मन करता है चोदता ही जाऊं

Antarvasna, hindi sex story: मेरा ब्रेकअप कुछ समय पहले ही हुआ और मैं काफी ज्यादा परेशान भी था लेकिन मेरे दोस्त ने मुझे अपने साथ शादी में चलने के लिए कहा तो मैं उसके साथ शादी में चला गया। जब मैं उसके साथ शादी में गया तो उस दौरान मैं माधुरी से टकराया मुझे नहीं पता था कि माधुरी ही अब मेरे जीवन में आने वाली है। माधुरी को पहली बार देखते ही मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने जब अपने दोस्त सोहन से इस बारे में बात की तो सोहन मुझे कहने लगा कि उसका नाम माधुरी है और वह बहुत ही गुस्सेल लड़की है उसके साथ कोई भी आसानी से बात नहीं करता। मैंने सोहन को कहा लेकिन तुम उसे कैसे जानते हो तो सोहन मुझे कहने लगा कि वह मेरे मामाजी के पड़ोस में ही रहती है और मैं उसे अच्छी तरीके से जानता हूं। मैंने सोहन से कहा तो फिर तुम उससे मेरी बात करवा दो सोहन मुझे कहने लगा कि राजीव मैं उससे तुम्हारी बात नहीं करवा सकता। सोहन ने मेरी माधुरी से बात करवाने में मेरी कोई मदद नहीं की लेकिन मैं चाहता था कि मैं माधुरी से बात करूं क्योंकि पहली नजर में ही जिस प्रकार से मेरी और माधुरी की टक्कर हुई थी उससे माधुरी को मैं दिल से चाहने लगा था।

मैं चाहता था कि बस माधुरी से मैं किसी प्रकार से बात कर सकूं लेकिन उसके बाद माधुरी से मेरी काफी समय तक मुलाकात नहीं हुई और मेरे दिमाग से माधुरी का ख्याल भी अब उतरने होने लगा था लेकिन तभी माधुरी मुझे बस स्टॉप पर दिखाई दी। मैं उस दिन अपने ऑफिस बस से ही जा रहा था माधुरी भी उसी बस में बैठ गई और माधुरी जिस सीट पर बैठी हुई थी उसके बिल्कुल बराबर वाली सीट में मैं बैठा हुआ था। मैं बार-बार माधुरी की तरफ देख रहा था तो माधुरी ने मेरी तरफ देखते हुए कहा कि तुम मुझे इतनी देर से घूर रहे हो मैं तुम्हें देख रही हूं यदि तुमने मुझे दोबारा ऐसे देखा तो मैं तुम्हारी कंप्लेंट पुलिस में करवा दूंगी। मैंने माधुरी को कुछ भी नहीं कहा और मैं अपने ऑफिस चला गया उसके बाद मेरी माधुरी से कोई भी मुलाकात नहीं हुई और ना ही हम लोग मिले लेकिन एक दिन जब माधुरी मुझे दिखी तो मैं माधुरी की तरफ देख रहा था माधुरी ने मुझे कहा कि तुम मेरी तरफ ऐसे क्या देख रहे हो।

मैंने उस दिन माधुरी से अपने दिल की बात कह दी लेकिन माधुरी ने मुझे एक जोरदार तमाचा मारा और कहा कि मैं तुम जैसे लड़कों को अच्छी तरीके से जानती हूं। मैंने माधुरी को कहा तुम सब को एक ही तराजू में तोलोगी तो ऐसे तो नहीं चल सकता मैंने जब तुम्हें पहली बार देखा था तो उसी वक्त मैंने तुम्हें देखते ही पसंद कर लिया था। माधुरी मुझे कहने लगी कि देखो तुम्हारा नाम जो भी है मैं तुम्हें नहीं जानती और ना ही मैं तुमसे बात करना चाहती हूं। उसके बाद जब माधुरी मुझे दिखती तो वह मुझसे दूरी बनाने की कोशिश करती हम लोगों का शहर ज्यादा बड़ा नहीं है इस वजह से हम लोगों की अक्सर एक दूसरे से मुलाकात हो ही जाती थी। एक दिन सोहन मुझे मिला और वह कहने लगा कि क्या तुमने माधुरी से बात कर ली है तो मैंने सोहन को कहा तुमने तो मेरी मदद ही नहीं की। सोहन मुझे कहने लगा कि देखो राजीव मैंने तुम्हारी मदद नहीं की तो इसका मतलब यह तो नहीं कि मैं तुम्हारा दोस्त नहीं हूं लेकिन उस दिन सोहन ने मेरी मदद की और सोहन मुझे कहने लगा कि आज मैं तुम्हें अपने मामा जी के घर लेकर चलता हूं। उस दिन हम लोग उनके मामा जी के घर चले गए जब हम लोग सोहन के मामा जी के घर पहुंचे तो उस वक्त मुझे माधुरी दिखाई दी मैं माधुरी की तरफ देखता ही रहा और माधुरी मुझे देख रही थी लेकिन वह भी थोड़ी देर बाद चली गई। अब हम लोग सोहन के मामा जी के घर पर बैठे हुए थे काफी देर तक हम लोग वहीं बैठे रहे लेकिन जब हम लोग वापस लौट रहे थे तो माधुरी मुझे दिखाई दी मैंने माधुरी को रोकते हुए कहा माधुरी तुम्हें क्या लगता है कि मैं तुमसे प्यार नहीं करता। माधुरी कहने लगी कि यदि तुम मुझसे प्यार करते हो तो मेरे घर पर बात कर के दिखाओ मैंने माधुरी से कहा माधुरी यह नहीं हो सकता।

