मैं आपकी कायल हो गई

Antarvasna, sex stories in hindi: रविवार का दिन था और उस दिन मैं घर पर ही था क्योंकि मेरे ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए मैं देर से उठा था और मैं जब उठा तो पापा अखबार पढ़ रहे थे। पापा मुझे कहने लगे कि राजेश बेटा तुम आज देर से उठा रहे हो तो मैंने पापा से कहा हां पापा आज वैसे भी छुट्टी है और मैं सोच रहा था कि आज घर पर ही आराम करूं। पापा ने मुझे कहा बेटा तुम जल्दी से तैयार हो जाओ क्योंकि मेरे पुराने मित्र मुझे मिलने के लिए आ रहे हैं मैंने उन्हें कहा ठीक है पापा। मैं अब नहाने के लिए बाथरूम में चला गया और जब मैं लौटा तो मैंने अपनी मां से कहा मां मुझे भूख लग रही है मेरे लिए तुम जल्दी से नाश्ता बना दो। मां कहने लगी बेटा बस अभी नाश्ता बना देती हूं मां ने मेरे लिए नाश्ता बनाया। दोपहर के वक्त पापा के मित्र घर पर आए जब वह घर पर आए तो उस वक्त हम सब लोग घर पर ही थे मेरी बहन भी घर पर ही थी। पापा ने जब मुझे उनसे मिलवाया तो वह मुझसे बड़े खुश हुए और कहने लगे कि बेटा तुम क्या करते हो मैंने उन्हें अपनी कंपनी का नाम बताया और कहा कि मैं वहां पर जॉब करता हूं।

वह मुझसे इतने ज्यादा प्रभावित हुए कि उन्होंने पापा से कहा कि वह अपनी लड़की की शादी मुझसे करवाना चाहते हैं। मैं उससे अभी तक मिला नहीं था और ना ही मैं उसे जानता था लेकिन पापा ने भी हां कर दी। मेरे मन में अभी तक यह चल रहा था कि मैंने तो उसे कभी देखा ही नहीं है और ना ही मैं उसे जानता हूं तो ऐसे ही पापा ने कैसे शादी के लिए हां कह दी। मैंने जब पापा से यह बात कही तो पापा कहने लगे बेटा मैं उस लड़की को अच्छे से जानता हूं और तुम इस बारे में बिल्कुल भी निश्चिंत रहो। मैंने पापा से कहा पापा लेकिन मैं ऐसे ही किसी के साथ शादी नहीं कर सकता मैं पहले उससे मिलना चाहता हूं हां यह जरूर है कि मैं आप लोगों की बात को कभी मना नहीं करूंगा लेकिन मेरी भी अपनी कोई जिंदगी है और मैं पहले उस लड़की से मिलना चाहता हूं मेरी मां कहने लगी कि राजेश बिल्कुल ठीक कह रहा है। पापा अपने दोस्त की बात को मना ना कर सके लेकिन मां को भी शायद इस बात से आपत्ति थी और मां ने मुझे कहा कि बेटा हम लोग उससे जरूर मिलेंगे तुम्हारे पापा तो उससे पहले ही मिल चुके हैं लेकिन मैं भी कभी उस लड़की से मिली नहीं हूं और मैं चाहती हूं कि पहले उससे मैं भी मिल लूं।

