी तेजी से उसे पकड़कर झटके देता जाता जिससे उसका शरीर का अंजर पंजर हिल गया था। वह मुझे कहती कि तुमने तो बहुत ज्यादा तेजी से मुझे चोदना शुरू कर दिया है। मैं उसे ऐसे ही बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहा था जिस से वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी और मेरी कमर पर उसने पूरे नाखूनों के निशान लगा दिए थे। मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया और उसके होठों को दोबारा से किस करने लगा जैसे ही मैं उसके होठों को किस कर रहा था तो उसकी चूत से पानी गिरने लगा। मैं समझ चुका था कि उसका झड़ चुका है अब मैंने उसे इतनी तेज झटके देना शुरु किया कि मेरी कार पूरी हिलने लगी और मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। उसके टाइट चूत में जब मैं झटके मार रहा था मैंने ऐसा कम से कम 15 मिनट तक किया। उसके बाद मेरा भी मेरे झडने वाला था तो मैंने तुरंत ही उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया और वह वैसे ही मेरे लंड को चूसती जा रही थी और उसके तुरंत बाद मेरा माल उसके मुंह में जाकर गिर गया। जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो उसने वह अपने अंदर ही ले लिया। अब मैंने अपने लंड को उसके मुंह से बाहर निकाला। जो कि बिल्कुल ही कमजोर पड़ चुका था और वो छोटा सा हो गया था।

हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और अपने घर के लिए निकल पड़े। मैंने पहले सोनी को उसके घर पर छोड़ा और उसके बाद अपने घर पर चला गया। अब जब भी मैं गिटार क्लास जाता हूं तो वह मुझे देखकर मुस्कुरा देती है और वह भी बहाने ढूंढते रहते कि किस तरीके से मैं उसकी चूत मारूं क्योंकि उसकी भी चूत मे खुजली कुछ कम नहीं थी।