लंड लेकर चेहरा खिल उठा

Antarvasna, hindi sex story: मेरी और पायल की शादी को हुए अभी सिर्फ एक महीना ही हुआ था और हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे से अपना जीवन बिता रहे थे लेकिन एक दिन जब मुझे पता चला कि पायल का अफेयर एक लड़के के साथ था और वह अभी भी उसके साथ रिलेशन में है तो मैं इस बात से बड़ा नाराज हुआ। मैंने इस बारे में पायल से बात की तो पायल अपनी गलती मान चुकी थी वह मुझे कहने लगी कि दिनेश अगर तुम्हें लगता है कि हम दोनों को अलग हो जाना चाहिए तो मैं तुमसे अलग होने के लिए तैयार हूं। मैंने पायल को कहा यह सब तो ठीक है लेकिन तुम मुझे यह सारी बात शादी से पहले बता देती तो शायद मेरी जिंदगी भी बर्बाद होने से बच जाती और तुम भी अपनी जिंदगी में खुश रहती। पायल मुझे कहने लगी कि पापा ने मेरी शादी तुमसे करवाने का फैसला कर लिया था और उसके बाद मेरे पास और कोई चारा नहीं था सिवाय तुमसे शादी करने का।

मैंने पायल को कहा देखो पायल तुमने मुझसे शादी तो कर ली लेकिन मुझे नहीं लगता कि आज के बाद मैं तुम पर कभी भरोसा कर पाऊंगा या फिर हम लोग उस तरीके से रह पाएंगे जैसे हम लोग पहले रहते थे। पायल मुझे कहने लगी कि मैं तुमसे माफी मांगती हूँ मुझे माफ कर दो मैंने पायल को कहा देखो पायल मैं तुम्हें कभी भी जिंदगी में इस बात के लिए माफ नहीं कर सकता। मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा था पायल और मेरे बीच बातें भी कम होने लगी थी हम दोनों एक छत के नीचे रहने के बावजूद भी एक दूसरे से अनजानो की तरह बर्ताव करते। यह बात मैंने अपने पापा मम्मी को तो कभी पता नहीं चलने दी थी लेकिन पायल और मैं अब यह समझ चुके थे कि हम दोनों एक दूसरे के साथ अब रह नहीं पाएंगे इसलिए मैंने भी सोचा की पायल को मुझे डिवोर्स दे देना चाहिए। पायल से मैंने बात की तो पायल मुझे कहने लगी कि अगर तुम मुझे डिवोर्स दोगे तो मुझे तुमसे कोई भी शिकायत नहीं होगी क्योंकि मुझे पता है की तुम्हारी इसमें कोई भी गलती नहीं है और मैं तुम्हें कभी भी इस बात के लिए कुछ नहीं कहूंगी।

मैंने पायल को कहा देखो पायल मैं तुम्हारे साथ अब रह नहीं सकता मुझे लगता है कि हम दोनों का अलग हो जाना ही बेहतर होगा। पायल भी यह बात अच्छे से जान चुकी थी कि मैं और पायल अब एक दूसरे के साथ बिल्कुल भी रह नहीं पाएंगे इसलिए मैंने भी यह सोच लिया था कि हम दोनों को अलग हो जाना चाहिए हम दोनों का अलग हो जाना ही बेहतर होगा। मैं और पायल अब एक दूसरे से अलग हो जाना चाहते थे इसके लिए मैंने अपने पापा और मम्मी से बात की तो उन लोगों को कुछ भी समझ नहीं आया वह लोग कहने लगे कि तुम्हारे और पायल के बीच सब कुछ ठीक तो चल रहा है तो तुम पायल को डिवोर्स क्यों दे रहे हो। मैं उन्हें यह बात बताना नहीं चाहता था और ना ही पायल यह बात किसी को बताना चाहती थी की हम दोनों एक दूसरे को डिवोर्स क्यों दे रहे हैं। पापा और मम्मी ने पायल को भी समझाया लेकिन पायल तो जानती थी कि अब मैंने पूरा मन बना लिया है कि हम दोनों अलग हो जाएंगे, हमने अलग होने का पूरा फैसला कर लिया था। मैंने पायल को डिवोर्स दे दिया मेरे पायल से डिवोर्स हो जाने के बाद हम दोनों अब एक दूसरे की जिंदगी से दूर हो चुके थे। पायल और मेरी मुलाकात उसके बाद कभी हुई ही नहीं, मैं अपनी जिंदगी में पूरी तरीके से व्यस्त हो चुका था और पायल मेरी जिंदगी से बहुत दूर जा चुकी थी। मैं अपने आपको काफी अकेला महसूस करता हूं और कई बार मुझे ऐसा लगता कि क्या मैंने यह सब ठीक किया लेकिन मेरे पास किसी भी बात का कोई जवाब नहीं था और मुझे यह भी नहीं पता था कि मुझे करना क्या चाहिए। मैं यह बात किसी को बता भी नहीं सकता था और अंदर ही अंदर मैं कई बार इस बात को लेकर काफी तकलीफ में भी रहता था। हमारे कॉलेज में पढ़ने वाली राधिका से जब मैं काफी वर्षों बाद मिला तो मुझे पता चला कि राधिका की जिंदगी और मेरी जिंदगी एक जैसी ही थी। राधिका के पति से उसका डिवोर्स हो चुका था उसके बाद मेरी जिंदगी में राधिका आ चुकी थी।