हम लोगों ने अब फैसला किया कि हम लोग पापा के दोस्त के घर उनसे मिलने के लिए जाएंगे और हम लोग जब उनके घर पर गए तो उस दिन पहली बार मैं अंकिता से मिला अंकिता से मिलकर मुझे अच्छा लगा और मैं चाहता था कि अंकिता से मैं बात करूं। मैं उसे समझना चाहता था और हम दोनों ने जब एक दूसरे से बात की तो मुझे पता चला कि अंकिता के भी अपने सपने हैं लेकिन वह शायद अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रही है। मैंने अंकिता से कहा तुम क्या चाहती हो तो अंकिता मुझे कहने लगी कि मैं शादी के बाद भी जॉब करना चाहती हूं मैंने अंकिता को कहा तो तुम अभी जॉब क्यों नहीं करती। अंकिता मुझे कहने लगी कि पहले मैं जॉब किया करती थी लेकिन कुछ समय से मैंने जॉब छोड़ दी है। मुझे अंकिता से बात कर के अच्छा लगा और मैंने अंकिता का नंबर ले लिया था मैं बहुत ज्यादा खुश था। हम दोनों ने एक दूसरे को पसंद कर लिया था कहीं ना कहीं अंकिता को भी मैं भा गया था और इस बात से मैं बड़ा ही खुश था। अब हम लोग आगे अपने रिश्ते को बढ़ाना चाहते थे इसलिए हम दोनों एक दूसरे से मुलाकात करने लगे हम दोनों जब भी एक दूसरे से मिलते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता और एक दूसरे से मिलकर हम लोग बहुत खुश हो जाते। अंकिता के साथ समय बिता कर खुश रहता हूं जब अंकिता से मेरी बात नहीं होती तो मुझे ऐसा लगता कि शायद मेरा दिन अधूरा है इसलिए मैं हर रोज अंकिता से बात करने की कोशिश करता। हमारे परिवार वाले पहले ही हमारे रिश्ते की बात कर चुके थे और वह लोग चाहते थे कि जल्द से हम लोग शादी कर ले। हम लोगों ने अब शादी करने का फैसला तो कर ही लिया था और इस बात से पापा मम्मी भी बहुत खुश थे अंकिता हमारे घर पर अक्सर आया करती थी। हम लोगों ने अब शादी कर ली हम दोनों की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई और हम लोग बहुत खुश थे सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था अंकिता घर में बड़े ही अच्छे से मेरे माता-पिता का ध्यान रखती।

देखते-देखते हमारी शादी को 3 महीने बीत चुके थे लेकिन अभी तक हम लोग कहीं घूमने के लिए नहीं जा पाए थे क्योंकि ऑफिस में मेरे पास कुछ ज्यादा ही काम था इस वजह से मैं ऑफिस से छुट्टी नहीं ले पाया था। मैंने अपनी शादी के लिए 15 दिनों की अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी लेकिन उस दौरान हम लोग कहीं घूमने के लिए नहीं जा पाये। जब मुझे अंकिता ने कहा कि मुझे आप अपने साथ कहीं घुमाने के लिए ले जाइए तो मैंने अंकिता को कहा ठीक है मैं कोशिश करता हूं यदि मुझे ऑफिस से छुट्टी मिल गई तो हम लोग कहीं घूमने के लिए चलेंगे। जब मैंने अंकिता को यह बात कही तो वह भी खुश हो गई और वह मुझे कहने लगी कि ठीक है। अंकिता भी चाहती थी कि वह जॉब करे लेकिन मैंने अंकिता को कहा कि अंकिता तुम थोड़ा समय पापा मम्मी के साथ बिताओ उसके बाद जब मुझे लगेगा कि हमें मम्मी पापा से बात करनी चाहिए तो मैं उस वक्त मम्मी पापा से बात करूंगा। अंकिता कहने लगी कि ठीक है जब आपको लगेगा कि आपको पापा और मम्मी से बात करनी है तो आप उनसे बात कीजिएगा। मैं अपने ऑफिस हर रोज की तरह सुबह घर से निकल जाता अंकिता मुझे हमेशा टिफिन दिया करती।

