मैं एक रंडी- सच्ची वासना

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हैल्लो फ्रेंड्स ,मस्त बिंदास न | अपुन का तो एसैच है बाप बोले तो चूत चुदाई गांड चुदाई का बहुत शौख बावा अपन को | कैसे हो रे सब चूत वालो और लंड वालो | अच्छे हो न चूत वालो को लंड और लंड वालो को चूत मिल रही है या नहीं | चालों अब मैं अच्छे से बात करती हूँ | मेरा नाम सुनीता है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 19 साल है और मैं अभी कॉलेज की पढाई कर रही हूँ | मैं दिखने में बहुत गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है और मेरा फिगर हॉट और एक दम सेक्सी है | फ्रेंड्स, मैं इस साईट की रोजाना पाठक हूँ और मुझे चुदाई की कहानियां पढ़ना और ब्लू फिल्म देखना बहुत पसंद है | जब मेरा चुदाई की कहानी पढने का मन करता है तो वो करती हूँ और कभी ब्लू फिल्म देखने का मन करता है वो देख लेती हूँ | आज जो मैं आप लोगो के लिए अपनी कहानी लिखने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं आशा करती हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी जरुर अच्छी लगेगी और चुदासी हो जाओगे आप लोग इसको पढने के बाद | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लेते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

ये घटना परसों की है | मेरे घर में , मैं और मेरी मम्मी रहते हैं | पापा ज्यादातर समय बुसिनेस के सिलसिले में टूर पर रहते हैं | मैं एक बहुत चुदक्कड़ लड़की हूँ और मुझे ऐसा लगता है कि मैं दिन भर रात भर अपनी चूत में लंड ले कर मजे करती रहूँ | मैं अपने आप को एक रंडी मानती हूँ | मैंने अपनी पहली चुदाई स्कूल में एक सर से की थी और मुझे चुदाई इतनी पसंद आई कि बस मैं उसके वश में आ गई | मैं चुदाई क्रिया में लीं हो गई | मुझे बस हर दम ऐसा लगने लगा कि हर दिन मुझे नए लंड मिलने चाहिए | मैं एक बन्दे से बस एक बार ही चुदवाती हूँ क्यूंकि मुझे नए नए लोगो से चुदवाने में मजा आता है | मेरी मम्मी अकसर किसी न किस पार्टी में जाती रहती हैं और मैं अकेले रह जाती हूँ | इसी चीज़ का मुझे फायेदा मिल जाता है | मैंने कई लौड़ो से अपनी प्यारी चूत को तृप्त किया है | लेकिन जब से कॉलेज की छुट्टियाँ पड़ी है तो मुझे घर से निकलने नहीं मिल पाटा और मुझे चुदाई नहीं मिल पाती | एक दिन की बात है मेरे घर में कोई नहीं था और उस समय मै बहुत चुदासी हो रही थी तो मुझे कुछ मस्ती करने की सोची | मैं अपनी चूत को हाँथ से सहला सहला कर सोचने लगी | तभी मेरे दिम्माग की बत्ती जली मुझे मेरे एक पुराने आशिक का ख्याल आया जिसका नाम रम्मू है और वो हमारे यहाँ दूध देता है | मैंने सोचा ये साला रोज मेरी चुच्चियाँ ताड़ता है मेरे चूतड़ को घूर घूर कर देखता है तो आज मैं इसको अपने प्यार का रस चखा ही देती हूँ |

