मेरी और दिशा की मुलाकात

Antarvasna, hindi sex stories: मैं कुछ दिनों के लिए अपने काम के सिलसिले में अहमदाबाद गया हुआ था कुछ दिनों तक मुझे अहमदाबाद में ही रहना था उसके बाद मैं वापस जयपुर लौट आया। जब मैं जयपुर लौटा तो मेरे पापा और मम्मी ने मुझसे कहा कि बेटा तुम्हारी छोटी बहन को देखने के लिए कल लड़के वाले आने वाले हैं। मैंने उस दिन घर में रहने का ही फैसला कर लिया था और उस दिन मैं घर पर ही था मैं अपनी दुकान में नहीं गया था। जब अगले दिन मेरी बहन को देखने लड़के वाले आए तो उन लोगों ने मेरी छोटी बहन सुनीता को पसंद कर लिया और अब सुनीता की सगाई भी जल्द ही होने वाली थी। सुनीता की सगाई हो जाने के बाद मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा सुनीता की सगाई बड़े ही अच्छे से हुई और हमारे सारे रिश्तेदार भी अब खुश थे। हम लोग चाहते थे कि सुनीता की शादी में भी किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रह जाए इसलिए सुनीता की शादी हम लोग बड़े ही धूमधाम से करवाना चाहते थे। मैं इस बात से बड़ा खुश भी था कि सुनीता की शादी अब जल्द ही हो जाएगी।

सुनीता की शादी के लिए हम लोगों ने सारी तैयारियां करनी शुरू कर दी थी कुछ ही महीनों में सुनीता की शादी तय हो गई थी। जब सुनीता की शादी तय हुई तो हम लोग बड़े ही खुश हुए। कुछ ही समय बाद सुनीता की भी शादी हो गयी और वह अपने ससुराल जा चुकी थी। घर में कुछ दिनों तक तो हम लोगों को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा था लेकिन सुनीता अपने ससुराल में बहुत ही ज्यादा खुश थी। काफी दिनों के बाद जब वह घर पर आई तो उसने पापा और मम्मी से कहा कि मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से मेरे ससुराल वाले मुझे प्यार करते हैं। सुनीता के पति भी काफी ज्यादा अच्छे हैं और सुनीता की वह काफी देखभाल किया करते हैं। सुनीता अपनी शादी से बहुत ही ज्यादा खुश है सुनीता की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था और मैं भी अपनी दुकान पर पूरी तरीके से ध्यान दे रहा था। मुझे कुछ दिनों के लिए अपनी दुकान का सामान लेने के लिए दिल्ली जाना था और फिर मैं दिल्ली चला गया।

जब मैं दिल्ली गया तो वहां पर मुझे मेरा दोस्त मिला, मेरा दोस्त जो कि दिल्ली में ही रहता है पहले वह लोग जयपुर में ही रहा करते थे लेकिन अब उसका परिवार दिल्ली में रहने लगा है। उस दिन उसने मुझे अपने घर पर ही रहने के लिए कहा और मैं उस दिन अपने दोस्त के घर पर ही रुक गया। जब उस दिन मैं उसके घर पर रुका तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था उस दिन मैं अपने दोस्त के घर पर ही था। अगले दिन मैं अपना सामान लेकर जयपुर वापस लौट आया था, जब मैं जयपुर वापस लौटा तो उसके बाद मैं अपने काम पर ध्यान दे रहा था और मेरी दुकान भी अच्छे से चल रही है। सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा है और मैं बहुत ही ज्यादा खुश भी हूं जिस तरीके से मेरा काम अच्छे से चलने लगा है। पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं शादी कर लूं लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मुझे अभी कुछ समय चाहिए तो वह भी मेरी बात मान गए।

पापा और मम्मी कुछ दिनों के लिए मेरी मौसी के घर गए हुए थे तो मैं घर पर अकेला ही था उस वक्त मुझे काफी परेशानी हो रही थी लेकिन जल्द ही पापा और मम्मी भी वहां से लौट आये थे। वह लोग मौसी के घर करीब 10 दिनों तक रहे मौसी घर पर अकेली ही रहती है उनके दोनों बेटे विदेश में रहते हैं इस वजह से पापा मम्मी कुछ दिनों के लिए उनके पास गए हुए थे। मौसी को कई बार हम लोगों ने कहा कि वह हमारे साथ ही रहा करें लेकिन वह हमारी बात मानती ही नहीं है। मेरे लिए भी काफी रिश्ते आने लगे थे तो मैं भी पापा और मम्मी को मना ना कर सका। जब मैं पहली बार दिशा से मिला तो मुझे दिशा से मिलकर अच्छा लगा दिशा के परिवार वाले मेरे परिवार वालों को पहले से ही जानते हैं इसलिए वह लोग चाहते थे कि दिशा और मेरी शादी हो जाए। दिशा के साथ मैं भी शादी करने के लिए तैयार था क्योंकि दिशा बहुत ही अच्छी है।

