मेरी चूत को आज अपना लो

Antarvasna, sex stories in hindi: मेरा नाम माधव है और मैंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव से ही पूरी की है। गांव में अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं अपने भैया के पास शहर में रहने के लिए आ गया लेकिन वहां पर मेरे लिए सब कुछ नया था मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था मेरा मन बिल्कुल भी नहीं लग रहा था। जब मेरा दाखिला कॉलेज में हुआ तो कॉलेज में मेरा कोई भी दोस्त नहीं था इसलिए मुझे काफी अकेला महसूस हुआ करता था लेकिन जब मेरी दोस्ती हुई तो सबसे पहले मेरी दोस्ती रमेश के साथ हुई और रमेश मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त बन गया रामेश और मैं एक दूसरे के घर अक्सर आया जाया करते थे। भैया और भाभी शहर में ही रहते हैं भैया की शादी के बाद भैया भाभी के साथ शहर में ही रहा करते थे और वह चाहते थे कि मैं भी कुछ अच्छा करूं इसलिए उन्होंने मेरा दाखिला कॉलेज में करवा दिया था। कॉलेज का फर्स्ट ईयर तो मेरा अच्छे से बीत गया था और फिर मैं कॉलेज के सेकंड ईयर में आ चुका था।

एक दिन मैं अपने कॉलेज के गेट के अंदर गया ही था कि मैंने सामने से एक लड़की को आते हुए देखा उसके सुनहरे बाल और जिस प्रकार की उसकी सूरत थी वह तो मुझ पर जैसे जादू ही कर रही थी मैं उसे देख कर उस पर पूरी तरीके से फिदा हो गया था। मुझे उसके बारे में अभी कुछ ज्यादा पता नहीं था लेकिन मैं उसके बारे में पता करवाना चाहता था और फिर मैंने रमेश को इस बारे में बताया। एक दिन हम लोग अपने कॉलेज की कैंटीन में बैठे हुए थे और उस दिन वह लड़की अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठी हुई थी उन लोगों का शायद कॉलेज का पहला ही साल था और वह लोग आपस में बड़ा ही इंजॉय कर रहे थे। मेरे साथ रमेश बैठा हुआ था मैंने रमेश को कहा यार मुझे उस लड़की से बात करनी है लेकिन मैं काफी ज्यादा शर्मिला किस्म का था इसलिए मैं उससे बात नहीं कर पाया परंतु रमेश ने मेरी मदद की और मुझे उसने शिखा का नंबर लाकर दे दिया। शिखा का नंबर मुझे मिल चुका था लेकिन मेरी उससे बात करने की हिम्मत नहीं हुई। एक दिन रमेश और मैं उसी के घर पर थे उस दिन रमेश ने कहा कि आज तुम मेरे घर पर ही रुक जाओ तो मैं रमेश के घर पर ही रुक गया मैंने अपने भैया को फोन कर के कह दिया था कि आज मैं रमेश के घर ही रुकूँगा।

मैं और रमेश साथ में बैठे हुए थे तो रमेश ने कहा कि आज तुम शिखा को फोन करो मैंने उसे कहा कि नहीं रमेश मैं उससे बात नहीं कर पाऊंगा तुम तो जानते ही हो कि मेरे अंदर इतनी हिम्मत नहीं है लेकिन रमेश ने मुझे कहा कि देखो तुम्हें उससे बात तो करनी ही पड़ेगी। मैंने शिखा को फोन किया मैंने जब पहली बार शिखा को फोन किया तो उसने मेरा फोन काट दिया और उसके बाद जब उसने मेरा फोन काटा तो मैंने उसे दोबारा से फोन किया मैंने उससे बात की लेकिन मेरी उससे सही से बात नहीं हो पाई। मैं और रमेश एक दिन कॉलेज के कैंटीन में इंटर हो रहे थे तो मैंने देखा की शिखा आगे से आ रही थी शिखा की टक्कर मुझसे हुई तो उसने मुझे कहा कि मुझे माफ कर दीजिए मेरा ध्यान कहीं और ही था। शिखा का ध्यान ना जाने कहा था इसलिए उसकी टक्कर मुझसे हुई उस वक्त वह चली गई मेरे पास शिखा का नंबर होते हुए भी मैं उससे बात नहीं कर पा रहा था लेकिन रमेश ने मुझे कहा कि देखो तुम्हे उससे बात तो करनी ही पड़ेगी। एक दिन मैंने कॉलेज की कैंटीन में शिखा से बात कर ली शिखा और मेरी बात पहली बार ही हुई तो मैं उससे खुलकर बात नहीं कर पाया लेकिन हम दोनों का एक दूसरे से परिचय हो गया था अब हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे थे। धीरे-धीरे शिखा के साथ मेरी दोस्ती बढ़ने लगी तो हम लोग साथ में भी रहने लगे थे। कॉलेज की कैंटीन में ज्यादातर समय हम लोग साथ में बिताया करते थे मेरी जिंदगी में अब शिखा आ चुकी थी और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे शिखा से बढ़कर मेरे जीवन में कुछ और है ही नहीं। मैं बहुत साधारण किस्म का हूं लेकिन शिखा ने मुझे बदलने की कोशिश की और मैं बदलने लगा था। मैं पूरी तरीके से बदलने लगा मेरे कपड़े पहनने का तरीका और मेरे बात करने का तरीका भी बदल चुका था यह सब शिखा की वजह से ही संभव हो पाया था क्योंकि इसमें शिखा का ही अहम योगदान था कि उसने मेरे जीवन को पूरी तरीके से बदल कर रख दिया था। रमेश अक्सर मुझे कहता कि माधव तुम पूरी तरीके से बदल चुके हो उसे भी यह बात अच्छे से पता थी की शिखा की वजह से ही यह सम्भव हो पाया है।