मैंने उसको फ़ोन कर के पूछा कि रम्मू कहाँ है तू ? तो उसने कहा मालकिन मैं अभी आपके घर आ रहा हूँ दूध देने | मैंने कहा जल्दी आ अभी कहाँ पर पंहुचा है ? तो उसने कहा बस मालकिन मैं शर्मा जी के यहाँ पर ही हूँ | मैंने कहा शर्मा को छोड़ यहाँ आ पहले | उसने कहा ठीक है \ 5 मिनट के अन्दर वो मेरे घर आ गया और मैं उस समय घर के दरवाजे पर ही खड़ी उसका इन्तेजार कर रही थी | जैसे ही वो आया तो उसने कहा मालकिन क्या हुआ ? मुझसे कोई गलती हो गई किया ? तो मैंने कहा हाँ तूने एक बहुत बड़ी गलती कर दया चल अच्छा अन्दर आ मैं तुझे दिखाती हूँ | जब वो अन्दर आया तो मैंने झट से दरवाजा बंद कर दिया | उसने पूछा मालकिन मैंने क्या किया ? तो मैंने कहा कि तू मुझे पसंद करता है न ? तो उसने डरते हुए कहा हाँ मालकिन | मैंने कहा तो अबे मादरचोद तो तू ये समझ की आज तेरी मुराद पूरी हो गई | उसने कहा मालकिन मैं कुछ समझा नहीं | तो मैंने उसे पकड़ कर उससे चिपक गई और उसे यहाँ वहां चूमने लगी | वो मेरा इशारा समझ गया और वो भी मेरे बदन को सहलाते हुए चूमने लगा | उसके बाद मैंने उसके होंठ पर अपने होंठ को लगा दी और उसके होंठ को चूसने लगी तो वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ को चूसने लगा |

मैं उसके होंठ को चूसते हुए उसके शर्ट को उतार दी और वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे चूतड़ को सहलाने लगा | हम दोनों ने एक दुसरे के होंठ को काफी देर तक चूसे | उसके बाद मैं उसकी छाती पर को सहलाते हुए अपने घुटनों के बल बैठ गई और उसके पेंट को हाँथ से उतार दिया और उसके अंडरवियर को उतार कर उसके मूसंड लंड को हाँथ में ले कर हिलाने लगी और उसके बाड उसने लंड को जीभ से सहलाते हुए चाटने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए आन्हे भरने लगा | मैं उसके लंड को बहुत ही अच्छे से सहलाते हुए चाट रही थी और उसके टट्टे भी चाट रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां भर रहा था | उसके बाद मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले ली और चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे मुंह में धक्के चलाने लगा | मैं उसके लंड को लोइपोप की तरह जोर जोर से अन्दर बाहर करते झुये चूस रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रहा था | उसके बाद मैंने उसके टट्टे को भी अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे सर पर हाँथ फेरने लगा |

उसके बाद मैंने उठ गई तो उसने मेरे टॉप को निकाल दिया और मेरे ब्रा के ऊपर से ही मेरे उभारो को दबाने लगा तो मेरे मुंह से भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिस्कारियां निकलने लगी | उसके बाद उसने मेरे ब्रा को भी उतार दिया और मेरे उभारो को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मजे ले रही थी | वो मेरे उभारो को जोर जोर से मीन्जते हुए चूस रहा था और निप्पलस भी होंठ में दबा कर चूस रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | उसके बाद उसने मेरी लेगी को भी उतार कर मुझे लेटा दिया और मेरी पेंटी को उतार कर मुझे पूरी नंगी कर दिया | फिर उसने मेरी टांग को फैला दिया और अपनी जीभ से मेरी चूत ओ सहलाते हुए चाटने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां लेने लगी |

वो मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाट रहा था और अपनी जीभ एक दम अन्दर तक घुसेड कर चाट रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपने उभारो को दबा रही थी | उसके बाद उसने अपने मूसंड लंड को मेरी चूत में टिकाया और अन्दर पेल दिया और चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मदहोश हो रही थी | फिर उसने अपनी चुदाई तेज कर दिया और जोर जोर सर शॉट मारते हुए चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी कमर हिला हिला कर साथ देने लगी चुदाई में | उसके बाद उसने मुझे घुमा दिया और मेरे पीछे आ कर अपने लंड को मेरी चूत के अन्दर पेल कर मेरी कमर को पकड़ कर चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | कुछ देर की चुदाई के बाद उसने अपना माल मेरी गांड के ऊपर ही झड़ा दिया |