लंड दम तोड चुका था

Antarvasna, hindi sex kahani: मैं अपने दोस्त पारस से मिलने के लिए गया पारस घर पर ही था काफी दिन हो गए थे पारस से मैं मिला नहीं था। मैंने पारस के घर की डोर बेल बजाई और पारस ने दरवाजा खोला जैसे ही पारस ने दरवाजा खोला तो उसने मुझे देखते ही कहा अरे राजीव तुम इतने दिनों बाद मुझसे मिलने के लिए आ रहे हो। मैंने पारस को कहा पारस तुम तो मुझे कभी फोन करते ही नहीं हो और तुम बहुत ही बिजी हो गए हो, वह मुझे कहने लगा राजीव यह सब बात छोड़ो तुम अंदर आ जाओ। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे हम दोनों बात कर ही रहे थे कि पारस की पत्नी दिव्या पानी लेकर आ गई वह पानी लेकर आई तो उसने मुझे कहा कि राजीव भैया आप कैसे हैं? मैंने दिव्या से कहा मैं तो ठीक हूं। दिव्या मुझसे कहने लगी कि लता कैसी है मैंने दिव्या से कहा कि लता भी ठीक है और वह घर पर ही है, लता मेरी पत्नी का नाम है। उसके बाद दिव्या वहां से जा चुकी थी मैं और पारस साथ में बैठे हुए थे तो मैंने पारस को कहा पारस तुम तो मुझे मिलने ही नहीं आते हो। पारस कहने लगा कि राजीव तुम तो जानते ही हो कि मैं काम में कितना बिजी रहता हूं और जब से भैया इंग्लैंड गए हैं उसके बाद से मेरे ऊपर ही सारे काम का जिम्मा आ चुका है। पारस के भैया ने कुछ समय पहले ही इंग्लैंड में एक कंपनी शुरू की थी और वह अब उसे संभाल रहे थे और दिल्ली में पारस कंपनी का काम देखता था।

पारस और मैं बात कर रहे थे पारस ने मुझे कहा कि राजीव तुम कहो तो हम लोग कहीं घूमने के लिए चलें मैंने पारस को कहा लेकिन पारस क्या तुम अपने काम से समय निकाल पाओगे। पारस कहने लगा कि क्यों नहीं इतना समय तो मैं निकाल ही सकता हूं और फिर हम लोगों ने शिमला जाने का प्लान बना लिया था। अचानक से हम लोगों ने इस तरीके से प्लान बनाया था और जब मैंने यह बात लता को बताई तो लता भी इस बात से थोड़ा चौक गई थी वह मुझे कहने लगी कि राजीव आपने अचानक से शिमला जाने का प्लान बना लिया। मैंने लता को कहा मैं आज पारस से मिलने के लिए गया था तो लता मुझे कहने लगी कि हां मुझे पता है आपने मुझे बताया था कि आप पारस से मिलने के लिए जा रहे हैं। मैंने लता से कहा कि मैंने और पारस ने शिमला जाने का प्लान बना लिया है लता ने मुझसे पूछा कि क्या दिव्या भी चल रही है तो मैंने लता से कहा हां दिव्या भी हमारे साथ चल रही है।

लता ने तुरंत ही दिव्या को फोन किया और वह दोनों एक दूसरे से फोन पर बात करने लगे काफी देर तक उन दोनों ने एक दूसरे से फोन पर बातें की और उसके बाद मैं और लता अगले दिन शॉपिंग करने के लिए चले गए। लता चाहती थी कि हम लोग शिमला जाने से पहले कुछ  शॉपिंग कर ले और हम दोनों उस दिन शॉपिंग करने के लिए चले गए उस दिन हम लोगों ने काफी शॉपिंग की और फिर हम लोग घर लौट आए थे। जब हम लोग घर लौटे तो पापा मुझसे कहने लगे कि बेटा आज तुम लोग काफी शॉपिंग कर के आ रहे हो तो मैंने पापा को कहा कि हम लोग शिमला जा रहे हैं। पापा कहने लगे कि लेकिन तुमने तो मुझे इस बारे में कुछ बताया नहीं मैंने पापा से कहा पापा बस अचानक से हम लोगों का शिमला जाने का प्लान बन गया था। पापा कहने लगे कि चलो बेटा कोई बात नहीं तुम लोग शिमला हो आओ वैसे भी दिल्ली में काफी ज्यादा गर्मी हो रही है। दो दिन बाद हम लोग शिमला के लिए निकल पड़े जब हम लोग शिमला पहुंचे तो वहां का मौसम काफी सुहावना था और पारस मुझे कहने लगा कि दिल्ली में कितनी ज्यादा गर्मी हो रही है। मैंने पारस को कहा हां दिल्ली में तो काफी ज्यादा गर्मी हो रही है और शिमला में काफी अच्छा मौसम है। हम लोग अपने होटल में पहुंच चुके थे हम लोग जिस होटल में रुके थे वहां के मैनेजर बड़े ही हंसमुख और अच्छे व्यक्ति थे हम लोगों ने पहले ही होटल की बुकिंग करवा दी थी और अब हम लोग अपने रूम में आराम कर रहे थे। मैं और लता एक दूसरे से बात कर रहे थे हम लोग उस वक्त सोफे में बैठे हुए थे तभी रूम की डोर बेल बजी मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो मैंने देखा दरवाजे पर पारस खड़ा था पारस मुझे कहने लगा कि राजीव तुम जल्दी से तैयार हो जाओ हम लोग बाहर घूमने के लिए चलते हैं। हम लोग उस दिन बाहर घूमने के लिए चले गए हम लोग रात के करीब 9:00 बजे वापस लौटे और जब हम लोग लौटे तो उसके बाद हम लोगों ने डिनर करने का फैसला किया और हम सबने साथ मे डिनर किया।