अंकिता घर में पापा मम्मी को और घर को बड़े अच्छे से संभाल रही थी इस बात से पापा मम्मी बड़े खुश थे और वह लोग हमेशा अंकिता की तारीफ किया करते। अंकिता ने घर की सारी जिम्मेदारियों को अपने ऊपर ले लिया था और मैं इस बात से बहुत खुश था क्योंकि मैं जो चाहता था वह सब अंकिता हमेशा ही करने के लिए तैयार थी। अब हम लोग एक दूसरे के साथ तो खुश ही थे लेकिन हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समय नहीं दे पा रहे थे मैंने भी अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी लेने के बारे में सोचा और मुझे मेरा ऑफिस से छुट्टी भी मिल चुकी थी। मुझे जैसे ही मेरे ऑफिस से छुट्टी मिली तो मैंने घूमने का फैसला कर लिया और मैं चाहता था कि अंकिता के साथ मैं कहीं घूमने के लिए जाऊं। हम दोनों ने अब इस बारे में सोचना शुरू किया की आखिर हम लोग घूमने के लिए कहां जाएं मुझे तो कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि हम लोग घूमने के लिए कहां जाएं। मैंने अंकिता से कहा तुम्हें क्या लगता है हमें कहां घूमने के लिए चाहिए जाना चाहिए अंकिता कहने लगी कि मैंने इस बारे में कुछ सोचा नहीं है लेकिन मैं आपको एक-दो दिन में सोच कर बताती हूं। उस दौरान मैं घर पर ही था। जब अंकिता ने मुझे यह बात बताई कि वह घूमने के लिए विदेश जाना चाहती है तो मैंने भी सारी तैयारियां कर ली हम घुमने के लिए विदेश चले गए। अब हम लोग घूमने के लिए विदेश जा चुके थे और मौसम बड़ा ही सुहाना था मैं चाहता था कि अंकिता और मैं पूरी तरीके से उस मौसम का मजा ले। हम लोग जिस होटल में रुके हुए थे उस होटल का रूम बड़ा ही रोमांटिक था। मैं अपनी शादी वाली रात अच्छे से अंकिता के साथ सुहागरात मना ही नहीं पाया था इसलिए मैं चाहता था कि अंकिता के साथ में पूरे मजे करू मैंने अंकिता से कहा मैं चाहता हूं आज हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छे से मजा करें। अंकिता ने भी मुझे कहा राजेश मैं भी तो तुम्हारे लिए कितना तड़पा रही हूं घर में तो हम लोगों को समय ही नहीं मिल पाता है तुम ऑफिस से थके हारे आते हो और उसके बाद मुझे संतुष्ट भी नहीं कर पाते। मैंने अंकिता को कहा तुम उसकी बिल्कुल चिंता मत करो आज मैं तुम्हें पूरी तरीके से संतुष्ट कर दूंगा अंकिता को मैंने अपनी बाहों में लिया और अंकिता मेरी बाहों में आ चुकी थी मैने उसके गुलाब होंठो को चूमना शुरू किया।

जब मैं उसके होठों को चूम रहा था तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था मै उसके होठों को बहुत देर तक चूमता रहा अंकिता भी इस बात से बड़ी खुश थी अंकिता ने मुझे कहा कि मुझे लग रहा है कि मै ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं पाऊंगी। मैंने अंकिता को कहा तुम अपने कपड़े उतार दो अंकिता ने अपने बदन से कपड़े उतारे और मेरे सामने वह नग्न अवस्था में थी। अंकिता को तो मैं हर रोज देखा करता लेकिन उस दिन उसने जो पैंटी और ब्रा पहनी हुई थी उसमें वह बड़ी सेक्सी लग रही थी उसने पेड वाली ब्रा पहनी हुई थी। उसके स्तन बड़े अच्छे लग रहे थे मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा मैं उसके स्तनों को बड़े ही अच्छे से चूस रहा था। जब मैं उसके स्तनों को चूसता तो अंकिता मुझे कहने लगी मेरे निप्पल भी खड़े होने लगे हैं।

मैंने अंकिता के निप्पल को अपने मुंह में लिया और उन्हें जिस प्रकार से मैं चूस रहा था उससे मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा था और काफी देर तक मैंने उसके स्तनों का रसपान किया वह बिल्कुल भी अपने आप को रोक नहीं पा रही थी और ना ही मैं अपने आपको रोक पा रहा था। अंकिता ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया वह उसे सकिंग करने लगी जिस प्रकार से वसह सकिंग कर रही थी उससे मुझे बहुत मजा आ रहा था। मै अब अंकिता की चिकनी चूत को चाटने लगा मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह चिल्ला उठी और कहने लगी आज तो आप बड़े ही रोमांटिक मूड में नजर आ रहे हैं। मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और बड़ी तेज गति से चोदने लगा मैं जिस प्रकार से उसको धक्के मार रहा था उससे वह बहुत खुश हो रही थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। मैंने उसे कहा मैं अब ज्यादा देर तक अपने आपको नहीं रोक पाऊंगा अंकिता ने मुझे कहा कि मैं भी बिल्कुल नहीं रह पाऊंगी। मैंने अकिंता के मुंह के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया जब मैंने अंकिता के मुंह में अपने वीर्य को गिराया तो उसके बाद हम दोनों के बीच एनल सेक्स भी हुआ। जब हम लोग विदेश से लौटे तो वह कहने लगी मैं बहुत खुश हूं आपने मुझे जिस प्रकार का सुख दिया है उससे तो आपने मुझे अपना कायल बना दिया है। मैंने उसे कहा तुम तो हमेशा से ही मेरी हो और मेरी ही रहोगी।