मकान मालिक की शादीशुदा बेटी

xxx kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मनीष है और में गाज़ियाबाद का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र इस वक़्त 32 साल है। दोस्तों में बहुत समय से सेक्सी कहानियों को पिछले कुछ सालों से लगातार पढ़ता आ रहा हूँ जो मुझे सभी बहुत अच्छी भी लगी। दोस्तों यह घटना उस समय की है जब में कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था और मुझे उसकी कोचिंग के लिए दिल्ली जाना पड़ा। दोस्तों वहीं पर मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त पहले से ही एक किराया का कमरा लेकर अपनी पढ़ाई करता था, वो मेरे बचपन का बहुत अच्छा दोस्त था और मेरे उस दोस्त का कमरा मांडवली में था जो कि लक्ष्मीनगर शकरपुर के आसपास का इलाक़ा था।
दोस्तों हमारे उस मकान के मालिक बहुत बुजुर्ग थे और वो वैसे गढ़वाल के रहने वाले थे, उनकी तीन लड़कियाँ और एक लड़का था। उनकी सभी लड़कियाँ शादीशुदा थी जबकि लड़का अभी तक कुँवारा ही था और हम दोनों दोस्तों से उस लड़के की बहुत ही कम समय में बड़ी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी। मेरे मकान मालिक की दूसरे नंबर की लड़की का नाम कमला था और उन दिनों कमला कुछ दिनों के लिए अपने पापा के घर रहने आई थी। दोस्तों उसका पति एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और उसका घर न्यू दिल्ली में था। अब तक कमला को अपनी कोई संतान नहीं थी और इस बात को लेकर वो हमेशा बहुत दुखी रहती थी। फिर कुछ दिनों के बाद अब कमला से भी हमारी बातचीत होने लगी थी और तब मुझे पता चला कि वो बहुत खुले विचारों की बहुत ही अच्छी हमेशा खुश रहने वाली थी, लेकिन उस एक समस्या की वजह से वो बहुत दुखी रहती है। फिर बातों ही बातों में कमला ने एक बार मुझे अपने मन की सच्ची बात उस दुख को बताया, उसने मुझसे कहा कि उसकी शादी के पूरे सात साल हो गये है, लेकिन अभी तक उसकी कोई अपनी संतान नहीं होने की वजह से अब उसकी सास उसको ताना मारती रहती है और वो इस बात की वजह से अब बहुत दुखी रहती है। फिर कमला से मेरी बहुत अच्छी दोस्तों हो गयी थी इसलिए वो मुझसे अब खुलकर अपने मन की बात कहने लगी थी।
अब में कमला से बहुत हंसी मज़ाक करने लगा था, लेकिन वो मेरी किसी भी बात का बुरा नहीं मानती थी। एक दिन कमला छत पर अपने कुछ कपड़े धोकर सुखाने गई थी और वो उस काम को करके कुछ देर बाद वापस नीचे भी चली गयी और तभी मेरे दिमाग़ में एक शैतानी सूझी। दोस्तों हमारा कमरा छत पर था, मैंने कुछ देर पहले जब कमला अपने कपड़े धूप में डालकर गई थी, वो सब देख लिया था। फिर मैंने कमला की ब्रा और पेंटी को छुपाकर अपने कमरे में रख लिया और फिर कुछ घंटो के बाद कमला जब अपने कपड़े लेने वापस छत पर आई, तब उसको उसकी ब्रा और पेंटी नहीं मिले। फिर उसने बहुत बार इधर उधर देखा, लेकिन वो उसको कहीं भी नहीं मिले, लेकिन उसने अपनी ब्रा पेंटी के बारे में मुझसे नहीं पूछा और वो अपने दूसरे कपड़े लेकर वापस नीचे चली गयी। अब दोस्तों इस वजह से मेरी हिम्मत और भी ज्यादा बढ़ गई। फिर अगले दिन जब शाम को कमला हर दिन की तरह दोबारा अपने कपड़े उतारकर नीचे की जाने लगी, तभी मैंने हिम्मत करके उसको आवाज देकर कहा कि कल तुम्हारे यह कुछ कपड़े यहाँ पर कल से पड़े थे और मैंने इनको उठाकर अपने कमरे में रख लिए थे।

