मत शर्माओ, लंड को मुंह में ले लो

Antarvasna, hindi sex stories: मैं अपने पिताजी के साथ उनके कारोबार में उनका हाथ बढ़ा रहा था मेरे बड़े भैया भी साथ में ही काम करते हैं मेरे पिताजी ने काफी समय पहले कपड़ों का शोरूम खोला था जिसे कि भैया ही देखते थे। भैया और पापा पहले शोरूम में ज्यादा समय देते थे लेकिन कुछ समय पहले ही हम लोगों ने कपड़ों का दूसरा शोरूम भी खोल लिया है जिस वजह से मैं ही उस शोरूम में ज्यादातर रहता हूं भैया और पापा दूसरे शोरूम में रहते हैं। मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है और मेरी शादी के लिए मेरी मां ना जाने कितनी लड़कियों को देख लिया था वह हमेशा मुझे नई नई तस्वीर दिखाती लेकिन मुझे अभी तक कोई लड़की पसंद ही नहीं आई थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या मुझे अभी शादी करनी चाहिए या नहीं लेकिन मेरे माता-पिता की जिद के आगे शायद मुझे यह बात माननी ही पड़ी और मैं शादी करने के लिए तैयार हो चुका था परन्तु अभी तक मुझे कोई लड़की पसंद नहीं आई थी।

इसी बीच एक दिन मम्मी ने मुझे एक तस्वीर दिखाई और जब मैंने वह तस्वीर देखी तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरे लिए यह लड़की बिल्कुल सही रहेगी। मैंने अपनी मां से पूछा कि इसका नाम क्या है तो मां कहने लगी कि बेटा लड़की का नाम काव्या है मैंने मां से कहा लड़की तो बहुत ही सुंदर है। मां कहने लगी बेटा उसके परिवार वाले भी बहुत अच्छे हैं और मैं लड़की से पहले भी मिल चुकी हूं यदि तुम कहो तो हम लोग रिश्ते की बात आगे बढ़ाते हैं। मैंने मां से कहा ठीक है मां देख लो जैसा तुम्हें उचित लगता है और उन लोगों ने अब शादी की बात आगे बढ़ानी शुरू की। मैं चाहता था कि शादी से पहले मैं एक बार काव्या से जरूर मिलूं और जब पहली बार हम लोग काव्या के घर पर गए तो काव्या के पिताजी और उसकी मां का व्यवहार बहुत ही अच्छा था और मै काव्या से पहली बार ही मिलकर बहुत खुश था। मैंने जब उस दिन पहली बार काव्या से बात की तो मैं चाहता था कि काव्या को पहले मै समझ लूँ इसलिए मैंने काव्या से उस दिन बात की और काव्या से पूछा कि क्या वह किसी के साथ प्यार तो नहीं करती। वह कहने लगी कि नहीं मैंने आज तक कभी भी किसी लड़की के बारे में ऐसा नहीं सोचा।

