माँ की बहन के साथ चुदाई का खेल

हैल्लो दोस्तों, सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार. में आज अपनी पहली कहानी लेकर आप सभी लोगों के बीच आ रहा हूँ, जो कि बिल्कुल सच है और यह मेरे पहला सेक्स अनुभव ही नहीं बल्कि मेरे पहले प्यार की कहानी है, लेकिन मैंने इस घटना को मजेदार बनाने के लिए लंड और चूत का तड़का लगाकर चटपटा बना दिया है और अब में आप सभी का परिचय करवा देता हूँ.

दोस्तों इस कहानी में तीन पात्र मुख्य है और वो है, में विशाल मेरी उम्र 22 साल, मेरा अच्छा खासा दिखने वाला शरीर, किसी भी चूत की जोरदार चुदाई करने वाला लंबा मोटा और मस्त लंड. मेरी मौसी जिसका नाम कंचन उनकी उम्र 25 साल, उनकी लम्बाई 5.8 फीट गोरे मस्त बूब्स और गजब का फिगर, जिसका आकार 32-34-38 और बड़े दाने वाली मस्त गुलाबी रंग की चूत और गजब की चुदाई करवाने वाली कामुक आकर्षक औरत वाह क्या चूत है उनकी, जितना चोदो उतना ही कम है और मेरी नानी, मोटी और भरे शरीर वाली, वो अक्सर बीमार रहती है, लेकिन है बहुत ही सुंदर और इस उम्र में भी बहुत सेक्सी लगती है. मौका मिलने पर एक बार तो उन्हें भी चोदने को किसी का भी मन करने लगे.

दोस्तों वैसे मेरे नाना जी तो हमेशा खेत पर ही रहते थे, इसलिए इस कहानी में उनकी कोई भागीदारी नहीं है. दोस्तों अब आप लोगों का ज़्यादा समय खराब ना करते हुए में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ, लेकिन कहानी को पढ़ते समय आदमी अपना लंड निकालकर हाथ में लेकर हिलाते रहे और लड़कियां और भाभीयां और सभी आंटियां और औरते अपनी उंगलियां अपनी चूत में डालकर इसे जरुर पढ़े तो ज्यादा मस्त मज़ा आएगा.

दोस्तों में सेक्सी कहानियाँ बहुत समय से पढ़ता आ रहा हूँ, जिनको पढ़कर क्या मस्त मज़ा आता है. यह बात करीब दो साल पहले की है. में एक बहुत बड़ी दवाई कंपनी में एम.आर. हूँ, इसलिए मुझे पूरे शहर के डॉक्टर्स और मेडिकल स्टोर्स पर जाना पड़ता है और इस शहर में ही मेरे घर से 25 किलोमीटर की दूरी पर मेरा ननिहाल है और इसलिए मेरा हर हफ्ते उस एरिए में जाना तय था और में जब भी उधर जाता था तो मेरी माँ मुझसे कहती थी कि नानी की खबर लेते आना और में समय निकालकर चला जाता.

एक बार में जब वहां पर गया तो मैंने देखा कि नाना जी हमेशा की तरह खेत पर थे और नानी की तबियत कुछ ठीक नहीं थी, इसलिए मैंने माँ से फोन करके वहीं पर रुकने के लिए बोला और में अपनी नानी के घर पर रुक गया. नानी उस समय बिस्तर पर ही लेटी हुई थी, क्योंकि उनको उस समय बहुत तेज बुखार था और वो ठंड का मौसम भी था.

फिर नानी ने मेरी मौसी से कहा कि तू जल्दी से खाना बनाकर छोटू को खिला दे, पता नहीं यह कब से भूखा प्यासा घर से निकला होगा? तो मेरी मौसी भी फटाफट खाना बनाने में लग गई और में भी मौसी के पास ही बैठ गया. मौसी उस समय रोटी बना रही थी और में मौसी से इधर उधर की बातें कर रहा था. मौसी ने उस समय सलवार कमीज़ पहनी हुई थी.