दोस्तों उसको यह बात कहकर मैंने उसको उसकी ब्रा और पेंटी हाथ में पकड़ा दिए। अब वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराती शरमाती हुई उनको अपने साथ लेकर तुरंत चली गयी। दोस्तों उसकी इस हरकत को देखकर में तो बिल्कुल पागल सा हो गया और उस पूरी रात में ठीक तरह से सो नहीं सका और में बस कमला के बारे में ही सोचता रहा। मेरे मन में उसके लिए बहुत सारे गलत विचार आने लगे थे और अब में मन ही मन में उसकी चुदाई के सपने देखकर खुश होने लगा था। फिर अगले दिन जब मेरे मकान मालिक और मालकिन हॉस्पिटल अपने किसी चेकअप के लिए चले गये और उनके के चले जाने के कुछ देर बाद उनका लड़का भी अपनी नौकरी के लिए घर से बाहर चला गया। अब में अपने दोस्त के साथ था और मुझे उसके भी कहीं बाहर जाने का इंतजार था और फिर कुछ देर बाद भगवान ने मेरे मन की बात को सुनकर मेरे दोस्त को भी बाहर भेज दिया। फिर में अपने दोस्त के चले जाने के बाद नीचे क्रिकेट मेच देखने के बहाने से चला गया और में चोरीछिपे दबे पैर नीचे गया था। अब मैंने उस कमरे के अंदर जाकर देखा तब मुझे पता चला कि कमला उस समय अपनी मेक्सी को बदलकर दूसरे कोई कपड़े पहन रही थी। दोस्तों उस समय पूरे घर में बस हम दोनों के अलावा कोई भी नहीं था और नीचे आते ही वो मनमोहक द्रश्य देखकर मेरी आंखे फटी की फटी रह गई और में एकदम चकित होकर पागलों की तरह उसको अपने सामने देखे जा रहा था।
अब मेरे अचानक से उसके सामने इस तरह से आ जाने की वजह से वो शरम की वजह से एकदम से नीचे बैठ गयी और फिर वो मुझसे कहने लगी मनीष तुम इस समय यहाँ पर क्या कर रहे हो? चलो अब बाहर जाओ मुझे अपने कपड़े बदलने दो तुम्हे क्या शरम नहीं आती मुझे इस हालत में देखकर? तुम क्या मुझे ऐसे पागलों की तरह घूरकर देख रहे हो, चलो अब बाहर जाओ वरना कोई हमे देख लेगा तो बड़ी मुसीबत हो जाएगी। अब मैंने उससे कहा कि कमला तुम बिल्कुल भी मत घबराओ क्योंकि यहाँ पर इस पूरे घर में हम दोनों के अलावा कोई भी नहीं है जो तुम्हे या मुझे देखेगा। फिर में यह बात कहकर कमला के पास चला गया और उसको एकदम पास जाकर देखने लगा, लेकिन कमला अब भी लगातार मेरा वैसे ही विरोध करती रही, लेकिन दोस्तों उसका यह विरोध इतना ज़्यादा नहीं था कि में उसको कुछ ना कह सकूँ, वो तो बस मुझे दिखाने के लिए हल्का सा झूठा विरोध कर रही थी। दोस्तों कमला अब भी नीचे ही बैठी हुई थी और वो उस समय केवल ब्रा और पेंटी में थी। वो हर मुझसे बाहर जाने के लिए कह रही थी। अब मैंने उसकी कोई भी बात की तरफ बिल्कुल भी ध्यान ना देकर कमला को पीछे से जाकर अपनी बाहों में बैठते हुए भर लिया और उसके गोरे चिकने नंगे बदन को पहली बार छूकर मैंने महसूस किया जिसकी वजह से मेरे बदन में करंट दौड़ने लगा।

