मैं हूँ सबसे बड़ा रंडीबाज

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मेरा नाम रोहित है और यह मेरे कॉलेज का लास्ट ईयर है। मेरी उम्र 24 वर्ष है। मेरा कॉलेज बहुत ही बड़ा और अच्छा है। वहां पर मैंने कई दोस्त बनाये। हम लोग बहुत इंजॉय किया करते थे। कॉलेज की लाइफ वाकई में बहुत अच्छी थी। मुझे बहुत अच्छा लगता था जब मैं अपने दोस्तों के साथ अपना समय बिताता था।  कॉलेज में मेरी एक गर्लफ्रेंड भी थी। उसका नाम शालू था। उसकी और मेरी पहली मुलाकात भी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। वह मुझसे टकरा गई और वह गिरने वाली थी तो मैंने उसे गिरने से बचाया। उसके बाद हम दोनों में बातें हो गई और वह भी मुझे पसंद करने लगी। ऐसे ही हमारा रिलेशन आगे बढ़ता चला गया। वह मेरी हर एक बात को, मेरे कहने से पहले ही समझ लेती थी और मुझे कहती थी कि मैं तुम्हारी हर भावनाओं को समझती हूं। मुझे भी ऐसा ही लगता था। मैंने शालू से शादी करने का पूरा विचार बना लिया था। मेरे घर में भी सबको शालू के बारे में पता था।

जब मैं शुरू में ही कॉलेज में आया था तो तब से ही हम लोगों की मुलाकात हो गई थी और अब 3 साल होने को  आ गए हैं। मुझे बहुत ही अच्छा लगता था जब मैं शालू के साथ अपना टाइम स्पेंड करता था। वह मेरी हर एक बात को समझती थी। जो कि मुझे बहुत अच्छी लगती थी। इसी वजह से कहीं ना कहीं मैं उसे पसंद भी करता था लेकिन ना जाने क्यों अब उसका ध्यान मेरी बातों पर नहीं रहता था और वह मुझसे ब्रेकअप करने की कोशिश करती थी। पहले तो मुझे लगा की शायद हमारे रिलेशन को काफी समय हो चुका है इस वजह से वह मुझे इग्नोर करने की कोशिश कर रही होगी लेकिन दरअसल बात कुछ और ही थी। जब मैंने पता लगाया तो मुझे पता चला कि शालू का किसी अन्य लड़के से संबंध है। मुझे लगा की वह खुद ब खुद समझ जाएगी और उस रिलेशन को खत्म कर देगी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। वह तो उस लड़के के साथ ही अपना भविष्य देख रही थी।

एक बार मैंने फोन पर उससे पूछा कि तुम कहां हो तो उसने मुझे बताया कि मै घर पर ही हूं। आज मैं कॉलेज नहीं आउंगी। तो मुझे लगा कि चलो कुछ तबीयत खराब होगी तो शायद घर पर ही होगी लेकिन जब मैं ऐसे ही घूम रहा था तो मैंने देखा कि वह उसी लड़के के साथ बाइक पर बैठी हुई थी। मैं यह सब देखकर बहुत ही गुस्से में था। मैंने जब उसका पीछा किया तो लड़का उसे अपने घर लेकर जा रहा था। मैं सब देखता रहा और जब मैंने यह सब देखा तो मैं फिर वापस आ गया। मैंने अगले दिन उससे कॉलेज में पूछा कि क्या तुम मुझ से अब संबंध रखना नहीं रखना चाहती हो। उसने मुझे बताया ऐसी तो कोई भी बात नहीं है। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। मैंने उसे बोला कि मुझे तो कहीं भी नहीं लगता कि तुम मुझसे प्यार करती हो। वो कहने लगी ऐसी कोई बात नहीं है  तुम मेरे बारे में गलत सोच रहे हो। मैंने उसे बहुत समझाया लेकिन वह मेरी बात नहीं मानी फिर मैंने उसे बोला कि मैंने तुम्हें उस लड़के के साथ में उसके घर जाते हुए देख लिया था। अब वह शर्मिंदा हो गयी और उसने मुझे सारी सच्चाई बता दी। मैंने उसे कहा कि यदि तुम्हें मुझसे रिलेशन नहीं रखना था तो तुम मुझे साफ मना कर देती। इतना घुमा के बोलने की आवश्यकता नहीं थी और ये झूठ बोलने की भी कोई आवश्यकता नहीं थी। उसने मुझे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन गलती शालू की थी। इसलिए मैंने उससे ब्रेकअप कर लिया।

