मकान मालकिन ने मेरी रात रंगीन कर दी

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मेरा नाम अंकित है और मैं अभी कोलकाता में नया ही आया हूं। मेरी नई नई जॉब यहां पर लगी है। जिसकी वजह से मुझे कोलकाता शिफ्ट होना पड़ा। वैसे मेरा घर मध्य प्रदेश में है। इस वजह से मुझे यही कोलकाता में नौकरी करनी पड़ी। क्योंकि मुझे यहां एक अच्छी नौकरी मिल गई थी और मेरे घर वाले भी बहुत खुश थे कि एक अच्छी नौकरी मिल रही है तो तुम घबराओ मत और यहीं पर नौकरी कर लो। इस वजह से मैं कोलकाता आ गया। मैं कोलकाता जब आया तो मैंने वहां रहने के लिए एक कमरा लिया। वहां पर हमारे मकान मालिक जो कि जॉब करते हैं और उनकी पत्नी और उनका एक 10 साल का लड़का है। वह लोग यहां सब साथ मे रहते हैं। जब मैंने शुरुआत में वहां रहना शुरू किया तो वह लोग मेरे साथ बहुत ही अच्छे से रहते थे लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया तो वह मुझे बहुत सारी बातें सुनाने लगे। उनकी पत्नी का नाम मंजू है।

जिस दिन भी मेरी छुट्टी होती तो वह मुझसे कहने लग जाती की तुम सफाई नहीं रखते हो और अगर तुम्हें ऐसे ही रहना है तो तुम अपने लिए कहीं और देख लो लेकिन मेरे पास समय नहीं था कि मैं वहां से कहीं और शिफ्ट कर पाऊ। इसलिए मैं उनकी सारी बातों को सुनता रहता था। मेरी सिर्फ एक दिन ही छुट्टी होती थी और उसमें भी संभव नहीं हो पाता था कि मैं शिफ्टिंग कर पाऊं। लेकिन वह भी मुझे ताने मारती रहती थी। वह एक नंबर की मादरचोद थी मैं उसकी चूत मारना चाहता था। मैं उनके तानों से भी कई बार परेशान हो जाता लेकिन उनकी बातों को इग्नोर कर देता था। यदि घर में कुछ भी ऐसा हो जाए जिसमें कि उनकी ही गलती होती है लेकिन वह सारी गलतियों को मेरे ऊपर ही थोप देते थे। उनके पति का नेचर तो अच्छा था लेकिन जो हमारी मकान मालकिन थी उनका नेचर कुछ अच्छा नहीं था। वही घर पर रहती थी और जब भी मैं ऑफिस जाता तो वह कुछ ना कुछ बातें सुनाने लग जाती थी। एक बार मुझे रेंट देने में थोड़ा लेट हो गई तो उन्होंने मुझे बहुत सारी खरी-खोटी सुना दी। मुझे उनकी खरी खोटी भी बर्दाश्त करनी पड़ी। फिर एक दिन मैंने इन सब बातों का एक हल निकाला और मैंने सोचा कि मैं किसी को रख लेता हूं जो सफाई का काम कर सके और मेरे लिए खाना बना दे।

मैंने एक मेड़ को रख लिया। मेरी उससे बात हो गई कि महीने में कितना देना है। उसके बाद वह हमेशा सुबह और शाम को आ जाया करती थी। सुबह वह मेरे लिए नाश्ता बना देती थी और साफ सफाई का काम करती थी और फिर उसके बाद शाम को वह आ जाती और मेरे लिए खाना बना दिया करती थीे लेकिन वह कुछ दिन तक तो अच्छे से काम करती रही। फिर उसके बाद एक दिन मुझे मंजू भाभी ने कहा कि वह तुम्हारा काम अच्छे से नहीं करती और सामान भी चोरी कर कर ले जाती है। मैंने उन्हें कहा कि अब मैं क्या करूं। आप ही बताइए मेरे पास इतना समय होता नहीं है कि मैं अपने घर पर ध्यान देता रहू और साफ-सफाई कर सकूँ। तो वह मुझे कहने लगे कि तुम एक काम करो तुम मेरे घर पर ही खाना खा लिया करो और मुझे उसका पैसा दे देना और यहां पर जितनी भी साफ-सफाई होती है वह मैं कर दिया करूंगी। मैंने उन्हें कहा जैसा आपको उचित लगता है। आप उस तरीके से देख लीजिए लेकिन मैंने उन्हें यह भी कहा कि कुछ दिनों तक तो मैं इसी से काम कराउंगा। क्योंकि मैंने उसे एडवांस में पैसे दे दिए हैं।

अब उस मेड ने मेरे घर पर पूरे 1 महीने तक काम करने के बाद मैंने उसे आने से मना कर दिया। उसके बाद मैं मंजू भाभी के घर पर ही खाना खाने लेता हूं। वह सुबह मेरे लिए नाश्ता बना दिया करती थी और शाम को जब मैं ऑफिस से घर आया करता तो मैं उनके  घर पर ही खाना खाता था। अब उनका व्यवहार थोड़ा मेरे लिए अच्छा होने लगा था। उन्हें भी मेरी समस्याएं पता चलने लगी थी कि मुझे कुछ भी काम करना नहीं आता है। इस वजह से मैं साफ-सफाई नहीं रख पाता हूं। इतने समय बाद अब हमारी बातें अच्छे से होने लगी। मुझे ऑफिस से कुछ दिनों के लिए काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ा तो मैंने मंजू भाभी से कहा कि मैं ऑफिस के काम से कहीं बाहर जा रहा हूं। तो एक-दो हफ्ते में ही लौटना होगा। उन्होंने कहा ठीक है। तुम जब आओगे तो मुझे फोन कर देना। मैंने उनका नंबर ले लिया और अब मैं अपने काम के सिलसिले में ऑफिस से चला गया। एक हफ्ते में मेरा काम हो गया। तो मै ऑफिस का काम करने के बाद जब वापस लौटा तो मैंने मंजू भाभी को फोन कर दिया। कि मैं शाम तक पहुंच जाऊंगा। आप रात के लिए खाना बना देना मेरे लिए।