दोस्तों में उस अपनी मौसी के एकदम सामने बैठा हुआ था. तभी अचानक से मेरी नजर मौसी की सलवार पर पड़ी, जो एक जगह से फटी हुई थी, उसमें से मुझे अंदर का नजारा साफ साफ दिख रहा था और मैंने देखा कि मौसी ने उस समय अंदर कुछ भी नहीं पहना था और मुझे मौसी की गोरी चूत की झलक साफ नजर आ रही थी.

दोस्तों में तो उस दिन पहली बार किसी लड़की की चूत को देखकर बिल्कुल बेचैन हो गया था, लेकिन मैंने मौसी को इस बात का पता नहीं लगने दिया और में बड़े मज़े से लगातार उनकी गदराई हुई झांटो वाली चूत के दर्शन करता रहा और मौसी रोटी बनाते हुए मुझसे मेरे घर के बारे में पूछ रही थी.

फिर में भी उनकी बातों का जवाब देते हुए उनकी चूत का रसपान अपनी आँखो से कर रहा था, मेरा लंड अब उनकी कुँवारी फूली हुई चूत को देखकर पूरी मस्ती में आ गया था और मैंने ज्यादा मज़े लेने के लिए मौसी से कहा कि आप रोटी बना रहे हो तो में भी यहीं पर बैठकर खाना भी खा लेता हूँ. फिर मौसी ने मुझसे हाँ कहते हुए वहीं पर मुझे एक थाली में खाना निकालकर दे दिया और में धीरे धीरे खाना खाने लगा, जिसकी वजह से मुझे मौसी की चूत को ज्यादा देर तक देखने का मौका मिल जाए और मेरा वो बहाना काम भी कर गया और में बहुत देर तक वहीं ठीक उनके सामने बैठकर खाना खाता रहा और उनकी चूत को अपनी आँखो से चोदता रहा, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मेरा मन खाने में कम चूत को घूर घूरकर देखने में ज्यादा लग रहा था.

फिर थोड़ी देर बाद मौसी उठी और वो नानी को खाना देने चली गयी और फिर में भी जल्दी से खाना खाकर हाथ धोकर वहां से नानी के पास आ गया.

नानी ने पहली मंजिल पर मौसी के पास वाले कमरे में मेरे सोने का इंतजाम करने को मौसी से कहा तो मेरा दिल ख़ुशी के मारे नाच उठा. मैंने मन ही मन सोचा कि आज रात को में मौसी से बहुत देर तक बातें करूँगा और मौका मिला तो उनकी गदराई हुई चूत के करीब से दर्शन भी करूँगा और फिर नानी को सुलाकर हम ऊपर चले आए. फिर मौसी ने मुझसे कहा कि और बताओ क्या हाल है तुम्हारा? साथ ही साथ वो बिस्तर भी लगाती रही, वो अपनी गदराई हुई चूत के दर्शन कराकर जालिम मुझसे पूछ रही थी कि क्या हाल है तुम्हारा? आप ही सोचो उस समय ज़रा मेरी क्या हालत हो रही होगी?

फिर भी मैंने कहा कि ठीक है मौसी आप बताओ कि आपके क्या हाल है और कैसी हो आप? मेरा बिस्तर लगाने के बाद वो अपने कमरे में आ गई और अपना बिस्तर लगाने लगी, बिस्तर लगाने के बाद वो मुझसे बोली कि ठीक है, लेकिन में हमेशा बिल्कुल अकेले घर पर रहते हुए बोर हो जाती हूँ, तुम भी तो कभी कभी इस तरफ आते हो, तुम अपने काम से आते हो, लेकिन हमारे घर पर नहीं आते हो, हमारा हाल पूछने के लिए कभी कभी तो आ जाया करो. फिर मैंने कहा कि मौसी अभी आपको नींद नहीं आ रही हो तो हम दोनों आपकी रज़ाई में बैठकर थोड़ी देर बातें करते है, लेकिन अगर आपको बुरा ना लगे तो.