राधिका को मेरी वजह से जॉब मिली थी इसलिए वह काफी खुश थी राधिका और मैं एक दूसरे से बातें किया करते तो हम दोनों को बहुत अच्छा लगता। राधिका हमेशा मुझे कहती थी की दिनेश तुम्हारी वजह से ही मुझे जॉब मिल पाई है लेकिन मैं हमेशा राधिका को कहता कि मेरी वजह से तुम्हें जॉब नहीं मिली है तुम्हारी खुद की मेहनत से तुम्हें जॉब मिली है मैंने तो सिर्फ तुम्हें रास्ता दिखाया है। मैं और राधिका अब एक दूसरे से हर रोज मिला करते हम दोनों की मुलाकात अब अक्सर होने लगी थी। एक दिन राधिका ने मुझे फोन किया उस दिन राधिका का जन्मदिन था और हम दोनों साथ में सेलिब्रेट करने वाले थे। राधिका ने अपने किसी भी दोस्त को नही बुलाया था तो मैंने राधिका को कहा कि क्या तुमने किसी और को नहीं बुलाया तो राधिका मुझे कहने लगी कि नहीं दिनेश मैंने किसी को भी अपने जन्मदिन पर नहीं बुलाया मैं चाहती थी कि मैं आज तुम्हारे साथ समय बिताऊँ। मैं कुछ समझ नहीं पाया कि राधिका के दिल में चल क्या रहा है राधिका ने मुझसे कहा कि अगर मैं तुमसे अपना गिफ्ट मागूंगी तो क्या तुम मुझे दोगे। मैंने राधिका को कहा क्यों नहीं और राधिका ने मुझे कहा कि मैं चाहती हूं कि तुम मेरे जीवन में आ जाओ और मेरे जीवन के अकेलेपन को तुम दूर कर दो। मेरे पास भी कुछ जवाब नहीं था कुछ देर तक तो मैं सोचता रहा कि मुझे करना क्या चाहिए लेकिन फिर मुझे लगा कि राधिका शायद बिल्कुल ठीक कह रही है।

मुझे भी राधिका का साथ मिल चुका था और राधिका को मेरा साथ मिल चुका था इसलिए हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े खुश है और एक दूसरे के साथ हम लोग अच्छा समय बिता रहे थे। मेरे जीवन से अकेलापन दूर हो चुका था और राधिका के जीवन से भी अकेलापन दूर हो चुका था वह बहुत ही ज्यादा खुश थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश थे मुझे भी राधिका का साथ बहुत अच्छा लगता। राधिका और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते। मैंने पायल और मेरे डिवोर्स का कारण किसी को भी नहीं बताया था लेकिन राधिका ही एक ऐसी थी जिसे कि मैंने अपने और पायल के बीच हुए डिवोर्स के बारे में बताया था। राधिका हमेशा कहती तुम्हारे साथ गलत हुआ मैंने राधिका को कहा देखो राधिका यह बात भूल कर मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका हूं और अपनी जिंदगी को मैं तुम्हारे साथ बिता रहा हूं इससे बढ़कर खुशी शायद मेरे लिए हो नहीं सकती। राधिका और मेरे बीच प्यार भरी बातें भी होने लगी थी हम लोगों के बीच रोमांटिक बातें भी होती तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगता। जब मैं राधिका के साथ रोमांटिक बातें किया करता मैं राधिका के साथ अक्सर रोमांस के मूड में रहता और ह मुझसे जब भी बातें करती तो मुझे अच्छा लगता। मैं और राधिका एक दूसरे के साथ कभी कभार कुछ ज्यादा ही रोमांटिक मूड मे हो जाते। एक दिन मैंने राधिका के हाथों को पकड़कर चूम लिया जब मैंने राधिका के हाथों को चूमा तो शायद वह अपने आपको रोक ना सकी और उसके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी उसकी उत्तेजना बढ़ चुकी थी। वह अपने आपको रोक नहीं पा रही थी वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है अब हम दोनों की गर्मी बहुत बढ़ने लगी। मैंने राधिका से कहा हम लोगों को कहीं जाना चाहिए और हम लोग मेरे दोस्त के घर चले गए।

जब हम लोग वहां गए तो राधिका ने मेरे होठों को चूम लिया और मैं राधिका के होठों को चूम रहा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को झेल नही पा रहे थे। राधिका के अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही है और मेरे अंदर से निकलते हुए गर्मी अधिक हो चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो राधिका ने उसे अपने हाथों में लिया और उसे हिलाने लगी। जब राधिका ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे सकिंग करना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा और राधिका को भी बड़ा मजा आ रहा था। वह पूरी तरीके से उत्तेजित होती जा रही थी वह मुझे कहने लगी तुमने मेरी उत्तेजना को बहुत ज्यादा बढ़ा कर रख दिया है। अब मेरी उत्तेजना काफी ज्यादा बढ़ चुकी थी और राधिका की उत्तेजना भी इस कदर बढ़ चुकी थी कि हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने राधिका से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। वह मुझे कहने लगी तुम अब मेरी चूत के अंदर अपने मोटे लंड को डालो ताकि मेरी चूत की गर्मी बठ सके।

मैंने राधिका की चूत पर जब उंगली लगाई तो उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था। मैंने जैसे ही जोरदार झटके के साथ उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाते हुए मुझे कहने लगी कितने समय बाद मैंने किसी के लंड को अपनी चूत में लिया है। राधिका कि सिसकारियां बढ रही थी मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। मैंने उसके पैरो को अपने कंधों पर रख लिया था जिस से कि मुझे उसे चोदने में मजा आता। वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी जैसे ही मैंने अपने माल को राधिका की चूत मे गिराया तो मैने उसकी गर्मी को शांत किया वह खुश हो गई। उसके बाद हम दोनों ने दो बार और सेक्स का मजा लिया। मैने राधिका की सारी आग को शांत कर दिया था।