माधुरी कहने लगी कि तुम ही तो मुझसे कह रहे थे कि तुम मुझसे प्यार करते हो मैंने भी माधुरी के पापा से इस बारे में बात कर ली। मैंने जब उनसे इस बारे में बात की तो मुझे नहीं पता था कि वह लोग मेरी बात मान जाएंगे मेरे लिए तो यह किसी सपने जैसा ही था सब कुछ मेरी जिंदगी में मुझे मिलता जा रहा था। मैंने जब इस बारे में माधुरी से पूछा तो माधुरी ने मुझे बताया कि मैंने तुम्हारे बारे में पहले ही घर पर बात कर ली थी और मेरे पापा ने भी मेरी बात मान ली थी मैं तो सिर्फ यह देख रही थी कि क्या तुम मेरे घर पर बात कर भी पाते हो या नहीं। मैंने माधुरी को गले लगा लिया और कहा कि माधुरी क्या तुम मेरा इंतिहान ले रही थी तो माधुरी कहने लगी कि अब तुम्हें जो भी लगता हो लेकिन मैं भी तुमसे प्यार करती हूं और पहली नजर में ही मैंने भी तुम्हें पसंद कर लिया था। मेरे और माधुरी के रिश्ते अब और भी मजबूत हो गए थे मैंने अपने पापा मम्मी से इस बारे में बात की और जब उनको मैंने माधुरी से मिलवाया तो वह लोग भी माधुरी से मिलकर खुश हो गए उन्हें भी मेरे और माधुरी के रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी। मैं चाहता था कि माधुरी को अपने बारे में सब कुछ बताऊं इसलिए मैंने माधुरी को अपने जीवन से जुड़ी हर वह बात बताई जिससे कि आगे चलकर मुझे कोई मुसीबत ना हो और ना ही माधुरी को कभी ऐसा एहसास हो कि मैंने उसके साथ कुछ गलत किया है।