मौसी : अरे इसमें बुरा लगने की क्या बात है? में भी तो यही चाहती हूँ कि तुम रज़ाई में बैठो, में ज़रा बाथरूम होकर और फ्रेश होकर आती हूँ.

दोस्तों वो मुझसे यह बात कहकर उन्होंने टावल, मेक्सी उठा ली और कमरे से ही लगे हुए बाथरूम में चली गयी और लाईट को चालू करके दरवाजा बंद कर लिया.

फिर मैंने मन ही मन सोचा कि क्यों ना बाथरूम के अंदर झाँककर देख लूँ, शायद मुझे कुछ अच्छा देखने को मिल जाए? और फिर में धीरे से बाथरूम के पास चला गया और उसका दरवाजा बहुत पुराना था और उसमें मेरे नसीब से एक बड़ा सा छेद भी था. मैंने डरते डरते उसमें से अंदर झाककर देखा तो मेरी आँखे चौड़ी हो गई, क्योंकि मौसी अंदर एकदम नंगी खड़ी हुई थी और वो अपनी चूत पर पानी डाल डालकर धो रही थी. दोस्तों उनकी क्या मस्त चूत थी? में तो देखकर ही पागल हो गया. चूत को अच्छी तरह से धोने के बाद मौसी ने टावल से उसे साफ किया और फिर बिना ब्रा और पेंटी के ही मेक्सी को पहन लिया.

फिर में झट से वापस रज़ाई में आकर बैठ गया, लेकिन मेरे लंड का तो बहुत बुरा हाल हो रहा था, में आपको शब्दों में भी नहीं बता सकता और थोड़ी देर बाद मौसी बाथरूम से बाहर आ गई और वो मुझसे बोली.

मौसी : और छोटू अब बताओ क्या कह रहे थे तुम?

में : कुछ नहीं मौसी, लेकिन में क्या आपसे एक बात कहूँ मौसी, अगर आपको बुरा तो नहीं लगे तो?

मौसी : हाँ जरुर कहो ना.

में : मौसी आप बहुत सुंदर हो जो कोई भी आपसे शादी करेगा वो बहुत खुश किस्मत होगा, क्योंकि उसे आप जैसी बीवी मिलेगी.

मौसी : वाह क्या तुम मुझसे सच कह रहे हो? लेकिन क्या बात है छोटू तुम आज मेरी झूठी तारीफ़ तो नहीं कर रहे हो?

में : झूठी नहीं मौसी आप सच में बहुत सुंदर प्यारी सी दिखती हो, आपको अब तक शायद किसी ने नहीं बताया होगा, लेकिन आप सही में बहुत सुंदर हो.

मौसी : अरे वाह छोटू क्या ऐसी बात है? तुम तो बड़ी अच्छी और प्यारी प्यारी बातें करते हो, क्यों तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है कि नहीं?

में : जी नहीं मुझे अब तक कोई ऐसी नजर ही नहीं आई.

मौसी : लेकिन ऐसा क्यों?

में : मुझे कोई आज तक जंची ही नहीं.

मौसी : अच्छा तो तुम्हें कैसी लड़की चाहिए?

में : अभी मैंने आपसे कहा ना कि आप बहुत सुंदर और प्यारी भी हो, इसलिए मुझे तो अगर आप जैसी कोई मिल जाए तो जीने का मज़ा आ जाएगा.

मौसी : अच्छा जी, अब तू तुम अपनी मौसी को ही लाईन मार रहे हो.

में : अरे नहीं मौसी में तो सिर्फ़ सच ही कह रहा हूँ और वैसे भी किसी से उसकी सच्ची तारीफ करना या उसको वो बात बताना जो अब तक उसे किसी ने ना बताई हो, कोई गलत बात नहीं है.

मौसी : अच्छा जी, इसका मतलब यह है कि में तुम्हें इतनी अच्छी लगती हूँ.

