लंड ने साथ दिया

Antarvasna, desi kahani: भैया की शादी का दिन नजदीक आ चुका था और घर में शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थी लेकिन भैया ने शादी के लिए मना कर दिया इस बात से पापा मम्मी बहुत ज्यादा गुस्सा हुए। भैया शादी के लिए ना जाने क्यों मना कर रहे थे इस बात का पता तो हमें आज तक नहीं चल पाया लेकिन उसके बाद भैया घर से चले गए वह अमेरिका में रहते हैं। भैया किसी और लड़की से ही प्यार करते थे लेकिन भैया उसके बाद अमेरिका से नहीं लौटे। घर पर मैं ही पापा और मम्मी की देखभाल किया करता पापा भी अब अपने ऑफिस से रिटायर हो चुके थे और वह ज्यादातर समय घर पर ही रहा करते लेकिन अब मुझे भी लगने लगा था कि मुझे शादी कर लेनी चाहिए इसलिए मैं शादी के लिए तैयार हो चुका था। मैंने जब यह बात पापा मम्मी से कही तो उन लोगों ने भी मेरे लिए लड़की देखनी शुरू कर दी। जब पहली बार मैं लता को मिला तो लता को देखते ही मैंने उसे पसंद कर लिया हालांकि हम दोनों एक दूसरे को समझना चाहते थे उसके लिए मैं लता के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करता लता को मेरा साथ अच्छा लगने लगा।

लता और मैं एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे और हम दोनों को एक दूसरे का साथ इतना अच्छा लगने लगा कि मैं ज्यादातर समय लता के साथ ही बताया करता हूं। लता और मेरी सगाई हो चुकी थी इसलिए हम लोग चाहते थे कि जल्द ही हम लोगों शादी कर ले और मैंने लता को जब इस बारे में कहा तो लता भी शादी के लिए तुरंत तैयार हो चुकी थी। कुछ ही समय मे हमारे परिवार वालों ने हम दोनों की शादी करवा दी हम दोनों की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई और उसके बाद लता मेरी पत्नी बन चुकी थी। लता मेरा काफी ध्यान रखती मुझे बहुत ही अच्छा लगता था जब भी मैं लता के साथ होता। हम दोनों अपनी शादी के बाद घूमने के लिए शिमला गए शिमला में हम लोग कुछ दिनों तक रुके और लता को भी काफी अच्छा लगा उसके बाद हम लोग घर लौट आए। जब हम लोग घर लौटे तो लता चाहती थी कि वह नौकरी करें लेकिन मैंने लता को मना किया परन्तु लता की जिद के आगे मेरी एक ना चली और लता जॉब करने लगी। लता के जॉब करने के बाद घर पर पापा और मम्मी की देखभाल के लिए मैं किसी को रखना चाहता था इसलिए अब हम लोगों ने घर में किसी नौकरानी को रखने के बारे में सोच लिया था। लता ने बताया कि हमारे पड़ोस में ही एक महिला आती है जब उस महिला से हम लोगों ने बात की तो वह हमारे घर पर काम करने के लिए मान गई और अब वह हमारे घर पर काम करने लगी। वह पापा और मम्मी की भी देखभाल कर लिया करती क्योंकि मैं और लता अपने ऑफिस से हमेशा देर में ही घर लौटा करते थे जिस वजह से मुझे यह चिंता सताती थी कि पापा और मम्मी की देखभाल कौन करेगा लेकिन अब हमारे घर में काम करने वाली नौकरानी पापा और मम्मी की देखभाल किया करती।

मुझे काफी अच्छा लगता था जब मैं और लता घर पर होते। एक दिन हम दोनों घर पर थे उस दिन मैंने लता को कहा कि क्यों ना आज हम लोग पापा और मम्मी को अपने साथ कहीं साथ में लेकर चलते है। लता ने कहा ठीक है वैसे भी लता को शॉपिंग करनी थी तो हम लोग साथ में घूमने के लिए चले गए पापा और मम्मी भी हमारे साथ में थे। लता ने अपने लिए शॉपिंग की और पापा और मम्मी के साथ समय बिताकर मुझे काफी अच्छा लगा। काफी लंबे अरसे बाद वह लोग हमारे साथ में कहीं घूमने के लिए आए थे जिससे कि मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा। पापा ने मुझे कहा कि अजय बेटा मैं और तुम्हारी मां कुछ दिनों के लिए तुम्हारे चाचा जी के घर जा रहे हैं। मैंने उन्हें कहा लेकिन आप लोग वहां क्या करेंगे तो पापा कहने लगे कि बस ऐसे ही मैं सोच रहा था कि तुम्हारे चाचा से भी मिल लूं काफी समय हो गया है उन लोगों से मिला भी नहीं हूं। मेरे चाचा जी लखनऊ में रहते हैं और पापा चाहते थे कि वह उनसे मिलने के लिए जाए। मैंने पापा की ट्रेन की रिजर्वेशन करवा दी थी और पापा और मम्मी को छोड़ने के लिए मैं रेलवे स्टेशन चला गया। जब मैं उन्हें छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन गया तो उसके बाद वह लोग ट्रेन में बैठ चुके थे थोड़े ही समय बाद ट्रेन चलने लगी और मैं वापस अपने घर लौट आया जब मैं घर लौटा तो उस दिन मेरी ऑफिस की छुट्टी थी। लता मुझे कहने लगी कि क्या अपने पापा मम्मी को ट्रेन में बैठा दिया था तो मैंने लता को कहा की हां मैंने उन्हें ट्रेन में बैठा दिया था। हम लोगों ने उसके बाद नाश्ता किया लता मुझे कहने लगी कि अजय आज मैं घर पर बहुत ज्यादा बोर हो रही हूं चलो कहीं हो आते हैं। हम दोनों ने अब साथ में जाने का फैसला किया और उस दिन हम दोनों घूमने के लिए चले गए। हम दोनों घूमने के लिए गए तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था और लता को भी काफी अच्छा लग रहा था समय का कुछ पता ही नहीं चला कि कब शाम हो गई।