मैं और काव्या एक साथ बैठकर बात कर रहे थे काफी देर हो गई थी हम लोगों को बात करते हुए। मैं काव्या से बात कर के बहुत खुश था और उस दिन जब मैं घर लौटा तो मेरे पापा मम्मी ने मुझसे कहा बेटा तुम्हें काव्या कैसी लगी तो मैंने उन्हें कहा कि काव्या मुझे पसंद है और आप लोग शादी की बात आगे बढ़ा सकते हैं। पापा और मम्मी इस बात से बहुत खुश थे और उन्होंने काव्या के पापा मम्मी से इस बारे में बात की तो वह लोग सगाई करने के लिए तैयार हो चुके थे। सगाई की सारी जिम्मेदारी मेरे भैया ने ही निभाई और उन्होंने एक होटल में सारा अरेंजमेंट करवा दिया था उन्होंने जिस प्रकार से सगाई का अरेंजमेंट करवाया था उससे सब लोग बहुत खुश थे। हमारे काफी रिश्तेदार सगाई में आए हुए थे और अब काव्या से मेरी इंगेजमेंट हो चुकी थी उसके बाद काव्या और मेरे मिलने का दौर बढ़ता ही चला गया। मैं काव्या से अक्सर मिला करता लेकिन इसी बीच काव्या कुछ दिनों के लिए अपनी बहन के पास विदेश चली गई काव्या की बहन की शादी विदेश में हुई है और वह अपनी बहन के पास चली गई थी। मैं काव्या से फोन पर अक्सर बात करता और काव्या को कहता कि तुम वापस कब लौट रही हो तो काव्या मुझे कहती थी बस थोड़े दिनों बाद वापस लौट आऊंगी। जब काव्या वापस लौटी तो मैं बहुत ही खुश था उसके बाद काव्या से मैं मिलता ही रहा लेकिन अभी भी हम लोगों की शादी हुई नहीं थी। कुछ दिनों बाद हम लोगों की शादी का दिन तय हो गया और जब काव्या को यह बात पता चली तो काव्या ने मुझे फोन किया और कहने लगी कि रोहित मैं बहुत खुश हूं कि अब हम दोनों की शादी होने वाली है। मैंने काव्या को कहा खुशी तो मुझे भी बहुत हो रही है कि हम लोगों की शादी होने वाली है। मैंने काव्या को कहा क्या तुमने शॉपिंग कर ली है तो काव्या मुझे कहने लगी कि मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा कि मैं क्या शॉपिंग करूं। मैंने काव्या को कहा मेरे एक दोस्त का शोरूम है जो कि लेडीज गारमेंट्स का काम करता है यदि तुम कहो तो तुम मेंरे साथ वहां चल सकती हो।

काव्या कहने लगी कि ठीक है हम लोग कल ही वहां चलते हैं मैंने काव्या को कहा ठीक है तुम मेरे साथ कल चलना काव्या ने कहा कल हम लोग साथ में चलते हैं। अगले ही दिन मैं काव्य को अपने साथ अपने दोस्त के शोरूम में ले गया मैं जब अपने दोस्त के शोरूम में उसे ले गया तो वह कहने लगा कि अच्छा तो तुम लोगों की शादी तय हो गई। मेरा दोस्त कहने लगा कि तुमने मुझे इस बारे में बताया ही नहीं मैंने उससे कहा मैंने तुम्हें इस बारे में बताने के लिए फोन किया था लेकिन तुम अपने काम से कहीं गए हुए थे। वह कहने लगा चलो यह बात छोड़ो लेकिन मैं तुम्हें तुम्हारी सगाई की बधाई देता हूं मैंने उसे कहा कि तुम काव्या को कुछ अच्छा सा दिखा दो वह कहने लगा कि मैं अभी काव्या को कुछ दिखा देता हूं। उसने काव्या को जब लहंगा दिखाया तो काव्या कहने लगी कि मुझे पसंद नहीं आ रहा है उसने काफी लहंगे दिखाएं उसके बाद काव्या को एक लहंगा पसंद आया और मैंने वह लहंगा खरीद लिया। अब काफी सारा सामान काव्या ने ले लिया था और हम लोग अब घर लौट रहे थे मैं जब घर लौट रहा था तो रास्ते में काफी ज्यादा ट्रैफिक था जिस वजह से हम लोगों को घर पहुंचने में काफी देर हो गई थी।