में : हाँ मौसी, अगर आप मेरी मौसी नहीं होती तो में आज ही आपसे मेरी गर्लफ्रेंड बनने का आग्रह कर देता, अच्छा आप ही बताओ आपको कैसा बॉयफ्रेंड चाहिए?

मौसी : हाहहहहहाहा चलो छोड़ो अब हम दूसरी बातें करते है.

में : नहीं मौसी, प्लीज़ आप मुझे एक बार बताओ ना कि आपको कैसा बॉयफ्रेंड चाहिए?

मौसी : चलो अब छोड़ो भी जाने दो और कोई और बात करते है.

में : प्लीज बताओ ना मौसी प्लीज़ मुझे आपका जवाब सुनना है.

मौसी : चलो ठीक है, में बता देती हूँ सच पूछो तो मुझे भी तुम्हारे जैसा ही एक सच बोलने वाला और ज़िम्मेदार बॉयफ्रेंड चाहिए, चाहे उसका सावला सा रंग हो, वो हमेशा मुझसे प्यारी सी बातें करता हो और जो मुझे हमेशा बहुत प्यार करे.

में : क्या सच मौसी क्या में आपको इतना अच्छा लगता हूँ?

मौसी : हाँ तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो, लेकिन.

में : लेकिन वो क्या मौसी?

मौसी : लेकिन यही कि तुम मेरी सगी बहन के बेटे हो और में तुम्हें बात कह भी नहीं सकती ना छोटू, लेकिन सच तो यह है कि तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो.

में : क्या मौसी में आपसे एक बात कहूँ?

मौसी : हाँ कहो ना.

में : मौसी जब तुम मुझे अच्छी लगती हो और में तुम्हें अच्छा लगता हूँ तो क्यों ना हम लोग आज से बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड बन जाएँ.

मौसी : नहीं छोटू यह सब बहुत ग़लत होगा ना, तुम मेरे बेटे जैसे हो और यह कभी नहीं हो सकता.

में : क्यों नहीं हो सकता मौसी? में तुम्हें दिल से प्यार करता हूँ, क्या तुम मेरा प्यार नहीं अपना सकती हो? वैसे भी यहाँ पर तुम्हारे और मेरे अलावा और कोई नहीं है, प्लीज मेरी बात को मान जाओ ना मौसी में आपसे बहुत प्यार करता हूँ मौसी, प्लीज़ मेरा प्यार स्वीकार कर लो और आज से ही मेरी बन जाओ.

मौसी : छोटू अब दिल तो मेरा भी कर रहा है कि में तुम्हारी बन जाऊं, लेकिन मुझे डर लग रहा है, अगर किसी को पता चल गया तो क्या होगा?

में : प्लीज इस बात का किसी को पता नहीं चलेगा और इस समय ऊपर तुम्हारे और मेरे अलावा कोई भी तो नहीं है. दोस्तों में समझ चुका था कि आज मुझे मौसी की चूत को चोदने का मौका मिल जाएगा और मौसी को मेरे लंड का स्वाद भी मिल जाएगा, इसलिए में धीरे से कमरे से बाहर निकला और बाहर थोड़ा इधर उधर झांककर में वापस कमरे मे आया और अब सभी सो चुके है और यह कहकर मैंने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया.

मौसी : अरे छोटू तुमने दरवाजा क्यों बंद कर दिया, मुझे डर लग रहा है?

में : अरे मौसी सभी सो चुके है, अब तो सिर्फ़ तुम और में जाग रहे है, अब मुझसे शरम छोड़ दो और मेरी हो जाओ, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो मौसी.

फिर यह बात मौसी से कहते हुए मैंने तुरंत मौसी को अपनी बाहों में ले लिया, मौसी ने भी मेरा कोई विरोध ना करते हुए कहा.

मौसी : ऑश छोटू हाँ में भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ मेरी जानू, में कब से तड़प रही थी तुम्हारा प्यार पाने के लिए? तुम मुझे नहीं मिलते तो शायद में मर ही जाती ओहहहिईीई.

