लंड की प्यासी थी वो

Antarvasna, hindi sex stories: दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी में मुझे अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था। मैंने एक दिन अपने दोस्त गौतम को फोन किया मैंने जब गौतम को फोन किया तो मैंने गौतम से कहा कि क्या कल तुम्हारे ऑफिस की छुट्टी है तो मुझे गौतम कहने लगा हां अमित कल मेरे ऑफिस की छुट्टी है। गौतम और मैं दोनों साथ में ही रहा करते थे पहले गौतम मेरे साथ ही रहता था। गौतम की मुलाकात मुझसे मेरे दोस्त ने करवाई थी उसके बाद गौतम और मेरी काफी अच्छी दोस्ती होने लगी थी क्योकि हम दोनों पहले साथ में हीं रहा करते थे। अगले दिन मैं गौतम को मिला जब मैं गौतम को मिला तो हम दोनों साथ में थे उस दिन गौतम ने मुझे बताया कि उसकी शादी होने वाली है। मैंने गौतम से कहा चलो यह तो बड़ी खुशी की बात है लेकिन तुमने तो मुझे इस बारे में कुछ बताया ही नहीं था।

गौतम मुझे कहने लगा कि अमित मैं अब तुम्हें क्या बताता जिस लड़की से मैं शादी कर रहा हूं वह मेरे ऑफिस में ही जॉब करती है हम दोनों एक दूसरे को पिछले 3 वर्षों से जानते हैं और हम दोनों की दोस्ती भी काफी अच्छी है लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि हम दोनों के बीच प्यार हो जाएगा, जब हम दोनों के बीच प्यार हो गया तो हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। मैंने गौतम को कहा कि लेकिन तुमने तो मुझे इस बारे में कभी बताया नहीं और ना ही कभी तुमने मुझसे इस बारे में कोई जिक्र किया। गौतम मुझे कहने लगा कि अब रहने भी दो अब तो मेरी शादी होने वाली है और मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि महिमा मेरी पत्नी बनने वाली है। गौतम का घर जयपुर में है गौतम ने मुझे कहा कि मैं और महिमा जयपुर में ही शादी करने वाले हैं मैंने गौतम को कहा चलो कम से कम इस बहाने मेरा जयपुर घूमना तो हो पाएगा गौतम मुझे कहने लगा की क्यों नहीं। मैं और गौतम उस दिन साथ में थे काफी दिनों बाद मैं अपने लिए समय निकाल पाया था। इतने दिनों के बाद मैंने अपने लिए समय निकाला था तो मुझे काफी अच्छा लगा और उसके बाद मैं और गौतम अपने घर वापस लौट चुके थे।

दिल्ली में मैं एक किराए के घर में रहता हूं जहां पर मुझे दो वर्ष हो चुके हैं मैं दिल्ली में अकेले ही रहता हूँ। अगले दिन मैं अपने ऑफिस गया ऑफिस से लौटने के बाद मैं काफी थका हुआ था इसलिए उस दिन मैंने बाहर से ही खाना ऑर्डर कर दिया था। मेरी जिंदगी में कुछ भी तो नया नहीं हो रहा था सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा था तो मैं चाहता था कि मैं कहीं घूमने चले जाऊं। उस दिन मुझे गौतम ने फोन किया तो उसने मुझे अपनी शादी के बारे में बताया गौतम ने मुझे अपनी शादी में इनवाइट किया तो मैं उसकी शादी में जाने को तैयार हो गया और मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी भी ले ली थी। मैं कुछ दिनों की ऑफिस से छुट्टी ले चुका था और फिर मैं गौतम की शादी में चला गया। मैं जब गौतम की शादी में जयपुर गया तो गौतम की फैमिली वालों से मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा, गौतम के परिवार से मैं पहली बार ही मिला था लेकिन मुझे उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। गौतम की शादी जयपुर में बड़े ही धूम धाम से हुई और मैं कुछ दिन जयपुर में ही रुका उसके बाद मैं वापस दिल्ली लौट आया। दिल्ली वापस लौटने के बाद मेरी वही पुरानी जिंदगी चलने लगी जिंदगी में कुछ भी नया नहीं हो रहा था। पापा के कहने पर मुझे कुछ दिन घर जाना पड़ा पापा ने मुझे घर आने के लिए कहा था काफी समय हो गया था मैं उन लोगों से भी नहीं मिल पाया था इसलिए मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर लखनऊ चला गया। मैं जब लखनऊ गया तो वहां पर मुझे पता चला कि मेरी बहन और उसके पति के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है पापा चाहते थे कि हम लोग उनसे बात करें इसलिए उन्होंने मुझे घर बुलाया था। जब मैं घर गया तो मैंने उन लोगों से बात की पापा भी वहां पर थे पापा ने भी उन लोगों को समझाया लेकिन मेरी बहन की जिंदगी अब बिल्कुल भी ठीक नहीं चल रही थी। उसके और उसके पति के बीच कुछ भी ठीक नहीं था इसलिए उन दोनों ने डिवोर्स लेने के बारे में सोच लिया था लेकिन हम लोग नहीं चाहते थे कि उन लोगों का डिवोर्स हो। पापा ने उन लोगो को काफी समझाया तब जाकर वह दोनों माने और उन दोनों की जिंदगी अब दोबारा से ठीक चलने लगी। उन दोनों के बीच पहले रिलेशन बिल्कुल भी ठीक नहीं चल रहा था क्योंकि मेरी बहन ने एक दिन अपने पति को एक महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था इसलिए वह चाहती थी कि वह अपने पति के साथ ना रहे लेकिन पापा और मम्मी के समझाने पर वह बात को मान गई थी। मेरी बहन के पति ने भी कहा कि आगे से ऐसा कभी कुछ नहीं होगा इसी शर्त पर दोनों की सुलह हो पाई और उन दोनों की जिंदगी दोबारा से ठीक चलने लगी थी। मैं भी वापस दिल्ली लौट आया था दिल्ली लौट आने के बाद गौतम मुझे मिला तो वह कहने लगा कि तुम काफी दिनों बाद मुझे मिल रहे हो।