मैंने उससे ब्रेकअप तो कर लिया लेकिन मैं बहुत ज्यादा टेंशन में था। मैं किसी भी चीज पर अपना ध्यान नहीं लगा पा रहा था। हमारे कॉलेज में एक नई मैडम आई थी। जिनका नाम हरमन था। वह मुझे बहुत ही अच्छा मानते थे। और मुझसे हर बात शेयर किया करती थी और मैं भी उनसे अपनी सारी बातों को शेयर किया करता था। उन्हें मेरे और शालू के रिलेशन के बारे में भी पता था। जब मैं ऐसे ही कुछ दिन तक चिंता में रहा तो 1 दिन उन्होंने मुझसे पूछ लिया कि तुम्हें किस चीज की टेंशन है। तो मैंने उन्हें अपनी सारी बात बताई। मैंने उन्हें कहा कि मेरा और शालू का ब्रेकअप हो चुका है। उसके बाद मेरा मन किसी भी काम मे बिल्कुल भी नहीं लग रहा है। वो मुझे कहने लगे कि, तुम चिंता बिल्कुल भी मत करो। तुम इन सबसे ऊपर आजाओगे। उन्होंने मुझे बहुत ही सपोर्ट किया और हर चीज में समझाने लगी। कुछ दिनों बाद शालू दोबारा से मेरे पास आई और वह मुझे कहने लगे कि मुझसे गलती हो गई है। मुझे माफ कर दो। मैंने उसे बोल दिया था कि अब तुम्हें मुझसे बात करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। मैं उसे बिल्कुल भी बात करना नहीं चाहता था। वह फिर वहां से चली गई। मैंने यह बात हरमन मैडम को बताई तो वह मुझे कहने लगे कि अब जितना हो सकता है तुम उसे इग्नोर करो। उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया और मैं अपने रिलेशन से अब पूरी तरीके से ऊपर चुका था। मैं अपनी पढ़ाई में भी अब पूरा ध्यान दें सकता था और कहीं ना कहीं हरमन मैडम ने मेरी बहुत ज्यादा मदद की।

एक दिन हम लोग कॉलेज में ऐसे ही बैठे हुए थे तो हरमन मैडम मुझसे पूछने लगी क्या तुम्हारे बीच में भी कोई सेक्स संबंध बने थे। मैंने उन्हें कहा हां मैंने उसे बहुत ज्यादा चोदा था जिससे कि वह एक बार प्रेग्नेंट भी हो गई थी और मैंने उसे दवाई भी खला दी थी। यह सुनकर ना जाने मैडम को भी क्या हो गया और वह मुझे कहने लगी कि मुझे भी तुम चोद दो। मैंने उन्हें कहा कि मैं आपको कैसे चोद सकता हूं आप तो मेरी मैडम है। वह कहने लगी कि मैंने तुम्हारा काम भी तो किया है क्या तुम मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकते। मैंने उन्हें कहा अब तो मुझे आपकी बात माननी पड़ेगी और हम दोनों कॉलेज के बाथरूम में चले गए। जैसे ही मैं बाथरूम में गया तो मैंने मैडम के बड़े बड़े स्तनों को देखा और मुझे वह बहुत ही अच्छे लग रहे थे वह एकदम गोरे थे। मैंने उन्हें अपने हाथ में पकड़ते हुए जोर से दबाना शुरू किया मैंने जैसी है उनके स्तनों को अपने हाथ से दबाया तो वह कहने लगी तुम बड़े ही अच्छे से मेरे स्तनों को दबा रहे हो। मैंने उन्हें अपने मुंह में ले लिया और ऐसे ही काफी देर तक उनके स्तनों को चूसता रहा। जिससे कि मेरा लंड हिलोरे मारने लगा। मैंने भी तुरंत अपने लंड को बाहर निकाला और हरमन मैडम के मुंह में घुसेड़ दिया। जैसे ही मैंने उनके मुह के अंदर अपने लंड को घुसाया तो उन्हें देखते ही मेरे माल गिरने लगा और ऐसे ही काफी देर तक वह अपने आप ही टपकने लगा मेरा मल पूरा गिर चुका था। उन्होंने मुझे कहा तुम्हारा तो इतनी जल्दी गिर गया। मैंने अपने लंड को पकड़ते हुए उनकी सलवार को नीचे उतार दिया और उन्हें घोड़ी बना दिया। जब मैंने उन्हें घोडी बनाया तो मैंने उनकी बड़ी-बड़ी चूतड़ों को देखा और मैं उनकी गांड देखकर बहुत खुश हो गया।

मैंने उन्हें अपने हाथों में जैसे ही पकड़ा तो वह बहुत ही नरम और मुलायम थी। मैंने यह सोच लिया था कि मैं इनकी गांड पर अपना वीर्य गिराऊंगा। मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उनकी योनि में प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड उनकी चूत मे गया तो उनके गले से चीख निकल पड़ी और मैंने झट से उनके मुंह को दबा दिया। अब मैं एकटक उनकी गांड को देखता जाता जब वह मेरे लंड से टकराती तो वह एकदम से धराशाही हो जाती। मेरे लंड और उनके चूत से काफी गर्मी निकल रही थी जिसे देख कर मैं बहुत खुश हो रहा था। मेरी गर्लफ्रेंड ने भी उस तरीके से मुझे अपनी चूत नहीं दी होंगी। जितनी मैंने हरमन मैडम के शरीर को देखकर ही मजे ले लिए मुझे ऐसा लगा जैसे मुझे आज दुनिया की सबसे अच्छी चीज मिल गई। मैं ऐसे ही बड़ी तेजी से अपने लंड को अंदर बाहर करता जाता और वह भी बड़ी जोर से चिल्लाने लगी। अब मैंने उन्हें अपने लंड के ऊपर बैठा लिया और मैं टॉयलेट सीट पर बैठा हुआ था। मै ऐसे ही बड़ी तेजी से झटके मारे जा रहा था और वह अपनी गांड को हिलाती जाती। मुझे डर लग रहा था कहीं वह टॉयलेट ना टूट जाए लेकिन मुझे बहुत मजा आता जब वह अपनी चूतडो को ऐसे ही ऊपर-नीचे करती जाती। मैं उनके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था और मैंने उनके होंठों को भी अपने मुंह में ले लिया। जैसे ही मेरा माल गिरने वाला था मैंने तुरंत उनहे घोड़ी बना दिया और उनकी चूतड़ों पर अपना सारा माल गिरा दिया।