दोस्तों अब में मौसी की गर्दन, गालों कंघो को लगातार चूम रहा था, जिसकी वजह से वो पूरी तरह गरम हो चुकी थी. फिर मैंने मौके की नज़ाकत को समझते हुए अपना एक हाथ मौसी की मेक्सी में गले की तरफ से अंदर डाल दिया और में उनके बूब्स को मसलने लगा, जिसकी वजह से मौसी के मुहं से सिसकियाँ निकलने लगी थी और उसकी साँसे अब और भी तेज तेज चलने लगी थी और में बूब्स को बहुत आसानी से मसलने लगा था और स्वर्ग का सुख भोगने लगा था, वाह दोस्तों क्या रुई के जैसे मुलायम मुलायम बूब्स थे उनके?

मौसी : अरे छोटू वाह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है मेरी जान, आज तक तुमने मुझे क्यों तड़पाया यार? में तुम्हारे इस प्यार को पाने के लिए कितने दिनों से तड़प रही थी और तुम मुझसे मिलने तक नहीं आ रहे थे, आह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से मसलो, इन बूब्स को मसल डालो मेरे राजा ऑश उफफ्फ्फ्फ़ तुम बहुत अच्छे हो.

में : हाँ आप भी तो मौसी बहुत अच्छी हो आपके कितने मस्त बूब्स है, प्लीज अब आप अपनी इस मेक्सी को उतार दो ना, मुझे इन बूब्स को नंगा करके चूसना है प्लीज़, मौसी अब हम लोग नंगे हो जाते है और फिर देखो प्यार करना और इसमें कितना मज़ा आएगा मेरी जान.

फिर इतना सुनते ही मौसी बिस्तर पर सीधा खड़ी हो गयी और उन्होंने अपने दोनों हाथों से अपनी मेक्सी को उठाकर निकाल दिया और मुझसे बोली कि अब तुम भी जल्दी से नंगे हो जाओ, मुझे भी तो तुम्हारे प्यारे लंड के दर्शन करा दो मेरे राजा.

में : मौसी यह लो मेरा लंड अब तुम्हारा हुआ, अब तुम इसे हाथों में लेकर सहलाओ और अपने मुहं में लेकर चूसो और देखो आपको कितना मज़ा आएगा.

मौसी : हाँ ठीक है, अब तुम जल्दी से सीधे लेट जाओ और मुझे अपना लंड चूसने दो, में जल्दी से लेट गया और मौसी मेरे लंड के पास बैठकर मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने और चाटने लगी.

में : ओह मौसी बहुत मज़ा आ रहा है, हाँ और चूसो ना डार्लिंग और ज़ोर से आहहहह उफ्फ्फ्फ़ वाह बहुत मज़ा आ रहा है जानू.

मौसी : यह लो छोटू तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है यार मुझे तो इसको देखकर ही बहुत डर लग रहा है कि कहीं तुम्हारा यह मोटा लंबा लंड का आज मेरी चूत को फाड़ने का इरादा तो नहीं है और अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज अब जल्दी से कुछ करो ना.

में : ठीक है मौसी अब तुम बिस्तर पर लेट जाओ और मेरे इतना कहते ही मौसी तुरंत बिस्तर पर लेट गई और उन्होंने अपने दोनों पैरों को फैला लिया और अब मेरी प्यारी मौसी मुझसे चुदने को तैयार थी और मैंने मौसी की कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया, जिससे कि उनकी चूत एकदम ऊपर हो गई और ज्यादा उभर गई थी.

अब में उनकी चूत के पास अपने घुटनों के बल बैठ गया और अपने दोनों हाथों से उनकी चूत को पूरी तरह फैला दिया, उफ़फ्फ़ क्या चूत थी यार? एकदम लाल और बड़ी बड़ी गुलाब के पत्तो की तरह दो गुलाबी फांके निकली हुई थी, मुझसे तो अब रहा ही नहीं गया और मैंने उनकी दोनों पंखुड़ियो को अपने मुहं में भर लिया और चूसने लगा.

