लंड चूत की जंग

Antarvasna, hindi sex kahani: मैं मॉल में शॉपिंग करने के लिए अपने दोस्त के साथ गया हुआ था जब मैं मॉल में गया तो वहां पर मुझे आशा मिली। आशा को देखकर मैं काफी ज्यादा हैरान रह गया आशा के चेहरे की चमक उड़ी हुई थी और मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ कि आशा इतनी ज्यादा बदल जाएगी। मैंने जब आशा से बात की तो आशा काफी ज्यादा परेशान लग रही थी मैंने आशा से कहा की आखिर तुम इतनी ज्यादा परेशान क्यों हो तो उसने मुझे बताया कि उसके पति और उसका तलाक हो चुका है जिसके बाद से वह अपने पापा मम्मी के साथ रह रही है। मैंने आशा को कहा लेकिन यह सब कैसे हुआ तो आशा ने मुझे पूरी बात बताई और कहा कि उसके पति का अफेयर किसी और के साथ ही चल रहा था। जब आशा ने अपने पति से इस बारे में बात की तो उन्होंने आशा को डिवोर्स देने की बात कही और आशा और उसके पति का डिवोर्स हो गया। मैंने आशा को कहा यह तो तुम्हारे साथ काफी ज्यादा गलत हुआ तो आशा कहने लगी कि रोहित अब शायद मेरी किस्मत में यही लिखा था।

मैंने आशा को कहा तुम आजकल क्या कर रही हो तो आशा ने मुझे कहा कि कुछ नहीं बस मैं घर पर ही रहती हूं। मैंने आशा को कहा लेकिन तुम्हें कुछ करना चाहिए जिससे कि तुम्हारा मन भी लगा रहेगा। आशा मुझे कहने लगी कि रोहित मेरा मन अब कहीं लगता ही नहीं है मैंने आशा को कहा कि तुम्हें जॉब कर लेनी चाहिए जिससे कि तुम्हें भी अच्छा लगेगा। आशा ने भी मेरी बात मान ली और वह मुझे कहने लगी कि रोहित मैं इस बारे में जरूर सोचूंगी उसके बाद आशा भी चली गयी और मैं भी घर लौट आया था। कुछ दिनों बाद मुझे आशा का फोन आया तो उसने मुझे बताया कि उसने एक कंपनी ज्वाइन कर ली है। जब उसने उस कंपनी को ज्वाइन किया तो आशा ने मुझे कहा कि रोहित यह सब तुम्हारी वजह से ही हो पाया है अगर तुम मुझे जॉब करने की सलाह नहीं देते तो शायद मैं कभी जॉब नहीं करती। आशा भी अपनी जिंदगी में अब दोबारा से वह खुशियां चाहती थी जो उसकी जिंदगी से दूर होती चली गई थी इसलिए आशा ने अपनी जिंदगी को दोबारा से आगे बढ़ाने की कोशिश की और उसकी लाइफ में अब सब कुछ ठीक होने लगा था। आशा के ही ऑफिस में काम करने वाले एक लड़के को आशा पसंद करने लगी थी आशा ने जब मुझे इस बारे में बताया तो मैंने आशा को कहा कि देखो आशा अगर तुमने नई जिंदगी की शुरुआत करने का फैसला कर लिया है तो तुम अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जी सकती हो। आशा ने भी मुझे कहा हां रोहित तुम ठीक कह रहे हो आशा जिस लड़के को पसंद करती थी आशा ने मुझे उससे मिलवाया उसका नाम रोहन है।

रोहन एक अच्छे घर से है और वह काफी अच्छा लड़का भी है रोहन बहुत ही समझदार है उसे आशा के पुराने रिश्ते से कोई भी फर्क नहीं पड़ता था इसलिए उसने आशा को स्वीकार कर लिया था। आशा को भी इस बात की खुशी थी कि रोहन अब उसकी जिंदगी में आ चुका है रोहन और आशा के बीच काफी ज्यादा प्यार था और वह दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश भी थे। मैंने एक दिन आशा से कहा कि तुम रोहन के साथ शादी क्यों नहीं कर लेती तो आशा ने मुझे कहा कि मैं भी यही चाहती हूं कि मैं रोहन के साथ शादी कर लूं लेकिन पापा मम्मी इस बात के लिए तैयार नहीं है। मिझे जब यह बात आशा ने बताई तो मैंने आशा को कहा कि तुम्हें रोहन से इस बारे में बात करनी चाहिए आशा ने मुझे कहा कि मैंने रोहन से इस बारे में बात की थी तो रोहन ने मुझे कहा कि वह थोड़े समय बाद अपने पापा मम्मी से बात कर लेगा और उसके पापा मम्मी भी हम दोनों के रिश्ते को स्वीकार कर लेंगे। मैंने आशा को कहा कि अगर रोहन के पापा मम्मी तुम दोनों को स्वीकार कर लेते हैं तो काफी अच्छा होगा। आशा मुझे अक्सर मिलती रहती थी मुझे भी आशा से मिलकर अच्छा लगता था आशा कॉलेज के दिनों में मेरी बहुत मदद करती थी और कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद आशा की शादी हो गई थी। मेरे पापा मम्मी भी मेरे लिए लड़की तलाशने लगे थे और जब उन्होंने मेरे लिए अपने ही दोस्त की बेटी से शादी की बात कहीं तो मैंने पापा से कहा कि पापा लेकिन मैंने तो कभी भी सुहानी के बारे में ऐसा सोचा नहीं था। सुहानी हमारे घर पर पहले भी अक्सर आती थी लेकिन पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं सुहानी के साथ शादी करूं। मुझे यह स्वीकार करने में थोड़ा समय लगा लेकिन सुहानी के साथ मैं अब डेट करने लगा था सुहानी और मैं एक दूसरे को समझने की कोशिश करने लगे।