मैं और शिखा एक दूसरे के साथ काफी खुश थे और हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बात किया करते लेकिन जब शिखा से मैंने अपने दिल की बात कही तो उसने मना कर दिया और कहने लगी कि रमेश मैं किसी और को ही प्यार करती हूं। मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं था मेरा दिल जैसे टूट सा गया और मैं उस दिन बहुत ही ज्यादा उदास हो गया था मैं इतना ज्यादा उदास था कि मैंने उस वक्त रमेश से भी बात नहीं की रमेश ने मुझे कई फोन किये लेकिन मैंने उसका फोन एक बार भी नहीं उठाया जब रमेश ने मुझे अगले दिन फोन किया तो वह मुझे कहने लगा कि माधव मैं तुम्हें कल से फोन कर रहा था लेकिन तुम मेरा फोन नहीं उठा रहे थे तो मैंने उसे कहा कि मेरा किसी से भी बात करने का मन नहीं था। वह मुझे कहने लगा कि लेकिन ऐसा क्या हो गया था मैंने उसे सारी बात बताई और वह मुझे कहने लगा कि माधव सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम क्यों चिंता करते हो तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो। मुझे नहीं पता था कि मेरी किस्मत इतनी अच्छी होगी कि शिखा का ब्रेकअप हो जाएगा और उसका झुकाव मेरी तरफ बढ़ने लगेगा मेरे लिए तो यह बड़ी खुशी की बात थी कि शिखा और मैं एक दूसरे के बहुत ज्यादा करीब आने लगे थे और हम एक दूसरे से बहुत प्यार करने लगे थे।

अब हम दोनों एक दूसरे से फोन पर घंटों बातें किया करते और एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते मेरे लिए यह बड़ा ही अच्छा पल था जब मैं और शिखा एक साथ थे। हम दोनों एक दूसरों से प्यार करने लगे थे और एक-दूसरे के बहुत नजदीक भी आ गए थे शिखा के घर पर मेरा अक्सर आना-जाना होता था शिखा के पापा एक बडे डॉक्टर है और शिखा की मम्मी भी एक डॉक्टर है इसलिए वह उसे ज्यादा समय नहीं दे पाते थे। शिखा घर पर अकेली ही रहती थी वह मुझसे फोन पर बात कर लिया करती एक दिन से उसने मुझे अपने घर पर बुला लिया मैं उस दिन शिखा के घर पर चला गया जब मैं उस दिन शिखा के घर पर गया था तो मैंने उसे कहा क्या आज तुम घर पर अकेली हो? वह कहने लगी हां। मैंने उस दिन शिखा के होठों को पहली बार चूमा था शिखा को भी इससे कोई आपत्ति नहीं थी वह मेरे होठों को चूमकर बड़ी खुश हो गई थी हम दोनों ही एक दूसरे के साथ पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे अब वह अपने आपको रोक नहीं पाई मैंने भी अपने हाथों को उसकी टी-शर्ट के अंदर डालकर उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया जब मैं ऐसा करने लगा तो उसके स्तन दबाकर मुझे मजा आने लगा था उसके बूब्स को मैं इस प्रकार से दबा रहा था उससे वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी उसकी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी। मैंने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था यह पहली बार था जब वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तड़पने लगी थी मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया था और धीरे-धीरे में उसकी पेट की तरफ बढ़ा मैं उसके पेट को अब अपनी जीभ से चाटने लगा था मुझे मजा आने लगा था।

वह बहुत ही ज्यादा गर्म होने लगी थी वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बहुत बढ़ रही है मैंने उसे कहा तुमने अब मेरे अंदर की गर्मी को बढा दिया है  मेरा लंड अब तुम्हारी चूत में जाने के लिए तैयार है। मैंने जब उसकी पैंटी को उतारकर उसे अपने सामने नंगा किया तो उसकी चूत को देखकर मुझे मज़ा आ रहा था उसकी चूत को मैं बड़े अच्छे से सहलाता उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मुझे बहुत ही मज़ा भी आ रहा था। मैंने उसे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है वह भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी मेरे अंदर की आग बढ़ चुकी थी वह मुझसे कहने लगी क्या हम लोग एक दूसरे के साथ सेक्स कर सकते हैं।

मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाकर अंदर की तरफ घुसा दिया जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी योनि के अंदर घुसा तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा ही मजा आ रहा है। मैंने भी उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया था जब मैं ऐसा कर रहा था तो मेरे अंदर की आग बहुत ही ज्यादा बढ़ती जा रही थी और उसके अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी उसे बड़ा मजा आने लगा था और उसकी चूत से निकलता हुआ पानी ज्यादा ही अधिक होने लगा था जिस कारण मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मैंने उसे कहा अब मैं तुम्हारे अंदर अपने माल को गिराना चाहता हूं मैंने जैसे ही उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया तो वह बहुत खुश हो गई उसने मेरे लंड को अपने हाथों से साफ किया और अपनी चूत को भी साफ कर लिया था। हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे वह मेरी बाहों में आ चुकी थी शिखा मेरी बाहों में थी मैं बहुत ज्यादा खुश था और वह भी बहुत ही ज्यादा खुश नजर आ रही थी।