अब वो मुझसे छोड़ने के लिए कह रही थी, लेकिन में तो इस मौके की तलाश में कुछ दिनों से लगातार था इसलिए में उसको अब अपने हाथ से कैसे जाने दे सकता था। फिर मैंने कमला को बहुत प्यार से समझाया और उसको कहा कि आज तुम मुझे ना रोको जो मुझे करना है प्लीज करने दो, में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छी भी लगती हो, प्लीज एक बार तुम मेरी बन जाओ, लेकिन वो अब भी हल्का हल्का सा विरोध कर रही थी। फिर मैंने उसकी पीठ पर अपने दोनों होंठो को रख दिया और उसकी चिकनी कमर को चूमना अपने हाथों से उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही सहलाना शुरू किया। अब मेरे यह सब करने की वजह से उसको एक अजीब सी हलचल होने लगी थी। वो धीरे धीरे गरम होने लगी थी और उसको मेरा यह सब करना अब कुछ हद तक अच्छा लगने लगा था और फिर इस बीच उसकी हँसी छूट गयी। दोस्तों बस फिर क्या था? मैंने उसी समय कमला को अपने गोद में उठा लिया और मैंने उसको बेड पर लेटा दिया। अब में कमला के नरम गुलाबी होंठो को चूसने लगा और साथ उसके उसके पूरे बदन को अपने एक हाथ से सहलाने लगा था। दोस्तों थोड़ी देर के बाद कमला भी अब मेरा साथ देने लगी थी। हम दोनों अब पूरी तरह जोश में आकर एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे थे।
फिर उसने मुझसे वादा लिया कि इस बात का तुम अपने दोस्त से भी कभी कोई जिक्र नहीं करोगे और यह बात बस हम दोनों के बीच ही रहनी चाहिए। फिर मैंने उसको कहा कि इसके बारे में तुम्हे इतना सोचने विचार करने की जरूरत नहीं, में कभी किसी को कुछ नहीं कहूँगा। अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर खुश हो गई और उसने मुझे अपने गले से लगा लिया और फिर उसके बाद उसके होंठो को चूसने के बाद में अब उसकी गर्दन कंधों पेट को चूमते हुए अब उसके एकदम गोल बूब्स को चूसने लगा, उसके बूब्स की निप्पल एकदम खड़ी आकार में बड़ी होने के साथ साथ ही वो हल्के भूरे रंग की थी, जिसको पहली बार देखकर ही में ललचाने लगा और पागलों की तरह में उस पर टूट पड़ा। दोस्तों उसके बूब्स को चूसते हुए मुझे जितना मज़ा आ रहा था, में आप सभी को लिखकर बता नहीं सकता और पूरे दिन वो मिठास मेरे मुहं से नहीं गई थी। अब में कमला से सारे शरीर को चूसते हुए अपने आप पर काबू नहीं कर पा रहा था और इसलिए मैंने तुरंत ही अपने पूरे कपड़े उतारकर जोश में आकर कमला के दोनों पैरों को फैलाकर में उनके बीच में आ गया और अब मैंने अपना लंड कमला की चूत के मुहं पर रखकर एक जोरदार धक्का देकर अंदर डाल दिया।

दोस्तों जब मैंने कमला की चूत में अपना लंड डाला तब उस समय कमला ने एक बड़ी ही प्यारी सी सिसकी ली और उसकी वो सिसकी की आवाज को सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा, मेरा जोश पहले से ज्यादा बढ़ गया। अब मैंने लगातार तेज धक्के देकर कमला की चुदाई करना चालू कर दिया और कुछ देर बाद कमला ने भी मेरा अपनी तरफ से पूरा पूरा साथ देना शुरू कर दिया। वो मेरी चुदाई से बड़ी खुश एकदम संतुष्ट मुझे अपने चेहरे से नजर आ रही थी। दोस्तों मैंने कमला की गीली कामुक चूत में अपने लंड को एक जैसे धक्के देकर उसके साथ पहली चुदाई के मज़े लिए। फिर कुछ देर बाद मेरा लंड उसकी गहराईयों में बड़े आराम से फिसलता हुआ आने जाने लगा था और अब मेरे हर एक धक्के पर कमला भी अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर मेरा साथ देने लगी। अब मैंने भी उसका जोश देखकर बड़े मज़े से खुश होकर लगातार धक्के देने शुरू किए और उसने मेरा पूरा साथ दिया में धक्के देते हुए उसके बूब्स को दबाने के साथ साथ निप्पल को अपने मुहं में भरकर चूसने भी लगा और वो जोश में आकर मेरे मुहं को अपनी छाती पर दबाने लगी। दोस्तों मैंने कमला की चुदाई उसके पापा के आने से पहले तीन बार बहुत जमकर की और उसने खुश होकर मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े लिए, हमारी वो पहली चुदाई करीब दस मिनट तक चली, जिसमे कमला मुझसे पहले ही एक बार झड़ चुकी थी, लेकिन फिर वो उसी जोश से धक्के दे रही थी।