जब पहली मुलाकात मेरी दिशा से हुई तो मुझे उससे मिलकर बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा और हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझने लगे थे। मुझे दिशा का साथ बहुत ही अच्छा लगता जिस तरीके से हम लोग साथ में होते हैं और एक दूसरे के साथ हम दोनों बड़े ही खुश हैं। मैं जब दिशा के साथ में समय बताया करता हूं उससे दिशा को भी काफी अच्छा लगता है। अब हम दोनों के परिवार वाले चाहते थे कि जल्द से जल्द हम दोनों शादी के बंधन में बंध जाएं और फिर हम दोनों की सगाई उन लोगों ने करवा दी। हमारे रिश्ते के लिए सब लोग तैयार थे इसलिए किसी को भी इससे कोई एतराज नहीं था और हम दोनों की शादी जल्द ही होने वाली थी। मैं भी बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से मेरी जिंदगी में  दिशा आ चुकी थी और मैं दिशा के साथ शादी करना चाहता था। दिशा और मेरी शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थी और अब दिशा मेरी पत्नी बनने वाली थी। मेरी शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रह जाए इसके लिए पापा ने शादी में हमारे सारे रिश्तेदारों को इनवाइट किया था। मेरी शादी में पापा से जितना हो सकता था उतना उन्होंने किया और मैं बहुत ज्यादा खुश था।

दिशा मेरी पत्नी बनने वाली थी और जब हम दोनों की शादी हो गई तो दिशा और मैं बहुत ही ज्यादा खुश है। शादी की पहली रात थी हम दोनों साथ में थे मैं दिशा के साथ लेटा हुआ था और हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे। कुछ देर तक हम लोगों ने बातें की फिर मैंने जब दिशा के साड़ी के ऊपर की तरफ उठाया तो उसकी गोरी टांगों को देखकर मैं और भी ज्यादा मचलने लगा। मैंने दिशा की साड़ी को पूरी तरीके से ऊपर उठा दिया वह बहुत मजे में आ गई वह मुझे कहने लगी मुझे इतना ना तड़पाओ। मैने दिशा से कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है जिस तरीके से हम एक दूसरे का साथ दे रहे थे। मैंने अब दिशा के गुलाबी होंठों को चूमना शुरू कर दिया था उसके गुलाबी होठों को चूमकर मुझे बड़ा अच्छा लगा था। कुछ देर तक मैंने उसके होंठों को चूमा फिर मैंने दिशा के कपड़े उतारे। दिशा का बदन मेरे सामने था उसके दूध जैसे बदन को देखकर मैं अपने आपको बिल्कुल भी नहीं रोक पा रहा था ना तो मै अपने आपको रोक पा रहा था ना ही वह अपने आप को रोक पा रही थी। हम दोनों अपने आप पर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे। मैंने दिशा के स्तनो को दबाना शुरू कर दिया वह पूरी तरीके से मचलने लगी थी और मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था।

अब हम दोनों पूरी तरीके से गरम हो चुके थे। मैंने दिशा से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। दिशा ने अब मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया था वह जिस तरीके से मेरे लंड को हिला रही थी उससे मैं बहुत ज्यादा गर्म होने लगा और दिशा भी बहुत ज्यादा गर्म होने लगी थी अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे। हम दोनों से बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था मैं और दिशा बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे मैंने उससे कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। दिशा ने भी अपने पैरों को चौड़ा कर दिया था जिसके बाद मैं दिशा की चूत को चाटना चाहता था।

मैंने उसकी चूत को देखा और मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया था। मै जब उसकी योनि को चाटने लगा तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगने लगा था और उसे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे का साथ दे रहे थे। अब हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी हम दोनों इतने ज्यादा गरम हो चुकी थी अब हम दोनों अपने आपको बिल्कुल भी नहीं रोक पा रहे थे ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही दिशा अपने आप पर कंट्रोल कर पा रही थी इसलिए मैंने दिशा की चूत पर अपने लंड को लगा दिया।

उसकी चूत से निकलता हुआ पानी अब और भी ज्यादा बढ़ने लगा था और जिस तरीके से उसकी चूत का पानी बाहर आने लगा था मैं और दिशा एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा गरम हो चुके थे। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे मैंने दिशा की योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया था और दिशा की चूत में मेरा लंड जाते ही उसकी योनि से खून बाहर की तरफ को निकल आया था। उसकी चूत से खून निकलने लगा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैं उसे धक्के दिए जा रहा था मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से मै उसे चोद रहा था।

हम दोनो एक दूसरे का साथ दे रहे थे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लग रहा था अब हम दोनों को बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ बहुत अच्छे से दिया जब मैंने दिशा की चूत में अपने वीर्य को गिराया तो दिशा खुश हो गई थी। दिशा मेरी गर्मी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाई थी इसलिए उसने अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लिया था जिससे कि मेरा माल बाहर की तरफ को गिर गया था और दिशा की चूत में मेरा माल गिरते ही मुझे मजा आ गया और दिशा भी बहुत ज्यादा खुश थी।