मौसी : अरे माँआआअ तुम यह क्या कर रहे हो अरे में मर जाउंगी, वाह गजब का मज़ा मिल रहा है, तुमने तो आज मुझे जिंदगी का अनोखा सुख दे दिया है, वाह छोटू सच में तुम बहुत अच्छे हो, में मरते दम तक तुमसे ही अपनी चूत को चुदवाना चाहती हूँ, मेरी जान और चूसो इसे चूस डालो, अहह्ह्ह्ह ऑश अरे छोटू मेरे अंदर से कुछ बहुत तेज़ी से बाहर आने को हो रहा है, शायद में अब झड़ने वाली हूँ, उईईईईई माँ में गईईईई झड़ गई, उफफफफ्फ़ ऊऊऊहह माँ मौसी धीरे धीरे आवाज़ में ही मोनिंग कर रही थी और में उतना ही उत्तेज़ित होकर उनकी चूत को चूसता रहा और फिर उसने मेरे मुहं में ही बहुत सारा वीर्य छोड़ दिया था, जो मुझे थोड़ा मीठा मीठा सा एक अलग तरह का स्वाद लग रहा था.

अब मौसी मुझसे कहने लगी कि क्यों मुझे तड़पा रहे हो जालिम, अब तो चोद भी दो मुझे मेरी चूत में आग लगी हुई है और तुम मुझे तड़पा रहे हो, प्लीज आज इस आग को बुझा भी दो.

में : नहीं मौसी में तुम्हें नहीं तड़पाऊंगा, तुम तो मेरी रानी हो और आज में तुम्हें ऐसे चोदूंगा कि यह चुदाई तुम्हें जिंदगी भर याद रहेगी और कभी भी मेरी इस चुदाई को नहीं भुला सकोगी.

फिर इतना कहकर मैंने अपना लंड मौसी की चूत के मुहं पर लगाया और एक जोरदार धक्का दे दिया, जिसकी वजह से मेरे लंड का सुपाड़ा उनकी चूत में चला गया और मौसी के मुहं से एक दबी हुई सी चीख निकल गई और मैंने तुरंत ही उनके मुहं पर अपना एक हाथ रख दिया और एक बार फिर से एक जोरदार धक्का दे दिया, जिसकी वजह से मेरा आधे से भी ज़्यादा लंड उनकी चूत में घुस गया और मौसी की आँखो से आँसू बाहर निकल गये, मुझे मौसी की इस हालत पर बहुत प्यार आ गया और मैंने उनकी आँखो को चूमते हुए उनके गालो को में धीरे धीरे सहलाने लगा और एक हाथ से उनके एक बूब्स को भी मसलने लगा था.

मौसी : उफ्फ्फफ्फ्फ़ आऐईईईई तुमने इतनी ज़ोर से धक्का क्यों मारा?

में : क्योंकि मुझे आज तुम्हारी चूत की सील तोड़नी थी ना इसलिए मुझे ज़ोर का धक्का मारना पड़ा, लेकिन अब तुम बिल्कुल भी ना डरो, क्योंकि अब तुम्हारी सील टूट चुकी है और अब तुम्हें सिर्फ़ मज़ा ही आएगा और वो भी ऐसा मज़ा जो तुम्हें जिंदगी में अभी तक कभी ना नहीं मिला होगा, लो अब तैयार हो जाओ मज़ा लेने के लिए और इतना कहते ही मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देने शुरू कर दिए और अब मौसी भी मेरे साथ साथ पूरे मज़े के साथ अपनी गांड को उछालकर मुझसे चुदवाने लगी और लगातार सिसकियाँ भरने लगी थी, में उसकी आवाज को सुनकर बहुत जोश में आ गया था.