फिर जब में झड़ने वाला था उसके पहले मैंने उससे पूछा में अपने वीर्य को कहाँ निकालूं? तब कमला ने कहा कि तुम उसको अंदर ही निकाल दो और मुझे उसको अपने अंदर महसूस करके अच्छा लगेगा। फिर उसके कहने पर चूत के अंदर ही झड़ने के बाद जब में उठने वाला था, तभी उसी समय कमला ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और वो मुझसे कहने लगी कि तुम थोड़ी देर ऐसे ही मेरे ऊपर लेटे रहो। अब में उसके ऊपर वैसे ही लेटा रहा और वो मुझे पागलों की तरह चूमने प्यार करने लगी। उस काम में मैंने भी उसका साथ दिया और करीब 10-15 मिनट तक ऐसे ही एक दूसरे से लिपटकर चिपके लेटे रहने के बाद मेरा लंड एक बार फिर से जोश में आकर खड़ा होने लगा। फिर मैंने कमला से अपनी उस बात को कहा कि कमला देखो यह तो एक बार फिर से तुम्हारी चुदाई करने के लिए तैयार हो गया, अब तुम ही मुझे बताओ क्या में दोबारा इसको तुम्हारी चूत के डाल दूँ? फिर उसी समय कमला ने हंसते हुए मुझसे कहा कि क्यों मैंने कब तुम्हे मना किया है? चलो अब दोबारा से शुरू हो जाओ नेक काम में देर क्यों करते हो? वैसे भी मेरी भी भूख चूत की खुजली अभी खत्म नहीं हुई है में भी चाहती हूँ कि तुम मुझे दोबारा इससे भी ज्यादा चुदाई के मज़े दो, चलो दिखाओ मुझे तुम आज अपने इस लंड की ताकत।

दोस्तों में कमला के मुहं से खुश होकर दोबारा उसकी वैसे ही चुदाई करने लगा इस बार मैंने उसको दूसरी तरह से उसको अपने सामने घोड़ी बनाकर उसकी खुली हुई चूत में अपने लंड को डालकर और हर बार रुक रुककर अलग अलग तरह से चुदाई के मज़े दिए। दोस्तों इस तरह से हम दोनों ने तीन बार चुदाई के मस्त मज़े लेकर हमारे मन की उस इच्छा को पूरा किया, जिसके लिए मैंने कमला को पागलों की तरह चाहना प्यार करना शुरू किया और एक बार उसकी चुदाई करने के बाद में अपने आप को इस पूरी दुनिया का सबसे अच्छी किस्मत वाला समझने लगा था। दोस्तों अब उस पहली चुदाई के बाद जब हम दोनों को मौका मिलता उसी समय हम दोनों खुश होकर यह खेल मिलकर खेलने लगे और खुश होकर बड़ा मज़ा लेने लगे थे। फिर कुछ चले हमारे उस खेल के बाद मजबूर होकर कमला ने अपने पति के आ जाने के बाद उसके साथ अपने ससुराल जाने का फैसला किया, वो उस समय मुझसे दूर होने की वजह से उदास नजर आ रही थी, लेकिन जाने से पहले उसने मुझे अपने फोन नंबर के साथ साथ अपने घर का पता भी दे दिया। फिर जब कमला अपने घर चली गई और उसके बाद भी कमला ने मुझे सही मौका देखकर कई बार अपने घर भी बुलाया और हम दोनों ने उसके घर भी बड़े खुश होकर मज़े किए। दोस्तों यह थी मेरी पहली सच्ची सेक्स की कहानी मेरा सच्चा सेक्स अनुभव जिसके बाद में बहुत खुश रहने लगा था क्योंकि मुझे अपने मन की इच्छा चुदाई करने के लिए एक सुंदर गोरी शादीशुदा औरत की चूत मिल चुकी थी और कमला को मेरे जैसा जवान मर्द मिल चुका था। में हर बार उसकी जमकर चुदाई करता, जिसकी वजह से वो हमेशा संतुष्ट नजर आने लगी थी ।।
धन्यवाद