मजा तो मुझे भी आ गया

Hindi sex stories, antarvasna समय बड़ी तेजी से निकल रहा था मुझे तो कुछ पता ही नहीं चला कि कब मेरे बच्चे इतने बड़े हो गए घर की जिम्मेदारियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थी। खर्चे भी काफी बढ़ते जा रहे थे और महंगाई से तो हम लोग परेशान थे ही जैसे तैसे घर का खर्चा चल रहा था घर में सिर्फ मैं ही कामाने वाला था बच्चों की फीस और ना जाने कितने खर्चे हर रोज सामने खड़े रहते हैं लेकिन उसके बावजूद भी मैं कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से भागा नहीं। मैं अपने घर की हर एक जरूरतों को पूरा करता रहा मैं जिस कंपनी में काम करता था वहां पर मेरी काफी अच्छी इमेज है और सब लोग मुझे बहुत अच्छा मानते हैं मेरी छवि इतनी अच्छी है कि यदि मैं ऑफिस में किसी से भी कुछ कह दूं तो शायद वह कभी मना नहीं करता। एक दिन मेरी लड़की मुझे कहने लगी पापा मुझे कल फीस जमा करनी है मैंने उसे कहा तो तुम मम्मी से क्यों नहीं कहती वह कहने लगी मैंने मम्मी से कहा था लेकिन मम्मी ने कहा कि मैं आपसे कहूं।

मैंने उसे कहा लेकिन तुम्हें किस चीज की फीस जमा करनी है तो वह कहने लगी पापा मैंने स्कूल में डांस क्लास ज्वाइन किया है तो उसके लिए मुझे वहां पर फीस जमा करनी है। मैंने उसे कहा क्या उसके लिए अलग से फीस देनी पड़ती है वह कहने लगी हां उसके लिए अलग से फीस देनी पड़ती है मैंने उसे कहा ठीक है कल सुबह तुम मुझसे ले लेना। सुबह ही उसने मुझे याद दिलाया तो मैंने उसे पैसे दे दिए लेकिन ना जाने और कितने प्रकार के खर्चे रोज हो आ जाया करते थे। मैंने एक दिन अपनी पत्नी से कहा काफी समय हो गया है हम लोग कहीं साथ में भी नहीं गए हैं तो क्या कल हम लोग कहीं चले मेरी पत्नी मधु कहने लगी हां क्यों नहीं। मेरी पत्नी मधु ने मेरा साथ बखूबी दिया है और वह हमेशा ही मेरे साथ खड़ी रहती है, हम लोग अगले दिन बच्चों को लेकर मूवी देखने के लिए चले गए हम सब लोगों ने साथ में मूवी देखी और उस दिन हम लोगों ने बहुत ही अच्छा समय बिताया। हम लोगों को घर आने में काफी देर हो गई थी और जब हम लोग घर आए तो सब लोग थक चुके थे तो मैंने मधु से कहा कि क्यों ना हम लोग बाहर से ही खाना ऑर्डर करवा देते हैं और उसके बाद हम लोग सो जाते हैं।