काव्या मुझे कहने लगी कि रोहित तुम जल्दी से मुझे घर छोड़ दो काफी देर हो चुकी है मैंने काव्या को कहा काव्या तुम देख ही रही हो कि ट्रैफिक कितना ज्यादा है लेकिन अब हम लोग काव्या के घर तक पहुंच चुके थे और जब मैंने काव्या को घर तक छोड़ा तो वह मुझे कहने लगी कि रोहित तुम्हारी वजह से ही मेरी शॉपिंग हो पाई है नहीं तो मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या खरीदूँ। मैंने उससे कहा काव्या अभी मैं चलता हूं और तुमसे मैं फोन पर बात करता हूं काव्या कहने लगी ठीक है, मैं अब घर लौट आया था मैं जब घर लौटा तो मैंने काव्या को फोन किया और काव्या से मैं बात करने लगा। उससे मैंने काफी देर तक बात की अब हम लोगों की शादी का दिन नजदीक आ चुका था और कुछ ही दिनों बाद हम दोनों की शादी हो गई। हम लोगों की शादी बडे ही धूमधाम से हुई और मैं इस बात से भी खुश था कि काव्या मेरी पत्नी बन चुकी है। जब हम लोगों की शादी हो गई तो उसके बाद शादी की पहली रात मैं और काव्या कमरे में थे और सुहागरात की पहली रात मैं काव्या के साथ कुछ खास बनाना चाहता था। काव्या के बदन को मैंने अपनी बाहों में ले लिया था और काव्या का बदन मेरी बाहों में आकर जैसे और भी ज्यादा गर्म होने लगा था। काव्या को मैने बिस्तर पर लेटाया उसके बदन से उसके कपड़ों को उतारता चला गया। काव्या मेरे सामने नंगी थी काव्या का नंगा बदन देखकर मेरा लंड तन कर खड़ा होने लगा था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो काव्या ने उसे अपने हाथों में ले लिया पहले तो काव्या बहुत ज्यादा शर्मा रही थी लेकिन मैंने उससे कहा तुम्हें शर्माने की जरूरत नहीं है तो काव्या ने अपने मुंह के अंदर तक लंड को ले लिया। काव्या चाहती थी वह मेरी खुशी में पूरी भागीदार बने और मुझे किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रहने दे। काव्या ने मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक उतार लिया था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था वह बहुत ज्यादा खुश थी।

जिस प्रकार से वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी उससे मेरा पानी निकलता चला गया और मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया  था। मैंने भी काव्य की चूत को चाटना शुरू किया जब मैं उसकी चूत को चाट रहा था तो उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और उसकी चूत को चाट कर मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने बहुत देर तक उसकी चूत के मजे लिए और जिस प्रकार से मैं उसकी चूत का आनंद ले रहा था उससे वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी कि वह मुझे कहने लगी कि तुम अपने लंड को मेरी चूत के अंदर ही डाल दो। मैंने अपने लंड को काव्य की चूत पर लगाया तो उसकी चूत में जैसे ही मेरा लंड डाला तो मैंने उसकी चूत के अंदर तक अपने लंड को डाल दिया था। जैसे ही काव्य की चूत के अंदर मेरा लंड घुसा तो वह मुझे कहने लगी तुमने तो मेरी सील तोड़ दी है काव्या की सील टूटते ही मैं खुश हो गया और काव्या की वर्जिनिटी मैंने खत्म कर दी थी।

जब मैं उसे धक्के मार रहा था तो मुझे और भी ज्यादा आ रहा था मैं उसे बहुत ही ज्यादा तेज गति से धक्के मार रहा था। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था और उसे मैंने बहुत देर तक चोदा वह भी अब अपने पैरों को चौड़ा कर रही थी लेकिन वह जिस प्रकार से मादक आवाज मै सिसकिया ले रही थी उससे मैं उसे चोदकर बहुत ही खुश था थोड़ी ही देर बाद मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर गिर चुका था और काव्या बहुत ही खुश थी। उसके बाद तो जैसे हम दोनों रात भर सेक्स का आनंद उठाते रहे मैंने काव्या के साथ करीब तीन बार और सेक्स किया तीन बार सेक्स करने के दौरान मुझे काव्या के साथ बड़ा ही मजा आया। मैंने उसके बदन को बहुत ही अच्छे से महसूस किया और उसके बदन को जिस प्रकार से मैंने महसूस किया उससे मेरे अंदर की गर्मी को मैंने बढा दिया था और काव्या और मैं अब हर रोज सेक्स का मजा लेते। काव्या को भी मुझसे अपनी चूत मरवाने में बड़ा मजा आता और काव्या की टाइट और कोमल चूत का मजा लेने में मुझे जो आनंद आता है मैं शायद शब्दों में भी बयां नहीं कर सकता हूं कि कैसे मै काव्या को हर रोज चोदा करता हूं और उसकी चूत मार कर मैं कितना खुश होता हूं।