मैंने शुभी के होठों को चूम लिया

Antarvasna, sex stories in hindi: भैया और भाभी के घर पर हर रोज झगड़े होते रहते थे उन दोनों की शादी को अभी सिर्फ दो वर्ष ही हुआ था लेकिन उन लोगों के झगड़े की वजह से घर का माहौल बिल्कुल भी ठीक नहीं था और कई बार तो भाभी झगड़े में अपने मायके भी चली जाया करती थी। भैया और भाभी की अरेंज मैरिज हुई थी लेकिन उन दोनों के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था जिससे घर पर भी गलत असर पड़ रहा था और पापा और मम्मी भी इस बात से बहुत ज्यादा परेशान है। मैंने भैया से एक दिन इस बारे में बात करने के बारे में सोचा, मैंने जब उनसे बात की तो मैंने उन्हें कहा कि भैया आप भाभी से अलग क्यों नहीं हो जाते घर पर इससे पापा और मम्मी बहुत ज्यादा परेशान है। भैया भी यही चाहते थे कि वह भाभी से अलग हो जाए और फिर उन दोनों ने डिवोर्स लेने के बारे में भी सोच लिया था। 

पापा मम्मी यह बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि वह अलग हो जाए क्योंकि इससे घर की काफी ज्यादा बदनामी होनी थी इसलिए वह लोग इस बात के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। मैंने पापा और मम्मी को काफी समझाने की कोशिश की कि उन दोनों का अलग हो जाना ही ठीक होगा लेकिन पापा मम्मी कहां मानने वाले थे। भैया और भाभी को हम लोग दोबारा से रिश्ते में बांधने की कोशिश कर रहे थे परंतु यह बिल्कुल भी संभव नहीं था। भाभी ने भी पूरी तरीके से फैसला कर कर लिया था कि वह डिवोर्स ले लेंगे उसके बाद भाभी अपने मायके चली गई। भैया ने भी भाभी के बारे में सोच लिया था और उन दोनों का डिवोर्स हो गया। उनके डिवोर्स हो जाने के बाद पापा मम्मी चाहते थे कि भैया दूसरी शादी कर ले लेकिन भैया इस बात के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे वह दूसरी शादी नहीं करना चाहते थे। भैया के साथ मैं ज्यादातर समय रहा करता था क्योंकि हम दोनों ही शॉप में रहते थे।

 पापा के बिजनेस को हम लोग ही संभाल रहे थे हम दोनों उनके काम को आगे बढ़ा रहे थे। मैं काम पर पूरी तरीके से ध्यान देता लेकिन भैया इस बात से काफी ज्यादा परेशान रहते थे कि उनकी शादी अब टूट चुकी है लेकिन वह किसी से भी अपनी बातों को शेयर नहीं किया करते थे। सब कुछ सामान्य तरीके से चलने लगा था और भैया भी इस बात को भूलने लगे थे क्योंकि इस बात को भी काफी समय हो चुका था लेकिन समय के साथ साथ अब वह चाहते थे कि वह शादी कर ले। पापा मम्मी ने भी उनकी शादी करवाने का फैसला कर लिया था और जल्द ही भैया की दूसरी शादी हो गई। भैया अब अपनी शादी से काफी ज्यादा खुश है भैया और भाभी बहुत ही ज्यादा खुश हैं उनकी जिंदगी में अब दोबारा से खुशियां वापस लौट आई हैं जो कि वह चाहते थे। एक दिन मैं शॉप में था उस दिन जब मैं शॉप पर बैठा हुआ था तो वहां पर भाभी की सहेलियां आई हुई थी।

 भाभी की सहेली शुभी से मैं पहले भी मिल चुका था लेकिन उस दिन जब वह मेरे साथ थोड़ी देर बैठी रही तो मुझे शुभी के साथ बात कर के अच्छा लगा और शुभी को भी कहीं ना कहीं मुझसे बात करना अच्छा लग रहा था। हम दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे से बातें की शुभी जब हमारी शॉप में आती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और उसे भी मुझसे बात करना अच्छा लगने लगा था। मैंने एक दिन शुभी का नंबर ले लिया और शुभी का नंबर लेने के बाद मैं उससे बातें करने लगा। जब भी मैं शुभी से फोन पर बातें किया करता तो मुझे बहुत अच्छा लगता था और शुभी को भी बड़ा अच्छा लगता है जिस तरीके से वह मेरे साथ बातें किया करती है। हम दोनों की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चलने लगा था कहीं ना कहीं शुभी और मैं एक दूसरे को प्यार करने लगे थे। हम लोग अपने प्यार को आगे बढ़ाना चाहते थे और मैंने ऐसा ही किया मैं शुभी के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करता। जब भी मैं शुभी के साथ होता तो मुझे अच्छा लगता था।