उन्होंने मेरे लिए खाना बना कर रखा था। मैं जैसे ही घर पहुंचाता हूं तो मैं फ्रेश होने के बाद वहां खाना खाने चला गया। वह मुझसे पूछने लगी कैसा रहा तुम्हारा ऑफिस का टूर। मैंने बताया कि बहुत ही अच्छा था और एक हफ्ते का पता ही नहीं चला कि कब टाइम बीत गया और मैं वापस भी आ गया। वह बहुत ज्यादा खुश दिखाई दे रही थी। मैंने पूछा कि आप कुछ ज्यादा ही खुश हैं। वह कहने लगी कि हमारे लड़के का एडमिशन एक बड़े स्कूल में हो गया है। उन्होंने मुझे मिठाई भी खिलाई। मैंने कहा कि ये तो बड़ी अच्छी बात है। अब मैं अपना खाना खाने लगा। मैंने भाभी से कहा आज भाई साहब नहीं दिखाई दे रहे। वह कहने लगी वह कहीं अपने काम से गए हुए हैं। मैं यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया और मैंने सोच लिया आज तो अपनी रात को रंगीन बना कर रहूंगा। जैसे ही मेरे सामने भाभी बैठी हुई थी तो मैंने उन्हें कहा अरे आपके स्तनों पर कुछ चढ़ रहा है। मैंने बडे झटके से उनके स्तनों को दबा दिया जैसे ही मैंने उनके स्तनों को दबाया तो वह नीचे गिर गई। मैं उनकी चूत को भी दबाने लगा उनसे भी कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने तुरंत अपनी पैंट से अपने लंड को बाहर निकाल लिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो वह उसे देखकर कहने लगी तुम्हारा तो मेरे पति से भी ज्यादा मोटा है।

उन्होंने अपने हाथ में उसे लेते हुए हिलाना शुरू किया और बड़े ही प्यार से मेरे लंड को हिला रही थी। वह काफी देर तक तो मेरे लंड को ऐसे ही हिलाती रही। मैंने भी उनके स्तनों को जोर से दबाना शुरु कर दिया और उनके ब्लाउज के बटन को खोलते हुए उनकी ब्रा को भी उतार दिया। उनके स्तन बहुत ज्यादा बड़े थे जो कि मेरे हाथ में भी पूरी तरीके से नहीं आ पा रहे थे। मुझे दोनों हाथों से उनके स्तनों को पकड़ना पड रहा था। मैंने उनके स्तनों को अपने मुंह में लेते हुए चूसना शुरू किया। मैं बहुत देर तक उनके स्तनों को ऐसे ही चूसता रहा। अब मैंने उनकी साड़ी को ऊपर करते हुऐ एक ही झटके में अपनी उंगली को उनकी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मैंने अपनी उंगली को उनकी योनि में डाला तो वह उत्तेजित होने लगी और मैं ऐसे ही अपनी उंगली को अंदर बाहर करता जाता। मैंने उनकी योनि को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया मैं बहुत देर तक उनकी योनि को अपनी जीभ से चाटता रहा जिससे कि मेरी भी उत्तेजना जागने लगी। मैंने तुरंत अपने लंडको उनकी योनि में घुसेड़ दिया। उनकी साड़ी बार-बार मेरे लंड से टकरा रही थी मैंने उसे पूरा ऊपर करते हुए उनके पेट तक साडी को ला दिया। उनके दोनों स्तनों को अपने हाथ में कस कर पकड़ लिया और उनकी सवारी करने लगा।

मैं बड़ी तेजी से झटका मारता जाता उनके स्तनों को भी ऐसे ही दबा रहा था। वह बड़ी तेज आवाजें निकाल रही थी जिससे कि मेरी और भी ज्यादा उत्तेजना बढ़ जाती। मैं ऐसे ही बड़े तेज झटके से उन्हें चोदना शुरू कर देता  मैंने उन्हें इतनी तेज तेज झटके मारे। उनका पूरा शरीर हिलने लगा अब मैंने उनके होठों को अपने होठों में ले लिया थोड़ी देर तक मैं उनके होठों को ही चूसता रहा। उसके बाद मैंने उनकी गांड को बड़ी तेजी से दबा दिया। जैसे ही मैंने उनकी गांड को दबाया तो वह बड़ी तेजी से चिल्लाने लगी। जब मे उनकी गांड को भी दबा रहा था और ऐसे ही चोदता जाता। मैंने उनके दोनों पैरों को अपने ऊपर कंधे पर रख लिया और  झटका मारना शुरू किया। उनकी चूत से बहुत ज्यादा गर्मी निकलने लगी और मुझसे वह बर्दाश्त नहीं हुई। मेरा वीर्य पतन उनकी योनि के अंदर ही हो चुका था लेकिन मुझे पता ही नहीं चला कब मेरा वीर्य गिर गया। उन्होंने मुझे बताया कि मुझे अंदर से कुछ गर्म महसूस हो रहा है। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए देखा उनकी चूत मे देखा तो उनकी चूत से मेरा वीर्य टपक रहा था।