मैंने माधुरी को अपने पुराने रिश्ते के बारे में बता दिया था माधुरी को उससे कोई भी आपत्ति नहीं थी माधुरी ने मुझे कहा कि देखो राजीव मैं तुमसे प्यार करती हूं और मुझे सिर्फ तुम्हारे साथ ही रहना है। मैं माधुरी की बात से बहुत ज्यादा खुश था और माधुरी भी मेरे साथ अच्छा समय बिताया करती लेकिन अब हमारे परिवार वाले चाहते थे कि हम दोनों सगाई कर ले और हम दोनों ने सगाई करने का फैसला कर लिया। अब हम दोनों की सगाई हो चुकी थी मैंने कभी भी सोचा नहीं था कि मेरे जीवन में यह सब इतनी जल्दी से हो जाएगा लेकिन मेरे लिए तो यह किसी सपने के सच होने जैसा ही था। मेरे जीवन में सब कुछ अच्छे से चल रहा था मैं और माधुरी अब सगाई कर चुके थे इसलिए हम दोनों अक्सर एक दूसरे से मिलते ही रहते थे। हम दोनों जब भी एक दूसरे से मिलते तो एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताते और मैं माधुरी से मिलकर बहुत खुश हो जाया करता। जब कभी भी मैं परेशान होता तो मैं माधुरी से बात कर लेता और मेरी परेशानी तुरंत ही दूर हो जाया करती। हम दोनों की अब सगाई हो चुकी थी मेरे और माधुरी के बीच फोन पर काफी देर तक बातें हुआ करती। जब भी हम दोनों के बीच फोन पर बातें होती तो मुझे बहुत अच्छा लगता माधुरी से मैं प्यार भरी बाते कर लिया करता। एक दिन मैंने माधुरी से उसका फिगर पूछा माधुरी मुझे कहने लगी तुम खुद ही घर पर आकर मेरे फिगर का नाप लेना। मैंने भी माधुरी को कहा क्या मैं तुम्हारा फिगर नाप सकता हूं? माधुरी ने अगले दिन मुझे घर पर बुला लिया हम दोनों के लिए यह बड़ी ही अच्छी बात थी उस दिन माधुरी के घर पर कोई भी नहीं था जब माधुरी ने मुझे घर पर बुलाया तो हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे। माधुरी को मैं अपनी बाहों में लेकर बहुत खुश था माधुरी के गुलाबी होठों को मैं अपनी उंगलियों से महसूस करने की कोशिश कर रहा था। मैंने माधुरी के बदन को अपनी बाहों में ले लिया उसकी बड़ी चूतड़ों को मैंने जब दबाना शुरू किया तो वह मेरी बाहों में समा जाने को तैयार थी। मैंने जैसे ही उसके नरम और गुलाबी होंठों को चूमना शुरू किया तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी माधुरी भी गरम हो चुकी थी माधुरी की चूत से पानी निकलने को तैयार था।

मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर एक दूसरे को चुम्मा चाटी कर रहे थे मैंने जैसे ही अपने लंड को बाहर निकाला तो माधुरी ने मेरे लंड को देखते ही अपने मुंह पर हाथ रखते हुए कहा तुम्हारा लंड कितना मोटा है। मैंने माधुरी को कहा आज तो यह लंड तुम्हारी चूत मे चला जाएगा। माधुरी मुस्कुराने लगी और मुस्कुराते हुए उसने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया उसने जब अपने हाथों से मेरे लंड को हिलाना शुरू किया तो मैंने माधुरी के मुंह के पास अपने लंड को किया और माधुरी से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लो। माधुरी ने अपने होठों के अंदर मेरे लंड को समा लिया और जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। वह अच्छे से मेरे लंड का रसपान नहीं कर रही थी लेकिन जिस प्रकार से उसने मेरे लंड को चूसा मेरे लंड से पानी बाहर आ चुका था मैंने उसके बदन से कपड़े उतार कर उसकी पैंटी ब्रा को उतार फेंका। मै उसके स्तनों को दबा रहा था उसके स्तनों को मैंने अपने मुंह में लिया तो उसके निप्पल खड़े होने लगे थे उसके निप्पलो को मैंने बहुत देर तक चूसा। जब उसकी चूत को मैं चाटने लगा तो उसे मज़ा आने लगा वह उत्तेजित होकर मुझे कहने लगी तुम अपने लंड को मेरी चूत में घुसा दो।

मैंने अपने लंड पर थूक लगाते हुए माधुरी की चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया माधुरी की चूत के अंदर मेरा लंड जा चुका था। अब मैं तेज गति से धक्के मार रहा था उसकी चूत से खून निकल चुका था मुझे यह महसूस हो चुका था कि माधुरी एकदम फ्रेश हो टाइट माल है। मैं उसकी चूत के बड़े अच्छे से मजे लिए जा रहा था वह अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी मैं उसे बहुत तेज गति से धक्के मार रहा था। मैंने उसे बहुत देर तक धकके मारे जोब मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू किया तो मुझे और भी मजा आने लगा। मैं ज्यादा देर तक अपनी गर्मी को रोक ना सका हम दोनों के अंदर से निकलती हुई गर्मी बहुत ही अधिक हो चुकी थी मैंने भी अपने वीर्य को माधुरी के स्तनों पर गिरा दिया और उसके बाद मैंने माधुरी के साथ तीन बार और संभोग किया। मैं थक चुका था मैं अपने घर जाने की स्थिति में भी नहीं था लेकिन मुझे अपने घर जाना पड़ा क्योंकि माधुरी ने कहा कि पापा और मम्मी आने वाले हैं ।मैं अपने घर जाकर बड़ी गहरी नींद में सो गया और उसके बाद आज तक मै माधुरी के बदन के गर्मी को महसूस कर रहा हूं।