गौतम ने उस दिन मुझे कहा कि तुम घर पर डिनर के लिए आना मैंने गौतम से कहा ठीक है। मैं गौतम के घर उस दिन डिनर पर चला गया। महिमा से मेरी मुलाकात गौतम ने पहले भी करवा दी थी लेकिन उस दिन गौतम ने मुझे घर पर इनवाइट किया था इसलिए मुझे उसके घर पर कुछ गिफ्ट लेकर जाना था। मैं उन दोनों के लिए गिफ्ट लेकर गया और उस दिन उन लोगों के साथ ही मैंने डिनर किया और डिनर करने के बाद मैं घर वापस लौट आया था। मेरे ऑफिस मे एक महिला जॉब के लिए आती हैं उनका नाम राधिका है राधिका शादीशुदा है लेकिन राधिका और उसके पति की बीच बिल्कुल भी नहीं बनती है इसी वजह से राधिका मुझ पर अक्सर डोरे डालती। पहले तो मुझे लगा वह शायद बडी ही बिंदास है लेकिन मुझे पता चलने लगा था कि वह मेरे लंड को लेने के लिए उतावली है। इसी वजह से वह मुझ पर डोरे डाला रही थी मैं यह समझ चुका था। मैं और वह एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा लेना चाहते थे। राधिका ने मुझे अपने साथ अपने घर पर चलने के लिए कहा मैंने राधिका को कहा लेकिन तुम्हारे घर पर आना ठीक नहीं होगा तुम्हारे पति को हम दोनों के बारे में कहीं कुछ गलत ना लगे। मैंने राधिका को मना तो कर दिया था लेकिन उस दिन मैं उसके साथ उसके घर पर गया मैं राधिका के घर पर चला गया था। राधिका ने मुझे यह बात बता दी थी उसके पति अपने काम के सिलसिले में कहीं बाहर गए हुए हैं। मेरे और राधिका के लिए यह बड़ा ही अच्छा अवसर था हम दोनों एक दूसरे के साथ मजा ले सकें।

मैंने राधिका से कहा क्यों ना हम दोनों बेडरूम में चलें। राधिका कहने लगे ठीक है और हम दोनों बेडरूम में चले गए। राधिका ने मेरे सामने अपने कपड़े उतारने शुरु किए वह मेरे सामने सिर्फ पैंटी और ब्रा में थी। उसके चेहरे को देखकर मुझे साफ महसूस होने लगा था कि उसके पति उसके गोरे बदन को बिल्कुल भी महसूस नहीं करते हैं और वह अपनी जवानी को ऐसे ही व्यर्थ नहीं करना चाहती थी। मैं तो बहुत ज्यादा खुश था जब मैं राधिका के बदन को महसूस कर रहा था वह मेरी बाहों में थी। मैंने राधिका के बदन को सहलाते हुए अब उसके स्तनों को चूसना शुरू किया। मैं जब राधिका के गोरे स्तनों का रसपान करता तो उसे मजा आता और वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा था जब मैं राधिका के स्तनों को चूसता तो राधिका के स्तनो को चूसकर मैंने उसे गरम कर दिया था। जैसे ही मैंने राधिका की पैंटी को नीचे उतार कर उसकी योनि पर अपनी उंगली का स्पर्श करना शुरू किया तो वह उछल पडी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा है राधिका को बहुत ही अच्छा महसूस होने लगा था और मुझे भी बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने राधिका की चूत को चाटना शुरू कर दिया था उसकी योनि को चाटकर मुझे मजा आने लगा था राधिका एक पल के लिए भी नहीं रह पाई और वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा क्योंकि उसकी योनि से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही अधिक हो चुका था। इस वजह से राधिका अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाई और ना ही मैं अपने आपको रोक पाया। मैंने जैसे ही राधिका की चूत पर अपने लंड को रगडना शुरु किया तो राधिका ने मुझे कहा मैं तुम्हारे लंड को चूसना चाहती हूं। राधिका ने अब मेरे मोटे लंड का रसपान करना शुरू कर दिया था और उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब वह मेरे मोटे लंड को चूसकर उससे पानी बाहर निकल चुकी थी। अब मैं भी पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था राधिका ने अपने पैरों को खोल लिया था जिस से कि मुझे उसकी चूत को देखकर एक अलग ही फीलिंग जाग रही थी।

मैंने जैसे ही उसकी योनि के अंदर लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्ला कर मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। अब तो मुझे भी बहुत आनंद आने लगा था राधिका को भी मजा आने लगा था। हम दोनों ही एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहे थे ना तो मैं अपने आपको रोक पाया और ना ही राधिका। मैंने जैसे ही राधिका को झटका दिया तो उसके मुंह से सिसकारियां निकलने लगी और उसकी मादक आवाज से वह मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी। मैंने राधिका से कहा मुझे बहुत ही मजा आ रहा है अब राधिका को मजा आने लगा था और मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था। मेरा माल अब बाहर निकलने के लिए बेताब था इसलिए मैंने राधिका की योनि के अंदर अपने वीर्य को गिराकर उसकी चूत की खुजली को मिटा दिया और राधिका खुश हो गई।