हम लोगों ने खाना बाहर से ही ऑर्डर करवाया उसके बाद हम लोग खाना खा कर सो गए जब अगले दिन मैं उठा तो मैंने देखा समय काफी हो चुका था मैं जल्दी से तैयार हुआ और ऑफिस के लिए निकल गया। कुछ ही समय बाद मेरी लड़की की 12वीं की परीक्षा पूरी हो चुकी थी और उसको अब किसी अच्छे कॉलेज में पढ़ना था तो उसके लिए मुझे पैसों की जरूरत थी। मैं सोचने लगा मैं किस से पैसे लूं क्योंकि मेरे पास इतनी जमा पूंजी नहीं थी कि मैं उसे दे पाता इसलिए मैंने लोन अप्लाई कर दिया ताकि मैं अपनी बच्ची की फीस भर सकूं और उसका एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन करवा सकूं। मैंने अब लोन अप्लाई कर दिया था और कुछ ही समय बाद मेरा लोन पास हो गया जब मेरा लोन पास हुआ तो मैंने उस दिन अपनी पत्नी को वह पैसे दिए और कहा तुम इन पैसों को संभाल लो जब कॉलेज की फीस जमा करनी होगी तो इन्हें हम वहां जमा कर देंगे। मेरी पत्नी ने पैसे संभाल कर रख दिए थे और कुछ दिनों बाद कॉलेज की फीस जमा करनी थी,  एक दिन मैंने अपनी पत्नी से कहा कि मुझे वह पैसे देना उनमें से मुझे कुछ पैसों की जरूरत है। जब मधु ने अलमारी खोली तो उसमें पैसे नहीं थे हम लोगों ने हर जगह देखा लेकिन पैसे कहीं नहीं मिले हम दोनों बहुत परेशान हो गए उसके बाद मुझे इस बात की चिंता होने लगी कि मैं कहां से अब कॉलेज की फीस भरूँगा। मैं बहुत ज्यादा टेंशन में था मैंने मधु से पूछा क्या कोई इस बीच घर आया था मधु कहने लगी नहीं कोई भी तो नहीं आया था लेकिन मधु को कुछ ध्यान नहीं आ रहा था कि आखिरकर कौन घर पर आया था क्योंकि पैसे कहीं भी इधर-उधर होने का कोई सवाल ही नहीं था। मैंने मधु से पूछा लेकिन मधु ने मुझे मना कर दिया फिर एक दिन मधु ने मुझे कहा कि एक बार पड़ोस की मोहनी भाभी आई थी।

मुझे उन पर तो पहले से ही शक था क्योंकि पहले भी एक दो बार उनके ऊपर कुछ लोगों ने मुकदमा दर्ज करवाया था और मैं पूरी तरीके से समझ चुका था कि उन्होंने ही वह पैसे निकाले हैं। मैं जब उनके घर पर गया तो मैने उनसे पैसो के बारे में पूछा परन्तु उन्होंने तो साफ तौर पर मना कर दिया वह तो बिल्कुल मानने को तैयार ही नहीं थी कि उन्होंने पैसे लिए हैं। मैंने उनसे कहा कि देखिए आप वह पैसे लौटा दीजिए नहीं तो मेरी बच्ची की जिंदगी खराब हो जाएगी लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम। मुझे पूरा यकीन था कि उन्होंने ही पैसे अलमारी से निकाले होंगे लेकिन वह अपनी गलती मानने को तैयार बिल्कुल भी नहीं थी और मुझे इस बात का बहुत ही दुख हो रहा था कि मैं अपनी बच्ची की फीस नहीं भर पाऊंगा। एक दिन मैं और मधु घर से बाहर निकल रहे थे तो मैंने देखा कि मोहनी भाभी ने अपने घर के बाहर एक कार खड़ी की हुई थी मैं समझ गया कि उन्होंने उसी पैसे से वह कार ली होगी। वह तो बिल्कुल भी मानने को तैयार नहीं थी की उन्होंने ही पैसे वह निकाल है मुझे उन पर बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन मेरी पत्नी मधु ने मुझे कहा कि आप रहने दीजिए। मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपने बच्चे की फीस कहां से करूं लेकिन जब इस बात का पता मेरे ऑफिस में चला तो सब लोगों ने मेरी उस वक्त बहुत मदद की और उन्होंने मुझे पैसे इकट्ठा कर के दिए ताकि मेरी बच्ची का एडमिशन एक अच्छे स्कूल में हो सके।