मौसी : आअहह ऑश उफ़फ्फ़ उईईईईइ माँ आहउूउउइईई माँ मज़ा आ रहा है छोटू तुम इस तरह सारी रात मुझे चोदते रहो, हाँ चोद डालो अपनी मौसी को फाड़ डालो अपनी माँ की बहन की चूत को हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे, में तेरी माँ जैसी हूँ, आह्ह्हह्ह हाँ चोद डाल अपनी माँ की बहन को और अगर तुमने मुझे मस्त कर दिया तो में तुझे तेरी माँ की चूत भी दिलवा दूँगी, क्योंकि वो भी आज कल चुदवाने के लिए नये नये लंड की तलाश में रहती है, आजकल उसे तेरे पापा के लंड से चुदवाने में बिल्कुल भी मज़ा नहीं आता.

में : क्यों तुम्हें कैसे पता कि वो अब नया लंड ढूँढ रही है?

मौसी : वो ही कह रही थी कि जीजा जी उसे आजकल ठीक तरह से चोद नहीं पा रहे है, इसलिए उन्हें नया लंड चाहिए और इसलिए मैंने सोचा कि घर में एक लंड है तो बाहर क्यों जाना? बदनामी भी नहीं होगी और चुदाई भी जबरदस्त हो जाएगी, बोल क्या तू चोदेगा अपनी माँ को?

में : ( अब पूरे जोश में आकर लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाते हुए बोला) अरे मौसी नेकी और पूछ पूछ, लेकिन में तुम्हें और माँ को एक ही साथ एक ही बिस्तर पर चोदना चाहता हूँ, बोलो क्या तुमहें मेरी यह बात मंजूर है और अगर हाँ तो में भी तैयार हूँ?

मौसी : हाँ मुझे मंजूर है. अब तुम मुझे थोड़ा ज़ोर से चोदो मुझे, क्योंकि अब में झड़ने वाली हूँ.

में : हाँ यह लो मेरी रानी मेरा पूरा लंड अपनी चूत की गहराई में तुम भी क्या याद करोगी कि किसी असली मर्द से पाला पड़ा है.

दोस्तों यह बात कहते हुए में बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा और मैंने अपनी पूरी ताक़त उन धक्को में झोंक दी और तभी मुझे लगा कि में भी अब झड़ने वाला हूँ.

मौसी : ओह्ह्ह आईईईईइ छोटू में झड़ रही हूँ.

में : हाँ अब में भी काम से गया मौसी.

मौसी : अरे कहीं तुम मेरी चूत में ही मत झड़ जाना.

में : कोई बात नहीं मौसी मेरे पास गर्भनिरोधक गोलियां है और हम आज बहुत जमकर चुदाई करेंगे और तुम कल यह दवाई खा लेना और इसके बाद तुम्हें कुछ भी नहीं होगा.

मौसी : इसका मतलब तुम आज पूरी तैयारी से मुझे चोदने के लिए ही आए थे क्या?

में : नहीं मौसी में तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ और प्यार में सब कुछ चलता है.

दोस्तों यह बात कहते हुए हम दोनों एक साथ ही झड़ गये. फिर भी में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारता रहा और मौसी की चूत से फक फक और फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी. फिर हम दोनों एक दूसरे से लिपटकर लेट गये और करीब ½ घंटे बाद हम दोनों उठे और एक साथ पेशाब करने चले गये और मौसी मेरी तरफ अपनी चूत को करके मूतने लगी, वाह क्या मस्त धार छोड़ रही और मैंने भी मौसी की तरफ लंड करके मूतना शुरू किया तो हम दोनों की धार एक साथ बहने लगी थी.

फिर हम मौसी के बेड पर आ गये और हमने एक बार फिर से चुदाई की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन इस बार मैंने उन्हें पीछे से घोड़ी बनाकर चोदा और इस बार वो सिर्फ़ मज़ा ले रही थी और इस तरह मैंने उन्हें सारी रात चोदा और सुबह फिर से जल्दी उठकर एक बार फिर से मैंने उन्हें चोदा और उसके बाद में उनसे आने का वादा करके घर वापस आ गया.