मैंने लता को कहा कि लता अब हमे घर लौटना चाहिए लता कहने लगी कि ठीक है हम लोगों को घर चलना चाहिए। उसके बाद हम लोग घर लौट आए घर लौटने के बाद लता और मैं साथ में बैठकर बातें कर रहे थे तो मैंने लता से कहा कि कल मुझे ऑफिस जल्दी जाना है। लता कहने लगी की आप क्या मुझे मेरे ऑफिस तक छोड़ देंगे तो मैंने लता से कहा कि ठीक है मैं तुम्हें तुम्हारे ऑफिस छोड़ दूंगा। अगले दिन मैंने लता को उसके ऑफिस छोड़ दिया था और मैं वहां से अपने ऑफिस चला गया। मैं उस दिन जल्दी घर आ चुका था। मैं ऑफिस से घर पहुंचा तो मैंने देखा घर पर काम करने वाली नौकरानी बबीता काम कर रही थी। मैंने बबीता से कहा तुम कब आई? वह बोली साहब में थोड़ी देर पहले ही आई थी। मैंने उससे कहा तुम मेरे लिए चाय बना देना। वह कहने लगी ठीक है मैं आपके लिए चाय बना कर ले आती हूं। जब वह मेरे लिए चाय बना रही थी तो मैं उसे देखे जा रहा था मैंने उसे कमरे में बुलाया। वह मुझे कहने लगी साहब अभी आई। वह मेरे लिए चाय बना कर ले आई। जब वह रूम मे आई तो मैंने उसकी कमर पर हाथ लगा दिया। वह मेरी तरफ देख रही थी और मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। मैं उसकी कमर को सहला रहा था वह मुझे कहने लगी मुझे अब मजा आने लगा है मैं समझ चुका था उसके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी है। वह मेरी गोद में आकर बैठ गई और कहने लगी साहब अपने आज मेरी तड़प को बढा कर रख दिया है। मैंने उसे कहा तुम बड़ी कमाल की हो मैं आज तुम्हें देखकर अपने आपको रोक नहीं पा रहा हूं। मैंने उसे पैसे देने चाहे तो वह मुझे कहने लगी मुझे पैसों की जरूरत नहीं है आप सिर्फ मेरी इच्छा को पूरा कर दीजिए। मैं समझ चुका था वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो चुकी है।

मैंने उसे कहा तुम मेरी पैंट को खोलकर मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लो। उसने भी मेरे लंड को बाहर निकाला और उसे अपने मुंह में लेकर वह सकिंग करने लगी। मुझे बहुत मजा आने लगा था हम दोनों ही एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो चुके थे। हम दोनों की गर्मी बढ़ चुकी थी। मेरे लंड को उसने वह चूस रही थी। जब वह मेरे लंड को सकिंग करती तो मुझे मजा आने लगा था और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। वह मुझे कहती मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता हूं। वह कहने लगी आप मेरी चूत मार लीजिए। मैंने उसके दोनों पैरों को खोलते हुए उसके अंदर अपनी उंगली को घुसा दिया। जब मैंने ऐसा किया तो मुझे अच्छा लगने लगा और उसे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था। वह मुझे कहने लगी मैं आपके लिए बहुत ज्यादा तड़प रही हूं। मैंने अब अपने मोटे लंड को उसकी चूत के अंदर घुसा दिया और मेरा लंड उसकी चूत में जाते ही वह जोर से चिल्ला कर बोली मेरी चूत में दर्द होने लगा है। मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था जिस प्रकार से मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था मैंने उसके दोनों पैरों को खोला हुआ था। जब मै उसे चोद रहा था तो उसकी आवाज से मेरे अंदर की ऊर्जा और भी ज्यादा बढ़ती जाती और मैं उसे बहुत तेजी से धक्के मार रहा था। मैंने उसको तब तक चोदा जब तक मेरा लंड पूरी तरीके से छिल नहीं गया और मेरा वीर्य बाहर की तरफ नहीं आ गया। मेरा वीर्य बाहर निकल चुका था जिसके बाद उसने मेरे लंड पर लगे वीर्य को साफ कर दिया और कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। उसके बाद भी हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तैयार थे। मेरा लंड दोबारा से कठोर हो चुका था।

मैंने जब दोबारा से उसकी चूत में लंड को घुसाया तो मैंने उसके दोनों पैरों को आपस में मिलाया हुआ था उसकी बड़ी चूतडो पर मेरा लंड टकरा रहा था। मुझे अच्छा लग रहा था उसकी सिसकारियां बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की भी गर्मी बढ़ चुकी थी। मैंने उसे कहा मुझे मजा आने लगा है। मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था मैंने उसके अंदर की गर्मी को दोबारा से बढाया। हम दोनों को एक दूसरे के साथ अच्छा लग रहा था हम दोनो ने एक बार और सेक्स करने के बारे में सोचा। मैंने अपने मोटे लंड को उसकी चूत के अंदर घुसा दिया था। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था उसकी सिसकारी में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी और मुझे मज़ा आ रहा था। एक समय ऐसा आया जब मेरा वीर्य उसकी चूत में गिरा और मेरी इच्छा पूरी हो गई।