सुहानी पापा के दोस्त की बेटी है और उसका हमारे घर पर अक्सर आना जाना रहता है। मुझे भी अब सुहानी का साथ अच्छा लगने लगा था और सुहानी का साथ पाकर मैं बहुत खुश था। मैं जब सुहानी के साथ होता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और सुहानी को भी काफी ज्यादा अच्छा लगता जब हम दोनों साथ में होते। मेरी जिंदगी में अब सुहानी आ चुकी थी और पापा मम्मी के कहने पर मैंने सुहानी के साथ सगाई भी कर ली। सुहानी मेरी मंगेतर बन चुकी थी और मैं सुहानी के साथ काफी ज्यादा खुश था और सुहानी भी मेरे साथ बहुत खुश थी। आशा और रोहन के रिश्ते को भी रोहन के परिवार वालों ने स्वीकार कर लिया था और मैं जब उस दिन आशा को मिला तो आशा ने मुझे यह बात बताई। मैंने आशा को कहा चलो यह तो बहुत ही अच्छी बात है कि तुम्हारे और रोहन के रिश्ते को रोहन के परिवार वालों ने मान लिया है। रोहन और आशा की शादी हो चुकी थी। एक दिन आशा और रोहश के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ तो आशा ने मुझे फोन कर के अपने घर पर बुला लिया। मैं आशा के घर पर चला गया मैंने आशा को कहा ऐसा क्या हो गया? उसने मुझे बताया आज रोहन और मेरे बीच झगड़ा हो गया। मैंने आशा को कहा तुम रोहन से माफी मांग लो। आशा मुझे कहने लगी हां मुझे उनसे माफी मांगनी पड़ेगी। आशा और मैं साथ में बैठे हुए थे मै आशा की साड़ी के पल्लू की तरफ देख रहा था, उसका पल्लू नीचे गिरा हुआ था जिस से उसके ब्लाउज से उसके स्तन बाहर की तरफ को झाक रहे थे। मैं जब आशा के स्तन देख रहा था तो मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा था।

मैंने आशा के स्तनों की तरफ अपने हाथों बढ़ाया जोब मैंने आशा के स्तनों की तरफ अपने हाथ को बढ़ाया तो मैंने उसे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैं उसके स्तनों को दबाने लगा तो उसे मजा आने लगा था। मैंने आशा के ब्लाउज के अंदर से उसके स्तनों को दबाना शुरू किया। जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो आशा की चूत से पानी निकलने लगा था और वह अपने पैरों को आपस में मिलाने लगी। आशा बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। ह मुझे अपने साथ अपने बेडरूम में लेकर चली गई। मैंने आशा को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। आशा ने मुझसे कहा रहा तो मुझसे भी नहीं जा रहा है मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाऊंगी। मैंने आशा को कहा मुझे भी ऐसा ही लग रहा है मैंने अपने लंड को बाहर निकालकर हिलाना शुरू किया। आशा ने मेरे लंड को अपने मुंह मे लेकर सकिंग किया। जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक लेकर उसे चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आने लगा था। आशा के अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी और मेरे अंदर की गर्मी भी अब इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैं उसकी चूत मारने के लिए उतावला हो चुका था। मैंने आशा की साड़ी को ऊपर करते हुए उसकी पैंटी को नीचे किया और उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया। आशा कहने लगी तुम मुझे ऐसे ना तड़पाओ। आशा की चूत पर एक भी बाल नहीं था और आशा की चूत से निकलता हुए पानी को जब मैं अपनी जीभ से चाटने लगा तो मुझे मजा आने लगा और मैं आशा की चूत को चाटे जा रहा था उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर निकल रहा था। मैंने आशा से कहा मुझे बहुत ही मजा आ रहा है आशा मुझे कहने लगी मजा तो मुझे भी बहुत ज्यादा आने लगा है अब मैं समझ चुका था आशा बिल्कुल भी रह नहीं पाएंगी इसलिए मैंने आशा से कहा तुम अपने पैरों को खोल लो। आशा ने अपने पैरों को खोल लिया जब मैंने उसकी योनि के अंदर अपने मोटे लंड को प्रवेश करवाया तो आशा मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है। मैंने आशा की योनि के अंदर लंड घुसा दिया।

आशा की चूत के अंदर मेरा लंड जा चुका था जब मेरा लंड आशा की चूत में मेरा लंड पर बहुत जोर से चिल्ला कर बोली मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है। मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था आशा अपने पैरों को खोलने लगी। आशा की चूत के अंदर बाहर मेरा लंड होता तो वह जोर से सिसकारियां लेती तो मुझे मजा आता। मैं आशा को तेजी से चोद रहा था मैंने आशा को कहा अब तुम घोड़ी बन जाओ। आशा ने अपनी चूतड़ों को मेरी तरफ किया और मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया मेरा लंड आशा की चूत में जा चुका था। अब मुझे लगने लगा था मेरा पानी बाहर गिरने लगा है इसलिए मैं आशा को तेज गति से धक्के मारने लगा। जब मैं आशा को तेज गति से चोद रहा था तो वह जोर से चिल्लाए जा रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है मैंने आशा को कहा मैं तुम्हारी चूत में अपने माल को गिराना चाहता हूं। आशा ने मुझे कहा तुम मेरी चूत में अपने माल को गिरा दो। मैंने आशा की चूत के अंदर अपने माल को गिरा दिया आशा की योनि में मेरा माल गिर चुका था मुझे बहुत ज्यादा मजा आया जब मैंने आशा की चूत के अंदर अपने माल को गिरा दिया था। आशा बहुत ही ज्यादा खुश थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश हो गया था।