 इस बारे में भैया को भी मालूम चल चुका था कि शुभी और मेरे बीच कुछ ना कुछ तो चल ही रहा है, मैंने भी भैया को सब कुछ बता दिया। जब भैया को मैंने इस बारे में बताया तो भैया ने मुझे कहा कि तुम इस बारे में घर पर क्यों नहीं बात कर लेते। मैंने भैया से कहा कि भैया मेरी हिम्मत नहीं है कि मैं इस बारे में घर पर बताऊं लेकिन भाभी ने इस बारे में घर पर बता दिया। भाभी ने जब मेरे और शुभी के रिश्ते के बारे में घर पर बताया तो इस बात से किसी को भी कोई एतराज नहीं था क्योंकि शुभी एक बहुत ही अच्छी लड़की है और वह एक अच्छे घर से भी है। भाभी तो इस बात से बड़ी खुश थी की शुभी अब हमारे घर की बहू बनने वाली है। भाभी और शुभी के बीच काफी पुरानी दोस्ती है और वह दोनों साथ में ही कॉलेज में पढ़ा करते थे। मैं भी इस बात से बहुत ज्यादा खुश था कि शुभी और मैं अब एक दूसरे के साथ में रिलेशन में है और हम दोनों का रिलेशन भी अच्छे से चलने लगा था। हमारी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था और मैं बड़ा खुश था जिस तरीके से मैं और शुभी साथ में समय बिताया करते। 

जब भी हम दोनों साथ में होते तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लगता था और शुभी को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता जब भी मैं शुभी के साथ में टाइम स्पेंड किया करता हूं। एक दिन हम दोनों लॉन्ग ड्राइव पर गए। हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे हम दोनों साथ में बहुत अच्छा समय बिता रहे थे। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब शुभी और मैं साथ मे थे। उस दिन हम दोनों ने सोचा हम दोनों साथ में ही रुक जाए। मैंने उस दिन शुभी से कहा मैं चाहता हूं हम दोनों साथ में रुके। उसने मेरी बात मान ली हम दोनों साथ में रुके हम दोनों एक होटल में रुके थे। हम दोनों साथ में थे मैंने शुभी के होठों को चूम लिया था। हम दोनों के बीच में अच्छे से किस होने लगा था शुभी मेरे होठों को किस करने लगी थी मैं शुभी के होंठो को चूमने लगा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा चुके थे अब हम दोनो ने एक दूसरे की गर्मी को इतना बढ़ा दिया था हम दोनों अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहे थे। ना तो मैं अपने आपको रोक पाया और ना ही शुभी। मैंने अपने बदन से कपड़े उतार दिए थे शुभी के बदन से कपड़े उतारने के बाद में उसके ऊपर लेटा हुआ था मुझे अच्छा लग रहा था मैं शुभी के होठों को चूम रहा था।

 मैंने उसके स्तनों को चूमना शुरू किया और उसकी गर्मी को मैं बढ़ाने लगा। शुभी की गर्मी बढ़ने लगी थी वह बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही वह अपने आपको रोक पा रही थी। हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी। मैंने शुभी से कहा मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ रही है।

शुभी बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी जिस तरीके से वह मेरे साथ किस कर रही थी उसकी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी मैंने अपने लंड को शुभी को अपने मुंह में लेने के लिए कहा तो शुभी ने उसे अपने मुंह में ले लिया और वह उसे चूसने लगी। जब वह ऐसा करने लगी मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था और शुभी को भी बड़ा मजा आ रहा था। वह मेरी गर्मी को बढाए जा रही थी। मेरी गर्मी बढ चुकी थी और शुभी की भी गर्मी बहुत ज्यादा बढ गई थी इसलिए हम दोनो अपने आपको रोक नहीं पा रहे थे। मैं और शुभी पूरी तरीके से गर्म होते चले गए जब हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। मैं शुभी की योनि को चाटने लगा था। मै शुभी की चूत को जिस तरीके से चाट रहा था मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होते चले गए मैंने अपने लंड को जब शुभी की योनि पर लगाया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और शुभी की योनि से पानी बाहर निकलने लगा था। 

जब मैंने उसकी चूत में अपने लंड को धीरे धीरे कर के डालना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे अब तुम तेजी से चोदते रहो। मै उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा था मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था जब मै शुभी को चोद रहा था। मै उसे जिस तरीके से चोद रहा था मुझे अच्छा लगता। मैं और शुभी एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे। मैंने शुभी के दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था। मैंने देखा शुभी की चूत से खून निकल रहा है मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा था और उसको भी मजा आने लगा था।

मै उसे तेजी से चोदे जा रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। शुभी मेरा साथ अच्छे से दे रही थी वह बड़ी जोर से सिसकारियां लेकर मुझे कहती मुझे अच्छा लग रहा है। वह बड़ी तेज सिसकारियां ले रही थी जिससे मुझे मजा आने लगा था और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। हम दोनों पूरी तरीके से गरम होते जा रहे थे। अब मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी उसे रोक पाना मुश्किल था। मेरे धक्के और भी तेज होते जा रहे थे जिससे कि शुभी को भी मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। वह समय नजदीक आ चुका था जब मेरा वीर्य पतन होने को था। मैंने अपने वीर्य को शुभी की योनि में ही गिरा दिया था। शुभी की चूत मे मेरा वीर्य जाते ही वह खुश हो गई और मुझे बोली मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने जिस तरीके से शुभी के साथ सेक्स संबंध बनाए थे उससे हम दोनों बड़े खुश थे।