हम लोग जिस होटल में रुके हुए थे उसी होटल में अगले दिन मेरी और पारस की मुलाकात सरिता के साथ हुई सरिता हम लोगों के साथ कॉलेज में ही पढ़ती थी जब हम लोग सरिता से मिले तो हम दोनों काफी खुश थे। हमने सरिता से कहा तुम यहां अचानक से हमें मिल गई। वह कहने लगी मैंने कभी सोचा नहीं था कि तुम दोनों से मेरी ऐसी मुलाकात हो जाएगी सरिता मुझे कॉलेज के समय में बहुत पसंद करती थी और वह अपने पति के साथ शिमला घूमने के लिए आई हुई थी यह भी बड़ा अजीब इत्तेफाक था कि हम दोनों भी अपनी पत्नियों के साथ शिमला घूमने के लिए आए थे। जब सरिता ने मुझे और पारस को अपने पति से मिलाया तो हमे सरिता के पति से मिलकर काफी अच्छा लगा लेकिन सरिता के दिल में तो कुछ और ही चल रहा था उस रात जब हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया तो सरिता मेरे साथ समय बिताना चाहती थी और वह मुझे अपने साथ रूम में ले आई। जब वह मुझे अपने साथ रूम में ले गई तो मै और सरिता ही रूम में थे और सरिता ने मेरे होठों को किस कर लिया जब उसने ऐसा किया तो मेरे अंदर भी आग जल चुकी थी और मैं उसे बुझाना चाहता था।

मैंने सरिता के होठों को चूम कर उसको पूरी तरीके से उत्तेजित कर दिया था और वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी कि अब वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी उसने मुझे कहा मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा है तो मैंने उसे कहा मजा तो मुझे भी बहुत आ रहा है। अब वह इतनी ज्यादा गर्म हो चुकी थी कि मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाने का फैसला कर लिया था लेकिन उससे पहले वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेना चाहती थी और मैंने अपने मोटे लंड को उसके मुंह में डाल दिया तो उसने बड़े ही अच्छे तरीके से मेरे लंड को चूसा और मेरे अंदर की आग को उसने इतना अधिक कर दिया कि मैं बिल्कुल भी अब उसकी गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। जब मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था और मेरा लंड एक ही झटके में उसकी योनि को फाडता हुआ अंदर चला गया। मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रखा और जब मैंने उसे धक्के मारने शुरू किए तो वह अपने पैरों को खोलने लगी थी और उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड बड़ी आसानी से हो रहा था जब मैं ऐसा कर रहा था तो वह भी पूरी तरीके से उत्तेजित होती जा रही थी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है उसकी गर्मी को मैं शांत करना चाहता था लेकिन अभी मेरी इच्छा पूरी नहीं हुई थी। उसकी टाइट चूत मे मेरे लंड ने अपना दम तोड़ दिया और मेरा वीर्य बाहर की तरफ आ गया। अब मैंने उसकी चूत को साफ किया और अपने लंड को भी मैंने साफ किया मैंने सरिता को कहा तुम लंड को अपने मुंह में ले लो उसने अपने मुंह के अंदर लंड समा लिया। उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर किया जब उसने ऐसा किया तो मुझे मज़ा आ रहा था और उसे भी बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को दोबारा से लगा दिया जब मैंने ऐसा किया तो वह मचलने लगी थी मैंने भी उसकी योनि के अंदर धक्का देते हुए अपने लंड को घुसाया जब मैंने ऐसा किया तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी थी अब उसकी उत्तेजना इस कदर बढ़ने लगी कि वह मुझे कहने लगी आप मुझे तुम्हारे लंड को और अंदर लेना है।

मैंने जैसे ही उसकी योनि के अंदर बाहर लंड को करना शुरू किया तो उसे पूरी तरीके से मजा आने लगा उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैंने उसकी चूतडो को कसकर पकड़ा हुआ था जब मैं उसे धक्के मारता तो वह मेरा पूरा साथ दे रही थी मैंने उसे अब इतनी तीव्र गति से धक्के देने शुरू कर दिए थे कि उसके अंदर की गर्मी और भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की आग भी आग पूरी तरीके से बढ चुकी थी। मैंने उसे कहा मुझे लगता है मैं ज्यादा देर तक तुम्हारा साथ दे नही पाऊंगा वह भी अपनी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी जब वह ऐसा कर रही थी तो मेरे अंदर और भी ज्यादा गर्मी पैदा हो रही थी और उसकी चूतडो और मेरे लंड के मिलन से जो आवाज पैदा हो रही थी वह और भी गर्मी बढा रही थी।

मेरा लंड उसकी चूत से टकराता तो उस से आवाजें निकलती और अब उसकी चूतड़ों का रंग भी पूरी तरीके से लाल होने लगा था वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही धक्के देते रहो और मेरी गर्मी को बढ़ते रहो। मैंने उसे बहुत ही तेजी से चोदना शुरू कर दिया था वह कहने लगी मुझे आज तुम्हारे साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ गया जब मैंने अपने माल को उसकी योनि के अंदर गिराया तो वह कहने लगी मेरी इच्छा पूरी हो चुकी है और आज तुमने मेरी इच्छा पूरी कर के मेरा वह सपना पूरा कर दिया जो मैं कॉलेज से देखा करती थी। वह मेरे साथ संभोग करके बहुत ही ज्यादा खुश थी और मैं भी उसके साथ संभोग करने के बाद बहुत ज्यादा खुश हो गया था शिमला टूर बड़ा ही यादगार रहा अब हम लोग वापस लौट आए थे।