यह शायद मेरी ही अच्छाई का फल था जो उन्होंने मुझे पैसे दे दिए अब मैंने अपनी बच्ची का दाखिला एक अच्छा कॉलेज में करवा दिया लेकिन मैं अपनी भाभी को सबके सामने उनकी चोरी को लाना चाहता था और मैंने पूरी तरीके से सोच लिया था कि किस प्रकार से मैं उनकी चोरी को सबके सामने लाऊंगा। एक दिन मैंने अपनी पत्नी से कहा आज मुझे ऑफिस से बोनस मिला है उस वक्त शायद मोहनी भाभी भी अपने घर के बाहर ही खड़ी थी और वह कान लगाकर सुनने लगी। मैंने बड़ी तेज आवाज में अपनी पत्नी से कहा कि यह पैसे मैं तुम्हें दे देता हूं तुम इन्हें संभाल कर रखना मैंने उसे खाली सूटकेस दे दिया उसके अंदर मैंने कुछ कपड़े रखे हुए थे। उस सूटकेस को मैंने बंद किया हुआ था और जहां पर मधु ने वह सूटकेस रखा उसके बिल्कुल सामने मैंने एक कैमरा लगवा दिया था ताकि मुझे पता चल सके कि आखिरकार मोहनी भाभी क्या चाहती हैं। मैं अपनी जगह बिल्कुल सही था मैंने मधु से कहा तुम उस सूटकेस को रख देना और मधु ने वह सूटकेस अलमारी के अंदर ही रख दिया। मैं अपने ऑफिस में ही था और मधु शायद घर का काम कर रही थी और दरवाजा खुला हुआ था तभी मोहनी भाभी ने सूटकेस वहां से निकाल लिया। मैं जब शाम को घर लौटा तो मैंने देखा सूटकेस वहां पर नहीं था मैंने मधु से पूछा तो मधु कहने लगी मैंने तो वह वही पर रखा था। मैंने जब कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी तो उसमें वह सूट केस मोहनी भाभी लेकर जा रही थी हमने उनकी चोरी को रंगे हाथ पकड़ लिया था और अब मैं उन्हें छोड़ने वाला नहीं था लेकिन मैं चाहता था कि एक बार उनसे मैं इस बारे में जरूर बात करूं। मैं जब मोहिनी भाभी के पास गया तो मैने उन्हे वह रिकॉर्डिंग दिखाई और कहा अब तो मैं आपकी कंप्लेंट पुलिस में ही करवा दूंगा वह घबरा गई और मुझे कहने लगी मैंने यह सब कहां किया है।

मैंने उसे कहा आपकी रिकॉर्डिंग मेरे पास है और अब आप इस बात को छुपा नहीं सकती वह घबरा गई मैंने उनसे कहा देखो जो आपने पहले भी मेरे पैसे चोरी किए थे यदि आप वह मुझे ब्याज समेत लौटा दे तो मैं आपको कुछ भी नहीं कहूंगी लेकिन उनकी तो हालत खराब हो चुकी थी। मैंने उन्हें कहा देखो मुझे तो मेरे पैसे चाहिए उन्होंने अपनी अलमारी से पैसे निकाले और मुझे पैसे दे दिए लेकिन मेरा मन अभी नहीं भरा था क्योंकि मुझे उनकी वजह से काफी तकलीफ झेलनी पड़ी थी। मैंने उन्हें कहा इतनी आसानी से मैं आपको छोड़ने वाला नहीं हूं आपकी वजह से मुझे बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मैंने उन्हें अपने पास बुलाया और कहा आप मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो वह पहले मना कर रही थी लेकिन मैंने जब कहा कि आप उसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहेगी तो उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे अच्छे से हो सकिंग करने लगी। मुझे बड़ा मजा आ रहा था पहले तो वह अच्छे से सकिंग नहीं कर रही थी लेकिन जब  उन्होंने अपने मुंह के अंदर तक मेरे लंड को ले लिया तो उन्हें भी मजा आने लगा और वह अच्छे से चूसने लगी।

काफी देर तक उन्होंने ऐसा किया हम दोनों के अंदर उत्तेजना जाग चुकी थी। जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी योनि में डाला तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम यह क्या कर रहे हो लेकिन मैंने उन्हें चोदना जारी रखा। मै उन्हे अच्छे से चोद रहा था और काफी देर तक मैंने उनकी चूत के मजे लिए उन्हें चोदने में मुझे काफी मजा आया लेकिन मुझे तो उनकी गांड मारनी थी क्योंकि मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था। मैंने उनसे कहा आप मेरे लंड पर तेल की मालिश कीजिए उन्होंने मेरे लंड को तेल से अच्छे से नहला दिया जिससे कि मेरा लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था और थोड़ा बहुत तेल मैने उनकी गांड पर भी लगा दिया। जैसे ही मैंने उनकी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी और उनके मुंह से चीख निकल पडी लेकिन मुझे उन्हें धक्के देने में काफी आनंद आता और मैं उन्हें तेजी से धक्के दिए जा रहा था। काफी देर तक मैंने उनकी गांड के मजे लिए और जब वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई तो मुझे कहने लगी मजा तो मुझे भी आ गया मैंने उन्हें कहा आपको तो मजा आना ही था।